Ad

संत भी सामर्थ्यवान हैं परमात्मा ने उसे समर्थता दी है=नीरज मणि ऋषि

इस जगत में दो ही साधनवान और सामर्थ्यवान हैं – एक तो सर्वशक्तिमान परमेश्वर और दूसरा संत , जिसे परमात्मा ने समर्थता दी है . अपनी स्वार्थी बुद्धि के कारण हम मनुष्य अपने जीवन की डोर जगत के हाथ में दे देते हैं . जगत डूबता है, डुबाता है और संत तरता है, तारता है . जब हम संत की शरण में जाते हैं , संत हमें नाम की नौका में बिठाकर भवसागर से पार कर देता है . वह इस लोक को भी सुधरता है और परलोक को भी सफल बनाता है . आध्यात्मिक मार्ग समर्पण का मार्ग है . समर्पण ह्रदय से होता है , मन से होता है . समर्पण में प्रीति है , त्याग है .
मीराबाई ने अपने आपको कृष्ण भगवान को समर्पित किया , उनसे प्यार किया, महलों के सुख – चैन का त्याग किया, मीरा के जीवन में कितनी भी बाधाएं आयीं, जगत वैरी बन गया परन्तु उसने कृष्ण भगवान से प्रीति तथा उनकी आराधना नहीं छोड़ी. अंततः परमात्मा ने उसे अपनी शरण में ले लिया .
कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर श्री शक्ति धाम मंदिर , लाल कुर्ती , मेरठ में भगत श्री नीरज मणि ऋषि जी द्वारा दिए गए प्रवचन का एक अंश

बाबा राम देव ने आज पैनी की जबान की धार

इसे बुझते दीपक की लौ की आख़री चमक कहना अभी जल्दबाजी होगा मगर भ्रष्टाचार और कालेधन के मुद्दे पर आंदोलन कर रहे बाबा रामदेव ने आज अपने इशारों की धार भी पैनी करनी शुरू कर दी है|आज सुबह बाबा ने पहली बार इशारों-इशारों में प्रधानमंत्री पर निशाना साधा है।
आंदोलन के आज तीसरे दिन रामदेव ने कहा कि 15 अगस्त को लालकिले पर तिरंगा फहराया जाएगा लेकिन ये तिरंगा जब ईमानदार हाथों से फहराया जाता है तो इसका सम्मान बढ़ता है लेकिन जब ये तिरंगा बुरे हाथों में जाता है तो इसका अपमान होता है।
मालूम हो कि बाबा रामदेव के आंदोलन का पहला चरण आज शाम को पूरा होगा और आज शाम को वो आगे की रणनीति का ऐलान करेंगे। लेकिन इससे पहले ही रामदेव ने पीएम पर हमला बोलकर संकेत दे दिए हैं कि वो आगे और तेज हल्ला बोलेंगे
गौरतलब है की बाबा राम देव ने यौग सिखाते सिखाते काले धन के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ मौर्चा खोला हुआ है इनके सहयोगी आचार्य बाल कृष्ण को पासपोर्ट मामले में जेल में डाल दिया गया है |इससे पूर्व भी बाबा के ऐसे ही एक आन्दोलन को पोलिस लाठी चार्ज से कुचल दिया गया था

अब कान्हा की झांकी को लेकर मेरठ में बवाल =शांति बहाल

भगवान श्रीकृष्ण की झांकी निकालने के दौरान मस्जिद के सामने माइक-डीजे बजाने को लेकर दो संप्रदायों के लोग आमने-सामने आ गए और हंगामा खड़ा हो गया। भावनपुर थाना क्षेत्र के औरंगाबाद गांव में शुक्रवार को संप्रदाय विशेष के कुछ लोग ईट पत्थर लेकर धार्मिकस्थल के आस-पास घरों की छतों पर चढ़ गए। सांप्रदायिक तनाव की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन के होश उड़ गए और एसपी देहात और सीओ भारी पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने लोगों को समझाबुझा कर शांत किया। गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है।
औरंगाबाद गांव में जन्माष्टमी के अवसर पर मोहित कुमार ठाकुर ने भगवान कृष्ण की झांकी निकालने की अनुमति ली थी। शाम चार बजे ठाकुरों के मोहल्ले से झांकी निकलनी शुरू हुई। गांव के बीच में ही मस्जिद के पास कुछ संप्रदाय विशेष के युवकों ने झांकी का माइक उतारने और डीजे बंद करने को कहा। विरोध करने पर दोनों संप्रदाय के युवक आमने-सामने आ गए और हंगामा हो गया। इसी बीच कुछ युवक मस्जिद के आसपास के घरों की छतों पर चढ़ गए और ईट पत्थर उठा लिए। एसओ भावनपुर के सामने ही झांकी का डीजे बंद नहीं होने पर खून खराबे की धमकी दी गई। यह सुन पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में डीजे बंद कराकर झांकी को आगे निकलवाया गया। मामला निपटता दिखाई दिया, लेकिन इसी दौरान संप्रदाय विशेष के कुछ युवकों ने टीका टिप्पणी करते हुए तालियां बजा दी। इससे फिर आक्रोश भड़क गया और ग्रामीण झांकी दोबारा निकालने पर अड़ गए। सूचना पर एसपी देहात आरपी पांडेय, सीओ किठौर महेंद्र कुमार कई थानों की फोर्स के साथ वहां पहुंचे। अधिकारियों ने दोनों संप्रदायों से बातचीत कर किसी तरह मामला शांत कराया और झांकी शुरू कराई। मस्जिद के गेट के सामने एसओ ने कुछ समय के लिए डीजे बंद कराया तो फिर हंगामा शुरू हो गया। बिना डीजे बजाए लोगों ने आगे जाने से मना करते हुए झांकी रोक दी और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। काफी विवाद के बाद डीजे शुरू हुआ तो दूसरे संप्रदाय के लोग सामने आ गए। सूचना पर एसएसपी के.सत्यनारायण भी मौके पर पहुंच गए और किसी तरह से मामला शांत करा कर झांकी निकलवाई। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई है। पहले से थी प्लानिंग
ठाकुर समाज और हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि संप्रदाय विशेष के लोगों ने पहले से ही इस तरह की प्लानिंग कर ली थी। इसकी सूचना पुलिस को दी गई थी, लेकिन पुलिस अनजान बनी रही।
हिंदू संगठनों और भाजपाइयों का जमावड़ा
पूरे प्रकरण की जानकारी मिलते ही विश्व हिंदू परिषद से सुदर्शन चक्र महाराज और पूर्व जिला महामंत्री भाजपा अजीत चौधरी औरंगाबाद गांव पहुंच गए। एसएसपी से इस तरह की घटना को लेकर विरोध जताया और कार्रवाई की मांग की। आंदोलन की चेतावनी भी दी।
मंदिर तक जाने के लिए दूसरा बड़ा रास्ता है। कुछ युवकों ने जबरन मस्जिद के सामने से झांकी निकाली और गेट के सामने झांकी रोककर डीजे बजाना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में नजाम का समय होने वाला था और मना करने पर हंगामा हो गया। सभी को समझा बुझाकर मामला शांत करा दिया गया।
बाबू, पूर्व प्रधान औरंगाबाद गांव।
कुछ युवकों ने मस्जिद के गेट के सामने ही डीजे बजाया था। मस्जिद के कुछ लोगों ने इसका विरोध किया तो हंगामा हो गया। पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई है। कुछ लोग इस तनाव ग्रस्त छेत्र में शोभा यात्रा निकालने की परमिशन देने में पोलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाते दिखाई दिए
इसके अलावा अब्दुलाहपुर में एक मंदिर में भजन कीर्तन के लिए लगाए गए माईक का भी कुछ लोग विरोध करने सड़क पर उतर आये |स्थिति सामान्य है।

पाकिस्तान से आ रहे सभी हिन्दू वापिस लौटेंगें ?

पाकिस्तान में प्रताड़ित २५० हिन्दुओं को भारत आने के लिए वहां के आव्रजन अधिकारियों ने फिलहाल अनुमति दे दी है|इन्हें पहले वाघा बार्डर पर रौका गया था | इन सभी ने वापिस पाकिस्तान जाने के लिए सहमती दी है|
किसी भी हिंदू को [तीर्थ यात्रिओं को भी] भारत न आने देने को अमादा पाकिस्तान द्वारा 250 हिन्दुओं को वाघा बार्डर सीमा पार करने की इजाजत नहीं दी गई। कराची के सिर्फ दो परिवारों जिनके पास अनापत्ति प्रमाणपत्र था, उन्हें ही भारत आने की इजाजत दी गई। करीब सात घंटे तक हिरासत में रहने के बाद हिंदुओं ने वाघा पर विरोध प्रदर्शन किया। जिसके बाद आव्रजन अधिकारियों ने उन्हें सीमा पार करने की इजाजत दे दी।
लाहौर में संघीय जांच एजेंसी [एफआइए] के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गृह मंत्रालय से निर्देश मिलने के बाद हिंदुओं को भारत जाने की इजाजत दे दी गई। उन्हें विभिन्न शहरों में जाने के लिए 33 दिन का वीजा मिला है। मीडिया रिपोर्टो में यहां पर कुछ समस्याओं के चलते उनके वापस न लौटने की बात कही गई थी जिसके कारण उन्हें अस्थायी रूप से रोका गया था। एफआइए ने वाघा पर हिंदुओं से बातचीत के लिए एक विशेष दल को भेजा था।
अधिकारी ने बताया कि हिंदुओं ने वापस न लौटने की मीडिया रिपोर्टो को खारिज कर दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे भारत में पाकिस्तान के खिलाफ कुछ नहीं बोलेंगे। सिंध प्रांत के जैकोबाबाद से गत सात अगस्त को 14 साल की मनीषा कुमारी का अपहरण हो जाने के बाद से हिंदू समुदाय में डर व्याप्त है। इस घटना के बाद करीब 250 हिंदुओं के क्षेत्र से पलायन की खबर है। टीवी चैनलों ने दावा किया था कि सिंध और बलूचिस्तान से कई हिंदू परिवार एक महीने का वीजा पाकर भारत जा रहे हैं। ये लोग हरिद्वार और वैष्णोदेवी जाएंगे, लेकिन इनके वतन लौटने की संभावना कम है।

कांग्रेसियों से कहा जा रहा है कि कुल्हाड़ी पर दोनों पावँ दे मारें

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां
कांग्रेसियों से कहा जा रहा है कि कुल्हाड़ी पर दोनों पावँ दे मारें
एक भाजापाई
ओये झल्लेया ये कांग्रेसियों को क्या हो गया है ये कया करने पे तुले हुए हैं| पहले जंतर मंतर करके अन्ना हजारे को बिना भाव के ही चलता कर दिया अब योग गुरु बाबा राम देव को सियासी योग सिखा कर सन्यासी की भी राम राम करने पर अमादा हो रहे हैं |क्यूं नहीं एक बार में भ्रष्ट लोगों को बेनकाब करके उनके विरुद्ध कार्यवाही करवा देते +लोक पाल बनवा देते +सी बी आई का दुरूपयोग रोक देते+विदेशों से काला धन वापिस ले आते +
झल्ला
वाह जनाबे आली वाह आप का मतलब है कि सभी किन्तु परन्तु लगा कर कुल्हाड़ी से बचते फिर रहे कांग्रेसियों को यह सलाह दी जाए कि वोह कुल्हाड़ी पर ही अपने दोनों पावँ दे मारें \कांग्रेसियों को भी शिकारपुर का ही समझा है क्या ???

परमात्मा के अवतरण से सांसारिक बेड़ियों से मुक्ति= भगत श्री नीरज मणि ऋषि

विषय -परमात्मा का अवतरण सांसारिक मोह -माया की बेड़ियों से मुक्ति

जब श्री कृष्ण भगवान् का जन्म हुआ तो उस समय वासुदेव जी की सारी बेड़ियाँ टूट गईं, जेल के सारे दरवाजे खुल गए और वे बंधनमुक्त
हो गए. इसी प्रकार जब हमें परमात्मा और संतों की संरक्षता एवं समीपता प्राप्त होती है तो हमारी भक्ति परवान चढ़ती है और हमारी
आत्मा निर्बंध हो जाती है और संसार के मोह-माया के बन्धनों से मुक्त हो जाती है.
हमारे जीवन का उद्देश्य भगवत प्राप्ति है. संत हमें समझाते हैं कि हाथों से जगत के कार्य करो और मन से प्रभु की भक्ति करो. परमात्मा से दूर जाकर तो दुःख मिल सकता हैं परन्तु परमात्मा की संरक्षता एवं संतों के सानिध्य में रहकर कोई कमी नहीं आती. साधना करने में जो
साधन भक्तों के पास हैं उनकी प्रभु रक्षा करते हैं तथा जो साधन भक्तों के पास नहीं हैं उनका प्रबंध करते हैं. प्रभु की अपने भक्तों के
लिए ऐसी प्रतिज्ञा है .
कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर श्री रामशरणम् आश्रम गुरुकुल डोरली , मेरठ में]

भगत श्री नीरज मणि ऋषि
जी द्वारा दिए गए प्रवचन का एक अंश
प्रेषक: श्री रामशरणम् आश्रम गुरुकुल डोरली , मेरठ
file photos .

पाकिस्तान में उत्पीडन के कारण हिन्दुओं की आबादी मात्र २% रह गई है

देश का विभाजन होने के बावजूद भी अभी तक हिन्दुओं का पाकिस्तान में उत्पीडन और वहां से पलायन रुका नहीं है | १९४७ में विभाजन के समय १५% आबादी हिन्दुओं की थे वहां अब मात्र यह २% ही रह गई है| आज भी अटारी बार्डर पर अनेकों हिन्दू परिवार भारत में प्रवेश की प्रतीक्षा कर रहे हैं|
दुकानों में लूटपाट, मकानों पर हमले, लड़कियों के अपहरण और महिलाओं को जबरन इस्लाम कबूल करवाने की घटनाओं के बाद तमाम हिंदू पाकिस्तान से पलायन कर रहे हैं। उधर प्रधानमंत्री के आंतरिक मामलों के सलाहकार रहमान मलिक ने भारत द्वारा हिंदू परिवारों को वीजा जारी करने को एक साजिश बताया है।
पाकिस्तान के मुख्य समाचार पत्र डॉन के मुताबिक आंतरिक मामलों पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के सलाहकार मलिक ने कहा है कि 250 हिंदू परिवारों को भारतीय उच्चायोग द्वारा वीजा जारी किया जाना एक साजिश है। मलिक, सिंध और बलूचिस्तान से हिंदू परिवारों के भारत पलायन पर पूछे गए एक प्रश्न का जवाब दे रहे थे। इन हिंदू परिवारों ने शिकायत की थी कि उनकी दुकानें लूट ली गईं, मकानों पर हमले किए गए और महिलाओं को इस्लाम कबूल करने के लिए मजबूर किया गया।अभी एक टीवी चेनल पर हिन्दू पुरुष का धर्मांतरण लाईव टेलेकास्ट किया गया था
श्रीमलिक ने लाहौर में कहा कि सरकार ने जैकोबाबाद के हिंदुओं को भारत जाने से रोक दिया है।
सत्यापन पूरा होने के बाद उन्हें भारत जाने की अनुमति दे दी जाएगी। रिपोर्ट में मलिक के हवाले से कहा गया है, “भारतीय उच्चायोग को बताना चाहिए कि उसने उन्हें वीजा क्यों दिया है।” लगभग 100 हिंदू परिवारों ने रोके जाने के विरोध में इस हफ्ते की शुरुआत में भारत से सटी वाघा सीमा पर प्रदर्शन किया था।
बड़े पैमाने पर हिंदू परिवारों के भारत पलायन के बाद सरकार ने धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा चुस्त करने का निर्णय लिया है। सिंध के मुख्यमंत्री सैयद कायम अली शाह ने आबकारी मंत्री मुकेश कुमार चावला को मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।
मालूम हो कि सिंध प्रांत में असुरक्षा के कारण सात हिंदू परिवार बुधवार को जकोबाबाद से भारत पलायन कर गए। इनमें पुरुषों, महिलाओं व बच्चों सहित कुल 90 लोग शामिल थे। ये सभी हिंदू रेल गाड़ी से रवाना हुए। बड़ी संख्या में उनके रिश्तेदारों व समुदाय के लोगों ने उन्हें जैकोबाबाद रेलवे स्टेशन पर विदाई दी। लाहौर पहुंचने के बाद भारत में प्रवेश करने की इच्छा के साथ वे वाघा सीमा पहुंचे।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब छह महीने पहले इसी इलाके से 52 हिंदू परिवार भारत पलायन कर गए थे। जैकोबाबाद के पुलिस अधिकारी मोहम्मद युनूस ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय को पूरी सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है और हिंदू समुदाय के लोग भारत में बसने नहीं, बल्कि धार्मिक अनुष्ठान करने जा रहे हैंइन तीर्थ यात्रियों ने लम्बे समय के लिए वीजा माँगा है|

गोविंदा आला रे आला ज़रा मटकी संभाल ब्रिजबाला

आज भी जन्माष्टमी का त्यौहार बड़ी धूम धाम से मनाया जा रहा है| मंदिरों के विशेष टूर पर जगमगाया गया है| शहर में भारी बारिश हो रही है, ठंडी हवा बह रही है और आकाश में बादल भी छाए हुए हैं। । ऐसा माना जाता है कि करीब 5,000 वर्ष पहले बारिश व तूफान से भरी रात में मथुरा में श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था।
जन्माष्टमी पर मथुरा में उत्सव का रंग बिखरा हुआ है। श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए मंदिरों में जा रहे हैं। यमुना में जलस्तर बढ़ गया है। इससे इस पर्व का उत्साह और भी बढ़ गया है।
हजारों श्रद्धालु मथुरा पहुंच रहे हैं। होटल और धर्मशाला पूरी तरह से भर गए हैं।
वृंदावन व मथुरा के कुछ मंदिरों में श्रीकृष्ण की मूर्तियों पर दूध, दही और शहद चढ़ाकर व विशेष प्रार्थनाएं कर पहले ही यह उत्सव मनाया जा चुका है।
शहर में हर कहीं राधे-राधे और जय श्रीकृष्ण की गूंज सुनने को मिल रही है।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का मुख्य आयोजन श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में हो रहा है।
मुम्बई में दही हांडी तौड़ने के लिए गोविन्दों की टोलियाँ सब तरफ जुगत लगा रहे है फ़िल्मी स्टार और नेता गण भी श्रधालुओं का हौंसला बड़ा रहे हैं|
मेरठ में मंदिरों में विशेष आयोजन किये जा रहे हैं \टी वी चेनलों पर सुबह से ही आयोजनों की झाकियां दिखाई जा रही है|
घरों में श्रधालुओं द्वारा व्रत रखा गया है जिसे कृषण के जन्म [१२ बजे रात]के साथ खोला जता है |
आज से ही माँ दुर्गा की मूर्ति बनाने की प्रक्रिया बंगाली समाज द्वारा शुरू कर दी जाते है

शक के आधार पर असाम में बांग्लादेशियों पर कार्यवाही नहीं की जा सकती

शक के आधार पर एक धर्म विशेष के ४०००००० वोटरों को मताधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता असाम में हो रहे दंगों के लिए बंगलादेशी अल्पसंख्यक घुसपैठियों को कारण बता कर इन्हें मताधिकार से वंचित किये जाने की मांग जोर पकड़ रही है|यह उत्तर केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट को दिया गया है|
असाम के एक एन जी ओ ने ४०००००० वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से काटे जाने की मांग करते हुए उन्हें देश से वापिस बँगला देश में भेजने के लिए दबाब बनाया था|इस दबाब को केंद्र सरकार ने खारिज कर दिया लेकिन इसके साथ ही जस्टिस प स्थासिवं और रंजन गोपाल की बेंच के समक्ष एक एफिडेविट देकर यह आश्वासन दिया है की अवैध नागरिकों को राज्य से निकाल दिया जायेगा|
गौरतलब है की वर्तमान दंगों में ७० से ज्यादा मौतें और १०० जख्मी हो चुके हैं जबकि ४००००० लोग रिफ्यूजी केम्प में रह रहे हैं|यह आरोप लगाया जा रहा है कि राजनीतिक बडत पाने के लिए बंगलादेश से आने वाले रिफ्युजिओं को वोटिंग राईट्स दिए जा रहे हैं जिस कारण वहां इन रिफ्यूजी और स्थानीय नागरिकों के बीच युद्ध कि स्थिति रहती है वर्षों से इस समस्या के मूल कारण में बन्ग्लादेशिओन को देखा जाता रहा है और उनके डिपोर्टेशन कि मांग उठती रही है |लेकिन प्रधान मंत्री ने अपने हाल ही के दौरे में दंगों के लिए बंगला देशियों का हाथ होने से इंकार करके सरकार कि मंशा साफ़ कर दी थी

डालर के मुकाबिले रूपया ५५.२८ पर पहुंचा

भारतीय रुपया आज डालर के मुकाबिले ५५.२८ पर बंद हुआ
यधपि डालर की डिमांड बड़ी थी मगर मिड सेशन में दुलार की बिक्री बढने से रुपया संभल गया