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हंगामों के जहर को मारने के लिए कांग्रेस भी करेगी हंगामा

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

इंडिया अगेंस्ट करप्शन का नया नया नेता

ओये झल्लेया ये कांग्रेस वालों ने क्या मखौल बना रखा है? सोनिया जी के निवास पर सी डब्लू सी ने बंद लायब्रेरी में मीटिंग करके महंगाई +भ्रष्टाचार+अत्याचार+अपराध पर तो कोई तीर चलाये नहीं बस कह दिया कि सरकार ने जो भी आर्थिक गुल खिलाये हैं वोह सभी दिलकश हैं+खूब हैं + खूब सूरत हैं| लेकिन यार ये तो सभी दिलफरेब हैं+धोका है+तिलस्सम है|हमें तिल तिल तलने वाले हैं|और तो और हमें तलने के बाद अब कांग्रेस नमक छिड़कने के लिए खुद ही रेली नहीं रैलियाँ निकालने जा रही है|ओये ये लोग कहीं का हमें रहने देंगे या नहीं|

झल्ला

महाराज जी आप अभी नए हो इसीलिए जान लो कि नया नौ दिन का ही होता है जबकि पुराना सौ दिन यानि सेंचुअरी मेकर होता है आप लोगों ने तो हद ही कर दी सी डब्लू जी से होते हुए २ जी +आदर्श + कोयले को छोड़ कर बिजली के बिलों पर भी हंगामा करने लग गए|अब आपके हंगामों के जहर को मारने के लिए हंगामों का जहर ही काम आएगा ना | और ये तो आप भी मानोंगे कि हंगामा करने और रैलियां निकालने का कांग्रेस को आप से ज्यादा अनुभव है|

नुपुर तलवार ने जेल से बाहर आज शाम जमानती सांस ली

अपनी पुत्री आरूषि और नौकर हेमराज की हत्या के आरोप का सामना कर रही दंत चिकित्सक नूपुर तलवार को आज जमानत पर डासना जेल से रिहा कर दिया गया| विशेष न्यायाधीश ए के लाल ने उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार नूपुर तलवार को रिहा करने का आदेश दिया। उच्चतम न्यायालय ने उन्हें 17 सितंबर को जमानत दे दी थी और कहा था आज यानी 25 सितंबर तक उन्हें रिहा कर दिया जाना चाहिए। आज दो दो लाख लाख के तीन मुचलकों पर नुपुर को जमानत पर रिहा किया गया|
नुपुर ३० अप्रैल से जेल में बंद हैं। नुपुर के पति राजेश तलवार भी इसी मामले में सह आरोपी हैं और 11 जुलाई 2008 से जमानत पर हैं। चौदह वर्षीय आरूषि का शव नोएडा स्थित जलवायु विहार स्थित घर में मिला था। उसके अगले दिन हेमराज का शव बरामद किया गया था। गौरतलब है कि नोएडा के जलवायु विहार अपार्टमेंट के मकान में 16 मई 2008 की रात आरुषि और तलवार परिवार के नौकर हेमराज की हत्या हो गई थी। आरुषि की मां नूपुर और पति डॉक्टर राजेश तलवार पर बेटी और नौकर की हत्या के अलावा सबूतों के साथ छेड़खानी का आरोप है। सीबीआई की विशेष अदालत के वॉरंट जारी करने के बाद पुलिस ने नूपुर को 30 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। नूपुर पर अदालत के समन को अनदेखा करने का भी आरोप था।
इस हाई प्रोफाईल मामले में नया मोड़ तब आ गया जब सीबीआई ने अदालत को बताया कि गवाह यूपी पुलिस के सब-इंस्पेक्टर जगबीर सिंह को चार दिन पहले ट्रक ने कुचल दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई। आज जगबीर का बयान दर्ज किया जाना था। जगबीर पुलिस की उस टीम का हिस्सा थे, जिसने नोएडा के इस चर्चित हत्याकांड की शुरुआती जांच की थी। उनकी मौत से अब तक इस मामले में कुछ खास नहीं कर पाई सीबीआई की जांच प्रभावित होने की आशंका है।२००८ में हुए इस मर्डर की

नुपुर तलवार ने जेल से बाहर आज शाम जमानती सांस ली


जाँच ने कई मौड़ लिए हैं|यूं पी पोलिस के बाद सी बी आई ने इसमें हाथ डाला |

सेंसेक्स आज ०.११% लेकर बंद हुआ

देश के शेयर बाजारों में आज मंगलवार को उतार चडाव जारी रहा। सेंसेक्स 21.07 अंकों की बढ़त के साथ 18694.41 पर और निफ्टी 4.30 अंकों की बढ़त के साथ 5673.90 पर बंद हुआ। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 34.67 अंकों की बढ़त के साथ 18708.01 पर खुला और 21.07 अंकों यानी 0.11 प्रतिशत की बढ़त के साथ 18694.41 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 18790.01 के ऊपरी एवं 18636.16 के निचले स्तर को छुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित सूचकांक निफ्टी 5.30 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 5674.90 पर खुला और 4.30 अंकों की बढ़त के साथ 5673.90 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी ने 5702.70 के उच्चतम एवं 5652.45 के निचले स्तर को भी छुआ।

Indian Share Market Climbing Cautiously

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार भी कैग के शिकार हुए: इस्तीफा दिया

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने आज मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है महज ३ महीने में २५ हजार करोड़ की ३२ सिंचाई बांध परियोजनाओं को दी गई मंजूरी पर कैग की नज़र थी इन परियोजनाओं को आनन् फानन में मंजूरी देने की खबर सामने आने के बाद सीएजी ने मामले में ऑडिट करना शुरू कर दिया है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र के सिंचाई विभाग का जिम्मा कई सालों तक अजीत पवार के पास रहा। सिंचाई विंभाग के काम करने के तरीके पर पहले ही नाराजगी जताई जाती रही है|। यहां तक कि मुख्य मंत्री पृथ्वी राज चव्हाण ने सिंचाई विभाग पर श्वेतपत्र लाने की बात भी कही है। महाराष्ट्र का सिंचाई मंत्रालय लंबे समय से सीएजी की नजर में था। इस मामले में सीएजी की टीम कल दिन भर मंत्रालय में थी। महाराष्ट्र के विदर्भ इलाके में प्रस्तावित २५ हजार ८३४ करोड़ की बांध परियोजनाओं की ३२ फाइलें महज ३ महीने में पास कर दी गई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और देश के कृषि मंत्री शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने वर्ष २००९ में जून से अगस्त के बीच ये तेजी दिखाई थी। अजित पवार तब महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री थे। सवाल उठा कि आमतौर पर सुस्ती के लिए पहचानी जाने वाली सरकारी मशीनरी ने ये स्पीड कैसे पकड़ी ?इस प्रश्न ने अब घोटाले की शक्ल अख्तियार कर ली है|
बॉम्बे हाईकोर्ट के नागपुर पीठ में इस बाबत याचिका दाखिल हो चुकी है। बताया जा रहा है की विदर्भ सिंचाई विकास महामंडल से मंजूरी के स्थान पर मंत्री ने मंजूरी दे दी | परियोजनाओं के लिए जो ठेके दिए गए, उस पर सिंचाई विभाग के सचिव के भी हस्ताक्षर नहीं पाए गए हैं। विपक्ष के अलावा सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता विजय पांढरे ने भी इस मामले में भ्रष्टाचार के तमाम आरोप लगाए हैं। जाहिर है, अजित पवार की मुसीबत बढ़ गई है। ऐसे में एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार खुद भतीजे अजीत पवार का बचाव करने सामने आ गए। शरद पवार ने कहा है कि परियोजनाओं को मंजूरी विधानपरिषद में विपक्ष के तत्कालीन नेता नितिन गडकरी की मांग पर दी गई।
अजित पवार ने अपने बचाव में कहा कि ये सभी आरोप सरासर गलत हैं। मेरे कार्य करने का स्टायल यही है कि मैं जल्द से जल्द काम निपटाता हूं लेकिन इसमें भी घोटाला देखा जा रहा है|
अजित पवार ने जाँच की मांग करते हुए कहा कि इस पूरे मामले की जांच हो और मेरे खिलाफ भी जांच हो। पवार ने कहा कि मैंने सीएम को इस्तीफा भेज दिया है। सीएम से अनुरोध है कि वे इस्तीफे को स्वीकार करें।
जहां तक सिंचाई विभाग के कामकाज पर श्वेत पत्र लाने की बात है तो मैं इसका स्वागत करता हूं।

आर्थिक नीतिओं को कांग्रेस ने वरदहस्त प्रदान किया

कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक


:कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) ने आज मंगलवार को केंद्र सरकार आर्थिक नीतिओं का समर्थन करते हुए कहा कि डगमगाती अर्थव्ययवस्था को पटरी पर लाने और रुपये के गिरते मूल्य को देखते हुए ऐसा करना आवश्यक था। सीडब्ल्यूसी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नकारात्मक भूमिका के लिए उसकी खिंचाई भी की। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को सीडब्ल्यूसी की बैठक में उनकी पार्टी के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) से टी एम् सी के निकल जाने पर कहा कि इससे उनकी सरकार के लिए कोई संकट पैदा नहीं हुआ है।
बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने संवाददाताओं को बैठक की छनी हुई गतिविधों से अवगत कराया|,उन्होंने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए यह जरूरी था मंत्री पद की लाईन में लगे श्री द्विवेदी ने पूरे मामले में , विपक्ष की भूमिका को नकारात्मक भूमिका बताया श्रीमति सोनिया के आवास दस जनपथ पर आहत इस कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के दौरान कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने भाजपा को ‘नकारात्मक राजनीति’ करने को लेकर आड़े हाथ लिया और विपक्षी पार्टी से जिम्मेदार भूमिका निभाने को कहा। सोनिया ने सरकार को किसी तरह के खतरे की आशंका को सिरे से खारिज कर दिया। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर करीब पौने दो घंटे चली सीडब्ल्यूसी की बैठक में आर्थिक सुधारों और वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की गई। सोनिया गांधी ने शुरूआती संबोधन में कहा कि आर्थिक सुधार जरूरी कदम है और सरकार ने उस दिशा में पहल की है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मुख्य विपक्षी दल भाजपा की भूमिका नकारात्मक है और उन्हें जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभानी चाहिए जैसा पूर्व में कांग्रेस ने निभाया था। आर्थिक सुधारों के मसले पर सोनिया ने खुलकर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का समर्थन किया। श्रीमति गाँधी की अध्यक्षता में हुई सीडब्ल्यूसी की बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम सहित ३० सदस्य शामिल हुए और २१ ने सक्रिय भागेदारी निभाई । वित्त मंत्री पी चिदम्बरम ने सीडब्ल्यूसी को आर्थिक सुधारों की आवश्यकता के सम्बंध में बताया। उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक आर्थिक संकट से उबारने के लिए आवश्यक तीन प्रमुख कदमों की जानकारी दी। द्विवेदी के मुताबिक चिदम्बरम ने कहा कि

[१] रुपये का मूल्य घटने से रोकने व अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए [अ] अधिक विदेशी निवेश,[आ] घरेलू उत्पादन बढ़ाने व[ई] सब्सिडी में कमी किए जाने की आवश्यकता है।उन्होंने बताया कि सरकार रुपये के घटते मूल्य व बढ़ती मुद्रास्फीति से चिंतित है। वैश्विक आर्थिक संकट भारतीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित न करे इसलिए आर्थिक सुधारों की आवश्यकता थी।

श्रीमति सोनिया ने देश में जुलाई में हुई साम्प्रदायिक हिंसा पर भी चिंता जतायी।लेकिन इसके साथ ही वहां सब कुछ सामान्य हो जाने पर संतोष भी व्यक्त किया| असाम से फ़ैली हिंसा में 97 लोग मारे गए थे जबकि 4.8 लाख राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को विशेष तौर पर बुलाया गया था। बैठक के बाद कोई प्रस्ताव पारित नहीं हुआ लेकिन सोनिया गांधी के संबोधन से यह पूरी तरह से स्पष्ट हो गया था कि पार्टी सरकार के आर्थिक सुधार कार्यक्रम के साथ है| सीडब्ल्यूसी की बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, वित्त मंत्री पी चिदंबरम, रक्षा मंत्री एके एंटनी, कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी समेत 30 सदस्य मौजूद थे। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सीडब्ल्यूसी से कहा कि सरकार के किसी कार्य में कोई कमी नहीं आएगी तथा गरीबों एवं समाज के कमजोर वर्ग के लोगों के कल्याण के लिए कार्य जारी रहेंगे। आम आदमी और विकास के बारे में कांग्रेस की नीति जारी रहेगी।

उधर बी जे पी ने भी कांग्रेस द्वारा लगाये गए नकारत्मक भूमिका वाले आरोप का उतर देने में देर नहीं लगाई| प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने कहा कि महंगाई बढाने वाले सुधारों के प्रति उनकी पार्टी की भूमिका नकारत्मक ही रहेगी|

केन्द्रीय कर्मिओं को एक जुलाई से ७% महंगाई भत्ता

केंद्र सरकार के कर्मियों और पेंशनरों को राहत देते हुए सरकार ने ७% डी ऐ [महंगी भत्ता] एनाउंस कर दिया है| सात फीसदी की इस बढ़ोतरी के बाद अब केंद्रीय कर्मचारियों का डीए बढ़कर मूल वेतन का ६५% से बढ कर 72 % हो गया है। 50 लाख से ज्यादा कर्मचारियों और लगभग 30 लाख पेंशन धारकों को कैबिनेट के इस फैसले का लाभ मिलेगा। बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता इस साल एक एक जुलाई से होगा जिसका एरियर भुगतान त्योहारों से पहले हो जाएगा | इसके पूर्व मार्च 2012 में भी डीए में इतनी ही बढ़ोतरी की गई थी। एक जनवरी 2012 से लागू इस फैसले के बाद से केंद्रीय कर्मियों को मूल वेतन का 65 फीसदी डीए मिल रहा था।पिछले दिनों डी ऐ की घोषणा की गई थी मगर किन्ही कारणों

Govt has announced 7% D A w e f 1/7/2012

Govt has announced 7% D A w e f 1/7/2012

से उसे टाल दिया गया था|

कृतघ्न राष्ट्र ने देश के सपूत मोती लाल नेहरू को याद किया

कृतघ्न राष्ट्र ने आज देश के सपूत मोती लाल नेहरू को याद किया इस अवसर पर नए सिक्के और डाक टिकट्स जारी किये गए|
विज्ञानं भवन में आज मोती लाल नेहरू की १५० वीं जन्म दिवस [६-५-१८६१ से ६-२-१९३१] पर विशेष आयोजन हुआ |पिन ड्राप सायलेंस में यूं पी ऐ अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गाँधी और राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने मोती लाल नेहरू से सम्बंधित इतिहास के पन्ने खोले| मोती लाल की जीवनी से प्रेरणा लेकर पार्टी और राष्ट्र को मज़बूत बनाने का अहवाह्न किया गया|वित्त मंत्री पी चिदम्बरम ने १५०/= और ५/= के नए सिक्के राष्ट्रपति को भेंट किये जबकि मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल ने नए डाक टिकट प्रणव मुखर्जी को भेंट किये| सिक्के मुम्बई में ढाले गए जबकि टिकट नासिक की प्रेस में छापे गए || राष्ट्रपति प्रणव ने एक बार फिर अपने काबिलियत का सराहनीय प्रदर्शन किया और बिना पड़े मोती लाल नेहरू से सम्बन्धित १९१९ और १९२८ के कांग्रेस के इतिहास के महत्वपूर्ण पन्नों को उजागर किया| उन्होंने बताया कि मोतीलाल को लगातार दो बार कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया था उनके कार्यकाल में अनेकों क्रांतिकारी फैसले लिए गए जो आगे चल कर स्वतंत्रता संग्राम में मील के पत्थर साबित हुए|इस आयोजन की गरिमा का पालन मीडिया द्वारा भी किया गया| गौरतलब है कि मंच पर लगाई गई मोती लाल कि तस्वीर से आज के राहुल गाँधी की शक्ल काफी हद तक समानता दिखाई दी

FAMILY OF MOTI LAL NEHRU



Glorious House Of Moti Lal Nehru In Allahabad Dedicated To Party

राहुल गांधी पर बलात्कार का आरोप विदेशी साजिश का हिस्सा :सी बी आई

कांग्रेस महासचिव और भावी प्रधान मंत्री के संभावित उम्मीदवार राहुल गांधी ने सोमवार को अपने ऊपर लागाये जी रहे बलात्कार के आरोपों पर चुप्पी तोड़ते हुए सर्वोच्च न्यायालय से कहा कि उन पर लगाया गया यह आरोप कि अपने अमेठी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में उन्होंने एक महिला के साथ बलात्कार किया, उन्हें बदनाम करने की एक कुटिल राजनीतिक साजिश है.
सर्वोच्च न्यायालय में उनकी ओर से पेश वकील पी.पी. राव ने न्यायमूर्ति बी.एस. चौहान और न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की खंडपीठ से कहा कि देश के होनहार युवा नेता को बदनाम करने की कुटिल राजनीतिक साजिश का यह मामला है| गौरतलब है कि एसपी के पूर्व विधायक किशोर समरीते ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में राहुल गांधी पर कथित रूप से लड़की को बंधक बनाने में शामिल होने के आरोप लगाते हुए याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने यह याचिका खारिज करने के साथ ही एसपी के इस नेता पर 50 लाख रुपए का जुर्माना भी किया था। इसके बाद समरीते इलाहाबाद हाई कोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया था।
समरीते ने एक वेबसाइट की खबर के आधार पर आरोप लगाया कि तीन दिसम्बर, 2006 को उत्तर प्रदेश स्थित अपने निर्वाचन क्षेत्र के दौरे के दौरान राहुल ने अपने छह मित्रों के साथ एक महिला के साथ कथित रूप से बलात्कार किया और उसे अवैध रूप से कमरे में बंद रखा|
हालांकि इलाहाबाद उच्च न्यायालय समरीते की याचिका पहले ही खारिज कर चुकी है और उनके खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने का आदेश दे चुकी है + 50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है| सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी पर एक लड़की को बंधक बनाने के आरोप आधारहीन है और याचिका में दिए गए नाम और पते सही नहीं है।
सीबीआई की ओर से असिस्टेंट सॉलीसिटर जनरल हरेन रावल ने सीलबंद रिपोर्ट जस्टिस बीएस चौहान और जस्टिस स्वतंत्र कुमार की बेंच को सौंपी।
सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि राहुल गांधी को बदनाम करने के मामले में ‘विदेशी हाथ’ हो सकता है। एक लड़की को गैरकानूनी तरीके से बंधक बनाने में राहुल गांधी का नाम लिए जाने के मामले में सीबीआई ने यह बात कही। सीबीआई ने कहा है कि मामला ही फर्जी दावों पर आधारित था।
सीबीआई ने दावा किया है कि इलाहाबाद हाई कोर्ट में

समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक किशोर समरीते को राहुल गांधी पर अनर्गल आरोप लगाने के धन मुहैया कराया गया था। एजेंसी का दावा है कि उसने कई ऐसी पर्चियां जब्त की हैं जिससे साफ है कि समरीते को वकील का फीस देने के लिए बाहर से पैसे मिले।

समरीते पहले कह चुके हैं कि राहुल पर आरोप लगाने के लिए उन्‍हें अखिलेश यादव ने कहा था। कथित लड़की और उसके माता-पिता को कोर्ट में पेश करने के निर्देश देने की मांग की थी।यूपी सरकार के रिकॉर्ड में पाया गया कि उस लड़की का नाम-पता दर्ज ही नहीं है। हाईकोर्ट ने यह याचिका खारिज कर दी। गलत याचिका दायर करने के लिए समरीते पर 50 लाख रुपए का जुर्माना भी किया था। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था।

एल के आडवानी के ब्लॉग से

एन डी ऐ के सर्वोच्च नेता एल के आडवानी ने अपने ब्लॉग में सी बी आई की गिरती प्रतिष्ठा पर चिंता व्यक्त करते हुए इसकी व्यापक जाँच की मांग की है|
श्री आडवानी ने बाह्य गुप्तचर एजेंसी अनुसन्धान एवं अन्वेषण विंग [रा] के पूर्व मुखिया बी रमण के एक लेख के हावाले से लिखा है कि भारत के इंटेलीजेंस क्षेत्रों में बी. रमन एक अत्यन्त प्रतिष्ठित नाम है। वह देश की बाह्य गुप्तचर एजेंसी अनुसंधान एवं अन्वेषण विंग (RAW) के मुखिया रहे हैं। वह भारत सरकार के मंत्रिमण्डलीय सचिवालय से अतिरिक्त सचिव के पद से निवृत्त हुए।आऊटलुक वेबसाइट पर हाल ही में लिखे गए एक लेख में उन्होंने इस पर खेद प्रकट किया है कि सीबीआई से लोगों को विश्वास तेजी से नीचे गिरा है। उन्होंने अनुरोध किया है कि इस एजेंसी के कामकाज की समीक्षा हेतु एक व्यापक जांच कराई जाए और लोगों की नजरों में इस एजेंसी की प्रतिष्ठा पुन: स्थापित करने हेतु कदम उठाए जाएं।रमन ने अपने लेख में एक दिलचस्प तथ्य का उल्लेख किया है कि सन् 2010 के दिसम्बर के अंतिम सप्ताह में चीन सरकार ने,चीन में भ्रष्टाचार पर एक ‘श्वेत पत्र‘ प्रकाशित किया है, और बताया गया है कि कैसे सरकार उससे निपट रही है।पूर्व रॉ प्रमुख कहते हैं: ”यहां तक कि चीन जैसे अधिनायकवादी देश में, सरकार को यह जरुरत महसूस हुई कि वह जनता को बताए कि भ्रष्टाचार सम्बन्धी उनकी चिंताओं से वह अवगत है।भारत के एक लोकतंत्र होने जिसमें लोगों के प्रति जवाबदेही मानी जाती है, के बावजूद सरकार ने सीबीआई की सार्वजनिक आलोचना के प्रति लापरवाह रवैया अपनाया और एक संस्था का पतन होने दिया जिससे भ्रष्टाचार को फलने-फूलने की अनुमति मिली।”

डीजल पर बदनामी केंद्र की और फायदा राज्य सरकारों का

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक आम उपभोक्ता

ओये झल्लेया माननीय मुलायम सिंह यादव जी ने ये क्या खटराग मचा रखा है|एक तरफ तो महंगाई+ऍफ़ डी आई का विरोध करने को सडकों पर उतर रहे हैं और दूसरी तरफ केंद्र सरकार से सपोर्ट विड्रा भी नहीं कर रहे |कहते हैं की विरोध करेंगे थोड़ी देर के बाद कहते हैं कि सपोर्ट विड्रा नहीं करेंगें| इनकी इस कभी हाँ और कभी ना में हसाडी उम्र ही ना बीत जाए| ओये जब तक खुल के सामने नहीं आएंगे तब तक कैसे पी एम् की रेस में शामिल होंगें|

झल्ला

ओये भोले नादाँ जी ये सारा पैसे का खेल है|बिना चश्मे के ही दिख रहा है|आप जरा सा दिमाग पर बोझ डाल कर फ्लेशबेक में जाओ और देखो कि माननीय मुलायम सिंह यादव जी की पार्टी ने चुनावों के दौरान अपनी सायकिल चलाई थी तब उस सायकिल के करियर पर लादे चुनावी घोषणा पत्र में उन्होंने पेट्रो पदार्थों पर लिए जा रहे वेट की दरों को देश के दूसरे राज्यों के बराबर करने का भी आश्वासन डेकोरेट किया हुआ था|अब सरकार को छह महीने से ज्यादा हो गए मगर उस बराबरी के आश्वासन के ऊपर जम रही उपेक्षा की धूल को हँटाने के विषय में कोई डस्टर[पोंछा] उठाने की बात ही नहीं कर रहा|
अब आप ही बताओ कि उत्तर प्रदेश में डीजल पर केवल १७.२३%वेट है|जबकि [१] पंजाब ९.०७% [२] हरियाणा में ९.२४%[3]पड़ोसी दिल्ली में १२.५% और सबसे महंगे बिहार में भी केवल १६% ही है|
अब डीजल की कीमतें बढाने से प्रदेश को ८६ पैसे लीटर प्रतिदिन की अतिरिक्त आय हो रही है|यानि सात लाख+किलोलीटर की बिक्री वाले हसाड़े प्रदेश को हर महीने २ करोड़ रुपयों का फायदा हो रहा है|
अब केंद्र को बदनाम करके भी खुद को फायदा मिले तो कौन सरकार को गिरा कर कुल्हाड़ी पर अपने पावँ मारेगा|इसीलिए सबसे बढिया है कि केंद्र को बदनाम करो और खुद का फायदा करते चलो क्यों ठीक है न ठीक