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Category: Crime

सिपाही से फैंटम लूटी

सिपाही से फैंटम लूटी

मेरठ के मवाना रोड पर फैंटम सवार[बाईक]पुलिस कर्मी से बदमाशों ने फैंटम लूट ली |प्राप्त जानकारी के अनुसार नौचंदी थाणे में तैनात एक सिपाही बीते रात फैंटम पर अपने मवाना रोड के बना गावं रिश्तेदारी में जा रहा था राते में ठीक गावं से पहले कुछ बदमाशों ने फैंटम लूटली

दिल्ली में ज्वाइंट सीपी सत्येंद्र गर्ग और डीसीपी प्रेमनाथ को हरियाणा के रेत ट्रक ड्राइवर ने कुचलने का प्रयास किया

दिल्ली में ज्वाइंट सीपी सत्येंद्र गर्ग और डीसीपी प्रेमनाथ को एक ट्रक ड्राइवर ने कुचलने का प्रयास किया |प्राप्त जानकारी के अनुसार ज्वाइंट सीपी सत्येन्द्र गर्ग और डीसीपी ट्रैफिक प्रेमनाथ चेकिंग के लिए खड़े थे। तभी एक तेज़ रफ़्तार ट्रक को चेकिंग के लिए रुकने को कहा गया, लेकिन ट्रक ड्राइवर ने ट्रक नहीं रोका। उलटे अधिकारियों को कुचलने की कोशिश की |मामला दिल्ली−नोएडा को जोड़ने वाले डीएनडी फ्लाईओवर का बताया जा रहा है, | फिलहाल ट्रक ड्राइवर फरार है, जबकि ट्रक के मालिक को हिरासत में ले लिया गया है। ट्रक पर हरियाणा के पंजीकरण प्लेट लगी है |

दिल्ली में ज्वाइंट सीपी सत्येंद्र गर्ग और डीसीपी प्रेमनाथ को हरियाणा के रेत ट्रक ड्राइवर ने कुचलने का प्रयास किया


असफल होने पर ट्रक ड्राइवर खुद को घिरा देखकर मौके से फरार हो गया जबकि ट्रक के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है।ट्रक पर रेत लदा था | पुलिस को शक है कि इस घटनाक्रम के पीछे हरियाणा के मेवात स्थित रेत माफिया का हाथ हो सकता है।
बताया जा रहा है की संयुक्त आयुक्त गर्ग रात डीएनडी फ्लाईओवर पर रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम का जायजा लेने आए थे। जिससे वे जाम को कम करने के उपाय खोज सकें। उसी दौरान उन्होंने रेत से भरे एक ट्रक को रोक लिया। ट्रक पर हरियाणा की नंबर प्लेट थी। पुलिसकर्मियों ने दो वाहनों से ट्रक का पीछा किया। पुलिस को अपने पीछे देख चालक ट्रक को किनारे खड़ा कर अपने साथी समेत यमुना किनारे के खेतों में कूद कर फरार हो गया। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर उसके मालिक का पता लगा उसे गिरफ्तार कर लिया। साउथ ईस्ट दिल्ली के सन लाइट थाने में सरकारी कर्मी के काम में बाधा पहुंचाने, गलत बर्ताव करने और हत्या के इरादे से ट्रक चढ़ाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

कमल हासन ने मुस्लिमो को मनाया तो हाई कोर्ट ने विश्वरूपम के प्रदर्शन पर रोक का हथौड़ा चला दिया

निर्माता-निर्देशक-अभिनेता कमल हासन की फिल्म ‘विश्वरूपम’ चारों तरफ से घिर गई है|बीते दिन अगर एक अदालत ने फिल्म की रिलीज को ओ के कर दिया तो आज मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु में फिल्म की रिलीज पर अगले आदेश तक बैन के लिए न्यायिक हथौड़ा चला दिया गया है| मुस्लिमों के कुछ प्रतिनिधियों के साथ आज मीटिंग करके अनेकों सीन और डायलाग्स हटाने पर राजी नामा हो गया तो इस फैसले के खिलाफ कमल हासन ने सुप्रीम कोर्ट जाने को मजबूर होना पड़ रहा है |
२९ जनवरी को हाईकोर्ट की एक सदस्यीय बेंच ने विश्वरूपम पर से बैन हटा लिया था और तमिलनाडु में इसके प्रदर्शन की इजाजत दे दी थी। लेकिन कमल ने न्यायिक प्रक्रिया का पालन करते हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी नहीं मिलने तक फिल्म का प्रदर्शन नहीं किया। अब डबल बेंच ने इसपर रोक लगाते हुए अगली सुनवाई सोमवार को तय की है।
आश्चर्यजनक रूप से इस फिल्म के टाईटल [विश्वरूपम] को लेकर पहले हिंदूवादी संगठन हिंदू मक्कल काची और अब फिल्म में पाक कुरान की कुछ आयातों के कारण तमिलनाडु में मुस्लिम मुनेत्र कडगम और केरल में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया नामक मुस्लिम संगठन विरोध कर रहे हैं|
शीर्षक को लेकर विरोध शांत हुआ तो फिल्म में पवित्र कुरान से संबंधित कुछ दृश्योंपर बवाल हो गया |अब टी वी चैनलों पर आ कर बताया जा रहा है कि कमल हासन का इस मामले में विरोध कर रहे मुस्मिल संगठनों के साथ समझौता हो गया है। फिल्म से विवादित डॉयलाग भी हटाने के लिए कमल ने माथा टेक दिया है
इस सारे घटना क्रम से व्यथित कमल हासन का कहना है कि उनके विरुद्ध राजनीतिक खेल खेला जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया है कि आखिर जयललिता सरकार की उनसे क्या दुश्मनी है? क्या उनकी फिल्म को किसी साजिश का शिकार बनाया गया है?अब श्रीलंका और मलेशिया ने भी फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगा दी है|

कमल हासन विश्वरूपम


आज भी कई शहरों में फिल्म का विरोध-प्रदर्शन जारी रहा अपनी फिल्म ‘विश्वरूपम’ के प्रदर्शन पर रोक को लेकर अभिनेता-निर्माता कमल हासन ने भावुक होते हुए कहा कि तमिलनाडु सरकार नहीं चाहती कि वह राज्य में रहें और वह रहने के लिए देश या विदेश में किसी ‘धर्मनिरपेक्ष’ स्थान की तलाश कर सकते हैं। मुझे तमिलनाडु को छोड़कर कश्मीर से लेकर केरल तक धर्मनिरपेक्ष राज्य की तलाश करनी होगी। तमिलनाडु सरकार मुझे यहां नहीं देखना चाहती है।इसके पीछे मुख्य मंत्री जयललिता के धुर्र विरोधी वित्त मंत्री पी चिदम्बरम से कमल हासन के नजदीकी रिश्तों को भी देखा जा रहा है|
इस ९५ करोड़ की इस फिल्म के साथ इस प्रकार के खेल से कई सवाल उठ खड़े हुए है सबसे पहले सेंसर बोर्ड की विश्वसनीयताऔर उपयोगिता पर एक बड़ा प्रश्न चिन्ह लग गया है|जब सेंसर बोर्ड ने एक बार रिलीज के लिए सर्टिफिकेट जारी कर दिया तब राज्य सरकार या ही कोर्ट की तरफ से रूकावट क्या जायज हो सकती है |वोह भी तब जब सुप्रीम कोर्ट एक अलग केस में यह निर्णय दे चुकी है कि सेंसर बोर्ड के सर्टिफिकेट के बाद रुकावट नहीं होनी चाहिए | इसके साथ ही राज्य और केंद्र के रिश्तों में आई कटुता पर भी चर्चा की जानी चाहिए क्योंकि यह केवल एक फिल्म का नहीं वरन देशकी अर्थ व्यवस्था और फिल्म उद्योग से जुड़े एक बड़े समाज के अस्तित्व की भी है|

अमिताभ बच्चन के नाम ग्रीन फील्ड में अनाधिकृत प्रॉपर्टी : हैं ?

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक सोश्लाईट

ओये झल्लेया देखा हसाड़े स्वयम सेवको का कमाल|ओये सबको कर रहे हैं बेहाल|अन्ना बाबु राव हजारे ने महात्मा गांधी की शहादत को नमन करते हुए पटना में अपने जन लोक पाल को लेकर रैली निकाल रहे हैं यूं पी ऐ की अध्यक्ष श्री मति सोनिया गांधी को घेरने की तैय्यारी में हैं तो आई पी एस अधिकारी से खोजी स्वयम सेवक बने वाई पी सिंह ने बालीवुड स्टार अमिताभ बच्चन और उनकी पत्नी श्री मति जया बच्चन द्वारा ९ करोड़ रुपये के इन्वेस्टमेंट करके भवन निर्माण कम्पनी [ Ecstacy Reality Private Ltd.]के माध्यम से अंधेरी की एक ग्रीन फील्ड में अनाधिकृत बिल्डिंग्स[माल्स] बनवाने का भांडा फोड़ दिया है |ओये वड्डे वड्डे आदर्शवादी बातें करने में माहिर अमिताभ बच्चन के ऐसे कारनामे |हैं?

अमिताभ बच्चन के नाम ग्रीन फील्ड में अनाधिकृत प्रॉपर्टी : हैं ?


झल्ला

बाबू साहब मैंने तो सुना है कि बच्चन परिवार की इस मॉल में कोई हिस्से दारी नहीं है और न ही उन्होंने कोई लोन ही दिया है हाँ प्रोपटी जरूर खरीदी होगी| बी एम् सी या वहां कि सरकार तो वैसे भी अमिताभ जैसों के पीछे दूरबीन लेकर पड़ी रहती है उन्होंने भी माल को बनाने दिया ऐसे में तो जानब यकीं कर लीजिये कि इन पायजामा सिलवाने वालों ने नाड़े का इंतज़ाम कर ही लिया होगा | अब ये तो आप भी मानेंगे कि इन सारे पंगों को झेलने में माहिर ठाकुर अमर सिंह तो अब उनके साथ हैं नहीं और स्वयम अमिताभ बच्चन साहब की हाईट बोले तो कद बहुत ज्यादा है उन्हें ऎसी छोटी छोटी बातों का या फार्मेलिटीज को देखने में दिक्कत तो होती ही होगी|

कजाकिस्तान में SCAT एयर लाइन्स का जेट प्लेन क्रैश हुआ:सभी सवारों की मृत्यु की आशंका

कजाकिस्तान में २९ जनवरी की सुबह एक एयर क्रैश में यात्री विमान में सवार सभी लोगों की मृत्यु हो गई है| कजाकिस्तान की व्यावसायिक राजधानी अल्माटी के पास हुए इस हादसे का कारण घना कोहरा बताया जा रहा है। १९९७ से कार्यरत एससीएटी[SCAT] एयरलाइन के इस जेट विमान में मरने वालों की संख्या २१

कजाकिस्तान में SCAT एयर लाइन्स का जेट प्लेन क्रैश हुआ:सभी सवारों की मृत्यु की आशंका

बताई जा रही है जिनमे ५ स्टाफ सदस्य थे | स्कैट एयरलाइन का यह दुर्भाग्यपूर्ण विमान कनाडा निर्मित बोंम्बार्डियर चैलेंजर सीआरजे 200 था।
बताया गया है कि यह यात्री विमान उत्तरी कजाकिस्तान के कोकशेतु से दक्षिण पूर्व में अल्माटी आ रहा था।
कजाकिस्तान में इससे पहले 25 दिसंबर को खराब मौसम के कारण एक सैन्य मालवाही विमान भी दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। उसमें 27 लोगों की मृत्यु हुई थी|एससीएटी[SCAT] एयरलाइन का यह जेट विमान अल्माटी एयरपोर्ट पर पहुंचने के पहले क्रेश हो गया।
हवा में विमान का क्रैश के पीछे ख़राब मौसम को कारण बताया जा रहा है मगर किसी भी एजेंसी ने अभी तक किसी प्रकार की टक्कर + या फैलउर की जानकारी नहीं दी है विमान के ब्लैक बाक्स की ढूढ़ जारी है|

ट्रैफिक बीमार हो गया है: महामहिमजी इसके उद्धार के लिए भी एक अदद क्रान्ति बिगुल बजवा ही दीजिये

आज मुझे मेरठ ऐसा बीमार शहर लगा जिसकाइलाज अगर जल्द नही ढूंडा गया तो यह लाईलाज हो जाएगा| अब ढाई किलोमीटर का सफ़र २५ मिनट्स में करना पड़े तो इसे बीमारी ही कहा जाएगा|और अगर इस समय माननीय गवर्नर महोदय का आगमन हो तो इसे अति गंभीर कहा जाएगा|गवर्नर बी एल जोशी ने मेरठ में आयोजित दीक्षांत समारोह मेंएक और कृषि क्रांति की जरूरत पर बल दिया है कृषि विश्वविध्यालय के दीक्षांत समारोह में कृषि क्रान्ति की जरुरत पर बल दिया जाना ही चाहिए लेकिन अगर महामहिम राज्यपाल शहर के बीच में एक नज़र ट्रैफिक पर डाल लेते तो यहाँ के बीमार ट्रैफिक के उद्धार के लिए भी क्रान्ति को जरूरी बताते | आजएस एस डी चौराहा + बेगमपुल +बच्चा पार्क+हापुड़ चौराहा पर ट्रैफिक जाम से रूबरू होना पड़ा |यहाँ तक की जाम में एम्बुलेंस भी अपने सायरन बजाती रही मगर ट्रैफिक पोलिस महज अपनी वी आई पी ड्यूटी ही निभाने में लगी रही|हापुड़ अड्डा चौराहे पर दो पोलिस वाले आम यात्रियों से गाली गफ़्तोर करते देखे गए लेकिन ये लोग मात्र अपनी विभागीय जीप निकलवाने में ही मशगूल रहे | दरअसल शहर के बीचों बीच अनेको रुकावटें खड़ी हैं और दिनी दिन ये रुकावटें नासूर बनती जा रही हैं| भीड़ भाड़वाले चौराहों पर [१]अनाधिकृत वाहन स्टैंड [२]अतिक्रमण[३] ऑटो दोपहिये और तिपहिये छोड़ भी दें तो भी बस और ट्रक जाम की स्थिति पैदा करते दिखाई देते हैं पहले सेना के वाहन छावनी से बाहर कम ही दीखते थे मगर आज कल सेना के ३ टन ट्रक भी कचहरी+ बेगम पुल आदि में दिखाई दे जायेंगे| [४] आये दिन असंतोष व्यक्त करते जुलूस निकलना शहर का नसीब बन गया है |कमिशनरी पार्क तो एक तरह से कोप पार्क बन गया है आये दिन यहाँ कोई न कोई नाराज़ दल या समूह या गुट डेरा डाले रहता है |तिपहिया वाहनों की एक एतिहासिक मानसिकता है जिसके अनुसार अगला पहिया घुसा दो रास्ता अपने आप मिल जाएगा और ये द्रुत गति के दोपहिया वाले तो न जाने कहाँ से निकल कर सामने आ जाते हैं और दिल को धडका कर फुर्र से न जाने कहाँ निकल जाते हैं|वैसे यहाँ ट्रैफिक का मिजाज दुरुस्त करने के लिए इचा शक्ति का भी अभाव नज़र आता है क्योंकि खूनी पुल के किनारे रोज़गार तलाश कर रहे झुग्गी वालों को उजाड़ कर सड़क को चौड़ी करने का काम चल रहा है मगर शहर के दूसरे हिस्सों में शायद भीड़ तंत्र या फिर निज़ी स्वार्थ आड़े जाता है |आये दिन स्टाफ की कमी का रोना भी रोया जाता ही है| माफ़ कीजिये में मेरठ के ट्रैफिक का रोना रो रहा हूँ और उधर टी वी की खबरों में डी एन डी[नोयडा] पर जाम का रौना रोया जा रहा है
इसीलिए महामहिमजी ट्रैफिक की बीमारी को दूर करने के लिए एक अदद क्रान्ति के लिए बिगुल बजवा दीजिये

आशीष नंदी का समाजशाष्त्र कुछ ठीक कुछ गलत

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक दलित नेता

ओये झल्लेया ये समाज शास्त्री आशीष नंदी को कौन सा कीड़ा काट खा गया |ओये महाराजों के शहर जयपुर में आते ही इस बंगाली बाबू ने एस सी/ओ बी सी /एस टी सभी को एक लाईन से ही भ्रष्ट बता दिया | ये कैसा समाज शास्त्र हुआ?ये तो सरासर नाइंसाफी है|इस समाज शाष्त्री को तत्काल गिरफ्तार करके इसे असली समाज शाष्त्र सिखाना चाहिए|

आशीष नंदी का समाजशाष्त्र कुछ ठीक कुछ गलत


झल्ला

वाकई भाई जी आपका गुस्सा जायज है |लेकिन इसके साथ आशीष ने यह भी कहा है कि स्वर्ण या बड़े लोग अपराध करके बच निकलते हैं |वाकई सम्मान देकर व्यापार लेना+ नौसिखियों को राजनीति में लाकर अपनी राजनीतिक ताकत बढाना +मीडिया में पब्लिसिटी दिलवा कर अपने प्रोडक्ट,संस्थान को बढावा देना आज कल फैशन बन चुका है और इसकी जांच भी नहीं होती |क्यों ठीक है न ठीक?

विकास प्राधिकरण के ट्रक में दहेज़ का सामान ?

विकास प्राधिकरण के ट्रक में दहेज़ का सामान ? मेरठ विकास प्राधिकरण के कर्मचारी और मशीनरी आज कल शादी ब्याहों में दहेज़ ढोने में मंडा है| हमारे वरिष्ठ फोटो ग्राफर को मेरठ के सुभाष बाज़ार में ऐसा ही एक द्रश्य दिखा जिसे उन्होंने केमरे में कैद कर लिया |इस चित्र में दिखाए गए ट्रक पर इसके विभाग का नाम साफ लिखा है |मेरठ विकास प्राधिकरण और ट्रक में रखा सामान किसी भी सूरत में सरकारी नहीं दिख रहा | फोटो ग्राफर द्वारा पूछने पर बताया गया कि यह दहेज़ का सामान है|इसकी पुष्ठी के लिए एम् डी ऐ में सम्पर्क करने पर फोन कल अनुत्तरित ही रही|

आशीष नंदी के एस सी /ओ.बी सी/एस टी/पर ब्यान से सियासी आतिश बाज़ी शुरू

समाजशास्त्री और लेखक आशीष नंदी ने समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार के लिए समाज के वर्ग एस सी /ओ.बी सी/एस टी/ को जिम्मेदार ठहराने वाला जयपुर में असमाजी ब्यान दिया |इसके विरुद्ध ऍफ़ आई आर दर्ज़ करा दी गई है |नंदी ने अपने बयाँ पर माफी मांग ली है लेकिन इस सबके बावजूद सियासी हल्के में बयानों की आतिश बाजी शुरू हो गई है |गण तंत्र दिवस पर आयोजित जयपुर साहित्य सम्मेलन में समाजशास्त्री और लेखक आशीष नंदी ने विवादास्पद बयान देते हुए कहा था कि इस दौर में भ्रष्टाचार के लिए पिछड़े और दलित जिम्मेदार हैं।
साहित्य सम्मेलन में नंदी ने कहा कि भ्रष्टाचार के लिए ओबीसी और एससी/एसटी जिम्मेदार हैं। अपनी दलील के समर्थन में उन्होंने उदाहरण भी दिया। मंच पर ही मौजूद एक और साहित्यकार ने आशीष नंदी के बयान का ताली बजाकर स्वागत किया। लेकिन आईबीएन न्यूज चैनल के आशुतोष ने इस बयान का कड़ा प्रतिवाद किया। जैसे ही ये बयान आया वहां मंच पर मौजूद आशुतोष ने बीच में ही टोक कर इसका कड़ा विरोध किया | बाद में आशुतोष ने अपनी बारी आने पर नंदी के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई।

आशीष नंदी के एस सी /ओ.बी सी/एस टी/पर ब्यान से सियासी आतिश बाज़ी शुरू

कांग्रेस के राशिद अल्वी भाजपा की लेखी ने इसे दुर्भाग्य पूर्ण बताया
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने मांग की है कि नंदी को तत्काल जेल भेज देना चाहिए।मायावती का यह भी कहना था कि ऐसा लगता है कि नंदी की टिप्पणी इन वर्गों को बदनाम करने की सोची समझी योजना के तहत आयी है। उन्होंने जयपुर साहित्य महोत्सव के आयोजकों से मांग की कि वह नंदी को इस महोत्सव से निष्कासित करें।
आशीष नंदी का ब्यान था ‘विचारों का गणराज्य’ विषय पर आयोजित सत्र में कहा, “यह अभद्र और असंस्कृत बयान होगा। लेकिन यह सच है कि सबसे भ्रष्ट व्यक्ति ओबीसी, एससी और अब बड़े पैमाने पर एसटी से आ रहे हैं। और जब तक ऐसा होता रहेगा, भारतीय गणराज्य जिंदा रहेगा।” उन्होंने कहा, “मैं एक उदाहरण देना चाहूंगा। सबसे कम भ्रष्ट राज्य पश्चिम बंगाल है। पिछले 100 वर्ष में ओबीसी, एससी, एसटी वर्ग के लोग सत्ता के नजदीक भी नहीं पहुंचे। यह पूरी तरह से स्वच्छ राज्य है।”इस बीच ओबीसी, एससी, और एसटी समुदाय के लोगों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी और मांग की कि नंदी को जयपुर साहित्योत्सव से बाहर का रास्ता दिखाएं।नंदी ने विवाद बढ़ता देख कर कहा है कि उनका भाव किसी कि भावनाएं आहत करना नहीं था|उनका कहने का अर्थ है कि एस सी एस टी ओ बी सी अपराध करके सामने आ जाते हैं जबकि स्वर्ण लोग अपराध करके बच निकलते हैं |इसके समर्थन में उन्हने उदहारण भी दिए

दक्षिण भारत की स्वर कोकिला एस जानकी ने पद्म भूषण पुरस्कार को इनकार किया

स्वर कोकिला एस जानकी

कांग्रेस और विवादों का पुराना नाता हैऔर अब वर्ष 2013 के लिए घोषित पद्म पुरस्कारों पर भी विवाद शुरू हो गया है।दक्षिण भारत के कलाकारों की अनदेखी का आरोप लगाया जा रहा है| भारत सरकार ने बुधवार को पद्म भूषण और पद्मश्री पुरस्कारों की भी घोषणा की है|इसमें पद्म भूषण के लिए नामित दक्षिण भारत की जानी-मानी प्रख्यात गायिका एस जानकी Sishtla Sreeramamurthy Janaki] ( April 23, 1938) ने पद्म भूषण पुरस्कार लेने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि उनके साढ़े पांच दशक के शानदार करियर में इससे पहले उन्हें पद्म पुरस्कार के लायक नहीं समझा गया।चार नेशनल फिल्म अवार्ड्स + 31 विभिन्न स्टेट फिल्म अवार्ड्स जीतने वाली इस दक्षिण भारतीय कोकिला ने कहा, ‘मैंने पद्म अवार्ड लेने से इंकार कर दिया है। 55 साल से गायकी मेरा पेशा है। क्या अब तक सरकार को मेरी याद नहीं आई थी। मेरे लिए सबसे बड़ा अवार्ड मेरे फैंस हैं जो अलग-अलग भाषाओं में मेरे गायन को पसंद करते हैं।’ बता दें कि मानद डाक्टरेट की उपादि से सम्मानित जानकी ने तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और हिंदी भाषाओं में 20 हजार से अधिक गाने गाए हैं।
इसके अलावा , दो बार ओलंपिक में मेडल जीतने वाले पहलवान सुशील कुमार ने पद्म अवॉर्ड के लिए नहीं चुने जाने पर नाराजगी जताई है।इस वर्ष पुरस्कार पाने वालों में 24 महिलाएं हैं। जबकि 11 अन्य में विदेशी, अप्रवासी भारतीय, मरणोपरांत पुरस्कार पाने वाली हस्तियां हैं।
इस साल फिर भारत रत्न किसी को नहीं दिया गया है। पुरस्कारों की तीन श्रेणियों में जिन लोगों को चुना, उनमें जन चेतन को जगाने वाले अन्ना हजारे, उनकी टीम का सदस्य या भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन का कोई कार्यकर्ता शामिल नहीं है। हाँ इसके अपवाद के रूप में अन्ना बाबू राव का इलाज करने वाले चिकित्सक के संचेती को जरूर सरकार ने पद्म विभूषण दिया है । भारत रत्न की सूची में खेल को भी शामिल करने के बाद क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर या हॉकी के जादूगर ध्यानचंद को इस बार देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित किया जा सकता है। खेल मंत्रालय ने इन दोनों के साथ ही पहली बार एवरेस्ट फतह करने वाले शेरपा तेनजिंग नोरगे का नाम भी भारत रत्न के लिए प्रस्तावित किया था। लेकिन, इसे अब तक स्वीकार नहीं किया गया है। इससे पहले वर्ष 2009 में मशहूर शास्त्रीय गायक पंडित भीमसेन जोशी को भारत रत्न से सम्मानित किया गया जा चुका है|
पद्म पुरस्कारों का और विवादों का नाता पुराना है| गए साल फोटोग्राफर सुनील जाना को पद्म श्री दिया गया था। उन्हें 40 साल पहले भी यही अवॉर्ड मिला था।