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Category: Environment

चाँद सिनेमा ब्रिज के ट्रैफिक को अव्यवस्थाओं का ग्रहण:ट्रैफिक बंद

[लुधियाना,पंजाब]चाँद सिनेमा पुल्ल के ट्रैफिक को अव्यवस्थाओं का ग्रहण लगा |शताब्दी पुराने इस ब्रिज को दशकों से असुरक्षित घोषित किया जा चूका है| अब स्थानीय प्रशासन द्वारा इस ब्रिज पर ट्रैफिक को रिपेयर के लिए बंद करा दिया गया है|ट्रैफिक बंद किये जाने से हो रही आलोचना से बचने के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा ट्रैफिक पुलिस पर दोषारोपण शुरू हो गया है|
गौरतलब हे के स्मार्ट सिटी की लिस्ट में शामिल लुधियाना के इस ब्रिज को यातयात के लिए दशकों पूर्व असुरक्षित घोषित किया जा चुका है लेकिन ब्रिज की मरम्मत के लिए पर्याप्त फंड्स का रोना भी रोया जा रहा है|

Green Grandeur Justice Rahim Stays Dumping at Noida-54

[New Delhi]Green Grandeur Justice Rahim Stays Dumping at Noida-54
A bench headed by Acting Chairperson of NGT Justice Jawad Rahim took strong exception to the dumping of waste at the site and ordered its removal within 10 days.
The order came after advocate Sanjay Upadhyay, appearing for the Noida residents, argued that dumping of solid and medical waste in huge quantity in the middle of a city forest by the Noida Authority had degraded environment and caused severe health hazard to the residents of sectors 22, 23, 53, 55 and 56.
He said that despite the tribunal’s order to dump the waste at Sector 123, the Noida Authority was dumping 600 tonnes of waste daily in Sector 54 in clear violation of the Solid Waste Management Rules 2016.
The counsel for the Noida Authority, however, said that no dumping was taking place at the site and only segregation of garbage was being carried out there.
The tribunal had earlier issued notices to the Ministry of Environment and Forests, New Okhla Industrial Development Authority, Uttar Pradesh government, Central Pollution Control Board, UP State Pollution Control Board and the Gautam Budh Nagar District Collector in the matter.
The green body was hearing a plea filed by Resident Welfare Associations of Sectors 22, 23, 53, 55 and 56 seeking directions to immediately stop dumping of solid waste at the site in Sector 54.
The residents also alleged in their petition that the Noida Authority had been illegally felling trees without proper permission under the UP Protection of Trees Act 1976 and it had also permitted running of a gas depot in the city forest, which was a fire hazard.

मोदी ने विपक्षी एकता की मुख्य झंडाबरदार ‘ममता’ की सरकार पर “पानी” फेरा

मोदी ने विपक्षी एकता की मुख्य झंडाबरदार ‘ममता’ की सरकार पर “पानी” फेरा |गौरतलब हे के कर्नाटक में पिछले दिनों मोदी के खिलाफ विपक्षी दलों ने मंच पर एकता का प्रदर्शन किया था|आज जब मोदी को अवसर मिला तो वे चुके नहीं और विपक्षी एकता के मजबूत स्तम्भ पर हमला बोल दिया |उन्होंने विश्व भारती विश्वविद्यालय में पानी की समस्या के लिए क्षमा मांगी|मालूम हो के विश्व भारती विश्वविद्यालय की स्थापना रविंद्र नाथ टैगोर द्वारा की गई थी|ऐसे विश्व प्रसिद्द शिक्षण संस्थान में पानी की समस्या अपने आप में वहां की टी एम सी सरकार की आलोचना के लिए पर्याप्त है |ममता बनर्जी मुख्य मंत्री हैं|प्रधान मंत्री संस्थान के चांसलर [आचार्य] हैं
मोदी आज विश्व भारती विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में चांसलर के रूप में आये थे| इस अवसर पर वहां के छात्रों ने पानी की समस्या से अवगत कराया |इस पर पी एम ने चांसलर के रूप में क्षमा मांगी|
फोटो कैप्शन
The Prime Minister, Shri Narendra Modi being received by the Governor of West Bengal, Shri Keshari Nath Tripathi and the Minister of State for Heavy Industries & Public Enterprises, Shri Babul Supriyo, on his arrival, in West Bengal on May 25, 2018.

छोटी सी मधुमखी प्रकृति का विशाल सृष्टि को वरदान है

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

पर्यावरण प्रेमी

औए झल्लेया मुबारकां!औए विभिन्न पुष्पों में पराग का संचार करने और मानवजाति मीठा+पौष्टिक शहद देने वाली मधुमखी के सरंक्षण के लिए विश्व भर में आज “पोलिनेटर बी” मधुमखी दिवस मनाया जा रहा है|औए हमें भी इस दिशा में अपना योगदान देना चाहिए |इससे टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा

झल्ला

बाऊ जी, वाकई पुष्पों का एक दुसरे में पराग पहुंचा कर ये छोटी सी मधुमखी प्रकृति का सृष्टि को वरदान है |भारत सरकार को भी मधुमखी पालन को बढ़ावा देना चाहिए |

मौसम बिगड़ने की पूर्व सूचना फिर भी देश भर में जानमाल की हानि

[नयी दिल्ली]मौसम बिगड़ने की सटीक सूचना फिर भी देश भर में जानमाल की हानि
मौसम के बिगड़ने और उससे होने वाले नुकसान की जानकारी होने के बावजूद राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर बचाव के कदम उठाए जाने पर चर्चा तक नही हुई|जिसके फलस्वरूप जान माल की हानि के समाचार आ रहे हैं|
यह दुर्भाग्य पूर्ण है|
इस अनुपयुक्त सरकारी औउपचारिकता के मध्यनजर यह स्वीकार कर लिया जाना चाहिए के अब केवल चेतावनी देने भर से संतोष करने का समय गया |नुकसान के आंकड़ों को जारी करने और राहत कार्यों का ढोल पीटने का समय गया |
अब समय आ गया है जब होने से पहले नुकसान को कम करने के प्रयास किये जाने होंगे और उनकी सराहना की जानी होगी|
इसके लिए शुरूआती दौर में कमजोरपेड़+खम्बो+भवनों को चिन्हित करना होगा|आग से बचाव के प्रयास करने होंगे और चिकित्सा के लिए एम्बुलेंस सडकों पर दौड़ेंगी |इस सबके लिए बचाव+राहत कार्यों की परिभाषा बदलनी होगी|
चार राज्यों में अंधड़ के कहर, से 41 की मौत के समाचार मिल चुके हैं
दिल्ली+उत्तर प्रदेश+पश्चिम बंगाल +आंध्र प्रदेश में आंधी के साथ बारिश होने के कारण रविवार के अवकाश में भी को कम से कम 41 लोगों की मौत हो गयी और भारी नुकसान हुआ।
वहीं मौसम वैज्ञानिकों ने आज भी मौसम खराब रहने की चेतावनी दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार
उत्तर प्रदेश में आंधी के कारण 18 लोगों की मौत हो गई,
पश्चिम बंगाल में चार बच्चों समेत कम से कम 12 लोग मारे गये।
आंध्र प्रदेश में नौ और
दिल्ली में दो लोगों की जान चली गई
उत्तर भारत में कई जगहों पर बड़ी संख्या में पेड़ गिर गये+सड़क+रेल + वायु यातायात सेवाएं प्रभावित हुईं हैं ।
मौसम विभाग के अनुसार
हिमाचल प्रदेश ,
उत्तराखंड ,
पंजाब ,
हरियाणा
चंडीगढ़ ,
मध्य प्रदेश ,
झारखंड ,
असम ,
मेघालय ,
महाराष्ट्र ,
कर्नाटक ,
केरल और
तमिलनाडु में छिटपुट स्थानों पर कल आंधी के साथ बारिश हुई।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों की मौत पर दुःख व्यक्त किया है
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर पार्टी कार्यकर्ताओं से मृतकों के शोक संतप्त परिवारों को हर संभव मदद करने के लिये कहा।
इससे १० दिन पूर्व
उत्तर प्रदेश+राजस्थान+तेलंगाना+उत्तराखंड +पंजाब में करीब दस दिन पहले भी तूफान आया था जिसमें 134 लोगों की मौत हुई थी और 400 से ज्यादा लोग जख्मी हुए थे।
नौ मई को उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में फिर से अंधड़ आया था जिसमें 18 लोगों की मौत हो गई और 27 अन्य जख्मी हो गए थे।
पश्चिम बंगाल में राज्य में भारी बारिश के बीच आसमानी बिजली गिरने से चार बच्चों समेत कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 से ज्यादा लोग घायल हो गये।
आंध्र प्रदेश में भी आसमानी बिजली की गिरने से नौ लोगों की मौत हो गई।
राष्ट्रीय राजधानी में कल शाम करीब साढ़े चार बजे पारा 25.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। दिल्ली में अंधड़ तब आया जब तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस तक चला गया था और सुबह के वक्त आर्द्रता का स्तर 60 प्रतिशत था।
राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र की प्रमुख के एस देवी के अनुसार तूफान आने की वजह दो पश्चिमी विक्षोभ हैं।

दिल्ली ऍन सी आर में आज भी आंधी+तूफ़ान+बारिश की संभावना:गृह मंत्रालय

[नई दिल्ली] दिल्ली -ऍन सी आर में आज भी आंधी तूफ़ान की संभावना : गृह मंत्रालय
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार आज भी दिल्ली और आस पास के राष्ट्रीय राजधानी छेत्र [ NCR ] में आंधी तूफ़ान के साथ बारिश हो सकती है |इंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट द्वारा मौसम की चेतावनी के हवाले से गृह मंत्रालय द्वारा कहा गया है के फरीदाबाद+बल्लभगढ़+खुर्जा+ग्रेटर नॉएडा+बुलन्दशहर आदि में मौसम ख़राब हो सकता है
मालूम हो के बीते सप्ताह डस्ट स्ट्रोम के चलते पांच राज्यों में १२४ लोग असमय काल का ग्रास बन गए जबकि ३०० से अधिक घायल हुए हैं |इस त्रासदी की पुनरावृति को रोकने के लिए ,हानि को सिमित करने के उद्देश्य से यह चेतावनी जारी की गई है

तूफ़ान से मची तबाही ने योगी को यूपी में लौटने को मजबूर किया

[लखनऊ,यूपी] तूफ़ान से मची तबाही ने योगी को यूपी में लौटने को मजबूर किया
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री महंत आदित्यनाथ योगी ने कर्नाटक में चुनावी अभियान बीच में ही छोड़ कर यूं पी में लौटने का निर्णय किया है|बेटे दिनों प्रदेश में आये तूफ़ान से आगरा में विशेष रूप से बढ़ी तबाही हुई है|प्राप्त जानकारी के अनुसार सी एम् कल सुबह आगरा में हुई बर्बादी का निरीक्षण करने पहुँच सकते हैं|मालूम हो के बीते दिन कर्णाटक के कांग्रेसी सी एम् सिद्दरमैय्यह ने योगी के यूपी में संकट की घड़ी में गैरहाजिर रहते हुए कर्नाटक में चुनाव प्रचार की आलोचना की थी | मालूम हो के इस त्रासदी से यूपी में 43 मौतें हो चुकी है और घायलों की संख्या ५१बताइ जा रही है

ताजमहल को भी किसी धनाडय को गोद दे देना चाहिए

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

पुरातत्व विशेषज्ञ

औए झल्लेया! अब तो यार ताजमहल की सफेदी के बदरंग होने पर सुप्रीम कोर्ट ने भी हथौड़ा चला दिया |अब तो इसकी देखभाल के लिए सरकारों को कुछ विशेष इंतजाम करने चाहिए|

झल्ला

भापा जी ! आपजी की और माननीय न्यायाधीशों की चिंता वाजिब है|हसाड़े मुल्क में ऐतिहासिक स्मारकों के आर्थिक दोहन के विशेष्ज्ञ है लेकिन इनके मूल स्वरुप को बहाल रखने के लिए इच्छा शक्ति भी नहीं है|पुरातत्व सर्वेक्षण की रिपोर्टों पर चिंता व्यक्त करने के लिए अदालतें हैं लेकिन मथुरा रिफायनरी के धुएं किसी व्यवस्थापक की आंख में नहीं जा रहे|इसीलिए लालकिले की भांति ताजमहल को भी किसी धनाडय को गोद दे देना चाहिए

Delhi+Varanasi Among Most Polluted Cities In World :WHO

[New Delhi]Delhi+Varanasi Among Most Polluted Cities In World
As per WHO India’s National and religious capitals Delhi and Varanasi are among the 14 Indian cities that figured in a list of 20 most polluted cities in the world in terms of PM2.5 levels in 2016, .
The WHO data also said that nine out of 10 people in the world breathe air containing high levels of pollutants.
Other Indian cities that registered very high levels of PM2.5 pollutants were
Kanpur,
Faridabad,
Gaya,
Patna,
Agra,
Muzaffarpur,
Srinagar,
Gurgaon,
Jaipur,
Patiala and
Jodhpur followed by
Ali Subah Al-Salem in Kuwait
and a few cities in China and Mongolia.
The PM2.5 includes pollutants like sulfate, nitrate and black carbon, which pose the greatest risk to human health
“WHO estimates that around 7 million people die every year from exposure to fine particles

Punjab to be Open Defecation free by July,2018,Sidhu

[Chd,Pb] Punjab to be Open Defecation free by July,2018,Sidhu
:Where there is cleanliness, there is health.” These views were expressed by the Local Government Minister, Punjab, Navjot Singh Sidhu today at Punjab Municipal Bhawan on the occasion of a regional workshop on ‘Star Rating of Garbage Free Cities’
Minister Sidhu said that the Punjab Government under the visionary guidance of Chief Minister Captain Amarinder Singh is whole heartedly devoted to the task of generating awareness with regard to the environmental as well as hygiene issues besides taking ample measures to make sure that the vision materializes into reality. He elaborated that during the Swachh Sarvekshan in 2017 a total of 438 cities were examined on various parameters pertaining to cleanliness and Punjab was among the most lowly ranked i.e. no city of the state was within first 100 cities ..many of its cities received ranking between 400-438 but after the present Government took over the reins of the state and undertook with missionary zeal the task of making the state count on various cleanliness standards, the ranking of Punjab is expected to see a drastic improvement in Swachh Sarvekshan-2018. As of now more than 30 of its ULBs are in top-100 amongst 4041 ulbs across the country in dynamic rankings of cities based on swachhtaapp.

The minister further added that the concept of Garbage Free Cities is very closely linked with the Swachh Bharat Mission and exhorted all to devote themselves wholeheartedly to ensure that Punjab emerges at the top on the criteria of cleanliness and healthy environment. The minister also said that Punjab has made great strides in eradicating the menace of Open Defecation from the state and assured that by July, 2018 the state would be completely Open Defecation Free (ODF). .
On the occasion, the CEO of Punjab Municipal Infrastructure Development Company . Ajoy Sharma threw light on the steps being initiated by the department in making Punjab free from open defecation as well as providing individual toilets in the households to save environment from getting polluted.
Sidhu on the occasion also honoured various NGOs and 3 Deputy Directors (Local Government Department) from Bathinda, Patiala and Jalandhar for making herculean efforts in making the cities garbage free apart from generating awareness about clean and green environment.
Among others present on the occasion included Principal Secretary Local Government Department A. Venu Prasad, and Director, Local Government Department, Karnesh Sharma