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Category: Jhalli Gallan

परमात्मा के अवतरण से सांसारिक बेड़ियों से मुक्ति= भगत श्री नीरज मणि ऋषि

विषय -परमात्मा का अवतरण सांसारिक मोह -माया की बेड़ियों से मुक्ति

जब श्री कृष्ण भगवान् का जन्म हुआ तो उस समय वासुदेव जी की सारी बेड़ियाँ टूट गईं, जेल के सारे दरवाजे खुल गए और वे बंधनमुक्त
हो गए. इसी प्रकार जब हमें परमात्मा और संतों की संरक्षता एवं समीपता प्राप्त होती है तो हमारी भक्ति परवान चढ़ती है और हमारी
आत्मा निर्बंध हो जाती है और संसार के मोह-माया के बन्धनों से मुक्त हो जाती है.
हमारे जीवन का उद्देश्य भगवत प्राप्ति है. संत हमें समझाते हैं कि हाथों से जगत के कार्य करो और मन से प्रभु की भक्ति करो. परमात्मा से दूर जाकर तो दुःख मिल सकता हैं परन्तु परमात्मा की संरक्षता एवं संतों के सानिध्य में रहकर कोई कमी नहीं आती. साधना करने में जो
साधन भक्तों के पास हैं उनकी प्रभु रक्षा करते हैं तथा जो साधन भक्तों के पास नहीं हैं उनका प्रबंध करते हैं. प्रभु की अपने भक्तों के
लिए ऐसी प्रतिज्ञा है .
कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर श्री रामशरणम् आश्रम गुरुकुल डोरली , मेरठ में]

भगत श्री नीरज मणि ऋषि
जी द्वारा दिए गए प्रवचन का एक अंश
प्रेषक: श्री रामशरणम् आश्रम गुरुकुल डोरली , मेरठ
file photos .

समूचे राष्ट्र से ही माफ़ी मांग लेते

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां
समूचे राष्ट्र से ही माफ़ी मांग लेते
एक बुद्धि जीवी
ओये झल्लेया ये क्या हो रहा है ओये संसद में आज कल बहस कम हो रही है और माफ़ी वाफी शाफी ज्यादा मांगी जाने लगी है |अभी कांग्रेसी सोनिया के धमकाने पर भाजपाई डडा आडवानी ने माफ़ी मांगी अब सपाई जया बच्चन के तीखे तेवरों से घबरा कर पहली बार गृह मंत्री बने बेचारेकांग्रेसी सुशील कुमार शिंदे ने बहन से माफ़ी मांग कवच धारण किया तब जाकर विपक्ष के विरोधी ओलों से आपने सर की रक्षा की
झल्ला
सर जी बात तो आपजीकी दुरुस्त है चंगा होता अगर ये लोग आपस में माफ़ी मांगने के बजाय समूचे राष्ट्र से ही हाथ जोड़ कर सर निवा कर नहीं तो कुर्सी छोड़ कर माफ़ी मांग लेते Permalink: http://jamosnews.com/

राम नाम का जाप से आध्यात्मिक सुखों की कोई सीमा नहीं

तारक मंत्र राम है, जिस का सुफल अपार
इस मंत्र के जाप से, निश्चय बने निस्तार

भावार्थ: राम नाम का जाप इस संसार रुपी भवसागर से पार उतारने वाला है.
इस मंत्र के जाप से मिलने वाले आध्यात्मिक सुखों की कोई सीमा
नहीं है तथा इसके जाप से मनुष्य निश्चय ही जनम मरण के चक्र
से छुटकारा पा जाता है.

स्वामी सत्यानन्द जी महाराज द्वारा रचित अमृतवाणी का एक अंश
प्रेषक: श्री राम शरणम् आश्रम, गुरुकुल डोरली, मेरठ

जो रहीम उत्तम प्रकृति, का करि सकत कुसंग

जो रहीम उत्तम प्रकृति, का करि सकत कुसंग
चन्दन विष व्याप्त नहीं, लिपटे रहत भुजंग

भावार्थ
कवि रहीम कहते हैं कि जो उत्तम स्वभाव और दृढ-चरित्र वाले व्यक्ति
होते हैं, बुरी संगत में रहने पर भी उनके चरित्र में विकार उत्पन्न नहीं
होता .जिस प्रकार चन्दन के वृक्ष पर चाहे जितने विषैले सर्प लिपटे
रहें, परन्तु उस वृक्ष पर सर्पों के विष का प्रभाव नहीं पड़ता अर्थात
चन्दन का वृक्ष अपनी सुगंध और शीतलता के गुण को छोड़कर
जहरीला नहीं हो जाता .
भाव यह है कि जिस प्रकार विषैले सर्प चन्दन के वृक्ष से लिपटे रहने
पर भी उसकी सुगंध को विषैला नहीं बना सकते, उसी प्रकार दुर्जन
और दुष्ट प्रवृत्तियों वाले व्यक्ति, दृढ-चरित्र वाले व्यक्ति को दुर्जन या
दुष्ट नहीं बना सकते

योग से कायाकल्प हो जाती है

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां
योग गुरु बाबा राम देव का चेला
ओये झल्लेया ये तो कमाल हो गया योग करने से तेरी काया का ही कल्प हो गया ओये अब तो तू कुछ ठीक ठाक सा लग रहा है
शाबाश ऐसे ही योग करता रह और ठीक ठाक रही जा |वैसे तुझे खुद को योग करने से कैसा महसूस होता है???
झल्ला बाबा जी पहले बड़ी मुश्किलान नाल दो ही पेग शाम को पीता था अब सुख नाल चार पेग हो ही जाते हैं|
पहले एक परांठा बड़ी मुश्किल से खा पाता था अब तो सुखाँ नाल तीन चार परत वाले आलू वाले पराठें सुबह सुबह खा ही लेते
हैंगे जी Permalink: http://jamosnews.com/

झूठी काया झूठी माया झूठो सब संसार फिर क्यूं करें जंजाल

झूठी काया झूठी माया झूठो सब संसार फिर क्यूं करें जंजाल
कोन करे जंजाल , जग में जीवन थोरो,
झूठी रे काया, झूठी रे माया, झूठो सब संसार.

भावार्थ: संत मीराबाई कहती हैं कि इस छोटे से जीवन में हमें जग के जंजालों में नहीं उलझना चाहिए . यह संसार नश्वर है, हमारा शरीर यह माया सब झूठी हैं. सद्गुरु की भक्ति, नाम का जप सत्य हैं. गुरु परमात्मा का रूप है.
गुरु बिना भक्ति अधूरी है. गुरु ही मोक्ष का द्वार हैं.Permalink: http://jamosnews.com

हम भी खेलेंगे नहीं तो खेल बिगाड़ेंगे”= एल के आडवाणी

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां
एक नरेन्द्र मोदी समर्थकभाजपाई
ओये झल्लेया लाल कृषण अडवानी जी को ये क्या हो गया है ?२०१३-१४ में होने वाले चुनावों से भाजपा को ही बाहर कर दिया है आडवानी जी ने अपने ब्लॉग पर लिखा है कि कांग्रेस के साथ ही भाजपा का भी प्रधान मंत्री नहीं बन सकता |इसके साथ ही घटक दलों में से ही किसी कि लाटरी खुलने की भविष्य वाणी कर रहे हैं|ओये इनकी और इनकी दिल्ली वाली चौकड़ी का कोई भविष्य तो रहा नहीं अब हसाड़े भाई नरेन्द्र मोदी की जड़े भी खोदने में लग गए हैं|अपनी पार्टी में भी कोई ऐसा करता है भला???
झल्ला
बौऊ जी बचपन में हम जब गली में क्रिकेट या कंचे खेलते थे तब दूसरे मोहल्ले का बड़ा खिलाड़ी भी आकर खेलने की जिद करता था उसे खेलने से मना करने पर वोह एक रटा रटाया डायलाग बोल कर हमें चिडाता था ” हम भी खेलेंगे नहीं तो खेल बिगाड़ेंगे” लगता है कि प्रधान मंत्री कि रेस में दौड़ाने वाले आप जी के अडवानी जी को अपने कंचे या क्रिकेट की बाल नरेन्द्र मोदी की झोली में जाती दिख रही है तभी उन्होंने यह पुराना लेकिन प्रभावी डायलाग ब्लॉग पर दाल दिया है

किंग फिशर के एयर क्राफ्ट्स रिलीज करने से एयर पोर्ट अथोरिटी ने इंकार किया

किंग फिशर एयर लाइंस से कर्जा वसूलने के लिए एयर पोर्ट आथोरिटी आफ इंडिया ने एयर लाइंस द्वारा लीज पर लिए गए एयर क्राफ्ट्स को रिलीज करने से इनकार कर दिया है|
विजय माल्या की किंग फिशर एयर लाइंस ने छ एयर क्राफ्ट्स लीज पर लिए थे ये सभी चेन्नई एयर पोर्ट पर पार्क किये गए हैं| कंपनी द्वारा फरवरी माह से कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया गया है |लीज का किराया नहीं दिया गया है इसके साथ ही एअरपोर्ट आथोरिटी को लेंडिंग & पार्किंग फीस की एवज में ३०० करोड़ रुपये भी नहीं दिए गए हैं| दिवालिया होने की कगार पर आ चुकी कंपनी से एयर क्राफ्ट वापिस लेने के लिए लीजर्स ने एयर पोर्ट आथोरिटी को नोटिस देकर अपने एयर क्राफ्ट्स जल्द रिलीज करने को कहा है \ एयर पोर्ट अथोरिटी द्वारा यह कह कर इनकार कर दिया गया है कि कंपनी पर उसकी ३०० करोड़ रुपयों की लेन दारी है ऐसे में कंपनी के एयर क्राफ्ट्स को रिलीज नहीं किया जा सकता

जब दिल में ख्याले सनम हो बसा , तो गैर की पूजा कौन करे.

हमारे संत सूफियों ने परमात्मा को अपने अन्दर ही तलाश कर उसकी पूजा को ही असली धर्म बताया है
अपने ही घर में खुदाई है,तो काबे में सजदा कौन करे,
जब दिल में ख्याले सनम हो बसा , तो गैर की पूजा कौन करे.

भावार्थ: सूफी संत बुल्लेशाह कहते हैं कि
मंदिर, मस्जिद और गुरूद्वारे में भगवान कहाँ मिलता है, परमात्मा तो तेरे अन्दर समाया हुआ है पहले उसे तो जान ले पहचान ले, जब सच्चे संत की शरण में जाओगे तभी वास्तविक तथ्य का पता चल पाएगा और सद्गुरु की मूर्ति को घट मंदिर में विराजमान करके उसकी आराधना करो फिर कहीं और जाने की जरूरत नहीं है.

इसी सन्दर्भ में संत कबीर दास जी फरमाते हैं,
मन मक्का दिल दवारिका, काया काशी जान,
दश द्वारे का देहरा, तामें ज्योति पिछान.

मानना पड़ता है की भारत में भगवान है

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां
भारतीय खेल मंत्रालय का एक अफसर
ओये झाल्लेया मुबारकां ओये देखा हसाड़ी सोनिया नेहवाल ने लन्दन ओलंपिक्स में कमाल कर दिया पहली बार एकल महिला बेड मिन्टन में कांस्य पदक खेल में सदैव अग्रणी चाइना से छीन ही लिया अब तो हो गई ना बल्ले बल्ले
झल्ला
खैर मुबारक साहब जी पहला मैच २१-१८ से जीतने और दूसरे में १-० से आगे रहने के बावजूद चीन द्वारा वाक् ओवर दे दिया गया मेडल छोड़ना वाक्काई कमाल है और छोड़े गए मेडल को हासिल करके जश्न मनाना कमाल है और प्रधान मंत्री राष्ट्रपति को वधाइयां देने का मौका मिल गया ये तो वाकई + वाकई कमाल ही कमाल है
मानना पड़ता है की भारत में भगवन है Permalink: http://jamosnews.com/