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अमेरिकी सिखों ने अमेरिकी राष्ट्रपति को धन्यवाद दिया

बेशक भारत में सिख समुदाय अमेरिका के राष्ट्रीय ध्वज को जला रहे हो या संसद में गालियां दी जा रहे हों मगर अमेरिका के सिख वहां के राष्ट्रपति को धन्यवाद ही दे रहे हैं|कल भी एक ज्ञापन सौंप कर अमेरिकी ध्वज को आधा झुकाने के लिए राष्ट्रपति को धन्यवाद दिया है|
गौरतलब है की ५ अगस्त के रविवार में वेड माईकल पेज नामक एक श्वेत नस्लवाद से पीड़ित आतंकवादी ने ओक क्रीक विस्कोंसिन गुरुद्वारे में अंधाधुंध फायरिंग करके पांच पुरुष और एक महिला की हत्या कर दी थी कई घायल हो गए थे एक पोलिस अधिकारी भी घायल हो गया था |तभी से गुरद्वारों में विशेष अरदास और केंडल मार्च आयोजित किया जा रहे है|
इसके शोक में अमेरिका के ध्वज आधे झुका दिए गए थे| घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं |और बराक ओबामा ने इस जघन्य हत्याकांड को अमेरिका की सार्वभौमिकता पर अटैक बताया था |
सिखों के नेता गुरचरण सिंह ने वाशिंगटन मेट्रोपोलिटन गुरुद्वारा फेडरेशन और अमरीकन सीखो की तरफ से व्हाईट हाउस में ज्ञापन सौंपा और सिखीके मुख्य उपदेश मानस की जात सभै एक ही पहचानिबो के प्रति अपनी प्रतिबद्दता को दोहराया |
गुरु नानक की अध्यात्मिक गद्दी के वारिस दशम पादशाही गुरु गोबिंद सिंह के सिखों के लिए पांच ककार[कंघा+ केश+कृपाण+ कडा+कच्छा]धारण करना जरुरी है और केशों के लिए सर पर पगड़ी भी रखी जाती है मगर अमेरिका में सिखों के प्रति गलत फहमी + केश और पगड़ी के कारण उन्हें भी आतंक वादी समझ लिया जाता है और नसलवाद का शिकार बना दिया जाता है| इसीलिए अब अमेरिका में सिख और उनके धर्म के प्रति जागरूकता जरुरी है इसी उद्देश्य की पूर्ती के लिए न्युयोर्क पोलिस डिपार्टमेंट में सिखों को पगड़ी धारण की आज्ञा दिए जाने की भी मांग की जारही है|

ईरान के बाद तायवान जापान और कश्मीर में भी भूकम्प के झटके

ईरान में तबाही मचाने के बाद अब भूकम्प के झटके जापान तायवान और कश्मीर में भी महसूस किये गए हैं| ईरान के अलावा और कहीं से जान माल का नुकशान होने की खबर नहीं है |सिन्हुआ समाचार एजेंसी के मुताबिक जापान में ७.३ त्रीवता मापी गई है|सुनामी की आशंका से इनकार किया गया है| ईरान में भूकंप से मरने वालों की संख्या ३०० से ऊपर पहुँच गई है|भारत की राज्यसभा ने शोक प्रस्ताव भेजा है|

अमेरिका में सिखों ने राष्ट्रपति बराक ओबामा की प्रशंसा करी

अमेरिकन सिख समुदाय राष्ट्रपति बराक ओबामा को एक ज्ञापन भेजने पर विचार कर रहा है जिसमें ओक क्रीक विन्कोसिन गुरूद्वारे में सिखों की हत्या की के मद्देनजर अमेरिकी समाज के उच्च मूल्यों और शांतिपूर्ण सहअस्तित्व के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को व्यक्त किया जाएगा।गौर तलब है कि गुरुद्वारे कि घटना के बाद सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय झंडों को आधा झुका दिया गया था और स्वयम बराक ओबामा ने उस हत्याकांड को अमेरिकी प्रभुसत्ता पर हमला बताया था|
व्हाइट हाउस में रविवार को सिखों के शांतिपूर्ण कैंडल मार्च के आयोजन के दौरान इस पत्र का मजमून पढ़ा गया। इस मार्च में ग्रेटर वॉशिंगटन एरिया के सैंकड़ों सिख शामिल हुए। ज्ञापन में कहा गया है कि गोलीबारी में मारे गए लोगों और उनके परिजनों के लिए ओबामा की ओर से प्रदर्शित संवेदना की हम प्रशंसा करते है। हम पीड़ितों के सम्मान में राष्ट्र ध्वज को आधा झुकाने के लिए विभिन्न प्रांतों के गर्वनरों को भी धन्यवाद देना चाहते हैं। ज्ञापन में कहा गया कि अमेरिका निश्चय ही भरपूर अवसरों वाला देश है। सिख यहां एक सदी से भी ज्यादा पहले से हैं और वे जीवन के हर क्षेत्र में अपना योगदान दे रहे हैं।
व्हाइट हाउस के एक विभाग के एसोसिएट निदेशक पाल मोंत्रियो, वर्जीनिया के पूर्व सीनेटर जॉर्ज एलेन के अलावा कई अन्य राजनेताओं और सिख समुदाय ने इस मौके पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित किया। सिखों ने पुलिस अधिकारी ब्रायन मर्फी की खासतौर पर प्रशंसा की जिन्होने हमलवार बंदूकधारी को काबू में करने के दौरान अपनी जान को खतरे में डाल दिया। मर्फी इस समय अस्पताल में हैं। उनकी हालत में सुधार हो रहा है[[एजेंसी]

अमेरिकी पोलिस में सिखों को पगड़ी और दाड़ी की आज्ञा दो

अमेरिकन पोलिस में सिखों को पगड़ी और केश धारण करने की अनुमति होनी चाहिए
विस्कोंसिन के चीफ फायनेंस आफिसर जीन सी लियू ने मेयर माईकल ब्लूमबर्ग को एक पत्र लिख कर यह आग्रह किया है|
दशम पादशाही गुरु गोबिंद सिंह के सिखोंको पांच ककार धारण करने आवश्यक हैं|[१]केश[२]कंगा[३]कृपान[४]कडा[कच्छा]
इनमे से आजकल केश और पगड़ी के कारण इन्हें आतंक वादी समझ लिया जाता है औरअसलियत जाने बगैर ही इन्हेंखास टूर पर अमेरिका में नस्लवाद का शिकार बना दिया जाता है|पांच अगस्त को भी विस्कोंसिन गुरुद्वारे में एक श्वेत आतंकवादी ने अंधा धुंध फायरिंग करके पाच पुरुष और एक महिला को मार डाला था और अनेकों को घायल भी कर दिया था इस आतंकवादी का मुकाबिला करते करते एक श्वेत पोलिस अधिकारी भी मारा गया था |तभी से वहां सिखों के इन ककारों के प्रति जागरूकता अभियान चलाये जाने की मांग हो रही है भारतीय संसद में भी इस विषय को उठाया गया और अमेरिका के राष्ट्रीय ध्वज आधे झुकाए गए |
इसी जारुकता अभियान के तहत अब न्युयोर्क पोलिस डिपार्टमेंट [एन वाई पी डी]में सिखों को दाड़ी और पगड़ी रखने की आज्ञा दिए जाने की मांग उठ रही है|

खातूनों के लिए सउदी अरब में बसेगा इंडस्ट्रियल शहर

शरिया क़ानून के तहत सउदी अरब में केवल खातूनो[लेडीज] के लिए एक इंडस्ट्रियल शहर बसाया जाएगा|यहाँ महिलायें मन चाही नौकरी कर सकेंगी|इस शहर के लिए ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया गया है|
वर्तमान में वहां केवल १५% ही महिलायें काम काजी हैं|

नान इन्डियन तुलसी गैबार्ड अमेरिकी हाउस में पहली हिन्दू सदस्य होंगी

नान इन्डियन तुलसी गैबार्ड[३१] को डेमोक्रेट्स ने अमेरिका की हाउस आफ रिप्रजेंटेटिव में पहली हिन्दू सदस्य के रूप में लाने की तैयारी करली है|
तुलसी वर्तमान में होनोलूलू की निगम में पार्षद है | इनके लिए डेमोक्रेट मैज हिरोनी ने अपनी सीट छोड़ दी है|तुलसी की माता श्वेत हैं मगर हिन्दू धर्म को मानती है और तुलसी स्वयम भी हिन्दू धर्म को मानती हैं और शाकाहारी है

पद्मविभूषण फरीद जकारिया दो अमेरिकी पत्रिकाओं से निलंबित

भारतीय मूल के पद्म विभूषण से सम्मानित अमेरिकी साहित्यकार फरीद जकारिया को अमेरिकी चैनल सीएनएन और टाइम पत्रिका से निलंबित कर दिया है।श्री जकारिया पर अमेरिकी इतिहास के प्रोफेसर जिल लेपोर के लेख का एक पैरा चुराने का नैतिक आरोप है ।
क्या है मामला
मीडिया रिपोर्टों में इस कारनामे के खुलासे के बाद जकारिया ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी।
जकारिया ने माफीनामे में इसे गंभीर चूक और सारी गलती स्वीकार कर ली है|
उन्होंने कहा कि हार्वर्ड विश्वविद्यालय के अमेरिकी इतिहास के प्रोफेसर जिल लेपोर के लेख का एक पैरा लेना ‘नैतिक खामी’ है। मैं अपनी गलती स्वीकार करता हूं।
फरीद जकारिया
फरीद जकारिया भारतीय मूल के अमेरिकी लेखक हैं। उनका जन्म 20 जनवरी 1964 को मुंबई स्थित कोंकणी मुसलिम परिवार में हुआ था। उनके पिता भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुडे़ थे। उनकी गिनती इसलामिक विद्वानों में होती थी।
जकारिया की मां एक जमाने में संडे टाइम्स ऑफ इंडिया की संपादक हुआ करती थीं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा मुंबई के जॉन कैनन स्कूल से पूरी की।

अफगान विद्रोहियों के हमले में मरने वाले सैनिकों की संख्या ३१ हुई

मुस्लिम देशों में अमेरिका के विरुद्ध नफरत के कारण अफगानिस्तान में कल सुबह अमेरिका के तीन सैनिकों को मार डाला गया |
। एक हफ्ते के भीतर यह तीसरी घटना है जब अफगान पुलिस कर्मियों ने गठबंधन बलों के अपने सहयोगियों को निशाना बनाया है । अफगान के एक पुलिस अधिकारी ने कल सुबह तीन अमेरिकी मैरीन सैनिकों की गोली मार कर ह्त्या कर दी थी उसके बाद से वह फरार है|
कल चार और अंतरराष्ट्रीय सैनिक मारे गए थे जिससे एक ही दिन में मरने वालों की संख्या सात हो गई । इस इलाके में विद्रोहियों का काफी प्रभाव है । नाटो ने कहा कि तीन सैनिक हमले में मारे गए, जबकि चौथा सैनिक एक अलग हमले में मारा गया । इस साल अफगान बलों या अफगान बलों की वर्दी पहनकर आए विद्रोहियों के हमले में गठबंधन के 31 सैनिक मारे जा चुके हैं । (एजेंसी)

मस्जिद पर बिजली गिरने से १० मरे

बांग्लादेश में शुक्रवार की रात एक मस्जिद पर बिजली गिरने से 10 लोगों की मौत हो गई और 12 घायल हो गए।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक ढाका से लगभग 300 किलोमीटर दूर धर्मापाशा उप-जिले के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शाहिदुल हक ने बताया कि गांव की एक मस्जिद पर बिजली गिरने से 10 लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इस बिजली गिरने के कारण 12 लोगों के घायल होने की खबर है। यह संख्या बढ़ भी सकती है। घायलों को फौरन अस्पताल ले जाया गया। उनका इलाज जारी है।

व्हाइट हाउस की इफ्तार पार्टी में गुरुद्वारे पर हमले की निंदा

राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने सरकारी निवास व्हाइट हाउस में रोजा इफ्तारी का कार्यक्रम का आयोजन किया इस अवसर पर विस्कॉन्सिन में गुरुद्वारे पर हुए हमले की निंदा की और इस हमले को अमेरिकी स्वतंत्रता पर हमला करार दिया है।
श्री ओबामा ने इस हमले में मारे गए लोगों के प्रति अपनी संवेदना भी व्यक्त की। ओबामा ने कहा है कि किसी भी धर्म पर हमला सभी अमेरिकी नागरिकों की स्वतंत्रता पर हमला है। इस तरह के कृत्यों का अमेरिकी समाज में कोई स्थान नहीं है।
व्हाइट हाउस में आयोजित इफ्तार पार्टी से इतर ओबामा ने कहा कि किसी भी धर्म मानने वाले लोगों पर हमला सभी अमेरिका के सभी नागरिकों की स्वतंत्रता पर हमला है। अपने धार्मिक स्थल पर सुरक्षा को लेकर किसी भी अमेरिकी को डरने की जरूरत नहीं है। सभी अमेरिकी नागरिक को खुले और स्वतंत्र होकर अपने धार्मिक काम करने का अधिकार है।
ओबामा ने दोहराया कि हिंसा का अमेरिकी समाज में कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल पर मारे गए और घायल लोगों के प्रति हम शोक व्यक्त करते हैं। ओबामा ने जोर दिया कि धार्मिक स्वतंत्रता के वैश्विक अधिकार की सुरक्षा के लिए अमेरिका प्रतिबद्ध है।
ओबामा द्वारा आयोजित इफ्तार पार्टी में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बाग्लादेश सहित कई देशों के राजदूत शामिल थे। लेकिन भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए अमेरिका में भारत के राजदूत निरुपमा राव और उनके पूर्ववर्ती राजदूत मीरा शकर वहा उपस्थित नहीं थी।