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सतगुरु हमारे पापकर्मों को धो देता है

इक नदिया इक नार कहावत , मैलो नीर भरो ।
जब दोनों मिल एक बरन भये, सुरसरी नाम परौ ।

संत सूरदास जी समझाते हैं कि एक नदी है एक नाला है; नदी में साफ़-सुथरा पानी
है तथा नाले में गन्दा पानी है। हम सांसारिक प्राणी तो काम, क्रोध, मोह, अहंकार, की
माया में फंसे हुए हैं, बुरे कर्मो की गन्दगी से लथ-पथ हैं। प्रभु तो निर्मल जल का समुद्र
है। वह करुणा , दया, प्रेम का अथाह सागर है। जब कोई गन्दा नाला , दरिया में
जाकर मिलता है तो उसका पानी भी साफ़ हो जाता है और दरिया का हम रंग बन
जाता है। इसी तरह हमारी आत्मा और हमारे सतगुरु का मिलाप होता है। हम जब अपने सतगुरु की शरण में जाते हैं तो सतगुरु हमारे पापकर्मों को धो देता है और यतन करते -करते हमारा मन परमात्मा के नाम में लीनता लाभ करने लगता है। और हमारे
अन्दर से काम, क्रोध, मोह, अहंकार, की गंदगी समाप्त हो जाती है।
संत सूरदास जी की वाणी
प्रस्तुति राकेश खुराना

पोलिस और लेनदारों के दबाब से युवक की जान गई

थाना दिल्ली गेट सराय लाल दास[मेरठ] के एक युवक ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली|बताया जा रहा है किपोलिस के उत्पीडन और क़र्ज़ के बोझ के कारण रियाजुद्दीन आत्म हत्या करने को मजबूर हुआ|

पोलिस और लेनदारों के दबाब से युवक ने जान दे दी


चांदी का कारोबार करने वाले रियाजुद्दीन को व्यापार में बड़ा घाटा हो गया जिसके फलस्वरूप देन दारी भी बढ गई|तकाजे रोज होने लगे |लेन दारों ने पोलिस से दबाब बनाया और उसके तीन भाईयों को थाणे बुलवा कर उनका उत्पीडन किया गया |जिससे तनाव में आ कर रियाजुदीन ने अपनी जान दे दी|रियाजुद्दीन ने आठ पेज का सुसाईड नोट छोड़ा है यह परिजनों के गले नहीं उतर रहा|इसे संदेह द्रष्टि से देखा जा रहा है| परिवार जन इसे हत्या मान रहे हैं|

भाजपा के वरिष्ठ नेता ही पार्टी की किरकिरी करने पर तुले हैं : गडकरी के खिलाफ यशवंत सिन्हा भी कूदे

प्रमुख विपक्षी दल बीजेपी एक और तो ऍफ़ डी आई के मुद्दे पर सरकार को घेरने के लिए समर्थन जुटाने में जुटी है मगर दूसरी तरफ उसके अपने वरिष्ठ नेता ही समय समय पर पार्टी का मनौव्वल तोड़ने को आगे आते जा रहे हैं| पार्टी के अपने वरिष्ठ नेता ही पार्टी की किरकिरी कराने पर तुले हैं|अब पार्टी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने अपनी पार्टी के अध्यक्ष नितिन गडकरी के इस्तीफे की मांग उठाई है। समाचार एजेंसी के हवाले से खबर है कि बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा ने भी गडकरी का अध्यक्ष पद से इस्तीफा मांगा है। पीटीआई के मुताबिक यशवंत सिन्हा का कहना है कि गडकरी को फौरन इस्तीफा दे देना चाहिए। सिन्हा ने कहा कि गडकरी दोषी हों या नहीं वो इस्तीफा दें.सिन्हा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारक एस गुरूमूर्ति द्वारा गडकरी को क्लीन चिट दिए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, ‘‘हमें भारत की जनता को उम्मीदों को तोडऩे का कोई अधिकार नहीं है। स्वयं ही प्रमाणपत्र देने का तरीका अपना कर हमने कुछ ऐसा ही किया है।’’ पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के इस चरण में भाजपा की विश्वसनीयता संदेह से परे होनी चाहिए।सिन्हा के मुताबिक मुद्दा ये नहीं है कि हमारे पार्टी अध्यक्ष दोषी हैं या नहीं है। मुद्दा ये है कि सार्वजनिक जीवन में हम सब को आक्षेपों से दूर रहना चाहिए। सिन्हा ने यह विरोधी तेवर उस समय दिखाए हैं जब बी जे पी शीत कालीन सत्र में सरकार के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए समर्थन जुटाने के लिए एडी चोटी का जोर लगा रही है|

बी जे पी की प्रतिक्रया

भाजपा के वरिष्ठ नेता ही पार्टी की किरकिरी करने पर तुले हैं : गडकरी के खिलाफ यशवंत सिन्हा भी कूदे


बीजेपी ने यशवंत की टिप्पणी को अनुचित बताया है। पार्टी प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि पार्टी में यशवंत सिन्हा के लिए फोरम उपलब्ध है। ऐसे में उनकी सार्वजनिक टिप्पणी उचित नहीं है। वो अपनी टिप्पणी पर दोबारा सोचें।
वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के मद्देनजर पार्टी के भीतर से सतह पर उठ रही आवाजों को नजरअंदाज करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को कहा कि वह अपने अध्यक्ष नितिन गडकरी के साथ खड़ी है और उसे उनपर पूरा भरोसा है.

राम जेठमलानी और महेश जेठमलानी

राज्यसभा सांसद राम जेठमलानी ने बीजेपी अध्‍यक्ष नितिन गडकरी के खिलाफ पहले से ही मोर्चा खोल रखा है.| उन्होंने गडकरी को सलाह दी है कि वो पार्टी के हित में और स्वच्छ जांच होने तक पार्टी के अध्यक्ष पद को छोड़ दें.महेश जेठमलानी ने तो पार्टी पद से इस्तीफा भी दे दिया है|

: जगदीश शेट्टीगर

पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य जगदीश शेट्टीगर ने मांग की है कि पूर्ति समूह को संदिग्ध वित्तपोषण के आरोपों के मद्देनजर उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए. उन्होंने देश और पार्टी हित में फैसला लेने को कहा है|

एंड प्राण की हालत बिगड़ी लीलावती अस्पताल में भर्ती

सदी के खलनायक और प्राण या एंड प्राण की हालत अस्वस्थ होने के कारण उन्हें मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। । और प्राण ने साढ़े तीन सौ से अधिक फिल्मों में काम किया है। बेवकूफ+खानदान+औरत+बड़ी बहन+जिस देश में गंगा बहती है+हाफ टिकट+ शहीद+उपकार+पूरब और पश्चिम’+ गुमनाम+ कश्मीर की कली+एन इवनिंग इन पेरिस+ कब क्यूं और कहाँ+राजा और राना+विक्टोरिया २०३ +साधू और शैतान + ‘डॉन’ + दस लाख+जंजीर’+ बोबी +यमला जट्ट[पंजाबी] आदि प्रमुख है |प्राप्त जानकारी के अनुसार ९२ साल के एंड प्राण को सांस लेने में दिक्कत आ रही है| जिसके कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। उन्होंने खलनायक+कामेडियन या चरित्र रोल में अपने दमदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीता। उधर प्राण के अस्वस्थ होने की खबर के बाद उनके प्रशंसक उनके लिए दुआएं मांग रहे हैं। । बताया जा रहा है कि उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है हालांकि उनके परिवार वाले तो यही कह रहे हैं कि प्राण की हालत ठीक है लेकिन वो शुक्रवार से अस्पताल में भर्ती है। परिवार वालों की ओर से बार-बार कहा जा रहा है कि प्राण पूरी तरह से ठीक हैं।
92 वर्ष के पद्म भूषण से सम्मानित प्राण जैसा खलनायक बॉलीवुड में दूसरा कोई नहीं हुआ। कितने सितारे आये गये लेकिन प्राण का मुकाबला कोई नहीं कर पाया है। दर्जनों फिल्मों में खलनायक की भूमिका निभाने वाले फिल्म उपकार से चरित्र किरदार निभाने शुरू किये और उस में भी अपना लोहा मनवाया।इसीलिए पिक्चर की कास्टिंग में एंड प्राण या और प्राण लिखा जाने लगा था जिसकी पुनरावर्ती शशि कपूर के लिए की गई थी| इसके अलावा चांदी की छोटी सी शीशी से शराब की चुस्कियां लेने का अंदाज़ भी पहुत पसंद किया गया| प्रत्येक फिल्म में इनके नए गेटअप भी चर्चा में रहे हैं| अभी हाल ही में उन्होंने

एंड प्राण की हालत बिगड़ी लीलावती अस्पताल में भर्ती


एक किताब भी प्रकाशित करवाई जिसका विमोचन अमिताभ बच्चन ने किया था |

भारत अब थाईलेंड में आतंकवाद के विरुद्ध अभियान में सहायता प्रदान करेगा

भारत अब थाईलेंड में आतंकवाद के विरुद्ध अभियान में सहायता प्रदान करेगा

आतंक वाद का दंश झेल रहा भारत अब थाईलेंड में आतंकवाद के विरुद्ध अभियान में सहायता प्रदान करेगा|यह आश्वासन सोमवार को भारत के प्रधान मंत्री डाक्टर मन मोहन सिंह ने थाई पी एम् यिंग्लिक शिनावात्रा को दिया|कम्बोडिया में जरी आसियान देशों की शिखर वार्ता में भारत और थाई पी एम् की मुलाक़ात हुई जिसमे थाई पी एम् ने अपने देश में छाए आतंकवाद का जिक्र किया और मदद माँगी इसके जवाब में भारतीय पी एम् ने सकारात्मक उत्तर देते हुए हर संभव सहयोग का आश्वासन अपने काउंटर पार्ट को दिया|इसके साथ ही दोनों देशों में आर्तिक सहयोग बढाने पर भी चर्चा हुई

फेस बुक पर लड़कियों की बात तो ठीक ही थी शायद टाईमिंग गलत हो गई

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक सोश्लाईट

ओये झल्लेया ये हसाड़े सोणेलोक तंत्र में क्या भसूडी डाली जा रही है|ओये मुम्बई में 21 साल एक शाहीन धाडा को सिर्फ इसलिए गिरफ्तार कर लिया गया क्योंकि उसने शिवसेना सुप्रीमो बाल ठाकरे की मौत के बाद हुए मुम्बई बंद पर सवाल उठाए थे.हद तो ये हो गई कि इस कमेन्ट को लाईक करने पर आई टी की धारा ६६ ऐ के अंतर्गत रेनू को भी गिरफ्तार कर लिया गया| ओये इस कमेन्ट से कोई धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं भला? सूचना तकनीकी कानून का कोई उल्लंघन होता है? ओये इस लड़की ने माफी मांगी और फेस बुक बंद भी करवा दिया गया मगर उसके बावजूद रविवार रात कुछ लोगों ने ठाणे के पालघर स्थित लड़की के चाचा के आर्थोपेडिक क्लिनिक में जमकर तोड़फोड़ कर दी|ओये एक तरफ तो हसाडे सोणे प्रधान मंत्री डाक्टर मन मोहन सिंह मीडिया की स्वतंत्रत की हिमायत करते नहीं थक रहे | कपिल सिब्बल सरीखे विख्यात वकील आई टी धारा ६६ ऐ को बैलेबल ओफेंस बता रहे हैं| उसके बावजूद भी अदालत ने इन लड़कियों को १४ दिन की रिमांड पर पोलिस को सौंप दिया उसके बाद दबाब पड़ने पर १५०००/=के मुचलके पर छोड़ दिया गया|ओये ऐसे कैसे चलेगा हमारा लोक तंत्र?

फेस बुक पर लड़कियों की बात तो ठीक ही थी शायद टाईमिंग गलत हो गई


झल्ला

बाऊ साहब जी आप जी की बात तो सोलह आने सच है शायद इसीलिए विवादों में घिरे रहने वाले प्रेस कौंसिल के अध्यक्ष रिटायर्ड जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने भी वर्चुअल मीडिया क दमन करने वाले पोलिस कर्मियों को गिरफ्तार करके उनपर अपराधिक मामला चलाने को लिख दिया है| साहब जी ये इन लड़कियों ने कोई गलत बात नहीं की आये दिन होने वाले बंधों पर अदालतें भी टिपण्णी करती आ रही है लेकिन ये तो आप भी मान लो कि अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता का यह उपयोग मुम्बई के हालत को देखते हुए किसी ज्वालामुखी को फटने देने का जरिया बन सकता था|इसीलिए फेस बुक पर इन लड़कियों की बात तो ठीक थी शायद टाईमिंग गलत हो गई| थोड़े समय के बाद इसी कमेन्ट को लाईक करने वालों की तादाद बढना लाज़मी था| अब देखो मार्कंडेय काटजू की ई मेल को मुख्य मंत्री ने महज़ दुसरे केसों की भांति केवल आगे रेफेर करके ही अपना पल्ला झाड़ लिया | झल्लेविचारानुसार कानून को अपने हाथ में लेकर लड़कियों को गिरफ्तार करने वाले पोलिस कर्मियों और उन्हें आदेश देने वाले अधिकारियों पर कार्य वाही शुरू कर देनी चाहिए इसीसे पी एम् की विचारधारा को बल मिलेगा|वरना तो यही कहा जाएगा कि ब्लैक मेन ब्लैक रूल वहाईट मेन व्हाईट रूल एंड माई मेन नो रूल|

मेरठ में एयर पोर्ट को लेकर सपा, रालोद बसपा और भाजपा में राजनीतिक धमासान

बचपन से एक कहावत सुनते आ रहे हैं कि झोतटों की लड़ाई में झुंडों का नाश होता है यह कहावत आज कल यूं पी और ख़ास कर मेरठ की राजनीती में अक्षरह प्रासंगिक है| यहाँ में एक बात साफ़ कर देना चाहता हूँ कि झोतटों का अर्थ बिजार नहीं बल्कि शक्तिशाली और झुण्ड का अर्थ निरीह लिया जा रहा है|शक्ति शाली हैं सिविल एविएशन मंत्री चौधरी अजित सिंह और यूं पी के मुख्य मंत्री अखिलेश यादव|जबकि निरीह हैं मेरठ में एयरपोर्ट का मामला|
बेहद क्षमा के साथ यह कहना चाहता हूँ कि मेरा इरादा किसी का अपमान करने या उनकी तुलना जानवरों से करने कि नहीं है मगर आज कल राजनीति में आये दिन मच्छर+ नाली के कीड़े+डेंगू मच्छर +घोड़ा+बैल और ना जाने किस किस जानवर के रूप में नेताओं को देखा जा रहा है| अब चूंकि कलम समाज के रूप को ही उजागर करती है सो समाज में प्रचलित भाषा का ही प्रयोग का ही चलन है|

मेरठ में एयर पोर्ट को लेकर सपा, रालोद बसपा और भाजपा में राजनीतिक धमासान


मेरठ में विकास की गंगा बहाने के लिए अखिलेश यादव और अजित सिंह दोनों ही आये दिन दावे करते नज़र आ रहे हैं|लेकिन वास्तव में दोनों ही अपने सियासी अहम में फंसे दिखाई दे रहे हैं| चौधरी अजित सिंह जहां मेरठ में एयर पोर्ट के लिए फ्री में जमीन चाहते हैं तो मुख्य मंत्री ऐसी किसी परिपाटी से इनकार करते हुए आगरा या वाराणसी में एयरपोर्ट का विकास करने की सलाह दे रहे है।अब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के इस बयान पर राजनीति में भूचाल आ गया है,
विपक्षी दलों का कहना है कि जब अजित सिंह मेरठ में एयरपोर्ट की स्थापना के लिए देश के 37 एयरपोर्ट की तर्ज पर मुफ्त में जमीन मांग रहे हैं तो मुख्यमंत्री को तत्काल जमीन देकर उनका आग्रह स्वीकार कर लेना चाहिए। इस तरह के बयान देकर उन्होंने यह साबित कर दिया है कि वह मेरठ मंडल की उपेक्षा कर रहे हैं। वह भी तब जब राजस्व वसूली के मामले में प्रदेश में यह क्षेत्र अव्वल है। उद्यमियों व व्यापारियों ने भी इन विपक्षी दलों की बात का समर्थन करते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र प्लानिंग बोर्ड (एनसीआरपीबी) की सिफारिश लागू हुए छह साल बीत गए हैं पर उप्र सरकार की उपेक्षा के चलते एनसीआरपीबी की महायोजना-2021 के तहत एक भी प्रोजेक्ट मेरठ मंडल में लांच नहीं हुआ है। यानि मेरठ मंडल के लिए एनसीआर में शामिल होने का अनुभव भी अच्छा नहीं है।मेरठ में एयर पोर्ट के प्रति उपेक्षा या राजनीती को लेकर बसपा और भाजपा विधान सभा में आवाज उठाने जा रही है जबकि भाजपा इसे लोक सभा में भी उठाने की बात करने लगे हैं|

चौधरी अजित सिंह

केंद्रीय टीम के निरीक्षण के बाद भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के चेयरमैन के अलावा खुद केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री चौधरी अजित सिंह मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र लिख चुके हैं। मेरठ एयरपोर्ट के लिए उन्होंने 133 एकड़ में फैली हवाई पट्टी मुफ्त में एएआइ को हस्तांतरित करने का आग्रह किया है। मुफ्त में जमीन देने की बाबत उन्होंने देश के 18 राज्यों में स्थापित उन 37 एयरपोर्ट की सूची भेजी है, जहां एएआइ को मुफ्त में जमीन मिली है। उप्र के वाराणसी में ही 64.73 एकड़ व लखनऊ में 77 एकड़ जमीन एएआइ को लीज पर मिली है, जिसमें एएआइ के अधीन एयरपोर्ट संचालित है। उन्होंने कहा है कि यदि यह जमीन मिल जाए तो शीघ्र ही इस हवाई पट्टी पर कुछ व्यवस्था कर लखनऊ व इलाहाबाद के लिए उड़ान शुरू की जा सकती है। 7500 वर्ग फीट का रन-वे, समानांतर में टैक्सी ट्रैक, टर्मिनल बिल्डिंग, एटीसी टॉवर, फायर स्टेशन, हैंगर्स, कारगो के साथ-साथ सिविल शेड्यूल प्रचालनों के लिए सी श्रेणी के विमान हेतु विकसित तथा उन्नत करने के लिए अतिरिक्त 433 एकड़ भूमि का अधिग्रहण तथा हस्तांतरण का कार्य एएआइ बाद में कराएगी। इस प्रोजेक्ट पर खर्च होने वाला करीब 250 करोड़ रुपये एएआइ के पास है।
अजित सिंह के अनुसार मेरठ में ही वह हैदराबाद व तमिलनाडु की तरह 600 करोड़ की लागत से विमान रखरखाव, मरम्मत एवं ओवर हॉल (एमआरओ) सेवा शुरू कराने के इच्छुक है, ताकि देश-विदेश से विमान यहां ठीक होने के लिए आएं। इस प्रोजेक्ट के लांच होने पर मेरठ ही नहीं आसपास में न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि औद्योगिक विकास भी होगा।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव

मेरठ की हवाई पट्टी छोटी है, फिर भी केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री चौधरी अजित सिंह उप्र में एयरपोर्ट का विकास करना चाहते हैं तो वह अपना ध्यान मेरठ के बजाए आगरा व वाराणसी पर लगाएं। यह दुनिया भर के पर्यटकों के लिए बेहतर होगा।

एयरपोर्ट निर्माण के लिए शर्तें

[१]एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के मानकों के अनुसार राष्ट्रीय स्तरपर हवाई अड्डे के लिए चाहिए- रनवे 18045 फुट यानि करीब 5552.615 मीटर लंबा व 296 मीटर चौड़ा[२]वर्तमान में मेरठ हवाई पट्टी पर 47 एकड़ जमीन पर रनवे- 1736 मीटर लंबा व 80 मीटर चौड़ा।[३]86 एकड़ जमीन विस्तारीकरण के बाद रनवे- 2700 मीटर लंबा और 200 मीटर चौड़ा[४] 433 एकड़ जमीन और अधिग्रहण करने के बाद रनवे- 7200 मीटर लंबा व 310 मीटर चौड़ा

विपक्षी दलों की दलीलें

बसपा द्वारा यह मामला राज्यसभा में उठाया जाएगा|
बसपा सरकार में यह हवाई पट्टी विकसित हुई। विस्तारीकरण को 86 एकड़ जमीन अधिग्रहण की गई और चारदीवारी कराई गयी। प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप अन्तर्गत मेरठ एयरपोर्ट के लिए परामर्शी का चयन कर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर), संभावना तलाशने के लिए प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट भी तैयार हुई और मेरठ विकास प्राधिकरण की महायोजना-2021 में 1350 एकड़ जमीन का संशोधन प्रस्ताव भी पारित किया गया। मेट्रो सिटी होने के कारण मेरठ में एयरपोर्ट जरूरी है। अजित सिंह की पहल भी सही है। ऐसे में यदि मुख्यमंत्री मेरठ हवाई पट्टी को छोटी बताकर कहीं और एयरपोर्ट की वकालत कर रहे हैं तो वह गलत है। ।
भाजपा इसे लोक सभा में उठायेगी| भाजपा सांसद राजेन्द्र अग्रवाल, के अनुसार वर्ष 2006 में बनी एनसीआरपीबी की महायोजना-2021 में मेरठ में एयरपोर्ट की बात की गई है। एमडीए की महायोजना में भी यह प्रस्ताव शामिल है। ऐसे में अजित सिंह की पहल स्वागत योग्य है, पर मुख्यमंत्री ने मेरठ एयरपोर्ट को लेकर जो बयान दिया है, उसे लोस में उठाया जाएगा।
अजित सिंह की पार्टी – रालोद के प्रदेश अध्यक्ष मुन्ना सिंह चौहान, के अनुसार उनके नेता मेरठ ही नहीं प्रदेश के छह शहरों में एयरपोर्ट बनवाना चाहते हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री ने जिस तरह केवल आगरा में एयरपोर्ट की बात की है, उससे लगता है कि वह सपा के गढ़ वाले क्षेत्र की पैरवी कर रहे हैं। अजित सिंह ने मेरठ के साथ ही आगरा, मुरादाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर में भी एयरपोर्ट विकसित करने की बात की है।
मेरठ के व्यापारियों और उधमियों ने आरोप लगाया है के मेरठ एयरपोर्ट को लेकर मुख्यमंत्री का बयान इस बात का प्रमाण है कि वह इस क्षेत्र का विकास नहीं चाहते हैं। दस नवम्बर को मुख्यमंत्री मेरठ आए तो उन्होंने उद्यमियों व व्यापारियों से मिलने का समय देने के बाद भी उनसे बात नहीं की। पिछले 15 साल से मेरठ मंडल में उद्योग के लिए एक इंच जमीन का अधिग्रहण नहीं हुआ है। इन्फ्रास्ट्रक्चर बदहाल है। ऐसे में यदि मेरठ से हवाई यात्रा का सपना पूरा हो जाता तो उद्यमियों व व्यापारियों को राहत मिलती। मेरठ से रोज 250 लोग विभिन्न स्थानों के लिए दिल्ली से हवाई उड़ान भरते हैं। यदि एयरपोर्ट मेरठ में होगा तो इनकी संख्या दस गुणा तक होगी। हर वर्ष करीब 1200 करोड़ से अधिक का खेल उत्पाद, सोने के आभूषण, दवाई, मीट, आदि उत्पाद विदेशों में यहां से जाते है, वह भी मेरठ एयरपोर्ट से जा सकेगा। इन इकाइयों में तैयार माल मुंबई या कोलकाता बंदरगाह से विदेशों में जाता है। बंदरगाह तक पहुंचने में काफी समय लगता है, लेकिन यहां माल वायुयान से जाने के बाद कुछ हीं घंटों में बंदरगाह पर पहुंच जाएगा।
इतिहास गवाह है मेरठ शुरू से ही उपेक्षा का शिकार रहा है|एन सी आर के लाभ से लेकर हाई कोर्ट की बेंच और रेलवे के लिए डबल लाईन और अब ये एयर पोर्ट का मुद्दा जिस तरह से राजनीती का शिकार हो रहा है उसे देखते हुए कहा जा सकता है के झोत्टों की लड़ाई में झुंडों का नाश हो रहा है|

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धनवंता सोई जानिए, नाम रतन धन होय

कबीर सब जग निर्धना, धनवंता नहिं कोय ।
धनवंता सोई जानिए, नाम रतन धन होय ।
संत कबीर दास जी

धनवंता सोई जानिए, नाम रतन धन होय

भाव : संत कबीर दास जी कहते हैं हम दुनिया में चाहे कितने ही हीरे , जवाहरात , सोना खरीद लें परन्तु फिर भी निर्धन ही रहेंगे , धनवान नहीं बन सकते । वही धनवान है जिसे ‘नाम’ का खजाना मिल गया है और यह नाम का खजाना हमें किसी पूर्ण महापुरुष से ही मिल सकता है ।
संत कबीर वाणी
प्रस्तुती राकेश खुराना

आयरन लेडी इंदिरा गाँधी की 95वीं जयंती पर कृतघ्न राष्ट्र ने उन्हें याद किया

>मेरठ में भी कांग्रेसियों ने इंदिरा गाँधी को याद कियामगर कांग्रेसियों की संख्या कोई उत्साह जनक नहीं थी| संगठन और सरकार के बीच की दूरी को कम करने के लिए किये जा रहे राहुल गांधी के प्रयासों को अंगूठा दिखा रहा है|

पूर्व प्रधानमंत्री [अब स्वर्गीय]इंदिरा गांधी को उनकी 95वीं जयंती पर कृतघ्न राष्ट्र ने याद किया राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी आदि ने दिवंगत नेता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। आज यमुना तट पर इंदिरा गांधी के समाधि शक्तिस्थल पर पुष्पांजलि अर्पित की जा रही है|संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की अध्यक्ष सोनिया गांधी, केंद्रीय मंत्री सुशील कुमार शिंदे और कमलनाथ आदि शक्तिस्थल गए एवं उन्होंने वहां पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुखर्जी, अंसारी और सोनिया ने तिरंगे गुब्बारे आसमान में छोड़े|
इंदिरा गांधी के पुराने रिकार्डेड भाषण के साथ ही देशभक्ति संगीत बजाया गया। प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की बेटी इंदिरा गांधी देश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं। पढ़ाई में एक सामान्य दर्जे की छात्रा रही इंदिरा प्रियदर्शिनी गांधी को विश्व राजनीति में लौह-महि लाके रूप में जाना जाता है |उनका जन्म 19 नवंबर, 1917 को हुआ था देश की पहली महिला प्रधान मंत्री बनी और उन्होंने 16 वर्ष तक इस पद को सुशोभित किया | इंदिरा गांधी हमेशा अपने विरोधियों पर भारी रहीं | चौथे राष्ट्रपति चुनाव में कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार नीलम संजीव रेड्डी की जगह वीवी गिरि को जिताकर उन्होंने इसे और पुख्ता किया था। इंदिरा गांधी के खाते में ‘दुर्गा’, ‘लौहमहिला’, ‘भारत की साम्राज्ञी’ और न जाने कितने टाईटल दर्ज़ हैं|, यह ऐसी नेता की ओर इशारा करते थे, जो आज्ञा का पालन करवाने और डंडे के जोर पर शासन करने की क्षमता भी रखती थी।
उनके शासनकाल में कई उतार-चढ़ाव आए। वर्ष 1975 में आपातकाल लागू करने के फैसले को लेकर इंदिरा को भारी विरोध-प्रदर्शन और तीखी आलोचनाएं झेलनी पड़ी थीं। इंदिरा गांधी ने खुद ही आपातकाल खत्म कर आम चुनाव करवाया। हालांकि कांग्रेस को वर्ष 1977 के चुनाव में हार का सामना करना पड़ा| वर्ष 1980 में उन्होंने भारी बहुमत से वापसी की। फिर वर्ष 1983 में उन्होंने नई दिल्ली में निर्गुट सम्मेलन और उसी साल नवंबर में राष्ट्रमंडल राष्ट्राध्यक्षों के सम्मेलन का आयोजन किया। इनसे भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि सशक्त हुई।
कहा जाता है कि अंतरिक्ष, परमाणु विज्ञान, कंप्यूटर विज्ञान में भारत की आज जैसी स्थिति की कल्पना इंदिरा गांधी के बगैर नहीं की जा सकती थी।
प्रत्येक व्यक्तित्व की अगर सराहना होती है तो उसकी आलोचना भी होती है और इंदिरा गाँधी इसका अपवाद नहीं थी |जहां आज उनकी पूजा करने वाले हैं तो उनकी इमरजेंसी के दंश से पीड़ित भी हैं|।

आयरन लेडी इंदिरा गाँधी की 95वीं जयंती पर कृतघ्न राष्ट्र ने उन्हें याद किया

आयरन लेडी इंदिरा गाँधी की 95वीं जयंती पर कृतघ्न राष्ट्र ने उन्हें याद किया

शिवसेना सुप्रीमो बाल ठाकरे के निधन से शोकाकुल मुम्बई आज भी बंद रहेगी

शिवसेना सुप्रीमो बाल ठाकरे के निधन से मुम्बई अभी भी संभल नहीं पाई है| आज सोमवार को भी सर्राफा बाजार बंद रहेगा. इसके अलावा मुंबई के प्राइवेट स्‍कूल को भी सोमवार को बंद रखा गया है. शिवसेना ने दावा किया है की पार्टी ने इस बंद का ऐलान नहीं किया है.| शिवसैनिकों ने कहा, ‘शिवसेना ने मुंबई में किसी भी तरह का बंद नहीं बुलाया है. सोमवार को बाजार बंद नहीं रहेंगे. थोक व्यापारियों ने पहले बंद का ऐलान किया था, लेकिन अब बंद वापस ले लिया है. ज्वैलर्स दुकान नहीं खुलेंगे यानी जावेरी बाजार बंद रहेगा. जो दुकानदार दुकानें बंद रखेंगे वो अपनी मर्जी से उनके प्रमुख को श्रद्धांजलि देने के लिए ऐसा करेंगे.
बाल ठाकरे के निधन की वजह से मुंबई में सोमवार को प्राइवेट स्कूल बंद रहेंगे. स्कूल मैनेजमेंट ने स्कूलों को बंद रखने का के फैसले के पीछे स्कूल बस एसोसिएशन द्वारा बसें नहीं नहीं चलाने की घोषणा कारण बताई गई है|

शिवसेना सुप्रीमो बाल ठाकरे के निधन से शोकाकुल मुम्बई आज भी बंद रहेगी


इससे पहले रविवार को मुंबई के शिवाजी पार्क में बालासाहेब ठाकरे के पार्थिव शरीर का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. अंतिम दर्शन के लिए प्रत्येक छेत्र से दिग्गज लोग शिवाजी पार्क पहुंचे|. बेटे उद्धव ठाकरे ने अपने पिता को मुखाग्नि दी.|
शिवाजी पार्क में अंतिम संस्कार के समय बालासाहेब के भतीजे और उद्धव ठाकरे के राजनितिक प्रतिद्वंदी राज ठाकरे पूरे ठाकरे परिवार के साथ खड़े रहे, | उन्होंने अपने चाचा के पार्थिव शरीर को कंधा भी दिया. अंतिम संस्कार के समय राज ठाकरे अपनी आँखों में आ रहे आंसूओं को कंट्रोल करते दिखे