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पद्मविभूषण फरीद जकारिया दो अमेरिकी पत्रिकाओं से निलंबित

भारतीय मूल के पद्म विभूषण से सम्मानित अमेरिकी साहित्यकार फरीद जकारिया को अमेरिकी चैनल सीएनएन और टाइम पत्रिका से निलंबित कर दिया है।श्री जकारिया पर अमेरिकी इतिहास के प्रोफेसर जिल लेपोर के लेख का एक पैरा चुराने का नैतिक आरोप है ।
क्या है मामला
मीडिया रिपोर्टों में इस कारनामे के खुलासे के बाद जकारिया ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी।
जकारिया ने माफीनामे में इसे गंभीर चूक और सारी गलती स्वीकार कर ली है|
उन्होंने कहा कि हार्वर्ड विश्वविद्यालय के अमेरिकी इतिहास के प्रोफेसर जिल लेपोर के लेख का एक पैरा लेना ‘नैतिक खामी’ है। मैं अपनी गलती स्वीकार करता हूं।
फरीद जकारिया
फरीद जकारिया भारतीय मूल के अमेरिकी लेखक हैं। उनका जन्म 20 जनवरी 1964 को मुंबई स्थित कोंकणी मुसलिम परिवार में हुआ था। उनके पिता भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुडे़ थे। उनकी गिनती इसलामिक विद्वानों में होती थी।
जकारिया की मां एक जमाने में संडे टाइम्स ऑफ इंडिया की संपादक हुआ करती थीं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा मुंबई के जॉन कैनन स्कूल से पूरी की।

प्रीक्वार्टर में हारने के बावजूद योगेश्वर ने कांस्य हासिल किया

प्रीक्वार्टर फाइनल में हारने के बावजूद भारतीय पहलवान योगेश्वर दत्त ने कांस्य पदक हासिल कर लिया अब भारत की टोकरी में चार कांस्य और एक रजत है|
ओलम्पिक खेलों की कुश्ती प्रतियोगिता में फ्रीस्टाइल के 60 किलो वजन वर्ग के रेपेचेज प्ले ऑफ मुकाबले में शनिवार को उत्तर कोरिया के जांग म्यांग री को हराकर कांस्य पदक हासिल किया।
योगेश्वर ने रेपिचेज राउंड में एक घंटे से भी कम समय में लगातार तीन जीत हासिल करके लंदन ओलंपिक में भारत को कुश्ती स्पर्धा का पहला और कुल पांचवां पदक दिलाया। हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले 29 वर्षीय योगेश्वर चार साल पहले बीजिंग ओलंपिक में पदक से चूक गए थे लेकिन यहां उन्होंने शानदार तकनीक और पहलवानी का जज्बा दिखाया और कांस्य पदक जीता।
प्रीक्वार्टर फाइनल में हारकर योगेश्वर ने रेपेचेज राउंड में प्रवेश किया था क्योंकि उन्हें प्रीक्वार्टर फाइनल में हराने वाले रूस के बेसिक कुदुखोव फाइनल में पहुंचे थे। रेपेचेज राउंड में योगेश्वर को कांस्य पदक के लिए तीन पहलवानों को हराना था। उन्होंने [१]पुएर्तो रिको के पहलवान मातोस फ्रेंकलिन गोमेज को 3-0 [२] ईरान के पहलवान मसूद इस्माइल पूरजोयबारी को 3-1 से हराया। यही जीत का जज्बा तीसरी राउंड के पहलवान के खिलाफ भी बरकरार रहा|
इस ओलंपिक में यह भारत का पांचवां और कुश्ती स्पर्धा में पहला पदक है। लंदन ओलंपिक में अब तक निशानेबाज[१] विजय कुमार रजत पदक जबकि निशानेबाज[२] गगन नारंग, बैडमिंटन खिलाड़ी[३] साइना नेहवाल और महिला मुक्केबाज [४]एमसी मैरीकॉम कांस्य पदक जीत चुके हैं।

मुम्बई में दोपहर में दंगे शाम को पाकिस्तान की भारतीय चौकियों पर फायरिंग???

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां
एक भारतीय
ओये झल्लेया ये क्या हो रहा है?ओये म्यांमार और असाम में भडकी सम्प्रदाईक हिंसा की चिंगारी से मुम्बई में भी शोले भड़काने की साजिश हो रही है| नेताओं ने निर्दोष अल्पसंख्यकों को आज़ाद मैदान में इकट्ठा किया और उन्हें भड़का दिया| पत्थर चले +लाठियां उठी +आंसू गैस फ़ैली और हवाई फायर दागे गए |बेचारे दो लोग मर गए कई लोग घायल हो गए |सरकारी गैर सरकारी गाड़ियां टूटी मीडिया के वाहन जले | पोलिस वालों के साथ ही मीडिया कर्मी भी घायल हुए|
अफ़सोस तो इस बात का है की सत्ता में सहयोगी पार्टी के अलावा दूसरे कई दलों के अल्पसंख्यक नुमाईन्दों ने इसका आयोजन किया था |और ये अपने
लोगों को कंट्रोल नहीं कर पाए तो देश को कैसे कंट्रोल कर पाते होंगें??इन्होने असाम में प्रताडित अल्पसंख्यकों के शिविरों में बाद इन्तेजामी और मीडिया की अनदेखी का आरोप लगा कर लोगों को भड़का दिया|
झल्ला
ओये भोले बादशाहों दरअसल ये राजनीति में वर्चस्व की लड़ाई है| ये तो आप भी मानोगे कि हसाड़े सोणे ते मन मोहने पी एम् ने तत्काल असाम कोकराझाड़ का दौरा भी किया था उन्होंने वहां बँगला देशियों की घुसपैंठ से सीधे इंकार करके अल्पसंख्यकों के जख्मो पर मलहम भी लगाया था उसे मीडिया ने भी दिखाया ही था |दरअसल झलेविचानुसार कहानी कुछ और ही है|
अभी जन्माष्टमी पर हिन्दू वादी संगठनों और कांग्रेसी नेताओं ने गोविन्दाओं से पूरे मुंबई में दही हांडी तुड़वा कर करोड़ों रुपये इकट्ठा किये + खर्च किये और दूसरों से बडत ले ली अब एन सी पी +एस पी आदि दल कैसे पीछे रहते इन्होने अपने वोट बैंक को इकट्ठा किया और अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर दिया |लेकिन हाँ कल जब मुम्बई में जब दंगाई दंगे कर रहे थे तब उसके थोड़ी दिएर के बाद ही पाकिस्तान की तरफ से पञ्च भारतीय चौकियों पर फायरिंग भी की गई|हो सकता है की इन दोनों घटनाओं में कोई लिंक जोड़ना जल्दबाजी होगी मगर एक बात तो साफ़ है की पड़ोसी मुल्क की फौज मौके की तलाश में जरूर है|

भादों बरस कम रहा है पोल ज्यादा खोल रहा है|

सावन सूखा बीत जाने के बाद अब भादों थोड़ा बहुत बरस रहा है मगर बरस कम रहा है ज़रा सी बारिश से ही शहर में जल भराव आम बात हो चली है प्रशासन भी इससे इम्म्यून और जनता आदी हो चली है|जर्जर भवन गिरने के एक खबर बन कर रह जाते हैं|ये बातें तो पुरानी हो चली शायद इसीलिए बारिश ने अब नए भवनों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है|
इस फोटो में दिखाए गए धाराशाही बाउंड्री वाल एक निर्माणाधीन रेसिडेंशियल काम्प्लेक्स की है

नाम की कमाई से कुकर्मों का अंत =कबीरवाणी

नाम की कमाई से कुकर्मों का अंत
जबहिं नाम ह्रदय धरयो, भयो पाप का नास
जैसे चिनगी आग की, परी पुरारी घास

भावार्थ
संत कबीर दास जी कहते हैं जिस समय हमारे ह्रदय में नाम प्रकट हो जाता है, हमारे कुकर्मों का अंत हो जाता है .
जिस प्रकार घास का बड़े से बड़ा ढेर भी चिंगारी से जलकर राख हो जाता है . इसी प्रकार हम संसारी कितने
भी खोटे कर्म कर चुके हों, नाम की कमाई हमारे सब पापों का नाश कर देती है .
कबीर दास जी नाम का प्रताप इस तरह भी बताते हैं –
नाम जपत कोढ़ी भला, चुइ-चुइ पड़े जिस चाम
कंचन देह किस काम की, जिस मुख नाहीं नाम

अर्थात अगर कोई कोढ़ी भी, जिसके घाव से पानी बह रहा है, परन्तु अंतर में वह नाम से जुड़ा हुआ है तो वह
उस व्यक्ति से कहीं अच्छा है, जो सोने जैसी काया लेकर सांसारिक मोहमाया, विषयभोग में लिप्त है.

एक था टाईगर का पाकिस्तान में प्रदर्शन आसान हुआ

सलमान स्टारर ‘एक था टाइगर’ के पाकिस्तान में प्रदर्शित होने की मुश्किल राह आसान होने लगी है|फिल्म के प्रिंट को पाकिस्तान लाने को एन ओ सी दे दी गई है| एनओसी मिलने को फिल्म के निर्माता एक बड़ी राहत के रूप में देख रहे हैं। फिल्म के निर्माताओं को उम्मीद है कि ‘एक था टाइगर’ पाकिस्तान के सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी।
अब फिल्म को पाकिस्तान सेंसर बोर्ड देखेगा और सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो फिल्म के प्रदर्शन की अनुमति मिल जाएगी।
केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के उपाध्यक्ष मोहम्मद अशरफ गोंडाल के अनुसार फिल्म को लेकर सदस्यों में एक राय नहीं है।
उन्होंने कहा कि सीबीएफसी के अध्यक्ष शहनवाज नून पूरी फिल्म देखने के बाद अंतिम रिपोर्ट सौंपेंगे।
पाकिस्तान में फिल्म के वितरक ‘आईएमजीसी ग्लोबल इंटरटेनमेंट’ के अमजद रशीद ने कहा, सेंसर बोर्ड ने फिल्म का प्रिंट 12 अगस्त तक सौंपने को कहा है। बोर्ड 13 अगस्त को पूरी फिल्म देखेगा और इसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
उम्मीद जताई जा रही है कि‘एक था टाइगर’ ईद तक पाकिस्तानी सिनेमाघरों में ईद के तोहफे के रूप में पदर्शित होने लगेगी।
इसके पहले, फिल्म के निदेशक कबीर खान ने कहा, पाकिस्तान में सलमान खान काफी लोकप्रिय हैं और सबकुछ के बावजूद फिल्म ईद के मौके पर प्रदर्शित हो जाएगी।
कबीर ने कहा था कि फिल्म में आपत्तिजनक संवाद नहीं हैं और हमें उम्मीद है कि पाकिस्तान की सरकार फिल्म के प्रदर्शन की अनुमति दे देगी।

आटे में नमक ठीक नमक में आटा गलत = शिवपालयादव

थोड़ी चोरी को जायज ठहराने वाले ब्यान से पलट जाने के बावजूद पी डब्लू डी मंत्री शिवपाल यादव का पीछा पूरी तरह से अभी तक छूटा नहीं है की उन्होंने एक नया शोशा छोड़ दिया है इससे उनके अपने भतीजे अखिलेश यादव की सरकार के लिए बार फिर शर्मसार होना पड़ सकता है|
शनिवार को इलाहाबाद में कुंभ मेले की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे शिवपाल यादव की जुबान फिर फिसल गई। उन्‍होंने कहा, ‘निर्देश दे दिए हैं…पूरी तरह से… और समय से… और क्वालिटी में कोई समझौता नहीं। कहीं पर भी किसी तरीके का समझौता नहींद…कमीशनखोरी, क्‍वॉलिटी में कहीं पर कोई कमी नहीं आएगी। चाहे सिंचाई विभाग का काम हो, या फिर नलकूपों का काम हो।’
अभी दो दिन पहले ही शिवापल सिंह यादव ने बंद कमरे की एक बैठक में अधिकारियों को चोरी करने की सलाह दे डाली थी। शिवपाल सिंह यादव ने कहा था कि मेहनत से काम करने वाले अधिकारी चोरी कर सकते हैं लेकिन डकैती न डाले। हालांकि बाद में शिवपाल सिंह यादव ने अपने इस बयान के लिए मीडिया को जिम्मेदार ठहराया था।लगता है की मंत्री का इशारा उस कहावत की तरफ था कि आटे में नमक खाते रहो नमक में आटा मत मिलाओ

मुम्बई की हिंसा में दो की मौत

समाचार एजेंसी पी टी आई के हवाले से बताया जा रहा है कि मुम्बई में आज दोपहर भड़की हिंसा में दो लोगों कि मौत हो गई है और लगभग ३०लोग जख्मी हो गए है | हालत काबू में बताये जा रहे हैं|
असाम और म्यांमार में हो रहे दंगो के विरोध में मुम्बई के आज़ाद मैदान में हजारों लोग आज इकट्टा हुए तीन से सवा तीन बजे दोपहर में अचानक भीड़ उग्र हो गई और पथराव शुरू कर दिया|पोलिस+मीडिया के ओ बी वाहन फूकं दिए गए \बी ई एस टी की बसें तोड़ दी गई और निजी वाहनों को भी निशाना बनाया गया |पोलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए लाठी चलाई आंसू गैस के गौले छोड़े और हवाई फायर भी किया तब जाकर हिंसा पर उतारू भीड़ को काबू पाया जा सका |
बताया जा रहा है कि असाम और म्यांमार के दंगों और रिफ्यूजी केम्पों के प्रति मीडिया के उपेक्षा पूर्ण रवैये के प्रति अधिक आक्रोश था |
अधिक समाचार के लिए कृपया ” सुरक्षा की द्रष्टि से मुम्बई में अलर्ट घोषित कर दिया गया है” पर भी जाएँ

सुरक्षा की द्रष्टि से मुम्बई में अलर्ट घोषित कर दिया गया है

मुंबई पोलिस कमिशनर अरूप पटनायक ने अभीअभी मीडिया को संबोधित करते हुए यह भरोसा दिलाया है कि वहां हालत काबू में हैं |उन्होंने कहा कि ईश्वर की कृपा या आप लोगों के सहयोग से या ना मालूम किसके आशीर्वाद से आज मुम्बई बच गई |वरना बड़ा नुक्सान हो सकता था |उन्होंने बताया कि दक्षिण दिल्ली के इस आज़ाद मैदान में २०-२५ हज़ार लोगों के बीच सब कुछ शांति से चल रहा था |अचानक ३ या सवा तीन बजे के बाद एक दम भीड़ हिंसक हो गई लेकिन कमिशनर स्वयम मंच पर पहुँच गए और उग्र हो रहे वक्ताओं से बात करके उन्हें सम्भाला |यदपि कमिषर ने यह दावा किया कि उन्होंने सभी सुरक्षात्मक कदम उठा रखे थे और इसी रण निति के तहत वरिष्ठ अधिकारी वहां थे मगर इसी निति के तहत फ़ोर्स ज्यादा नहीं रखी गई थी उनका यह कहना था कि अगर फ़ोर्स ज्यादा तैनात की जाती तो उग्र भीड़ और हिंसक हो सकती थी
सुरक्षा की द्रष्टि से मुम्बई में अलर्ट घोषित कर दिया गया है
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असाम के दंगों के विरोध में मुम्बईकर भड़के हालत काबू में

अफगान विद्रोहियों के हमले में मरने वाले सैनिकों की संख्या ३१ हुई

मुस्लिम देशों में अमेरिका के विरुद्ध नफरत के कारण अफगानिस्तान में कल सुबह अमेरिका के तीन सैनिकों को मार डाला गया |
। एक हफ्ते के भीतर यह तीसरी घटना है जब अफगान पुलिस कर्मियों ने गठबंधन बलों के अपने सहयोगियों को निशाना बनाया है । अफगान के एक पुलिस अधिकारी ने कल सुबह तीन अमेरिकी मैरीन सैनिकों की गोली मार कर ह्त्या कर दी थी उसके बाद से वह फरार है|
कल चार और अंतरराष्ट्रीय सैनिक मारे गए थे जिससे एक ही दिन में मरने वालों की संख्या सात हो गई । इस इलाके में विद्रोहियों का काफी प्रभाव है । नाटो ने कहा कि तीन सैनिक हमले में मारे गए, जबकि चौथा सैनिक एक अलग हमले में मारा गया । इस साल अफगान बलों या अफगान बलों की वर्दी पहनकर आए विद्रोहियों के हमले में गठबंधन के 31 सैनिक मारे जा चुके हैं । (एजेंसी)