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तमिल नाडू में श्रीलंकन क्रिकेटर्स नही खेलेंगे:पिक्चर अभी बाकी है

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक क्रिकेट प्रेमी

ओये झल्लेया हसाडी राजनीती किस दिशा में हमें ले जा रही है ? अब तमिल नाडू में फरमान जारी हो गया है कि तमिल नाडू में होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग [आई पी एल ]के मई में दो मैचों में श्रीलंकन प्लेयर्स को खेलने नही दिया जाएगा| ओये यार कल कहा जाएगा कि पूरे देश में श्रीलंकन प्लेयर्स को खेलने नहीं दिया जाएगा|भाई ऐसा कैसा चलने दिया जा रहा है|

झल्ला

अरे मेरे भोले बालक ये लड़ाई राजनितिक वर्चस्व के लिए है|वहां की विपक्षीऔर केंद्र में यूं पी ऐ की सहयोगी रही पार्टी डी एम् के ने श्रीलंका में तमिल के उत्पीडन को मुद्दा बना कर एक बड़ी लकीन खींच दी है|अब २०१४ के चुनाव आने वाले हैं इन चुनावों में कहीं डी एम् के के हाथ तीर न लग जाये इसीलिए मुख्य मंत्री जय ललिता ने यह तुक्का चला दिया है|अब आई पी एल वाले भी ठहरे शुद्ध व्यापारी सो उन्होंने इस तुक्के को भी सर आँखों पर धारण करके मान लिया कि तमिल नाडू में खेले जाने वाले दोनों मैचों में श्रीलंकन प्लेयर्स को नही खिलाया जाएगा|मैच अगले माह पूरे देश में

तमिल नाडू में श्रीलंकन क्रिकेटर्स नही खेलेंगे:पिक्चर अभी बाकी है

तमिल नाडू में श्रीलंकन क्रिकेटर्स नही खेलेंगे:पिक्चर अभी बाकी है

खेले जाने हैं सो पिक्चर अभी बाकी है|

संत अपना प्यार सर्वत्र फैलाकर मानव को प्रेम और भक्ति के मार्ग पर लाते हैं

संत अपना प्यार सर्वत्र फैलाकर मानव को प्रेम और भक्ति के मार्ग पर लाते हैं

संत अपना प्यार सर्वत्र फैलाकर मानव को प्रेम और भक्ति के मार्ग पर लाते हैं

संत महिमा अपार है |संत हमारे व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं|संत ही हमें ईश्वरीय प्रेम का अनुभव करते हैं|
संत की महिमा का वर्णन करते हुए बताया गया है कि संत प्रेम का साकार रूप होते हैं । वे हमें सिखाते हैं कि हम अपना जीवन किस तरह का बनायें । संत जानते हैं कि आत्मिक विकास की प्राप्ति के लिए हममें नैतिक गुणों का होना जरुरी है क्योंकि इन सदगुणों में प्रेम छिपा होता है ।संत अपना प्यार सर्वत्र फैलाकर हमें प्रेम और भक्ति के मार्ग पर लगा देते हैं । प्रभु के धाम तक पहुँचने के लिए हमें प्राणिमात्र के प्रति प्रेम भरा ह्रदय रखना होगा । इसप्रकार का प्रेमपूर्ण जीवन अपना लेने पर हमारा जीवन प्रभु तक पहुँचने योग्य हो जायेगा और फिर संत हमें ईश्वरीय प्रेम का स्वाद चखाकर हममें उस अमृत को ज्यादा से ज्यादा पाने की इच्छा जगाते हैं ताकि हम अंतर में उतर जाएँ । जितना हम अंतर में जायेंगे , हमें उतना ही अधिक ईश्वरीय प्रेम का अनुभव प्राप्त होगा । आखिर में जब हम सचखंड पहुँच जाते हैं , हमें संत की आत्मिक महानता का अनुभव होता है ।
प्रस्तुति राकेश खुराना

पांच दिन के उपवास में अरविन्द केजरीवाल के शरीर का वजन साड़े पांच किलो घटा :असहयोगियों की संख्या २६९४२३ हुई

उपवास में अरविन्द केजरीवाल के शरीर का वजन साड़े पांच किलो घटा :असहयोगियों की संख्या २६९४२३ हुई

उपवास में अरविन्द केजरीवाल के शरीर का वजन साड़े पांच किलो घटा :असहयोगियों की संख्या २६९४२३ हुई

आम आदमी पार्टी के उपवास के पांचवे दिन आज असहयोगियों की संख्या २ .६९ लाख तक पहुंची|उपवास पर बैठे अरविन्द केजरीवाल के स्वास्थय में गिरावट जारी है|मेडिकल बुलेटिन में बताया गया है कि [
[१] यूरिन केटों Ketone ]का स्तर =4+
[२]ब्लड प्रेशर =114/७०
[३]पल्स = ७४
[४] शुगर =१०८
[५] वजन =[६५-५९.५]=५.५ के जी

आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता के अनुसार बेशक अरविन्द केजरीवाल का स्वास्थ्य गिर रहा है मगर उनका हौंसला बुलंद हैऔर उनके असहयोग आन्दोलन के साथ जुड़ने वालों की संख्या २.६९ ४२३ पर जा पहुंची है|पार्टी के दावे के अनुसार दिल्ली के निवासियों का सरकार के प्रति डर अब कम हो रहा है और यही इस उपवास का उद्देश्य भी है|

रक्षा लेखा विभाग के कर्मियों के दो संघों के आपसी मतभेदों को लेकर रक्षा लेखा विभाग की फजीहत हो रही है

रक्षा लेखा विभाग के कर्मियों के दो संघों के आपसी मतभेदों को लेकर रक्षा लेखा विभाग की फजीहत हो रही है

रक्षा लेखा विभाग के कर्मियों के दो संघों के आपसी मतभेदों को लेकर रक्षा लेखा विभाग की फजीहत हो रही है

रक्षा लेखा विभाग के कर्मियों के दो संघों के आपसी मतभेदों को लेकर रक्षा लेखा विभाग की फजीहत हो रही है|विभाग ने इससे अपने को अलग करते हुए आपस में ही विवाद को सुलझाने को कहा है|
रक्षा लेखा विभाग के कर्मियों के संघ [कोलकत्ता मुख्यालय]ने मुख्यालय पुणे के घटक पर धोखा धडी का आरोप लगाते हुए रक्षा लेखा विभागाद्यक्ष महानियंत्रक[सी जी डी ऐ] से उचित कार्यवाही की मांग की है|
कोलकत्ता मुख्यालय के राष्ट्रीय अध्यक्ष यतेन्द्र चौधरी ने प्रेम कुमार खन्नाएस ऐ ओ प्रशा] को प्रेषित पत्र में पुणे मुख्यालय की वेबसाइट के हवाले से निम्न तथ्यों को उठाया है;
[१]जे सी एम् थर्ड स्तर के गठन की प्रक्रिया में रक्षा लेखा महानियंत्रक कार्यालय द्वारा कोलकत्ता एसोसिएशन की मदद की है|
[२]दिनक १३ मई २०११ को आयोजित जे सी एम् की बैठक में जो कुछ भी हुआ उसमे मुख्यालय की भूमिका से नकारा नहीं जा सकता
[३] मुख्यालय ने मीटिंग के कार्यवृत में उपयुक्त सूचना नही दी जिससे सदस्यों में गलत सन्देश गया है
इसके अलावा दिनांक ३ अप्रैल २०१२ के पैरा २ में भी भ्रामक तथ्य दिए गए हैं |
उपरोक्त सारी सूचनाएं भ्रामक हैं और स्पष्टीकरण जरुरी है|
श्री यतेन्द्र के इस पत्र के संदर्भ में उलन बटार स्थित रक्षा लेख महानियंत्रक कार्यालय ने २६ मार्च २०१३ को अखिल भारतीय रक्षा लेखा संघ की पुणे घटक के अध्यक्ष सुहास सफाई से स्पष्टीकरण मांगा है| पी के राय ने दोनों घटकों के आपसी मतभेदों में मुख्यालय को शामिल नहीं किया जाय |

चश्मा चडा है हर तरफ कोई नज़र नही पिलाती: रिंद बने नहीं जन्नत भी हाथ से गई

नज़रें मिलते ही दीखता था कभी रंग गुलाबी ।
दिल से लेकर आत्मा भी हो जाती थी शराबी ।।
इस उम्र में ये क्या सितम है मेरे पालन हार।
न ही वोह नज़र है और ना ही वोह खुमार।।
चश्मा चडा है हर तरफ कोई नज़र नही पिलाती
लाल,गुलाबी रंग शबाबी सारे हो गए अब किताबी
शराब के भी पैग अब तो बस मिलते हैं हिसाबी|
रिंद तो बन नहीं सके जन्नत भी हाथ से गई

अमेरिका में भारतीय मूल का छात्र सुनील त्रिपाठी पिछले दो सप्ताह से लापता है

अमेरिका में भारतीय मूल का एक छात्र पिछले दो सप्ताह से लापता है। यह छात्र ब्राउन युनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहा था। उसका नाम सुनील त्रिपाठी बताया गया है।उसे ढूंढ़ने के लिए सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर भी एक पेज बनाया गया है|सोशल साईट [ Facebook पेज] Help Us Find Sunil Tripathi के अनुसार अभी तक उसके बारे में अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।सोशल साईट के इस पेज पर लापता छात्र के अनेकों फोटो भी डाले गए हैं|अमेरिकन मीडिया के अनुसार अमेरिकी प्रशासन सुनील की खोज में जुटा है। इसमें फेडरल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन (एफबीआई) भी मदद दे रहा है|
प्राप्त जानकारी के अनुसार सुनील को अंतिम बार 16 मार्च को विश्वविद्यालय परिसर में देखा गया था। उसने नीली रंग की जींस, काले रंग का जैकेट, चश्मा और ऊनी टोपी पहन रखी थी। उसकी लंबाई करीब छह फुट बताई गई है
सुनील की परवरिश पेंसिलवेनिया के रेडनर में हुई है। वह 2008 से रोडे द्वीप के प्रोविडेंस में रह रहा था। उसके परिजनों का कहना है कि वह अच्छा सैक्सोफोन वादक है। छात्र की तलाश में jamosnews.com परिवार भी शामिल है|

दिग्विजय सिंह सत्ता के दूसरे वैकल्पिक केंद्र के साथ भाग्य आजमा रहे हैं तो इसमें एतराज क्या है

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक दुखी कांग्रेसी

ओये झल्लेया ये हसाड़े राजा दिग्विजय सिंह को कौन सा कीड़ा काट गया ?ओये अच्छे खासे भाजपाइयों को निशाना बनाते बनाते अब अपनी कांग्रेस को ही ले बैठे |राजा जी कह रहे हैं कि सरकार में एक नहीं सत्ता के दो केन्द्र हैं |[१] यूं पी ऐ अध्यक्षा[२]पी एम्
और यहीं नही रुक रहे |कह रहे हैं कि यह व्यवस्था ठीक नहीं है सत्ता का एक मात्र केंद्र प्रधान मंत्री ही होना चाहिए|अब राजा जी के इस फरमान को भाजपाई चुनावी मुद्दा बनाने के धमकी देने लगे हैं| भई एक बात बताओ हसाडी अध्यक्षा श्रीमती सोनिया जी ने ही तो डाक्टर मन मोहन सिंह को पी एम् बनाया है ऐसे में कैसे पी एम् से कम रह सकती हैं|पी एम् से ऊपर नहीं तो बराबर रहना तो बनता ही है|

दिग्विजय सिंह सत्ता के दूसरे वैकल्पिक केंद्र के साथ भाग्य आजमा रहे हैं तो इसमें एतराज क्या है

दिग्विजय सिंह सत्ता के दूसरे वैकल्पिक केंद्र के साथ भाग्य आजमा रहे हैं तो इसमें एतराज क्या है


झल्ला

ओ मेरे चतुर सुजाण जी ये तो आप भी मानोगे कि आपके राजा जी ने अपने बयानों से आपकी सत्ता के कन्द्रों को संभाले रखा है |लेकिन दुर्भाग्य से इन्हें संभालने के लिए कोई आगे नहीं आया|वैसे तो इतिहास गवाह है जब किसी को भी बेरोकटोक काटने की आदत पड़ जाती हैऔर काटने के लिए उसे कोई नहीं मिलता तब वोह अपने को ही काटने लगता है|
इन्होने एक केंद्र को संभालने के लिए उस केंद्र के महत्वपूर्ण केंद्र राहुल गाँधी को पी एम् बनाने के लिए पार्टी में बज रहे बैंड में अपने ट्रम्पेट को शामिल किया तो आपलोग भड़क गए|ऐसे में झल्लेविचरानुसार सत्ता के दूसरे वैकल्पिक केंद्र के साथ भाग्य आजमाने में क्या हर्ज़ है?

हवाई जहाज़ों के तेल की कीमतों में बेतहाशा बढोत्तरी के नकारात्मक परिणाम आने लगे हैं

हवाई जहाज़ों के तेल की कीमतों में बेतहाशा बढोत्तरी के नकारात्मक परिणाम आने लगे हैं

हवाई जहाज़ों के तेल की कीमतों में बेतहाशा बढोत्तरी के नकारात्मक परिणाम आने लगे हैं

एविएशन सेक्टर अब लग्जरी यात्रा नहीं वरन एक जरुरत बनती जा रही है शायद इसीलिए केंद्र सरकार द्वारा इसके विकास के लिए नित नए प्रयोग किये जा रहे हैं मगर दुर्भाग्य से इसके लगातार दोहन से यह घाटे का व्यापार बनता जा रहा है|अब इस छेत्र में थोपे जा रहे टैक्स के बोझ से कम्पनियाँ कराहने लगी हैं |यात्रियों की संख्या में गिरावट आने लगी है और विदेशों से भी यहाँ एविएशन तर्बाईन फ्यूल [ऐ टी ऍफ़]की कीमत कम करने के लिए दबाब आने लग गए हैं|
देश में इस समय लगभग १२५ एयर पोर्ट्स हैं यहाँ पर आने जाने वाले जहाज़ों के लिए ऐ टी ऍफ़ खरीदने वालों कोअपने खर्चे का ४५ % तक फ्यूल टैक्स देना पड़ता है| इंटर नॅशनल एयर ट्रांसपोर्ट अथोरिटी के महा निदेशक टोनी टाइलर के हवाले से मीडिया ने छापा है कि विश्व में एयर लाइन्स को अपने खर्चे का एक तिहाई भार फ्यूल के लिए वहां करना पड़ता है जबकि दिल्ली जैसे अति आधुनिक और अन्तराष्ट्रीय स्तर के एयर पोर्ट पर यह खर्चा ४५% तक जा पहुंचता है| उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार बीते एक वर्ष में फ्यूल कास्ट में १२% की बढोत्तरी की गई है|
अब ऐसा नहॆएन कि सरकार ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाये |एयर लाइन्स को अपनी विदेशी उड़ान के दौरान विदेश से सस्ता फ्यूल लाकर बचत का एक मार्ग दिया गया था लेकिन किसी भी कम्पनी ने इसका फायदा उठाने के लिए पहल नही की |बाद में कहा जाने लगा कि फ्यूल स्टोरेज के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर जरुरी है और यह बेहद खर्चीला होने के कारण उनके बूते से बाहर है|मौजूदा तीनो तेल कंपनियों ने निजी एयर लाइन्स के लिए अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर के प्रयोग के लिए अपर्याप्त बता दिया है|
फ्यूल कास्ट में इस तरह कि बेतहाशा बढोत्तरी के नकारात्मक परिणाम भी आने लगे हैं|
[१]अधिकाँश एयर लाइन्स घाटे का रोना रो रही है और कुछ मैदान छोड़ने की तैय्यारी में हैं|दो तीन कम्पनियाँ फायदे में हैं लेकिन इसके लिए सुरक्षा नियमों को तक पर रखा गया है| और इनके प्लेन की दुर्घटना की खबरें आने लग गई हैं|एयर इंडिया के साथ +इंडिगो+स्पाईस जेट +जेट एयरवेज के जहाज़ों के एक्सीडेंट की खबरें प्रकाशित हुई हैं|
[२]केंद्र सरकार के ऍफ़ डी आई सम्बन्धी एक ड्रीम प्रोजेक्ट के अपेक्षित परिणाम नहीं आ रहे हैं|इसके कुछ और कारण भी हो सकते हैं मगर फिलहाल तो फ्यूल कास्ट में बढोत्तरी को ही इंगित किया जा रहा है|

बुराई और अन्धकार के विरुद्ध जंग में होलिका और चाँद एक दुसरे के गवाह बने

बुराई और अन्धकार के विरुद्ध जंग में होलिका और चाँद एक दुसरे के गवाह बने

बुराई और अन्धकार के विरुद्ध जंग में होलिका और चाँद एक दुसरे के गवाह बने

होलिका और चाँद की रौशनी कोएक साथ देखने का अनुभव अनूठा है|यहाँ दिखाए जा रहे द्रश्य में बुराई और अन्धकार के विरुद्ध जंग में होलिका और चाँद एक दुसरे के गवाह बन रहे है| एक बुराइयों को जला कर अच्छाई फैला राह है तो दूसरा अपने शीतल प्रकाश से जग को रोशन कर रहा है|.
फोटो – दीपक शर्मा

कांग्रेसी विधायक विश्वजीत राणे ने गोवा में बिहारी मजदूरों का विरोध करके केंद्र की बिहार के प्रति सहानुभूति को कटघरे में खडा किया

कांग्रेसी विधायक विश्वजीत राणे ने गोवा में बिहारी मजदूरों का विरोध करके केंद्र की बिहार के प्रति सहानुभूति को कटघरे में खडा किया

कांग्रेसी विधायक विश्वजीत राणे ने गोवा में बिहारी मजदूरों का विरोध करके केंद्र की बिहार के प्रति सहानुभूति को कटघरे में खडा किया

कांग्रेस नीत केन्द्रीय सरकार एक तरफ तो बिहार को विशेष राज्य का दर्ज़ा देने की संभावनाएं तलाश रही है तो दूसरी तरफ कांग्रेस के नेता प्रदेशों में बिहारी मजदूरों को खदेड़ने की वकालत करने लगे है| बिहारी मजदूरों के खिलाफ जहर उगलने के लिए अब गोवा में कांग्रेसी विधायक विश्वजीत राणे का नाम सामने आया है|,। कांग्रेसी विधायक विश्वजीत राणे ने विधानसभा के अंदर खनन क्षेत्र में काम कर रहे उड़िया-बिहारी मजदूरों को सूबे से खदेड़ने की मांग उठाई है|गोवा के पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में पहले से ही बिहारियों के खिलाफ आवाजें उठाई जाती रही हैं |
विधायक राणे के अनुसार खनन के काम पर पाबंदी के बाद दूसरे सूबों से आये मजदूर अपराध में लिप्त हो गए हैं। इन्हें निकाले बिना सूबे में जुर्म की बढ़ती दर काबू नहीं की जा सकती है।
,विश्वजीत राणे ने बजट सत्र के दौरान आज मंगलवार को प्रश्नकाल में बढ़ते अपराध का जिक्र करते हुए कहा, सूबे के खनन क्षेत्र में बड़ी तादात में बिहार-ओड़िशा [उड़िया] के लोग ठेके पर काम कर रहे हैं। खनन का काम बंद होने से बाहरी राज्यों से यहां काम करने आए लोग बेरोजगार हो गए। इसके चलते वे लूटपाट के काम में लिप्त हो गए हैं। अपराध नियंत्रण के लिए इन्हें राज्य से निकाला जाना जरुरी है| मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिक्कर ने राणे की बात का जवाब देते हुए कहा,गृह विभाग गैर प्रांतीय मजदूरों और यहां लाने वाले ठेकेदारों को चिन्हित करेगा। उन्होंने कहा, अवैध खनन चिंता का विषय है। इस पर रोक नहीं लगी तो वैश्विक आतंकी दाऊद भी इसमें निवेश कर सकता है।
हेगड़े ने रविवार को राज्य सरकार द्वारा खनन क्षेत्र पर पाबंदी के बाद इस क्षेत्र को आर्थिक पैकेज देने के प्रस्ताव का यह कहते हुए विरोध किया था कि खनन के काम में अंडरव‌र्ल्ड का दखल है,इस काम में लगे लोग मुआवजे का दावा नहीं कर सकते। ऐसे तो दाऊद पकड़ा जाएगा तो भी बहुत से लोग बेरोजगार हो जाएंगे। गौरतलब है कि एमबी शाह आयोग द्वारा 35 हजार करोड़ के अवैध खनन घोटाले की रिपोर्ट के बाद इस तटीय प्रदेश गोवा में खनन कार्य पर पाबंदी लगा दी गई है।
बिहारी मजदूरों को समस्या बता कर अवैध खनन की राजनीति से ध्यान हटाने का यह प्रयास हो सकता है|लेकिन एक तरफ केंद्र में बिहार को अति पिछड़ा राज्य स्वीकारने की जद्दो जहद चल रही है तो दूसरी तरफ गोवा में कांग्रेस के ही विधायक बिहारिओं के खिलाफ बोल रहे हैं जाहिर है इससे केंद्र सरकार की बिहार के प्रति दिखाई जा रही सहानुभूति पर प्रश्न चिन्ह लगाना स्वाभाविक है|