Ad

Tag: MinistryOfPetrolium

१० लाख से अधिक आय वाले परिवार को एलपीजी पर सब्सिडी नही

[नई दिल्ली]१० लाख से अधिक आय वाले परिवार को एलपीजी पर सब्सिडी नही|
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार
यदि पिछले वित्त वर्ष में उपभोक्ता या उसके पति/पत्नी की कर योग्य आय 10 लाख रुपए से अधिक थी तो उसे एलपीजी सब्सिडी लाभ नहीं मिलेगा
देश में अभी 16.35 करोड़ एलपीजी उपभोक्ता हैं। पहल योजना(डीबीटीएल) के लागू होने के साथ सब्सिडी सीधे तौर पर 14.78 करोड़ उपभोक्ताओं को अंतरित की जा रही है ।
सरकार द्वारा संपन्न लोगों से एलपीजी सब्सिडी छोड़ने की अपील के उत्तर में अब तक 57.50 लाख उपभोक्ताओं ने एलपीजी सब्सिडी छोड़ दी है । ‘गीव इट अप’ अभियान से बचाई गई सब्सिडी का उपयोग ‘गीव बैक’ अभियान के अंतर्गत बीपीएल परिवारों को नए कनेक्शन देकर किया जा रहा है ।
इससे गरीब घरों में केरोसिन , कोयला , लकड़ी ईंधन, उपला जैसे परंपरागत ईंधनों की जगह स्वच्छ ईंधन पहुंचेगा और गरीबों को स्वास्थ्य के खतरों से मुक्ति मिलेगी ।
हालांकि अनेक उपभोक्ताओं ने स्वयं सब्सिडी छोड़ी है , लेकिन यह महसूस किया जा रहा है कि उच्च आय वर्ग के लोगों को बाजार मूल्य पर एलपीजी सिलेंडर दी जाए। इसलिए सरकार ने वैसे उपभोक्ताओं को एलपीजी सब्सिडी लाभ नहीं देने का निर्णय लिया है जिनकी पिछले वित्त वर्ष में कर योग्य आय आयकर अधिनियम, 1961 के अंतर्गत 10 लाख रुपए से अधिक थी ।
फोटो कैप्शन
पी एम एल पी जी बाँटते हुए
फाइल फोटो

केरोसिन पर भी एलपीजी की तर्ज पर ही सीधे सब्सिडी मिलेगी

[कोलकाता] केंद्रीय सरकार अब एलपीजी की तर्ज पर ही केरोसिन पर भी सीधे सब्सिडी मुहैया कराने की योजना बना रही है।इसकी जानकारी आज पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धमेंद्र प्रधान ने सीआईआई की गोष्ठी में दी |
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जरूरतमंद तबके को सब्सिडी मुहैया कराने के लिए एलपीजी की तरह केरोसिन पर भी सीधे सब्सिडी मुहैया कराने की योजना बनाई जा रही है।
उपभोक्ताओं से एलपीजी, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस से जुड़ी सब्सिडी छोड़ने की अपील करते हुए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धमेंद्र प्रधान ने आज दोहराया कि अब समय आ गया है कि सरकार को सब्सिडी के मुद्दे पर विचार करना चाहिये |
प्रधान ने कहा ‘‘वित्त मंत्री ने मुझसे यह पूछा कि क्या एलपीजी सब्सिडी प्राप्त करे वाले उपभोक्ताओं के लिए आय सीमा तय किये जाने पर विचार करने का समय आ गया है। मैंने उनसे कहा कि इस पर विचार करने की जरूरत है।’’
उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण लागू करने के बाद से पिछले वित्त वर्ष के दौरान सरकार को 15,000 करोड़ रपए की बचत हुई है।
प्रधान ने कहा कि तीन करोड़ नकली एलपीजी कनेक्शन खत्म किए गए जिससे यह बचत हुई।
मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार जरूरतमंद तबके को सब्सिडी मुहैया कराने के लिए एलपीजी की तरह केरोसिन पर भी सीधे सब्सिडी मुहैया कराने की योजना बना रही है।उन्होंने कहा कि देश के पूर्वी भाग में एलपीजी सब्सिडी वापस करने के मामले सबसे कम रहे। कोलकाता में यह आंकड़ा एक लाख से भी कम रहा जबकि राष्ट्रीय स्तर पर 46 लाख कनेक्शन वापस किए गए।

बिजली पर घिरते जा रहे अरविन्द केजरीवल ने रिलायंस इडस्ट्रीज पर झाड़ू चलाया:मुकेश अम्बानी के खिलाफ ऍफ़ आई आर

सस्ती बिजली के मुद्दे पर घिरते जा रहे अरविन्द केजरीवल ने आज बिग फिश रिलायंस इडस्ट्रीज पर झाड़ू चलाया और पेट्रो गैस स्कैम का भांडा फोड़ा केजरीवाल ने कांग्रेस और भाजपा पर रिलायंस इंडस्ट्रीज से पैसा लेकर उसे गैस उत्पादन में मन मानी करने की छूट देने का आरोप भी लगाया|
अरविन्द केजरीवाल ने आज प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन करके रिलायंस के साथ ही दो दिग्गज नेताओं और मीडिया के एक धड़े पर भी आरोप लगाये |
केजरीवाल ने बताया कि रिलायंस इंडस्ट्रीज ने तेल और गैस उत्पादन में काफी गड़बड़ी की है।कॉन्ट्रैक्ट से कम गैस का उत्पादनकरके गैस की कृतम किल्लत पैदा की गई और एक $ [घन मीटर]की गैस को चार
$ का किया गया और अब पहली अप्रैल से ८ $ करने की धमकी दी जा रही है|बंगला देश को रिलायंस की सहयोगी कंपनी मात्र दो डॉलर में गैस बेच रही है|केजरीवाल ने आरोप लगाया कि अगर गैस की कीमत आठ डॉलर कर दी गई तो महंगाई और बढ़ जायेगी |
केजरीवाल ने बताया कि इस संबंध में[१] पूर्व कैबिनेट सचिव टीएसआर सुब्रह्मण्यम[२] पूर्व आईएएस ईए शर्मा[३] पूर्व नेवी प्रमुख एडमिरल ताहिलियानी[४] वकील कामिनी जायसवाल ने शिकायत की है। इनके आरोपों को आधार बना कर यह प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई ।
दिल्ली के सी एम् केजरीवाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि रिलायंस को केंद्र सरकार ने कुछ कुएं दिए थे।लेकिन रिलायंस ने देश के कुछ मंत्रियों के साथ मिलकर उत्पादन की लागत से ज्यादा गैस के दाम रखे हैं | देश में जल्द ही सीएनजी और गैस के दाम दुगने होने वाले हैं
देश में गैस के दाम बढ़ाने की यह साजिश की जा रही है।इसके फलस्वरूप बिजली कंपनियां महंगी बिजली देंगी+ खाद के दाम भी बढ़ेंगे|
उनका आरोप है कि 2000 में जब कॉन्ट्रैक्ट साइन हुआ था तब 17 साल के लिए ये NTPC को 2.3 $ पर यूनिट की दर पर गैस देंगे।
केजरीवाल का कहना है कि फिर इनकी नीयत पलट गई और मंत्रियों से मिली भगत कर इस चार $ प्रति यूनिट करवा लिया। इसके बाद लालच के चलते रिलायंस ने गैस उत्पादन कम किया और 18 प्रतिशत के करीब ही उत्पादन किया।
1 अप्रैल से यह दाम 8 $ का रेट रखा है। उसी कुएं से बांग्लादेश को 2.38 $ की दर से बेचा जा रहा है। केजरीवाल का आरोप है कि उत्पादन लागत के बजाय अंतरराष्ट्रीय दाम के हिसाब से दाम रखे गए हैं।
सी एम् ने बताया कि इस मामले में कथित घपले की जांच के लिए देश के [१]पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली[२] मुरली देवड़ा[३] मुकेश अंबानी[५] वीके सिब्बल और अन्य के खिलाफ एसीबी में शिकायत दर्ज कराई जा रही है। दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने महंगाई के लिए इस भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहराया है।
केजरीवाल ने बताया कि , पीएम को चिट्ठी लिखूंगा कि जब तक जांच चलेगी [१]तब तक उस आदेश को रोका जाए जिसके तहत आठ $ का रेट तय किया गया है। [२] सरकार के सभी मंत्रालय सहयोग करें। [३] यदि रिलायंस जानबूझकर कम उत्पादन कर रहा है तब, सरकार को कुएं को लेकर सरकारी ONGC कंपनी को क्यों न दे।