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पाक अदालत ने २६/११ पर अपने कमीशन की रिपोर्ट को बताया गैरकानूनी

26/11 मामले में जांच करके गए पकिस्तान के सभी जुडिशियल कमीशन की रिपोर्ट को गैर कानूनी घोषित करते हुए उन्हें दोषिओं के विरुद्ध एविडेंस स्वीकार करने से मना कर दिया गया है|रावलपिंडी में एंटी टेरोरिस्म अदालत १ के जज हबीब उर रहमान ने यह आदेश पारित किये हैं\
२६/११/२००८ में मुम्बई अटैक की जांच के लिए मार्च में पाकिस्तानी जुडिशियल कमीशन भारत आया था उन्होंने सात दोषिओं की संलिप्तता की जाँच की इन सात में से एक लश्करे तईबा के कमांडर जाकिर रहमान लाखवी भी हैं|
अदालत ने यह कहते हुए अपने देश की जुडिशियल कमीशन की रिपोर्ट को गैर कानूनी घोषित कर दिया किकमीशन को भारत में गवाहों से काउंटर एक्सामिन कि इजाजत नहीं दी गई |गौर तलब है कि २००९ से पञ्च बार जज बदल चुके हैं अब इस नकारत्मक रुख से दोनों देशों के संबधों पर असर पड़ना लाजमी है\इस रुख के मध्य्नाज़र अब पाकिस्तान में भारत के किसी भी कमीशन का जाना किसी भी द्रष्टि से लाभकारी या उपयोगी नहीं हो सकेगा
क्या ऐसे में क्रिकेट डिप्लोमेसी का कोई ओचित्य रह जाता है

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जुमा बनी अफ्रीकन यूनियन की पहली महिला औरसाउथ अफ्रीकन अध्यक्षा

अफ्रीका महाद्वीप में भी अब महिलाओं ने सत्ता में भागेदारी के झंडे गाड़ दिए हैं |महाद्वीप की यूनियन कमीशन ने बीते सोमवार को एन के जुमा को अपना मुखिया चुन लिया है|यह लीडर्स +प्रशासक+तकनिकी विशेषज्ञों की संयुक्त यूनियन है | अंग्रेज़ी भाषी ६३ वर्षीय जुमाने फ्रेंच भाषी पिंग को हराया | इस पद को सुशोभित करने वाली जुमा पहली महिला और पहली साउथ अफ्रीकन होंगी| जुमा साउथ अफ्रिका के प्रेसिडेंट जेकोब जुमा कीपूर्व पत्नी हैं|५४ देशों के संघ में ३७ वोट लेकर जीतने वाली जुमा पर समूचा अफ्रिका महाद्वीप गर्व कर रहा है|

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दुबई पोर्ट पर अमेरिकी फायरिंग में एक भारतीय मछुआरे की मृत्यू और अनेक घायल हो गए|

दुबई पोर्ट पर अमेरिकी सेना की फायरिंग में एक भारतीय मछुआरे की मृत्यू हो गई और अनेक घायल हो गए| |विदेश मंत्री एस एम् कृष्णा ने इस पर चिंता व्यक्त की है | और काउन्सिल जनरल से वहां सभी प्रकार की सुविधा और सहयोग उपलब्ध कराने को कहा है| अमेरिकी युद्धपोत से भारतीय मछुआरों की बोट पर बीते दिन फायरिंग की गई थी |यूं एस ऐ के भारत में प्रतिनिधि नेन्सी पॉवेल ने भी भारतीय विदेश मंत्रालय के विदेश सचिव रंजन मथाई से खेद और शोक व्यक्त किया है और घटना की पूरी निष्पक्ष जांच का आश्वासन भी दिया है|
अमेरिकी बुलेटिन के मुताबिक भारतीय मछुआरों ने चेतावनी के बावजूद भी अमेरिकी शिप की तरफ जाना जारी रखा और फायरिंग रेंज में आने पर सुरक्षात्मक फायरिंग की गई

पाकिस्तान से क्रिकेट के नाम पर देश के क्रिकेटर्स बंटते नज़र आ रहे हैं

पाकिस्तान से क्रिकेट के नाम पर देश के क्रिकेटर्स बंटते नज़र आ रहे हैं |सुनील गवास्कार ने जहां २६/११ के आतंकी हमले के आरोपियों को शाह देने वाले पकिस्तान के साथ क्रिकेट डिप्लोमेसी की मुखालफत करते हुए कहा है की अभी तो क्रिकेट का पूरा केलेंडर व्यस्त है ऐसे में पाकिस्तान के लिए बीच में टाईम निकालने की बी सी सी आई को क्या जल्दी है|अभी तक पकिस्तान के साथ २६/११ का मामला भी लंबित ही है मुम्बईकर होने के कारण उन्हें इस निर्णय से पीड़ा हुई है|
दूसरी तरफ एक अन्य वरिष्ठ क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी ने पकिस्तान के साथ क्रिकेट खेले जाने की वकालत करते हुए इसे सही दिशा में लिया गया सही कदम बताया है|जहीर अब्बास ने भी क्रिकेट को जरुरी बताया है|
भाजपा+कांग्रेस+शिव सेना और अनेक क्रिकेटर्स इस खेल के विरुद्ध हो रहे है तब बी सी सी आई पर खेल को लेकर ऐसा कौन सा दबाब आ पडा है की सबके विरोध के बावजूद पाकिस्तान और भारत में क्रिकेट खिलाने को उतावला है|

पाकिस्तान के साथ क्रिकेट स्वीकार नहीं

भारत और पकिस्तान में जब से क्रिकेट खेले जाने की बात आउट हुई है तभी से भारतीय खेल जगत और राजनीति में भुन्चाल सा आ गया है |शिव सेना के बाद अब भाजपा और क्रिकेट के वरिष्ठ खिलाडिओं ने भी इसकी मुखालफत शुरू कर दी है|सुनील गवास्कार ने खुले आम भारत और पकिस्तान में क्रिकेट मैच खेले जाने का विरोध किया है
२००८ में मुम्बई पर आतंकी हमले के बाद से पाकिस्तान से कोई भी क्रिकेट मैच नहीं खिला जा सका है |अब बी सी सी आई ने पी सी बी से पेक्ट करके दिसंबर में तीन एक दिवसीय खेलने का करार किया है|२०-२० भी खेले जाने हैं| भाजपा के अनुसार मुम्बई हमले के दोषिओं को अभी तक पाकिस्तान भारत को सौपने को तैयार नहीं है ऐसे में उसके साथ क्रिकेट के सम्बन्ध स्वाकार्य नहीं हो सकते

आसिफ अली ज़रदारी ने अपने पी एम् को अदालती अवमानना से बचाया

पाकिस्तान की सर्वोच्च अदालत से प्रधानमंत्री को अवमानना से बचाने के लिए राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने एक बिल पर हस्ताक्षर कर दिए हैं|इसके अनुसार अब राष्ट्रपति और प्रधान मंत्री पर अदालत की अवमानना का मुकद्दमा नहीं चलाया जा सकेगा \
गौरतलब हे की सर्वोच्च नयायालय द्वारा लगातार प्रधान मंत्री पर दबाब बनाया जा रहा था की स्विस बैंकों में जमा जरदारी की जर[धन]की जांच कराये |इसी सिलसिले में पूर्व प्रधान मंत्री जिलानी को बर्खास्त भी कर दिया गया था अब फिर से सर्वोच्च अदालत ने नए प्रधान मंत्री को हिदायत दी है की स्विस बैंकों में जरदारी के धन का पता लगाया जाए |अब पुनः प्रधान मंत्री कहीं अदालती अवमानना का शिकार ना बना दिए जाएँ पार्लियामेंट में यह नया क़ानून बना दिया गया है |इससे अदालत पर संसद की सर्वोच्चता भी स्थापित कर दी गई है|