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Category: Economy

इंडिगो फ्लाइट में आक्रामक शैख़ ने अच्छा खासा हंगामा खड़ा कर दिया:अब पोलिस की हिरासत में

मुंबई से दिल्ली आ रही इंडिगो फ्लाइट में एक यात्री पर फ्लाइट में ही मौजूद महिला यात्रियों से छेड़छाड़ का आरोप लगा है। विरार के बाबू तानसेन चॉल के निवासी इस दंगाई शख्स का नाम मोहम्मद मुरसलिम शेख बताया गया | दिल्ली पुलिस शेख से पूछताछ कर रही है।
सूत्रों के अनुसार दिल्ली की फ्लाइट संख्या 6ई196 में सफर कर रहे इस शेख की असामाजिक गतिविधियाँ से त्रस्त एक एयर होयटेस ने जब इसकी शिकायत की तब शैख़ भड़क गया और झगड़ा करने लगा।बताया जा रहा है कि शैख़ ने प्लेन में ही मजहबी नारे लगाये और प्रतिबंधित काकपिट में जाने का प्रयास किया| उसने प्लेन को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी| प्लेन के पायलट ने दिल्ली एयरपोर्ट अथॉरिटी को पूरे मामले से अवगत कराया। इसके बाद शाम सवा 6 बजे जैसे ही फ्लाइट दिल्ली एयर पोर्ट पहुंची तो एअरपोर्ट सुरक्षा कर्मियों ने[ सीआईएसएफ] शेख को हिरासत में ले लिया और प्रारम्भिक पूछताछ के बाद दंगाई शेख को दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि शैख़ ने मुंबई से उड़ान भरी थी। करीब एक घंटे बाद जब यह जयपुर के आसमान में थी तब 28 ए नंबर सीट पर बैठे 41 वर्षीय शेख ने अचानक अपने पीछे बैठी महिला पर अनाप-शनाप बकना शुरू कर दिया। इसके बाद उक्त महिला ने इसकी शिकायत क्रू मैंबर्स से की। लेकिन शेख क्रू मैंबर्स के समझाने पर भी नहीं माना और उल्टा उनसे उलझ गया। अचानक वह आक्रामक हो गया और उसने एयरहोस्टेस को थप्पड़ जड़ दिया। उसने प्लेन को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी। क्रू मेम्बर्स ने कानून को अपने हाथ में नहीं लिया और दिल्ली एअरपोर्ट एथोरिटी को सूचित कर दिया| क्रू के व्यवसाईक व्यवहार से स्थिति बिगड़ने से बची मगर इस यात्री के आक्रामक रुख के कारण उसको अन्य यात्रियों की मदद से पकड़ लिया गया और दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने के बाद उसको सीआईएसएफ को सौंप दिया गया। सीआईएसएफ ने उसे दिल्ली पुलिस को सौंप दिया है। दिल्ली पोलिस अब मुंबई पुलिस के सहयोग से शेख के बयानों की छानबीन कर रही है। गौरतलब है कि साड़े तीन साल पहले भी कम्पनी के एक विमान को हाई जेक करने का दुस्साह किया गया था जिसके आरोपियों को इसी माह सजा सुनाई गई है|

पॉप स्टार माइकल जेक्सन का मकान बिक ही गया

पॉप स्टार माइकल जेक्सन का मकान

पॉप स्टार माइकल जेक्सन का मकान आखिर कार बिक ही गया |होल्म्बई हिल्स मेंशन में पाप स्टार माइकल जेक्सन का जून २००९ में निधन हुआ था यह मेंशन आखिर कार १८ .१ मिलियन $ में बिक गया है|, वाल स्ट्रीट जर्नल . के अनुसार यह राशि बेहद कम है लेकिन उम्मीद है की अब इस मकान में किसी को संगीत की प्रेरणा मिल सकेगी

एल के आडवाणी के ब्लॉग से”इतिहास को दबाना नहीं चाहिए”

एन डी ऐ के वरिष्ठ नेता एल के अडवाणी ने अपने ब्लॉग में १९७५ के आपातकालीन नाज़ी शासन की तुलना वर्तमान दमनकारी नीतिओं से करते हुए आपातकाल पर आधारित फिल्मो के निर्माण को जरूरी बताया| वरिष्ठ पत्रकार आडवाणी ने बुरे इतिहास से भी सबक लेकर वर्तमान सुधारने के लिए इतिहास को नहीं दबाये जाने की आवश्यकता पर बल दिया है|अपने इस कथन के समर्थन में वित्त मंत्री पी चिदम्बरम के बेटे की सम्पत्ती की तुलना राबर्ट वढेरा से करने पर एक युवक की गिरफ्तारी का उदहारण भी दिया गया है|इसके साथ ही अपने इस आरोप के माध्यम से जहाँ उन्होंने यूं पी ऐ सरकार को कठघरे में लाने का प्रयास किया है तो इसके साथ ही आई ऐ सी को भी पुचकारने का प्रयास किया है|
प्रस्तुत है आडवानी का ब्लॉग” इतिहास को दबाना नहीं चाहिए”

एल के आडवाणी के ब्लॉग से””


मेरे पूर्व प्रकाशित ब्लॉग में से एक का शीर्षक है: 25 जून, 1975: भारत के लिए एक न भूलने वाला दिन। एक अन्य ब्लॉग का शीर्षक था: 1975 का आपातकाल नाजी शासन जैसा।
मेरे संस्मरणों को प्रकाशित करने वाली ‘रूपा एण्ड कम्पनी‘ ने अस्सी से अधिक मेरे ब्लॉगों को संग्रहित कर ‘एज़ आय सी इट‘ (AS I SEE IT) शीर्षक से पुस्तक प्रकाशित की है।
इनमें से अनेक ब्लॉग जून 1975 में देश पर थोपे गए कठोर आपातकाल और 21 मास बाद जब मार्च 1977 में लोक सभा चुनाव हुए जिनमें श्रीमती इंदिरा गांधी की सरकार को उखाड़ फेंका गया और नई दिल्ली में श्री मोरारजीभाई देसाई के नेतृत्व में जनता पार्टी सरकार बनी – से सम्बन्धित हैं। स्वतंत्रता के बाद यह पहला मौका था जब केन्द्र में एक गैर-कांग्रेसी सरकार बनी।
1975 के आपातकाल के दौरान 1,10,806 लोगों को जेलों में बंदी बना दिया गया। इनमें प्राय: सभी प्रमुख विपक्षी नेता, बड़ी संख्या में सांसद, विधायक और पत्रकार शामिल थे।
जेल में रहते हुए मेरे द्वारा लिखे गए अनेक पैम्फलेटों में से एक था ‘ए टेल ऑफ टू इमरजेंसीज‘ जिसे आपातकाल के विरूध्द हमारे भूमिगत पार्टी कार्यकर्ताओं ने काफी मात्रा में वितरित किया था, इसमें 1975 के श्रीमती इंदिरा गांधी के आपातकाल और 1933 में एडोल्फ हिटलर के आपातकाल का आश्चर्यजनक तुलनात्मक अध्ययन वर्णित किया गया था।
पिछले सप्ताह जब एक सुप्रसिध्द फिल्म निर्माता मेरे घर पर आए तो मैंने उन्हें अपनी जेल डायरी ‘ए प्रिजनर्स स्क्रेप बुक‘ (A Prisoner’s Scrap Book) के साथ साथ ब्लॉग वाली अपनी पुस्तक भेंट की। मैंने विशेष रूप से उनका ध्यान एक ब्लॉग की ओर आकृष्ट किया जिसका शीर्षक है ”अब आपातकाल पर भी फिल्म बने।”
फिल्म निर्माता ने इस विषय में काफी रूचि दिखाई; वह मुझसे सहमत थे कि स्वतंत्र भारत के इतिहास के इस भयावह चरण की देश के फिल्म निर्माताओं ने पूरी तरह उपेक्षा की है लेकिन इस पर जोर दिया कि यह उपेक्षा इस कारण्ा से है कि जो लोग सत्तारूढ़ हैं, वे वास्तव में इसके सही और ईमानदार चित्रण को बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे। यहां तक कि ब्रिटिशराज के दौरान भी देश में इतना दमन नहीं हुआ था और न ही मीडिया पर इतनी कड़ी सेंसरशिप लागू की गई थी।
गत् सप्ताह घटित एक छोटी सी घटना ने फिल्म उद्योग के इस डर की पुष्टि की। पुड्डुचेरी के 46 वर्षीय एक लघु व्यवसायी एस. रवि ने 19 अक्तूबर 2012 को एक ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा था कि ‘वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम के बेटे कार्ति के पास राबर्ट वाड्रा से ज्यादा सम्पत्ति है।‘
रवि, जो पुड्डुचेरी से ‘इण्डिया एगेंस्ट करप्शन‘ की गतिविधियों में सक्रिय हैं, को पुलिस ने इस ट्वीट के आधार पर बुलाया और उसे गिरफ्तार कर लिया। मद्रास उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश डेविड अन्नोसामी ने रेखांकित किया कि जो आधार पुलिस ने रवि के केस में माना है, उस आधार पर अनेक ट्वीट करने वाले गिरफ्तार किए जा सकते हैं। यदि किसी व्यक्ति को किसी ट्वीट से शिकायत है तो निश्चित रूप से वह ट्वीट करने वाले व्यक्ति के विरूध्द मानहानि का केस दायर कर सकता है। सिर्फ न्यायालय द्वारा दोषी पाए जाने पर ही उसे गिरफ्तार किया जा सकता है।

क्‍या कांग्रेस बताएगी कि महा रैली के लिए किसको और कितने पैसे दिए :केजरीवाल

आईएसी नेता अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर कांग्रेस पर सवाल दाग दिया है|. इस बार रविवार को हुई कांग्रेस की महारैली को निशाना बनाया गया है| केजरीवाल ने कहा कि कांग्रेस जनता को अपनी इस महारैली का हिसाब दें.
रविवार को रामलीला मैदान में हुई कांग्रेस की महारैली पर सवाल करते हुए केजरीवाल ने कहा कि, ‘कांग्रेस आरटीआई लाने का क्रेडिट लेना बंद करें.क्‍या कांग्रेस बताएगी कि इस रेली में कितने पैसे खर्च हुए हैं.’ इस रैली में शामिल हुई भीड़ के लिए केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस ने लोगों को पैसे दिए हैं. कांग्रेस की इस रैली की तैयारी पिछले लंबे समय से चल रही है.केजरीवाल ने ट्विटर पर ट्वीट कर कांग्रेस से पूछा है कि क्या वे रैली के लिए परिवहन, खान-पान, विशेष ट्रेनों आदि पर हुए खर्च की पूरी जानकारी आम जनता के सामने सार्वजनिक कर सकती है या नहीं। क्या इस रैली में आए लोगों को कांग्रेस ने पैसे दिये। क्या कांग्रेस रैली पर हुए खर्चे का हिसाब देगी। केजरीवाल ने कहा है कि कांग्रेस को अपने खाते सार्वजनिक करने चाहिए | गौरतलब है कि रविवार को दिल्ली में हुई कांग्रेस की इस रैली ने ट्रैफिक की समस्या से सबको रुलाया । सभी प्रमुख सड़कों पर जाम लगा रहा। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी रैली में शामिल थे |

क्‍या कांग्रेस बताएगी कि महा रैली के लिए किसको और कितने पैसे दिए :केजरीवाल

एफडीआइ के समर्थन में काग्रेस की रैली में शामिल होने अन्य राज्यों से लोगों के आने का सिलसिला सुबह ही शुरू हो गया था। आइएसबीटी-राजघाट रिंग रोड, धौलाकुंआ से ग्यारह मूर्ति आने वाले सरदार पटेल मार्ग, विकास मार्ग, आइटीओ से इंडिया गेट जाने वाली सड़क सहित रामलीला मैदान की ओर जाने वाली सड़कों पर गाड़ियों की कतार से जाम लग गया। जिसे जहा गाड़ी खड़ी करने की जगह मिली, वहीं गाड़ी पार्क कर रैली में शिरकत करने के लिए पैदल निकल पड़ा। राजघाट, इंडिया गेट, पुराना किला, माता सुंदरी रोड, निजामुद्दीन ब्रिज, नीला गुंबद, वजीराबाद टी प्वाइट पर निर्धारित पार्किग स्थल जहा जगह मिली वहीं गाड़िया खड़ी कर रैली में हिस्सा लेने आए लोगों की हिम्मत ट्रैफिक जाम के आगे जवाब दे गई।ट्रैफिक पुलिस ने रैली के लिए दिल्ली की सीमा में कम से कम एक हजार बस तथा तीन हजार अन्य निजी गाड़ियों से लोगों के आने का अनुमान किया था। लेकिन शनिवार देर रात से ही जो जन सैलाब उमड़ना शुरू हुआ तो सभी अनुमान धरे रह गए |
गौरतलब है की पूर्व में कांग्रेसी नेताओं ने आई ऐ सी के खर्चे का हिसाब मांगा था और रैली में भी इन्हें निशाना बनाया गया था संभवत केजरीवाल ने कांग्रेसी सिक्के में ही आरोपों को लौटा दिया है|

मायावती के खिलाफ ताज कोरिडोर मामले पर नहीं बनता कोई मुकद्दमा: इलाहाबाद उच्च न्यायालय

बसपा सुप्रीमो मायावती को बड़ी राहत प्रदान करते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सोमवार को ताज कॉरिडोर मामले में उनके खिलाफ याचिकाएं खारिज कर दीं।
अदालत की लखनऊ पीठ ने उनके कैबिनेट सहयोगी नसीमुद्दीन सिद्दीकी के खिलाफ भी याचिकाओं को खारिज कर दिया।
अदालत द्वारा 74 पन्नों का फैसला दिए जाने के बाद वरिष्ठ वकील सतीश चन्द्र मिश्र ने कहा कि कोर्ट ने मैरिट पर इस केस को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व में दिए गए फैसलों की भी जानकारी ली और इसके बाद यह फैसला सुनाया है। उन्होंने इस फैसले को मायावती के लिए बड़ी राहत बताया।मिश्र ने बताया कि गवर्नर द्वारा पूर्व में ही इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ मामला चलाए जाने की अनुमति नहीं दी गई थी यह इस बात का प्रमाण था कि इस मामले में उनका कोई कसूर नहीं है। इस मामले से जुड़ी फाइलों को कभी भी मायावती के सामने स्वीकृति के लिए लाया ही नहीं गया था, क्योंकि यह एक रुटिन मैटर था जिसको मुख्यमंत्री की स्वीकृति की जरुरत महसूस नहीं की गई।

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उन्होंने कहा कि मिशन मैनेजमेंट बोर्ड ने बीजेपी की सरकार में ताज कॉरिडोर के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। उस वक्त प्रदेश में राजनाथ सिंह मुख्यमंत्री थे। लिहाजा इस मामले में यदि कोई आरोपी बनता है तो वह उस वक्त के मुख्यमंत्री बन सकते हैं। गौरतलब है कि इस मामले में सीबीआई की स्थानीय विशेष अदालत ने मायावती तथा नसीमुद्दीन सिद्दीकी के खिलाफ तत्कालीन राज्यपाल द्वारा मुकदमा चलाने की स्वीकृति नहीं दिए जाने के कारण अभियोजन की कार्यवाही समाप्त कर दी थी। इसके खिलाफ वर्ष 2009 में छह जनहित याचिकाएं दायर कर इस फैसले को चुनौती दी गई थी। इन सभी छह याचिकाओं पर सुनवाई 12 सितंबर को सुनवाई की गई थी, जिसके बाद आज इस मामले में मायावती को बड़ी राहत प्रदान कर दी गई है । 12 सितम्बर को लखनऊ खंड पीठ ने मायावती एवं नसीमुद्दीन सिद्दीकी पर आपराधिक मामले की कार्यवाही शुरू करने का निर्देश देने हेतु दायर जनहित याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बैंच में न्यायमूर्ति इम्तियाज मुर्तजा और न्यायमूर्ति अनी कुमार सिंह की खंडपीठ के समक्ष मंगलवार 11 सितंबर को इस मामले में याचिकाकर्ताओं की तरफ से उच्चतम न्यायालय की वरिष्ठ अधिवक्ता कामिनी जायसवाल ने बहस की थी वहीं, मायावती तथा अन्य पक्षकारों की तरफ से वरिष्ठ वकील सतीश चन्द्र मिश्र अधिवक्ताओं की टीम के साथ पेश हुए। न्यायाधीश इम्तियाज मुर्तजा और अश्विनी कुमार सिंह की इस पीठ ने आदेश जारी करते हुए कहा कि याचिकाओं में कोई दम नहीं है और इसीलिए उन्हें खारिज किया जाता हैं।

केस हिस्टरी

बताते चलें कि
साल 2002 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने ताज की खूबसूरती बढ़ाने के नाम पर 175 करोड़ रुपए की परियोजनाएं लॉन्‍च कर दी. आरोप लगा कि पर्यावरण मंत्रालय से हरी झंडी मिले बगैर ही सरकारी खज़ाने से 17 करोड़ रुपए जारी भी कर दिए गए.2003 में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को पड़ताल करने के आदेश दिए. 2007 में सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल कर दी.सीबीआई की चार्जशीट में मायावती और नसीमुद्दीन सिद्दीकी के खिलाफ फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप लगाए गए लेकिन जैसे ही मायावती सत्ता में वापस आईं, तत्कालीन राज्यपाल टीवी राजेश्वर ने इस केस में मुकदमा चलाने की इजाजत देने से मना कर दिया और सीबीआई की विशेष अदालत में चल रही कार्यवाही ठप्प हो गई.|

पैरामाउंट एयर लाइंस को जमीन पर उतारने के लिए 442 करोड़ रुपयों की धोखाधडी के आरोप लगे

पैरामाउंट एयर लाइंस को 442 करोड़ रुपयों की धोखाधडी के आरोप में जमीन पर उतारने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई)ने देश की अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है| [१] पैरामाउंट एयरवेज प्राइवेट लि.,[२] ओरियंटल इंश्योरेंस के पूर्व चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक तथा चार अन्य के खिलाफ दिल्ली की एक अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया है।
सार्वजनिक क्षेत्र के पांच बैंकों और एक बीमा कंपनी के साथ 442 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी मामले में पैरामाउंट एयरवेज प्राइवेट लि., ओरियंटल इंश्योरेंस के पूर्व चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक तथा चार अन्य के खिलाफ दिल्ली की एक अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया है। तीस हजारी कोर्ट में सीबीआइ के विशेष जज प्रदीप चढ्डा की अदालत में दायर इस आरोप पत्र में सीबीआइ ने आरोप लगाया है कि आरोपी एयरलाइंस व बीमा कंपनी के अधिकारियों की धोखाधड़ी से सरकारी क्षेत्र के पांच बैंकों व ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी को 442 करोड़ की हानि हुई।।

पैरामाउंट एयर लाइंस को जमीन पर उतारने के लिए 442 करोड़ रुपयों की धोखाधडी के आरोप लगे


आरोप है कि आरोपियों ने धोखाधड़ी का षड्यंत्र रचा। जिससे [१]स्टेट बैंक ऑफ इंडिया,[२] बैंक ऑफ इंडिया,[३] इंडियन बैंक, [४]आंध्र बैंक,[५] आइडीबीआइ व [१]बीमा कंपनी ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी को नुकसान हुआ।
चेन्नई स्थित एयरलाइंस ने राज्य की ऑयल कंपनी से लेनदेन के लिए अपनी बैंक गारंटी का ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी से क्रेडिट इंश्योरेंस लिया। बाद में एयरलाइंस ने ऑयल कंपनी का पैसा नहीं चुकाया। इस पर ऑयल कंपनी ने बैंक गारंटी का इस्तेमाल किया। बैंकों ने बीमा कंपनी से 442 करोड़ रुपये का क्लेम किया।
बीमा कंपनी के पूर्व मुख्य प्रबंधनिदेशक एम रामादोस के खिलाफ शिकायत मिलने पर सीबीआइ ने जुलाई 2011 में प्राथमिकी दर्ज की

सुब्रमानियम स्वामी ने कांग्रेस पार्टी की मान्यता समाप्त कराने के लिए चुनाव आयोग को लिखा

भाजपा अध्यक्ष के बाद अब कांग्रेस अध्यक्ष और उनके पुत्र राहुल गाँधी पर गैर कानूनी तरीके से धन अर्जित करने के आरोप लगाते हुए कांग्रेस पार्टी की मान्यता समाप्त कराने के दावे किये जाने लगे हैं|कांग्रेस ने हमेशा की तरह इस आरोप को भी नकारते हुए कानूनी कार्यवाही करने के बात कही है|
जनता पार्टी के नेता सुब्रामनियम स्वामी ने आज सुबह ट्विटर पर लिखा कि कल कांग्रेस द्वारा लोन अपराध की स्वाकारोक्ति के आधार पर आज चुनाव आयोग में कांग्रेस पार्टी की मान्यता समाप्त करने के लिए याचिका दायर करुंगा।
गौरतलब है कि स्वामी ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस पार्टी ने पार्टी फंड से एसोसिएट जर्नल नाम की कंपनी को ब्याज रहित 90 करोड़ रुपए का लोन दिया.|इस कम्पनी के माध्यम से लाभ कमाया गया इसमें श्रीमति सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी की भी हिस्से दारी है| पहले तो राहुल गाँधी ने इसके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की धमकी दी और कांग्रेसी नेताओं ने अनेकों अपमान जनक विश्लेषणों से स्वामी के आरोपों को नकारा मगर एक नाटकीय घटनाक्रम में कांग्रेस पार्टी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपनी स्थिति साफ की। कांग्रेस महासचिव जर्नादन द्विवेदी ने विज्ञप्ति में कहा कि कानून का पालन करते हुए अखबार को दुरुस्त करने की प्रक्रिया की शुरूआत में मदद करने के इरादे से एसोसिएटेड जर्नल का समर्थन कर कांग्रेस ने अपना फर्ज निभाया है। कांग्रेस का दावा है कि इस ट्रांजेक्शन के माध्यम से ७०० परिवारों की नौकरी बचने का प्रयास किया गया है|
विज्ञप्ति में कहा गया, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने ब्याज मुक्त ऋण के तौर पर सहायता दी जिसके एवज में पार्टी को कोई व्यावसायिक लाभ नहीं होना है। जर्नादन द्विवेदी ने कहा कि कांग्रेस का मकसद संसदीय लोकतंत्र पर आधारित सामाजिक राष्ट्र के शांतिपूर्ण और संवैधानिक रास्तों से भारत के लोगों की भलाई और तरक्की है जिसमें अवसरों, राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक अधिकारों की समानता हो और जिसका मकसद विश्व शांति और बंधुत्व हो।
उन्होंने विज्ञप्ति में कहा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के लिए यह गर्व का विषय है कि इन मकसदों और इसकी राजनीतिक गतिविधियों में सहायता के लिए उसने नेशनल हेराल्ड और अन्य अखबारों के प्रकाशक द एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड की सहायता की जिसकी स्थापना 1937 में पंडित जवाहरलाल नेहरू ने की थी और जिसने हमारे स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका निभाई। द्विवेदी ने कहा, कानून के मुताबिक अखबार को फिर से शुरू करने की प्रक्रिया में मदद कर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने अपना फर्ज निभाया।

सुब्रमानियम स्वामी ने कांग्रेस पार्टी की मान्यता समाप्त कराने के लिए चुनाव आयोग को लिखा

. स्वामी ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस से 90 करोड़ का कर्ज मिलने के बाद एसोसिएटेड जर्नल्स को सोनिया औऱ राहुल गांधी की कंपनी ने खरीद लिया. सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर सुब्रमण्यम स्वामी के आरोपों से राजनीतिक गलियारे में मच गई है सनसनी.स्वामी के बाद बीजेपी के अरुण जेटली ने भी स्वामी के आरोपों की आड़ लेकर सोनिया-राहुल पर साधा निशाना.
स्‍वामी के आरोप
सुब्रमण्‍यम स्वामी के मुताबिक राहुल और सोनिया एक कंपनी के 76 फीसदी शेयर के मालिक हैं और इस कंपनी को कांग्रेस पार्टी ने 90 करोड़ का लोन दिया. जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी ने गांधी परिवार पर जो आरोप लगाए हैं उसके केंद्र में यंग इंडियन कंपनी है.
.स्वामी के मुताबिक सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने यंग इंडियन नाम की कंपनी बनाकर एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड के 1600 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति पर गैरकानूनी तरीके से कब्जा किया है.
सोनिया और राहुल के 38-38 फीसदी शेयर हैं.स्‍वामी के मुताबिक कांग्रेस ने इसकी जानकारी चुनाव आयोग को नहीं दी.
इस मामले में राहुल पर निशाना साधते हुए स्वामी ने दावा किया कि राहुल ने 2008 में कंपनी के तीन लाख शेयर बेच दिए थे लेकिन 2009 के शपथ पत्र में इसकी जानकारी नहीं दी.

टोल प्लाजा पर हुक्के की गुडगुडाहट के सामने गाड़ियों की गडगड़ाहट कहीं सुनाई नहीं दी

दिल्ली देहरादून हाई वे सिवाया पर स्थित टोल प्लाज़ा का विवाद

टोल प्लाजा पर हुक्के की गुडगुडाहट के सामने गाड़ियों की गडगड़ाहट कहीं सुनाई नहीं दी|

आज चोथे दिन भी उन सुलझा ही रहा|किसानों ने आज महापंचायत की और धरना जारी रखा किसानो के हुक्के की गुडगुडाहट के सामने गाड़ियों की गडगड़ाहट कहीं दिखाई नहीं दी|
चौधरी राकेश टिकेत ने अपने स्वर्गीय पिता चौध्रे महेंद्र सिंह टिकैत के तेवरों का प्रदर्शन करते हुए शासन और प्रशासन को चेतावनी दी और कहा के बाउंसरों की दादागिरी को रोकने के लिए लट्ठों को तेल पिलाया गया है | गैस कटर मंगवा लिया गया है |अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई और मेरठ मुजफ्फर नगर को टोल मुक्त नहीं किया गया तब टोल प्लाज़ा को उखाड़ फैंका जाएगा| मुख्य मंत्री के प्रस्तावित १० नवम्बर के दौरे पर उन्हें यहाँ बुला कर स्थिति से अवगत कराया जाएगा|आज के धरने पर किसानों की संख्या में व्रद्धी देखी गई |

सड़क दुर्घटनाओ के प्रति न्यायपालिका गंभीर:शासन और प्रशासन को भी आगे आना होगा

सड़क दुर्घटनाओं में हो रही मौतों के प्रति न्यायपालिका ने लगता है कडा रुख अपना लिया है| दो ताज़ा मुकद्दमो में न्यायाधीशों द्वारा बड़ी पेनाल्टी लगा कर पीड़ितों के प्रति न्याय किया गया है|
[ १] अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-2/ मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया है कि वह पत्रकार शैलेंद्र सिंह के परिजनों को एक करोड़ 98 लाख रुपये का मुआवजा दे। शैलेंद्र सिंह की 2009 में सड़क दुघर्टना में मौत हो गई थी। वैशाली में रहने वाले शैलेंद्र सिंह एक निजी टीवी चैनल में एडीटर थे। 18 जून 2008 को वह अपनी पत्नी मेहंदी वरदान और दो बच्चों के साथ कार से नोएडा एक्सप्रेसवे पर जा रहे थे। रास्ते में ट्रक चालक ने ओवरटेक कर ट्रक को कार के आगे ले जाकर रोक दिया। इससे कार अनियंत्रित होकर ट्रक में घुस गई थी। इस दुर्घटना में शैलेंद्र की मौत हो गई थी। उनकी पत्नी और बच्चे घायल हो गए थे। इस मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ट्रक को कब्जे में ले लिया था। शैलेंद्र की मौत के बाद परिवार की स्थिति खराब हो गई। शैलेंद्र की पत्नी ने ट्रक मालिक , ट्रक चालक और इंश्योरेंश कंपनी को पार्टी बनाते हुए कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया कि उनके पति को एक लाख 65 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिलता था। वह किताबें भी लिखते थे , जिनकी रॉयल्टी मिलती थी। उन्होंने इंश्योरेंश कंपनी से उन्हें चार करोड़ रुपये का मुआवजा दिलाने की मांग की थी। शुक्रवार को एडीजे -2 कोर्ट की न्यायाधीश सरोज यादव ने मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए साक्ष्य के आधार पर इंश्योरेंश कंपनी को क्षतिपूर्ति के रूप पीडि़ता को एक करोड़ 98 में लाख 45 हजार रुपये का भुगतान छह प्रतिशत ब्याज के साथ करने का आदेश दिया।
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पत्रकार शैलेंद्र सिंह के परिजनों को एक करोड़ 98 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश


[२] एक दूसरी सड़क दुर्घटना में 80 फीसदी विकलांग हुए 26 वर्षीय युवक को मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने मुआवजे के तौर पर 17 लाख एपये से अधिक की राशि देने का आदेश दिया है। इस युवक को चार साल पहले लापरवाही से चलाए जा रहे एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी।न्यायाधिकरण ने ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को निर्देश दिया कि वह दिल्ली निवासी राज कुमार को 17.42 लाख एपये मुआवजा के तौर पर दे। राजकुमार दुर्घटना में घायल हो गया था। दुर्घटना में शामिल वाहन का बीमा इसी कंपनी ने किया था।
न्यायाधीशों की टिपण्णी है कि शिकायतकर्ता कुमार की तरफ से कोई लापरवाही नहीं हुई थी। ऐसे में स्पष्ट हो जाता है की प्रशासन+चालक+और मालिक भी दोषी हैं|अभी हाल ही में व्यंगकार जसपाल भट्टी का जालंधर से समीप+पूर्व मंत्री येरन का आंध्र प्रदेश +एडिटर शैलेन्द्र का नोएडा एक्सप्रेसवे पर एक्सीडेंट में निधन हुआ |ऐसे अनेकों उदहारण है जिनमे आम आदमी के साथ वी आई पी भी शिकार हो रहे हैं| सडकों की ख़राब हालत +ड्राईवरों का ड्राईविंग परीक्षण+ हाई वे निर्माण के त्रुटियाँ इसके लिए जिम्मेदार हैं| विकास का ढोल पीटते समय व्यवस्था की खामियों को अनदेखा किया जाना किसी भी समाज के लिए लाभकारी साबित नही होता|
गौरतलब है की सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या में लगातार वृधि हो रही है न्यायालयों के इन आदेशों से बेशक पीड़ित परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी मगर दोषी चालाक और वाहन कंपनियों पर लगाम कसने के अतिरिक्त प्रशासन को चुस्त दुरुस्त करने के लिए किसी भी व्यवस्था का अभाव है|चूंकि सारा दाईत्व नयापलिका पर नहीं डाला जा सकता इसीलिए कार्यपालिका को भी आगे आना होगा

दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे के सिवाया टोल प्लाजा पर गाड़ियां बिना टोल टैक्स के गुजर रही है:

मेरठ में

दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे सिवाया टोल प्लाजा :

किसानों ने कर्मचारियों को टोल वसूलने से रोक कर प्लाज़ा को अपने कब्जे में ले लिया है | . इस वजह से गाड़ियां बिना टोल टैक्स के गुजर रही है|. यह धरना रूपी कब्जा भारतीय किसान युनियन ने दिया है.|इससे पूर्व वकील कुंवर प्रेम सिंह सोम ने अभद्र व्यवहार के विरोध में आत्मदाह की चेतावनी दे चुके हैं | जिला पंचायत के सदस्यों के आलावा स्थानीय ग्रामीण इलाके के पेसेंजर्स द्वारा भी निशुल्क आवागमन की मांग की जा चुकी है|
20 अप्रैल 2011। से राष्ट्रीय राजमार्ग-58 पर वेस्टर्न यूपी टोल वे कंपनी ने टोल वसूलना शुरू किया। तत्कालीन जिलाधिकारी सुभाष चंद शर्मा ने कंपनी के अफसरों के साथ ही एनएचएआइ के अफसरों को हिदायत दी थी कि 25 जुलाई 2011 तक सभी अपूर्ण कार्य पूरे हो जाएं। टोल से 10 किमी की परिधि में रहने वाले लोगों को लोकल पास जारी करने के लिए आदेश जारी किये जा चुके हैं| दर्जनों बार अधूरे पड़े कार्यों को पूरा कराने के लिए विभिन्न राजनैतिक व सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन किए, पर अभी तक विकास कार्य पूरे नहीं हुए।
स्थानीय लोगों को 15 रूपये देकर अपना वाहन पास कराने में दिक्कत आ रही है। इसके आलावा प्लाजा पर तैनात वसूली करने वाले बाउंसरों के दुर्व्यवहार से भी लोग परेशां हैं|हाल ही में एक नागरिक अपनी कर ही प्लाजा पर छोड़ गया |ऐसे में टोल पर भाकियू ने कब्जा करके वहां टोल फ्री करा दियाहै|भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत के अनुसार टोल प्लाजा पर कब्जा तब तक जारी रहेगा जब तक टोल प्लाजा को यहां से 20 किमी दूर स्थानान्तरित कर आसपास के किसानों को टोल टैक्स से मुक्त नहीं किया जाता.| उन्होंने यह भी कहा कि किसानों का जो बकाया है उसको ब्याज समेत किसानों को दिया जाना चाहिए.
दूसरी ओर टोल प्लाजा के एजीएम जीवी रंगासाई ने भाकियू कार्यकर्ताओं की इस हरकत को गैर कानूनी बताते हुए पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही है. हालांकि समाचार लिखे जाने समय तक उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी थी.
बताते चलें कि बुधवार दोपहर को भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत की अगुवाई में मोदीपुरम स्थित टोल प्लाजा पर पहुंचे भाकियू कार्यकर्ताओं ने टोल पर कब्जा जमा लिया. शुरू में टोल कर्मियों ने भाकियू कार्यकर्ताओं का विरोध किया लेकिन बाद में मौके पर भाकियू के समर्थान में किसानों की बढ़ती भीड़ और उनके कड़े तेवरों को देखते हुए टोल कर्मचारियों ने मौके से भाग निकले. इस दौरान यहां काफी हंगामा और तोड़फोड़ भी की गयी|बताया जा रहा है कि अब तक ५० लाख रुपयों का नुकसान हो चुक है|. वहीं इस मामले में स्थानीय प्रशासन हमेशा कि भांति किंकर्तव्य विमूड ही दिख रहा है|