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Category: Economy

ड्रीम लाईनर दूरी की उड़ानों में सस्ता है मगर छोटी घरेलू उड़ानों पर लगाया


पूर्व घोषणा के अनुसार पहला बोइंग 787 ड्रीमलाइनर प्लेन दिल्ली से चेन्नई के बीच घरेलू उड़ान के लिए उड़ाया गया। चेन्नई एयरपोर्ट पर लैंड करने पर इसे महाराजा का स्टेटस देते हुए वॉटर कैनन सैल्यूट दिया गया और पारंपरिक तरीके से पूजा की गई। प्लेन के कैप्टन ए. एस. सोमन थे| यद्यपि इसमें २५०+सीटें है मगर पहली उड़ान में इस पर 118 पैसेंजर सवार थे। लौटते समय केवल 92 पैसेंजरों के साथ इसने दिल्ली के लिए उड़ान भरी। एक आधिकारिक प्रेस रिलीज में और कम्पनी की साईट पर कहा गया,है कि शानदार डिजाइन वाला एयर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर आसमान में सबसे एडवांस्ड एयरक्राफ्ट है। इसके पंखों, पिछले हिस्से और डेक को इस तरह तैयार किया गया है कि दूसरों के मुकाबले यह ईंधन की काफी कम खपत करता है।इस यान को प्राप्त करने वाला भारत विश्व में पांचवा देश बन गया है|
इतना आधुनिक और महंगा ड्रीमलाइनर बोइंग विमान में बुधवार को संचालन के पहले ही दिन तकनीकी गड़बड़ी आ गई। विमान का एसी फेल हो गया। नतीजतन उड़ान में दो घंटे की देरी हुई। बाद में इंजीनियरों ने खराबी दूर की, तब जाकर विमान को बेंगलूर के लिए रवाना किया जा सका। वहीं, दूसरा ड्रीमलाइनर विमान भी एयर इंडिया के बेड़े में शामिल हो गया है।
विमान को आइजीआइ एयरपोर्ट से दोपहर 4.30 बजे उड़ान भरना था, लेकिन खराबी की वजह से इसे शाम 6.30 बजे रवाना किया गया।
एयर इंडिया का पहला बोइंग विमान आठ सितंबर को दिल्ली लाया गया था। एयर इंडिया ने विमान निर्माता कंपनी बोइंग को 27 विमान काऑर्डर दिया है। सारे विमान एयर इंडिया को साल 2016 तक आपूर्ति किए जाने हैं|।एयर इंडिया को बोईंग ७८७ मिलना शुरू हो गए हैं| सरकारी विमानन कम्पनी एयर इंडिया को बुधवार को दूसरा बोइंग 787 ड्रीमलाइनर मिल गया। कम्पनी इस विमान के साथ ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण पूर्व एशिया के नए गंतव्यों के लिए उड़ान शुरू करने पर विचार कर रही है।
तीसरा विमान महीने के आखिर में मिल जाने की उम्मीद है |इस साल के आखिर तक पांच 787 विमान और कारोबारी साल के आखिर तक सात विमान मिल जाने का अनुमान है।
एयर इंडिया कम ईंधन पीने वाले और पर्यावरण अनुकूल माने जाने वाले इस विमान को हासिल करने वाली दुनिया की पांचवीं कम्पनी है।

विमान बिना उतरे 16 हजार किलोमीटर तक लगातार उड़ सकता है।

कम्पनी इस विमान को मध्यपूर्व, यूरोप, एशिया और ऑस्ट्रेलिया के कई मार्गो पर लगाना चाहती है। कम्पनी को पहला ड्रीमलाइनर चार सालों की देरी से आठ सितम्बर को मिला। कम्पनी को पहली आपूर्ति मई 2008 में होनी थी।
लगातार घाटे में जारही एयर इंडिया की साख पर आजकल बड़े बड़े प्रश्न चिन्ह लगाये जा रहे हैं|बड़े बड़े बैल आउट पैकेज के बाद भी इस महाराजा की माली हालत बिगड़ती जा रही है| प्रबंधन में मिस मेनेज मेंट + पायलटों की हड़ताल और सुधारात्मक रिपोर्टों पर अम्ल में देरी से एयर इंडिया के डिसबेंडमेंट की मांग तक उठने लगी है|इस पर इतने महंगे २७ ड्रीम लाइनर्स के खरीद केलिए चार साल पहले आर्डर्स दे दिए गए|लेकिन कंपनी ने ये ड्रीम पूरा करने में ढील दिखाई अब चार साल बाद दो यान भारत में लैंड कराये गए हैं|इन प्लेन्स को लाने की इतने जल्दी दिखाई गई है कि नीचे लिखे तथ्यों को दरकिनार कर दिया गया है|
[१]अन्तराष्ट्रीय उड़ानों के लिए अभी तक उड़ान योजना और चालक दल के प्रशिक्षण की योजना जल्द तैयार की जानी है|
[२]इतने मंहगे और इतनी सुविधाओं से सुसज्जित ये यान लम्बी दूरी के लिए उपयोगी बताये जा रहे हैं लेकिन इन्हें कम दूरी की घरेलू उड़ानों पर लगाया जा रहा है|
[३]पहली उड़ान में ही ५०% से भी कम सीटें भरी जा सकी वापिसी पर तो और भी कम यात्री ही आये |
[४]बोईंग ड्रीम लाइनर कम्पनी ने यानों की डिलीवरी को चार साल तक टाला है इसके लिए हर्जाने का प्रावधान होने पर भी अभी तक हर्जाना फायनल नहीं किया जा सका है|
[५] प्लेन्स की मेंटिनेंस के लिए भारत में कोई प्रशिक्षित नहीं किया जा सका है

इतने सारे किन्तु परन्तु होने पर भी इतने महंगे यानों को घाटे वाले रूट्स पर उड़ाने के पीछे कौन सी सुधारात्मक नीति है इसका जवाब एयर इंडिया द्वारा दिया जाना भी जरुरी है| वैसे समय रहते अगर इसका आडिट करा लिया जाना भी श्रेयकर होगा

भारत बंद के आह्वाहन से बाज़ार सहमा :शुरुआती गिरावट दर्ज़

राजनीतिक अस्थिरता का असर बाज़ार पर पड़ना शुरू हो गया है| आज भारत बंद का अहवाह्न है|सम्भवत इसीलिए भारतीय बाजारों की शुरुआत तेज गिरावट के साथ हुई है। सेंसेक्स 200 अंकों और निफ्टी में 60 अंकों तक की शुरूआती गिरावट देखी गई है।अस्थिरता के अलावा एशियाई बाजारों की गिरावट और भारतीय रुपये की कमजोरी ने भी असर डाला है| एफएमसीजी शेयरों में आई खरीदारी से बाजार में बड़े पैमाने पर गिरावट हावी नहीं हो पाई है।
फिलहाल बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 134 अंक यानि 0.7 फीसदी की गिरावट के साथ 18,362 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं एनएसई का 50 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 49 अंक यानि 0.9 फीसदी की कमजोरी के साथ 5,550 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

एल पी जी पर ममता ने व्यंग किया और केंद्र ने मारी चोट

केंद्र सरकार को निष्ठुरता से छोड़ कर राजनीतिक पंडितों को धत्ता बताने वाली पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने आज केंद्र सरकार का मजाक उड़ाया |उन्होंने व्यंग्य कसते हुए कहा है कि सरकार
blockquote>रियायती मूल्य पर सिर्फ छह सिलेंडर उपलब्ध करवाकर लोगों को डायटिंग सिखा रही है।

ममता ने आज [बुधवार] को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केंद्र सरकार प्रति परिवार प्रति वर्ष रियायती दर सिर्फ छह सिलेंडर उपलब्ध करवाकर लोगों को डायटिंग करना सिखा रही है। सरकार चाहती है कि हम उपवास करें। सिर्फ छह सिलेंडर से कोई भी परिवार कैसे गुजारा कर सकता है? उन्होंने सिलेंडरों की संख्या छह से बढ़ाकर 24 किये जाने की मांग की है|
सुश्री ममता ने सरकार पर नाटक करने का आरोप भी लगाया और कहा कि मुझे प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से कोई सूचना नहीं मिली थी। जबकि मैंने अपने फैसले के विषय में कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी को पहले ही बता दिया था।
मुख्यमंत्री ने बहुब्रांड रिटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के मुद्दे पर सरकार पर तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी[अब राष्ट्रपति] के वादे से मुकरने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस पर फैसला आम सहमति से होना चाहिए।
ममता ने मंगलवार को संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार से समर्थन वापस लेने का ऐलान किया। केंद्र सरकार में शामिल उनके मंत्री शुक्रवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपना इस्तीफा सौंपेंगे। ममता ने कोलकाता में पार्टी के सांसदों एवं मंत्रियों की बैठक के बाद यह निर्णय लिया था।ममता ने डीजल की कीमतों में हुई वृद्धि और बहुब्रांड रिटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के मुद्दे पर केंद्र सरकार को 72 घंटे की मोहलत दी थी लेकिन केंद्र सरकार के रुख में कोई बदलाव न आने पर उन्होंने यह फैसला किया

उधर कांग्रेस ने भी पहले की लकीर को छोटा करके केलिए उसके समक्ष बड़ी लकीर खीचने की अपनी परम्परा को जारी रखा है|कांग्रेस नेता जनार्दन द्विवेदी ने आज घोषणा करते हुए बताया कीकांग्रेस शासित १० प्रदेशों में छह के स्थान पर ९ सिलेंडरों का वितरण किया जाएगा|तीन अतिरिक्त सिलेंडरों पर सब्सिडी का भार राज्य सरकार द्वारा उठाया जाएगा|
इसके जवाब में बंगाल के नेता एन गुप्ता का कहना है की राज्य सरकार पहले ही ढाई लाख करोड़ का कर्जा है|२२ हज़ार करोड़ प्रति वर्ष ब्याज दिया जाना है|केंद्र सरकार कोई छूट देने को तैयार नहीं है ऐसे में तीन सिलेंडरों पर सब्सिडी की प्रतिपूर्ति केंद्र द्वारा कराई जानी चाहिए|

महंगाई दर की दहाई ने नीतिओं पर लगे प्रश्न को एन्लार्ज किया


मन मोहन सरकार की आर्थिक मुश्किलें लगातार सुरसा की तरह बडती जा रही हैं| ममता बेनर्जी +मुलायम सिंह यादव + ऍफ़ डी आई मुद्दे के अलावा + डीजल और रसोई गैस की बढ़ी कीमतों के बाद अब महंगाई दर के आंकड़ों ने भी सरकार की नीतिओं पर प्रश्न चिन्ह को और एनलार्ज[ बड़ा] कर दिया है महंगाई दर के नए आंकड़ों के मुताबिक जुलाई के मुकाबले अगस्त महीने में महंगाई दर दो डिजिट्स[ अंकों] में पहुंच गई है.
जुलाई के मुकाबले अगस्त के महीने में आम जरूरत की चीजें और महंगी हो गई हैं| जुलाई में खुदरा महंगाई दर 9.८६% थी जो अगस्त में बढ़कर 10.03 % पर पहुंच गई है. सबसे ज्यादा 20.79 % की बढ़ोतरी रोजाना के इस्तेमाल में आने वाली सब्जियों के दामों में दर्ज की गई है| खुदरा महंगाई दर का ये हाल डीजल और रसोई गैस के दाम बढ़ाए जाने से पहले का है. ज़ाहिर है कि जब डीज़ल और एलपीजी के दाम बढ़ने का असर बाज़ार पर पड़ेगा तो सितंबर महीने की महंगाई दर के आंकड़े और भी सरकार को परेशानी में डालने वाले होंगे|
अभी तक खुदरा छेत्र में विदेशी निवेश के लाभ तो उसके प्रारम्भ होने के बाद ही दिखाई देंगे मगर अभी खुदरा बाज़ार ऑंखें दिखाने लगा है|इसके लिए कोई उपयोगी नीति के प्रति कोई इच्छा शक्ति दिखाई नहीं दे रहे है|

ममता ने निष्ठुरता से केंद्र सरकार छोडी भारत बंद से भी अलग रहेंगी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री सुश्री ममता बनर्जी सभी राजनीतिक पंडितों को धत्ता बताते हुए केंद्र सरकार के प्रति निष्ठुर हो गई है| टी एम् सी ने यूं पी ऐ २ से सपोर्ट वापिस लेने की घोषणा कर दी है|शुक्रवार [२१-सितम्बर]को पार्टी के छह मंत्री प्रधान मंत्री को इस्तीफा सौंप देंगें| बेशक इस कदम से केंद्र सरकार के गिरने की संभावनाएं बेहद कम हैं मगर इस एक घटक[१९]के चले जाने से सरकार की निर्भरता पूरी तरह से सा पा और बा सा पा पर हो जायेगी|यह एक संकट की बात हो सकती है| ममता के फैसले के बाद कांग्रेस में सरगर्मी तेज हो गई है। इस मुद्दे पर आज कांग्रेस कोर ग्रुप की बैठक है। आज ही सोनिया गांधी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वित्त मंत्री पी चिदंबरम से बात करेंगी।
बेशक डी एम् के ने २० तारीख के भारत बंद का समर्थन करने का एलन किया है मगर सपोर्ट वापिस लेने की कोई बात नहीं कही है| चेन्नई में डीएमके भी इसी सपोर्ट मुद्दे पर बैठक करने वाली है।
कोलकाता में ममता के इस ऐलान से दिल्ली में बैठी यूं पी ऐ सरकार हिल उठी है । अभी तक ममता की बगावती मुद्रा को महज दिखावा माना जा रहा था और समझा जा रहा था कि वो मनमोहन सरकार को किसी परेशानी में नहीं डालेंगी। लेकिन ममता ने सारी उम्मीदों को दरकिनार कर दिया। उन्होंने साफ कर दिया वो अपनी शर्तों पर किसी भी तरीके से झुकने को तैयार नहीं हैं।उनकी पहली ममता आम जनता के साथ है| ममता की तीन शर्तें रखी हैं
[१]ऍफ़ डी आई पर फैसला वापस ले सरकार।
[२]गरीबों को 12 सिलेंडर दे सरकार।
[३]डीजल की कीमतों में रोलबैक हो |
संसदीय समिति की तीन घंटे की मीटिंग के बाद ममता ने साफ कर दिया कि शुक्रवार को रेल मंत्री मुकुल रॉय समेत उनके सभी छह मंत्री इस्तीफा दे देंगे। हालांकि इस ऐलान के साथ ही ममता ने 48 घंटे की ऐसी मोहलत भी दे दी जिसके बाद कांग्रेस भी ये मानने लगी है कि ममता की मांगों पर सहानूभूतिपूर्वक विचार होगा और वो अब भी तृणमूल को अपना अहम सहयोगी मानती है। कांग्रेस अभी भी उम्मीद का दामन नहीं छोड़ना चाहती। ममता ने समर्थन की औपचारिक वापसी के लिए शुक्रवार का दिन तय किया है, यानी कांग्रेस के पास उन्हें मना लेने का कुछ समय है शायद इसीलिए ममता के विरुद्ध अभी तक कांग्रेस के लहजे में कोई तल्खी नहीं आई है|
कांग्रेस के लिए हमेशा ही संकटमोचक की भूमिका निभाने वाली समाजवादी पार्टी पर भी दबाव बढ़ गया है। महंगाई से लेकर एफडीआई जैसे मुद्दों को लेकर सरकार के विरोध का एलान करने वाली एसपी के लिए कांग्रेस का साथ देना फिलहाल मुश्किल लग रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस ने ममता के अल्टीमेटम पर गौर न करके गलती की।प्रोफ़ेसर राम गोपाल यादव ने तो यहाँ तक कह दिया है कि सरकार ने विश्वसनीयता खो दी है मगर सपोर्ट विड्रा पर कोई बयाँ नहीं है|
अब अगर केबिनेट द्वारा पास किया गया ऍफ़ डी आई को निरस्त किया जाता है तब देश और विदेश में भी सरकार की साख गिरेगी|अब केवल प्रधान मंत्री पर ही नहीं बल्कि पूरी सरकार पर ही दब्बू+फिसड्डी +लंगडी बत्तख का आरोप लगेगा|इससे सरकार जरूर बचाना चाहेगी|अपनी सरकार बचाने के लिए डीजल से २य़ा३ रुपयों का रोल बैक और एल पी जी के सिलेंडरो कि संख्या बढाने पर समझौता हो सकता है |इसके संकेत सरकार द्वारा पहले से ही दिए जा रहे हैं|
ममता के इस रुख ने देश की राजनीति में तूफान मचा दिया है। अब घटक या बाहर से समर्थन दे रहे दलों पर भी यह दबाब होगा कि अब बाहर से समर्थन वाली राजनितिक चाल चलने वाले नहीं है|जाहिर है ऐसे में अगले 48 घंटे सिर्फ सरकार के लिए ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए अहम है। तृणमूल के रुख के बाद 20 सितंबर को होने जा रहा भारत बंद अब और भी अहम इस लिहाज से हो गया है क्योंकि इसमें एनडीए से लेकर लेफ्ट, टीडीपी, समाजवादी पार्टी ही नहीं, डीएमके जैसे यूपीए के सहयोगी भी शिरकत कर रहे हैं। यानी यूपीए सरकार को बेहद कड़ी राजनीतिक सयम से इस नई चुनौती का सामना करना है। प्रधानमंत्री डाक्टर मनमोहन सिंह,की अर्थशात्र निपुण टीम और कांग्रेस के पुराने धुरंधर इस संकट कि घड़ी में कितने कामयाब होते हैं यह तो समय बताएगा| और शायद नया इतिहास भी बनेगा|

ममता बेनर्जी ने केवल सपोर्ट ही विड्रा नहीं किया वरन यूं पी ऐ २ की सरकार पर करारे प्रहार भी किये हैं|अपनी प्रेस कांफ्रेंस में बड़ी सफाई से २० तारीख के बंद [सपा+लेफ्ट+भाजपा]से अपने आप को अलग करते हुए जहां एक्ला चलो का संकेत दिया वहीं कांग्रेस पर आरोप भी लागाया कि ज्वलंत कोयला घोटालों से जनता और राज नीतिक पार्टिओं का ध्यान हटाने के लिए ऍफ़ डी आई +डीजल और रसोई गेस को मुद्दा बनाया गया है|सरकार कि यह चल कामयाब नहीं होने दी जायेगी|

२० तारीख बंद की सफलता के लिए भाजपा ने ५० महारथी उतारे

महंगाई और रिटेल में ऍफ़ डी ई के प्रति केंद्र सरकार की वितीय नीतिओ के विरुद्ध भाजपा देश भर में २० सितम्बर को राष्ट्रव्यापि बंद का आह्वाहन किया है|देश भर में ५० केंद्र बनाये गए हैं|और प्रत्येक केंद्र पर आन्दोलन को सफल बनाने के लिए पार्टी के दिग्गजों को कमान सौंपी गई है|मुख्यत केंद्र प्रभारी निम्न हैं
[१] अध्यक्ष नितिन गडकरी और उपाध्यक्ष मुख़्तार अब्बास नकवी को दिल्ली की कमान सौंपी गई है तो लोक सभा में पार्टी नेता सुषमा स्वराज भोपाल जायेंगी| पूर्व अध्यक्ष राज नाथ सिंह लखनऊ देखेंगे| डाक्टर रमेश पोखरियाल निशंक मेरठ आयेंगे| नवजोत सिंह सिद्धू अमृतसर में रहेंगे|और पब्लिसिटी इंचार्ज नलिन एस कोहली को शिलोंग भेजा जाएगा|

शेयर बाज़ार में नौ दिनी रफ़्तार में आज शुरुआती ब्रेक

शेयर बाजार में नौ दिनों से जारी तेजी में आज मंगलवार १८-९-२०१२ को शुरुआती कारोबार में ब्रेक लगते दिखाई दिए| मुम्बई शेयर बाज़ार का सेंसेक्स ६१.३५ अंक[१८४८०.९६ और नॅशनल स्टाक एक्सचेंज निफ्टी २३.५५ [५५८६.४५]अंक नीचे खुला |मेटल+आटो +बैंकिंग शेयरों में बिकवाली से ३० शेयरों वाला सेंसेक्स 61.35 अंक नीचे 18,480.96 अंक पर खुला.
छोटे फंडों की मुनाफा वसूली से नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 23.55 अंक नीचे 5,586.45 अंक पर दिखाई दिया

शेयर बाज़ार महंगाई से बेअसर ऊंचाईयों की तरफ अग्रसर:७८ अंक ऊपर

शेयर बाजार में आज सोमवार भी तेज़ी के नाम ही रहा |
रिज़र्व बैंक के सीआरआर में चौथाई प्रतिशत की कटौती किए जाने के निर्णय के बीच बैंकिंग+ कैपिटल गुड्स और बिजली शेयरों में लिवाली से सेंसेक्स 78 अंक चढकर बंद हुआ.
बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स आज और 78.04 अंक चढ़कर 18,542.31 अंक पर बंद हुआ| इससे पूर्व यह स्तर पिछले साल जुलाई में देखा गया था |
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 250 अंक उछलकर दिन के उच्च स्तर 18,715.03 अंक तक को छू गया था|
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी तेज़ी के साथ 32.35 अंक ऊपर 5,610 अंक पर बंद हुआ| कारोबार के दौरान एक समय यह दिन के उच्च स्तर 5,652.20 अंक पर पहुंच गया था.
शेयर बाजार के निवेशक विशेष तौर पर विमानन क्षेत्र में एफडीआई की नयी पहल सहित अन्य आर्थिक सुधारों में तेजी लाने के सरकार के निर्णय से उत्साहित दिखाई दे रहे हैं|
सेंसेक्स में शामिल 30 में से 18 कंपनियों के शेयरों में तेजी दर्ज की गई

कोयले से मैले हाथों को धो कर साफ़ कर लेंगे:शिंदे

विपक्ष अगर कमजोर हो +घटक घनघोर हों+समर्थक बिनाजोर हों तो सरकार तो जोरावर हो ही जाती है|इसलिए महंगाई से बने फफोलों पर तानों का नमक मलने से भी बाज नहीं आती |कमोबेश ऐसा ही लोक सभा में सरकार के नेता और गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कर दिखाया है|श्री शिंदे ने कीमतों के रोल बैक के शोर में कोयला घोटालों की धूल साफ करते हुए कहा है कि जनता की याददाश्त बेहद कमजोर होती है|इसीलिए कोयले को भी बहुत जल्द भूल जायेगी|
श्री शिंदे अपने गृह प्रदेश पुणे में आयोजित एक एवार्ड समारोह में आये हुए थे|यहाँ उन्होंने कहा कि पूर्व में बोफोर्स और पेट्रोल पम्प एलाटमेंट के घोटालों को जनता भुला चुकी है|अब कोयले से मैले हुए हाथों को धो कर साफ कर लिया जाएगा|इसीलिए जनता इसे भी भूल जायेगी|
गौरतलब है कि वर्तमान के गणित के हिसाब से कांग्रेस के घटक उसके साथ हैं|ममता+मुलायम सिंह सरकार को नहीं गिराने के ब्यान दे चुके हैं|लालू प्रसाद यादव खुल कर ऍफ़ डी आई का समर्थन कर रहे हैं|एन डी ऐ भी इस मामले में एक जुट नहीं है ऐसे में सरकार को कोई खतरा नहीं है बेशक प्रधान मंत्री खामोशी पसंद करते हैं मगर आये दिन महंगाई के बड़े बड़े बमों के धमाके कर रहे हैं|उन्हें मालूम है कि सरकार कहीं जाने वाली नहीं है|तब फिर क्यूं फिसड्डी और दब्बू बन कर रहा जाए शायद इसीलिए अब प्रीमियम पेट्रोल भी सवा छह रूपये लीटर बड़ा दिया गया है|

ऍफ़ डी आई को मंजूरी से तीन एयर लाईन्स की तात्कालिक लाटरी निकली

उड्डयन छेत्र में ऍफ़ डी आई को मंजूरी दिए जाने से नकदी के संकट से जूझ रही कम से कम तीन एयर लाईन्स की तो [पहली नज़र में]लाटरी निकल पड़ी है विदेशी विमानन कंपनियां अब भारत की नागर विमानन सेवा कंपनियों में 49 प्रतिशत तक हिस्सेदारी ले सकती हैं। इससे नकदी के संकट से जूझ रहे विमानन कंपनियों को जबरदस्त प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।विमानन क्षेत्र के लिए इस बहुप्रतीक्षित निर्णय की उम्मीद में शुक्रवार को बंबई शेयर बाजार में किंगफिशर का शेयर 7.88 प्रतिशत+ स्पाइसजेट का शेयर 4.39 प्रतिशत और जेट एयरवेज का शेयर 1.97 प्रतिशत की बढ़त लेकर बंद हुआ।
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने विदेशी एयरलाइंस को घरेलू एयरलाइंस में हिस्सेदारी खरीदने की अनुमति देने के प्रस्ताव को शुक्रवार को मंजूरी दे दी है|
बैठक के बाद नागर विमानन मंत्री चौधरी अजित सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि मंत्रिमंडल ने विदेशी एयरलाइंस को भारतीय विमानन कंपनियों में 49 प्रतिशत तक हिस्सेदारी खरीदने की अनुमति देने का प्रस्ताव को मंजूर कर लिया है। वर्तमान एफडीआई नियमों के तहत गैर-विमानन क्षेत्र के विदेशी निवेशकों को भारतीय विमानन कंपनियों में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से 49 प्रतिशत तक हिस्सेदारी खरीदने की अनुमति है, लेकिन विदेशी एयरलाइंस को घरेलू विमानन कंपनियों में हिस्सेदारी लेने की अनुमति नहीं थी।उल्लेखनीय है कि विमान ईंधन पर अत्यधिक कर+ बढ़ते हवाईअडडा शुल्क+ महंगे ऋण+और गलाकाट प्रतिस्पर्धा के चलते ज्यादातर भारतीय विमानन कंपनियां घाटे में चल रही हैं। इंडिगो को छोड़कर सभी विमानन कंपनियों ने बीते वित्त वर्ष में घाटा दर्ज़ कराया है|