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Category: Economy

चौ.अजित सिंह ने यात्रिओं को राहत दी और एयर पोर्ट विकास शुल्क लगाने से मना किया

सिविल एविएशन मंत्री चौधरी अजित सिंह ने आज देश के दो महत्वपूर्ण एयर पोर्ट्स पर डेवेलोपमेंट चार्जेस वसूलने के ऐ ऐ आई के प्रोपोजल को नकार दिया है|इसके फलस्वरूप अब फिलहाल चेन्नई और कोलकत्ता में डेवेलोप मेंट चार्जेस नहीं वसूले जायेंगें| मंत्री ने इस विषय में कहा है कि सरकार का उद्देश्य यात्रिओं को किफायती दरों पर हवाई यात्रा मुहैय्या करवाना है|जबकि इस प्रकार से डेवेलोपमेंट फीस लगाना तो उद्देश्यों के विरुद्ध जाना होगा|

चौ.अजित सिंह ने यात्रिओं को राहत दी और एयर पोर्ट विकास शुल्क लगाने से मना किया


एयर पोर्ट्स आथोरिटी आफ इंडिया[ऐ ऐ आई]द्वारा चेन्नई औ|अब ऐ ऐ आई ने एयर पोर्ट डेवेलोपमेंट फीस के बगैर ही प्रस्ताव को एअरपोर्ट इकोनोमी रेगुलेटरी आथोरिटी[ऐ ई आर ऐ] को भेज दिया है|
बेशक अब घरेलू यात्रिओं से ३००/= और विदेशी से १०००/= डेवेलपमेंट चार्जेस नहीं वसूले जायेंगे मगर अभी भी यूजर डेवेलोपमेंट फीस[यूं डी ऍफ़]लैंडिंग और पार्किंग आदि टैरिफ अवश्य देना होगा|

किंग फिशर एयर लाइंस के चेक बाउंस होने पर विजय माल्या के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी

हवाई उड़ानों को लेकर लगातार आलोचनाओं का केंद्र रहे किंग फिशर के मालिक विजय माल्या और चार अन्य के खिलाफ हैदराबाद की एक अदालत ने चेक बाउंस होने के मामले में अदालत में पेश नहीं होने पर गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है|। ऐसे में आसार लगाये जा रहे हैं कि श्री माल्‍या को कभी भी गिरफ्तार किया जा सकता है
गौरतलब है की जीएमआर हैदराबाद इन्‍टरनेशनल एयरपोर्ट की प्रबंधन कर्ता है| विमानों की पार्किंग, लैंडिंग और रखरखाव के किराये के[यूजर फीस] रूप में जी एम् आर धन वसूलती है| किंग फिशर एयर लाइंस जिस पर इस मद में वर्तमान में लगभग ६४ करोड़ की देन दारी है ने १० करोड़ का भुगतान बैंक चेक्स से किया था |लेकिन चेक दो बार बाउंस बैक हो गए | जे एम् आर ने किंगफिशर के खिलाफ 10.3 करोड़ के चेक बाउंस होने का केस दर्ज करवा दिया| श्री माल्या को जारी किए गए सम्मन के बावजूद जब वह अदालत में उपस्थित नहीं हुए तब अदालत ने वारंट जारी किया। मामले में किंगफिशर, उसके अध्यक्ष माल्या और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अधिकारी संजय अग्रवाल को जवाबी बनाया गया है। किंगफिशर पर मुंबई और दिल्ली में भी ऐसे ही मामले चल रहे हैं।

किंग फिशर एयर लाइंस के चेक बाउंस होने पर विजय माल्या के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी


इसके पहले मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट चलाने वाली कंपनी जीवीके ग्रुप ने जून 2012 में और दिल्‍ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डीआईएएल) की प्रबंधन कंपनी ने तीन करोड़ रूपये के चेक के बाउंस होने का केस किंगफिशर के खिलाफ दायर किया था।
इस केस की सुनवाई की अगली तारीख 5 नवंबर निर्धारित की गई है
उधर कर्ज के बोझ तले दबी किंगफिशर एयरलाइंस में तालाबंदी एक सप्ताह २० अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है।।
गौरतलब है, इससे एक दिन पहले किंगफिशर एयरलाइंस के सीईओ संजय अग्रवाल ने सभी कर्मचारियों से अपील की थी कि वे काम पर लौट आएं ताकि फ्लाईटों का संचालन फिर से शुरू किया जा सके।
वहीं, हड़ताली कर्मचारी इस मांग पर अड़े हुए हैं कि पहले उनकी सात माह से रुकी हुई तनख्वाह और अन्य भत्तों का निपटारा किया जाए। उसके बाद ही वे दोबारा काम पर लौटेंगे। कंपनी की सभी फ्लाइटों का संचालन बंद पड़ा है। गौरतलब है कि किंगफिशर पर अपनी वितीय हेसियत से सात गुना ज्यादा का कर्ज बोझ है। और इसके शेयर भी संभल नहीं पा रहे शुक्रवार को ०.४४% गिर कर ११.४० पर बंद हुए|।
वर्ष की दूसरी तिमाही 30 जून 2012 तक कंपनी को 651 करोड़ रूपये का घाटा हुआ है | इस माह एक अक्टूबर से ग्राउंड पर खडी किंग फिशर एयर लाइंस ने २००५ से लगातार घाटा ही बुक किया है| अब विदेशी निवेश की आशा जगी थी मगर उसमे लगातार हो रही देरी से कम्पनी को होल्ड पर रखने में तमाम परेशानियां आ रही है और रोजाना नई सर दर्दी से किरकिरी हो रही है| कंपनी के एक कर्मचारी की पत्नी को आत्म हत्या के लिए मजबूर करने के आरोप से बचते बचाते विजय माल्या अब जी एम् आर को दिए चेक के बाउंस होने और अदालत की अवमानना के दोष में जेल जा सकते हैं|जी एम् आर फिलहाल इनकम टेक्स के छापे झेल रही है जाहिर है पैसे की उसे ज्यादा जरुरत होगी सो विजय माल्या के लिए मुश्किलें कम होंगी इसकी उम्मीद कम ही नज़र आ रही है |

बाबा राम देव ने भी केंद्र के खिलाफ आन्दोलनास्त्र चला दिया

इंडिया अगेंस्ट करप्शन के अरविन्द केजरीवाल के चक्रव्यूह में फंसी केंद्र सरकार पर आज योग गुरु बाबा राम देव ने भी आन्दोलानस्त्र चला दिया है|बाबा ने खुद अपनी जांच की मांग को लेकर आन्दोलन छेड़ने की चेतावनी दे डाली है| आज एक साथ दो घटनाक्रम हुए [१]विकलांगों के मुद्दे को लेकर कानून मंत्री के इस्तीफे पर अड़े केजरीवाल ने आज बवाना जेल से छूटने के बाद फिर संसद मार्ग पर धरना शुरू कर दिया है|इससे देश और विदेश में भी किरकिरी हो रही है| केजरीवाल ने बताया कि विकलांगों पर पोलिस ने बर्बरतापूर्वक लाठी चार्ज करके मानवता को शर्म सार किया है| आज जेल से छूटने के बाद भे जेल गेट पर हंगामे की स्थिति रही

बाबा राम देव ने भी केंद्र के खिलाफ आन्दोलनास्त्र चला दिया


केजरीवाल के संसद मार्ग पहुँचने के थोड़ी देर बाद ही बाबा ने प्रेस कांफ्रेंस की और केंद्र सरकार विशेष कर कांग्रेस पर जम कर भडास निकाली | बाबा रामदेव के गुरु शंकर देव जी की गुमशुदगी की जांच को सीबीआई से कराने की उत्तराखंड सरकार की सिफारिश के बाद बाबा रामदेव भड़के हुए हैं|बीते दिन उन्होंने बलात्कार पर श्रीमती सोनिया गांधी के बयाँ पर कटाक्ष किय और आज गांधी-नेहरू परिवार के साथ कांग्रेस पर भी करारा हमला किया है। उन्होंने नाम लिए बिना कहा कि यह खूनी खानदान है, अपनों को भी नहीं बख्शती। केंद्र सरकार पर तीखे हमले करते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि सभी घोटालों की सीबीआई जांच होनी चाहिए। जीप घोटाले से लेकर जीजाजी घोटाले तक की जांच होनी चाहिए। इस प्रेस कांफ्रेंस में बाबा ने कांग्रेस के खिलाफ सभी संभव नकारात्मक विश्लेषणों का प्रयोग करते हुए अपनी भड़ास निकाली
बाबा ने अपने गुरु की गुमशुदगी की सीबीआई जांच के ऐलान का स्वागत किया। हालांकि, उन्होंने सीबीआई की साख पर सवाल उठाते हुए कहा कि जांच एजेंसी के ही इलाज किए जाने की जरूरत है। बाबा ने कहा,’सीबीआई को एक स्‍वतंत्र जांच एजेंसी की तरह काम करना चाहिए। बेहतर तो यह होगा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के जज से मुझसे संबंधित सारे मामलों की जांच करा ले।’ उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को पत्र लिखकर अपील करूंगा कि वे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की अध्यक्षता में एक आयोग बनवाकर करवाएं।
बाबा ने नाम लिए बिना गांधी परिवार को खूनी परिवार करार देते हुए कहा कि यह एक ऐसा खानदान है जिसने विरोधियों को तो छोड़िए, अपनो को भी नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा, ‘श्यामा प्रसाद मुखर्जी, जयप्रकाश नारायण और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की मौतों की भी जांच होनी चाहिए। यहां तक इन्होंने अपने रिश्तेदारों तक को भी नहीं छोड़ा। रॉबर्ट वाड्रा के परिवार में हुईं मौतों की भी जांच हो|उन्होंने कि राबर्ट के पिता की मृत्यु के बाद अब राबर्ट का नंबर था मगर केजरीवाल के आन्दोलन से वोह बच गए है|बाबा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के जज की अध्यक्षता में मेरी[बाबा]की जाँच भी करवा ली जाए अगर जाँच नहीं हुई तो वह स्वयम भी अपनी जांच के लिए आन्दोलन छेड़ देंगे|

पंकज जौली आज संयुक्त व्यापार मंडल के मेरठ जिले के प्रभारी बने

पंकज जौली को संयुक्त व्यापार मंडल के मेरठ जिले के लिए प्रभारी और जीतू नागपाल को जिलाध्यक्ष बनाया गया|इस अवसर पर सहारनपुरऔर मुजफ्फर नगर के पधाधिकारिओं को न्युक्ति पत्र भी बांटे गए|
आबू लेन स्थित राजमहल होटल में मंडल का सम्मलेन आयोजित किया गया|जिसकी अध्यक्षता प्.उ.प्र.अध्यक्ष सुधीर कान्त शर्मा ने की|
पंकज जौली आज संयुक्त व्यापार मंडल के मेरठ जिले के प्रभारी बने [/caption
]इस अवसर पर पंकज जौली ने व्यापारिओं से खचाखच सभागार में व्यापारिओं को आश्वासन दिया कि उन्हें सौंपी गई जिले की ज़िम्मेदारी को उसे तन्मयता से निभायेंगे|और व्यापारी की समस्या के समाधान के लिए सडकों पर भी अगर संघर्ष करना पडा तो पीछे नहीं हटेंगे| पंजाबी संघठन के राम प्रकाश सेठी+पिंटू राणा+गौरव शर्माआदि ने भी अपने ओजस्वी विचारों से नए पधाधिकारिओं में उत्साह का संचार किया|

अरविन्द केजरीवाल को विकलांगों के साथ दिल्ली पोलिस ने हिरासत में लिया

विकलांगों के मुद्दे को लपक कर इंडिया अगेंस्ट करप्शन के नेता अरविन्द केजरीवाल आज राज पथ को रणभूमि बनाने के लिए धरने पर बैठे |उनके साथ मनीष शिशोदिया और गोपाल राय के अलावा बड़ी संख्या में विकलांग थे| इससे पहले कि राज पथ तहरीर चौक (मिस्र में सत्ता विरोधी प्रदर्शनों का केंद्र)बनता पोलिस ने केजरीवाल और उनके साथ धरना दे रहे कार्यकर्ताओं को जबरन उठाकर हिरासत में ले लिया।और बसों में लाद कर बवाना ले गए| किसी के हताहत होने का समाचार नहीं मिला हैहाँ केजरीवाल की कमीज की दाईं कंधें से जरुर धक्का मुक्की में फट गई|
।केजरीवाल को हिरासत में लिए जाने के बाद उन्‍होंने पत्रकारों से कहा कि मुझे नहीं मालूम कि पुलिस मुझे लेकर कहां जा रही है। यदि मैं जेल गया तो बाहर नहीं निकलूंगा। उन्‍होंने यह भी कहा कि आज जिसको जेल में होना चाहिए वह खुलेआम घूम रहा है। मार्च जनपथ से शुरू हुआ लेकिन पुलिस ने उसे 100 मीटर के बाद ही राजपथ चौराहे पर रोक दिया।उन्होंने कहा कि खुर्शीद ने कानून मंत्री के पद का अपमान किया है। इस पद पर एक समय में बी आर अंबेडकर कार्य कर चुके हैं। खुर्शीद और उनकी पत्नी के खिलाफ एक मामला दर्ज किया जाना चाहिए। जब तक वह पाक साफ घोषित नहीं हो जाते उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर रहना चाहिए।
अब लोगों को छुट्टी लेकर इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होना चाहिए। अब यह आरपार की लड़ाई है।
गौरतलब है कि एक चेनल के स्टिंग आपरेशन में डाक्टर जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट के तत्वधान में विकलांगों के लिए एलोटेड लगभग ७१ लाख प्रतिवर्ष के फंड्स का दुरूपयोग सामने आया है| इस ट्रस्ट के चेयर मैन डाक्टर जाकिर हुसैन के नवासे और वर्तमान कानून मंत्री सलमान खुर्शीद हैं और उनकी पत्नि श्रीमति लुईस प्रोजेक्ट निदेशक हैं|इस मुद्दे को जोर शोर से लपकने वाले नए नए राजनीतिक बने केजरीवाल और स्टिंग करने वाले मीडिया को मंत्री ने इंग्लैण्ड से ही गन्दी नाली का कीड़ा कह कर अपनी भड़ास निकाली|
इस मुद्दे को लेकर पहले तो केजरीवाल ने श्रीमती सोनिया गांधी के निवास को घेरने की घोषणा की थी मगर बाद में पी एम् निवास को टार्गेट बनाया गया | पी एमओ ने कहा कि पी एम् डाक्टर मनमोहन सिंह के पहले से कार्यक्रम तय हैं इसलिए वे केजरीवाल से नहीं मिल सकते। जिसके बाद केजरीवाल और उनकी टीम ने पीएम आवास घेरने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। जिसके बाद केजरीवाल वहीं जनपथ पर धरने पर बैठ गये। केजरीवाल ने कहा है कि जब तक प्रधानमंत्री नहीं

अरविन्द केजरीवाल को विकलांगों के साथ दिल्ली पोलिस ने हिरासत में लिया

कर बसों में लाद कर वहां से हटाया |
इसी बात पर केजरीवाल ने कानून मंत्री के इस्तीफे की मांग की है तो वहीं खुर्शीद ने सारे आरोपों को नकारते हुए केजरीवाल को कोर्ट में खींचने की बात कही है।
पत्रकारों से बातचीत में अरविंद केजरीवाल ने सवालिया लहजे में पूछा कि क्या प्रधानमंत्री डर के छुप गए हैं? केजरीवाल ने मांग की कि पीएम को कानून मंत्री खुर्शीद को तुरंत बर्खास्त कर देना चाहिए।
उधर सलमान खुर्शीद ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। साथ ही उन्होंने केजरीवाल के खिलाफ अदालत में जाने का फैसला किया है। खुर्शीद का कहना है कि केजरीवाल काफी घटिया व्यवहार कर रहे हैं और वो इसका सही जवाब उन्हें अदालत में मामला दर्ज करके देंगे। कांग्रेस ने भी कहा है कि खुर्शीद सफाई दे चुके हैं। अब सड़क पर प्रदर्शन का कोई मतलब नहीं है। कांग्रेस प्रवक्ता और दिल्ली की मुख्य मंत्री शीला दीक्षित के पुत्र संदीप दीक्षित ने कहा कि पीएम हर किसी से किसी भी वक्त नहीं मिल सकते। जबकि यूं पी ऐ की एक सहयोगी सपा ने इस घोटाले को राष्ट्रीय अपराध की संज्ञा दी है|
अरविन्द केजरीवाल का कहना है कि पहले मांग, फिर दबाव और तब भी बात न बनी, तो धरना-प्रदर्शन का निर्णय किया गया.
ब्यूरोक्रेट से सोश्लाईट और अब राजनीतिक बने अरविंद केजरीवाल को राजनीती का मन्त्र समझ में आ गया है कि सियासत में सबसे जरूरी है मशहूर होना और मशहूर होने के लिए मशहूर हस्तियों को निशाना बनाना सबसे आसान रास्ता है.| उनके भाग्य या केंद्र सरकार के दुर्भाग्य से अरविन्द को लगातार मुद्दे मिलते जा रहे हैं|अरविन्द को डील करने में शासन और प्रशासन की कार्यविधि से सरकार की लोक प्रियता का ग्राफ लगातार गिरता जा रहा है| दिल्ली में अपनी राजनीतिक बिसात बिछाने में लगातार सफल होते जा रहे अरविन्द ने पहले [१] बिजली के बिल जलाए+बिजली के कनेक्शन जोड़े+ [२] रॉबर्ट वाड्रा और डी एल ऍफ़ के साथ हरियाणा सरकार को कठघरे में ले आये +[३]डी एल ऍफ़ और इंडियन बुल जैसी कंपनियों के शेयर गिराने के लिए अरविन्द का एक ही बयाँ पर्याप्त बन गया|अब केन्द्रीय कानून मंत्री और मौजूदा सरकार के भरोसे मंद सलमान खुर्शीद का मुद्दा मिल गया है|मीडिया को लाख सर्कार ताने मारे मगर मीडिया को लगातार एक्टिव +नए+जनहित के मुद्दे देने में सफल रहे हैं| इसीलिए अब सरकार को भी समझ लेना चाहिए कि अरविन्द केजरीवाल न तो किसी गन्दी नाली के कीड़े है और नाही इनके लिए अब कोई या किसी या ऐरे गैरे जैसी पदवियाँ दे देने भर से मामले टलने वाले नहीं हैं बल्कि एक नए राजनीतिक मोर्चे के खुलने का यह एलान है|इसके अलावा यह भी कहना जरुरी है कि यह ट्रस्ट देश के प्रेसिडेंट रहे डाक्टर जाकिर हुसैन के नाम पर है|येही वोह डाक्टर जाकिर हुसैन हैं जिन्होंने मोहम्मद अली जिन्नाह के खिलाफ पंडित जवाहर लाल नेहरु के मूवमेंट को समर्थन दिया था |ऐसे स्वतन्त्रता सेनानी के नाम पर लगा धब्बा मिटाना वर्तमान सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए|

मोदी जोगने को विदेशों से मान्यता मिल रही है अब देश में जोगी का रूतबा भी मिल ही जाएगा

भारत में कहा जाता है घर का जोगी जब तक बाहर प्रसिधी नहीं पाता तब तक जोगना ही रहता है शायद इसीलिए गुजरात के मुख्य मंत्री नरेन्द्र मोदी भी केंद्र सरकार के लिए जोगना ही हैं|एन डी ऐ और यूं पी ऐ के अनेकों घटकों ने मोदी को अछूत भी घोषित किया हुआ है|मोदी के नाम पर नितीश कुमार और मुलायम सिंह का बिदकना जग जाहिर है लेकिन अभी हाल ही में ग्रेट ब्रिटेन ने जिस तरह मोदी के विकास को मान्यता दे दी है और एक और समाचार के अनुसार अब अमेरिका भी गुजरात के विकास में अपने यहाँ की मंदी का पाप धो लेना चाह रहा है इससे लगता है कि जोगना मोदी भी जल्दी ही देश में जोगी का रुतबा+मुकाम+सम्मान पाने जा रहा है|
लोक कल्याण मामलों के सहायक विदेश मंत्री माइक हैमर ने कहा है कि अमेरिका किसी भी वीजा आवेदन का मूल्यांकन योग्यता और अमेरिकी नियमों के मुताबिक करेगा।
संवाददाता सम्मेलन के दौरान बताया गया कि आप जानते हैं कि हम किसी व्यक्ति विशेष के वीजा मामले से जुड़े सवालों में नहीं पड़ते।
नरेंद्र मोदी के बारे में ब्रिटेन के हालिया सकारात्मक फैसले के संदर्भ में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में मोदी के प्रति अमेरिका की एक दशक पुरानी नीति बदलने का संकेत दिया गया है|
गौरतलब है कि ब्रिटेन और अमेरिका समेत कुछ देशों ने गुजरात में २००२ के दंगों के बाद मोदी से संपर्क न रखने की नीति अपनाई थी।ब्रिटेन ने गुजरात के साथ विदेशी निवेश पर कोई साझेदारी भी नहीं की थी ब्रिटिश फैसले पर अमेरिका की बड़ी अखबार वाशिंगटन पोस्ट ने लिखा है कि विश्व में तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्था के उद्यम प्रिय सरकारी अधिकारी बहुत सी राजनीतिक बाधाएं हटा सकते हैं। भारत मामलों के नए ब्रिटिश मंत्री ह्यूगो स्वायर ने एक बयान में कहा कि मैंने नई दिल्ली स्थित ब्रिटिश उच्चायुक्त को मोदी से मिलाने को कह दिया गया है| ब्रिटेन के इस रुख को पश्चिमी देशों में मोदी की बदलती छवि के तौर पर भी देखा जा रहा है। ब्रिटेन के इस कदम का स्वागत करते हुए मोदी ने भी कहा है कि गाड इज ग्रेट |देर आए दुरुस्त आए।
मोदी ने इस बदलाव को राजनीयिक परिपेक्ष्य में भुनाते हुए तत्काल केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गुजरात का महत्व सात संमदर दूर बैठे लोग समझते हैं लेकिन दिल्ली में बैठे लोगों को समझ में नहीं आता है। केन्द्र सरकार की ओर से कभी भी गुजरात को शाबाशी नही दी गयी, हमेशा उससे दोहरा बर्ताव किया गया।मोदी ने कहा, कि दिल्ली में सौ देशों के नेता एक मंच पर एक साथ नहीं आए। लेकिन ‘वाइब्रेंट गुजरात समिट’ में 120 से ज्यादा देशों के नेता एक साथ आए हैं। मोदी ने साफ कही कि अगर केन्द्र सरकार हमारे साथ होती तो भारत का नाम बहुत ऊंचा होता और गुजरात की जनता को वोह सारी दिक्कतें नहीं सहनी पड़ती जो आज सहनी पड़ रही हैं|
अब दस साल बाद इन विकसित देशों का नरेन्द्र मोदी के प्रति ह्रदय परिवर्तन एक दम या अचानक नहीं हो गया है|दरअसल वहां रहने वाले गुजरात मूल के व्यापारिओं की लाबी बेहद शक्तिशाली है और राजनीतिक दान में भी विशवास रखती है इन लोगों में नरेन्द्र मोदी अच्छे खासे प्रसिद्ध हैं| मोदी ने अपने देश में भी तमाम अपमान जनक स्थितिओं को झेलते हुए भी प्रदेश का विकास कार्यक्रम जारी रखा यहाँ तक कि
रतन टाटा से नैनो की फेक्ट्री लगवाई +

मोदी जोगने को विदेशों से मान्यता मिल रही है अब देश में जोगी का रूतबा भी मिल ही जाएगा

अमिताभ बच्चन को गुजरात का ब्रांड अम्बेसडर बनाया + अजय देवगन के साथ इंटर नेट पर छाए इसीलिए अब गुजरात में विकास की धाराएँ देखी जाने लगी है| |उधर आर्थिक मंदी की मार झेल रहे इन विकसित देशों को नया बाज़ार चाहिए जो उन्हें अब गुजरात में दिखाई दे रहा है|यहाँ यह कहना भी अतिशियोक्ति नहीं होगा की गुजरात में चुनावी प्रक्रिया चल रही है और चुनावी हवा कुछ हद तक गुजरात के विकास पुरुष कहे जा रहे नरेन्द्र मोदी के पक्ष में बह रही प्रतीत होती है| ऐसे में अक्लमंद व्यापारी के लिए अपना पैसा इन्वेस्ट करने के लिए फिलहाल गुजरात ही फायदे मंद साबित हो सकता है|

मैंगो और बनाना में एक साथ स्वाद बढाने के लिए एल पी जी की समस्या पैदा की है

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक मैंगो मैन

ओये झल्लेया ये तुम्हारी सरकार तो हम शहरियों को लगातार भाम्बड भूसे में सरकार डालती जा रही है?दाल रोटी+पेट्रोल+के बाद एल पी जी की घरैड भी संभाले नहीं संभल रही |सरकार ने कहा छह सिलेंडर लो+फिर कहा की इस छमाही में केवल तीन ही लो+फिर कहा महँगा लो लेकिन अब तो कहा जा रहा है कि लेना हो लो नहीं लेना हो तो मत लो हम तो ऐसे ही देंगें +जिसे हमारी मर्जी होगी उसे ही देंगें +अपना जेब भरने के बाद देंगें| यानि तरसा तरसा कर महँगा करके कभी कभी देंगें| बोले तो किल्लत से देंगें + ज़िल्लत से देंगें+मिन्नत से देंगें+मनी से देंगें|कल मेरठ में गैस पीड़ितों ने जुलुस भी निकाला लेकिन गैस के सिलेंडर अपात्रों को ही जा रहे हैं| ओये गद्दी घेड में डालने वाली केंद्र की सरकार चुप है मौन है|

मैंगो और बनाना में एक साथ स्वाद बढाने के लिए एल पी जी की समस्या पैदा की है


झल्ला

ओ मेरी सरकार ये हसाडी जो केंद्र की सरकार है उसका काम केवल अपने वोट बैंक और विकसित देशों में अपनी अन्तराष्ट्रीय छवि को चमकाना ही है| इसीलिए ये केवल कानून बनाते हैं और ऐसे क़ानून बनाते हैं जिनसे आम के साथ साथ केला में भी स्वाद आ जाये|अब देखो आप को दाल रोटी की किल्लत है|इसे दूर करने के लिए केंद्र ने एल पी जी को आपसे दूर कर दिया|अब जब एल पी जी ही नहीं होगी तब खाना बनाने के झंझट से छुटकारा मिलेगा| अब जब कम खाओगे तब कम घूमोगे जाहिर है पेट्रोल भी बचेगा|अब रही बात असंतोष की तो प्राब्लम को साल्व करने की जिम्मेदारी तो राज्य सरकारों के आधीन है इसीलिए सारा दोष राज्य सरकारों का है|ये गैस का ठीकरा भी अपनी अखिलेशी सरकार के सर पर ही फोड़ो हसाड़े सोने ते मन मोहने पी एम् को तंग नहीं करो

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने डी एल ऍफ़+राबर्ट वढेरा प्रकरण में पी आई एल स्वीकार की

अरविन्द केजरीवाल ने राबर्ट वढेरा और डी एल ऍफ़ पर लैंड स्कैम के आरोप लगाए |केंद्र सरकार राबर्ट के समर्थन में उतर आई मगर ना तो केंद्र सरकार ने जांच बिठाई और नाही केजरीवाल ही कोर्ट गए मगर एक तीसरे आर टी आई एक्टिविस्ट नूतन ठाकुर ने इलाहाबाद हाई कोर्टका दरवाज़ा खटखटा दिया है|
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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने डी एल ऍफ़+राबर्ट वढेरा प्रकरण में पी आई एल स्वीकार की


अदालत ने भी नूतन की पी आई एल को स्वीकार कर लिया है| अब लखनऊ की बेंच ने केंद्र सरकार को स्पष्टीकरण के लिए आज ब्रहस्पतिवार को नोटिस भी जारी कर दिया है| केंद्र सरकार ने जवाब के लिए तीन हफ़्तों का समय मांगा है| सुनवाई की अगली तारीख आगामी माह के तीसरे सप्ताह में लगेगी| एक्टिविस्ट नूतन ने दावा किया है की उन्होंने पी एम् ओ को भी पत्र लिखा है मगर उन्हें विशवास है कि वहां से जवाब नहीं आयेगा

अरविन्द केजरीवाल ने डी एल ऍफ़+ वढेरा और हरियाणा सरकार की मिलीभगत को लेकर श्वेत पत्र की मांग की

इंडिया अगेंस्ट करप्शन के नेता अरविन्द केजरीवाल ने हरियाणा सरकार + रिएल इस्टेट कंपनी डीएलएफ और राबर्ट वढेरा के बीच सांठ गांठ के अपने पुराने आरोपों को दोहराते हुए हरियाणा सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है|अरविंद केजरीवाल ने कुछ कागज़ लहराते हुए हरियाणा की हुड्डा सरकार पर पिछले सालों में डी एल ऍफ़ कंपनी को कई फायदे पहुंचाने के आरोप दोहराए हैं| भाजपा ने जहां इस मुद्दे के साथ खुद को जोड़ते हुए निपक्ष जांच की मांग की है वहीं कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से ही खारिज कर दिया है|रेणुका चौधरी ने तो अरविन्द की शैली में ही कुछ कागज़ हवा में लहराते हुए उलटे अरविन्द टीम पर ही आरोप लगाने शुरू कर दिए|
दिल्ली में आज मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए केजरीवाल ने कहा कि हरियाणा सरकार ने किसी प्रभाव में डी एल ऍफ़ को सस्ती जमीन दी+उसके लिए नियम बदले गए+और एक तरीके से डेवेलोपर के एजेंट के रूप में कार्य किया| इसका आर्थिक फायदा यूं पी ऐ अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गाँधी के दामाद राबर्ट वढेरा को हुआ| अपने इन आरोपों के समर्थन में कुछ नए दस्तावेज भी प्रेस को मुहैय्या करवाए गए|
कुछ दिन पहले जनलोकपाल के सहारे राजनीति की राह पकड़ने वाले केजरीवाल ने कहा था कि डीएलएफ़ समूह ने गलत तरीकों से रॉबर्ट वाड्रा को 300 करोड़ रुपयों की संपत्ती कौड़ियों के दामों में दे दी.|यहाँ तक कि

अरविन्द केजरीवाल ने डी एल ऍफ़+ वढेरा और हरियाणा सरकार की मिलीभगत को लेकर श्वेत पत्र की मांग की

८५ करोड़ रुपयों का असुरक्षित कर्ज़ और एक कंपनी सेज में ५०% शेयर भी दिए|
केजरीवाल ने आज इन आरोपों को आगे ले जाते हुए कहा कि हरियाणा सरकार डीएलएफ को पिछले 10 सालों में दिए गए फायदों पर श्वेत पत्र जारी करे.
केजरीवाल ने कहा, कि हरियाणा सरकार ने 350 एकड़ ज़मीन 1700 करोड़ में दी थी.
हरियाणा का कहना था कि डीएलएफ को कोई फायदा नहीं पहुंचाया गया था बल्कि इसके ज़मीन देने के लिए अंतरराष्ट्रीय ‘बिडिंग’ हुई|इस सफाई की बखियां उधेड़ते हुए . केजरीवाल ने कहा, कि इसके लिए तीन कंपनियां कंटरी हाईटस, यूनिटेक और डीएलएफ ने बिड दिए थे लेकिन केवल डीएलएफ के ही फाइनेशल बिड खोले गए. शेष दोनों को गोल्फ कोर्स बनाने का अनुभव नहीं होने का नया अघोषित टेक्नीकल फाल्ट निकाल कर प्रतिस्पर्द्धा से बाहर कर दिया गया|लेकिन एक वेबसाइट से पता चला कि दोनों के डीएलएफ से अधिक ‘बिड’ थे.इस तरह से सरकार को भी घाटा पहुंचाया गया| सिंगल टेंडर में इतनी बड़ी डील को फायनल किया गया केनंस आफ फायनेंशियल प्रोपर्टी के नियम की अनदेखी की गई|
केजरीवाल ने कहा, हुडा (एक सरकारी संस्थान) का काम आम लोगों के लिए सस्ते मकान और दूकान आदि बनाना होता है लेकिन उसने सभी से धोखा किया. गांव के किसानों से ज़मीन इसलिए ली थी ताकि घर सड़क और बाकी विकास किया जाए लेकिन ऐसा नहीं हुआ.”
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि राबर्ट वाड्रा के पास कंपनी के ५०% शेयर थे जो उन्होंने अगले साल बेच दिए. उन्होंने कहा कि इस दौरान कुछ तो हुआ होगा…इसके पीछे कुछ न कुछ कहानी है जिसकी जांच होनी चाहिए.”

कांग्रेस का बचाव

इस बीच कांग्रेस ने रॉबर्ट वढेरा का बचाव करते हुए केजरीवाल के आरोपों को खारिज किया है.|कांग्रेस की प्रवक्ता रेणुका चौधरी ने केजरीवाल के आरोपों का मज़ाक उड़ाते हुए पूछा , ”किसने इन दस्तावेज़ों को प्रमाणित किया है. सारा देश किसानों की ज़मीन पर है. जंगल की ज़मीन पर भी विकास होता है. उन्होंने कहा,क्या राजनीति में आने वालों के बच्चों का बिज़नेस करने का कोई हक नही है?…अरविंद केजरीवाल का अपना कोई स्तर नहीं है और अब उनका स्तर और भी गिर गया है. प्रवक्ता राशिद अल्वी ने अरविन्द के आरोपों को अमान्य करार देते हुए उन्हें कानून का दरवाज़ा खटखटाने को कहा|

भाजपा

बीजेपी ने केजरीवाल के लगाए गए आरोपों के बाद मामले की जांच की मांग की है.

डीएलएफ सेज में वढेरा के हिस्से दारी

केजरीवाल के मुताबिक डीएलएफ ने 2007 में डीएलएफ सेज होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी बनाई। 2008 में इसमें 50 फीसदी हिस्सेदारी रॉबर्ट वढेरा को दी गई। 2009 में शेयर वापस डीएलएफ को बेच दिए गए। आखिर ऐसा क्यों किया गया ? एक साल के भीतर वढेरा ने ऐसा क्या किया कि उन्हें डीएलएफ में 50 % शेयर दे दिए गए। क्या डीएलएफ सेज वढेरा के कंट्रोल में था ? केजरीवाल ने कहा कि उनके पास कई सबूत है। मानेसर , वजीराबाद और गुड़गांव के कई इलाकों के किसानों ने उन्हें सबूत दिए हैं।
अरविंद ने पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट के हवाले से कहा कि हरियाणा सरकार और डीएलएफ के बीच में किसी तरह की साठगांठ है , ‘ यह हम नहीं कह रहे लेकिन , पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने कहा है कि दोनों के बीच में साठगांठ है। गुड़गांव में 30 एकड़ जमीन में हॉस्पिटल बनाना था , जिसकी नोटिफिकेशन जारी किया गया था। लेकिन हॉस्पिटल बनाने के बजाए हरियाणा सरकार ने 9 मार्च , 2007 को इस जमीन कोबनाकर डीएलएफ को सौंप दिया। बाद में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने इसे फैसले को रद्द कर दिया और कहा – इस केस के तथ्यों से साफ होता है कि हरियाणा सरकार और डीएलएफ के बीच में साठगांठ है। दी

डीएलएफ को पहुंचाए गए फायदे..

[१]इस प्रॉजेक्ट के लिए बिड में तीन पार्टियों डीएलएफ , कंट्री हाइट्स और यूनिटेक ने आवेदन किया था। यूनिटेक और कंट्री हाइट्स की बिड खोली तक नहीं गई। उन्हें गोल्फ कोर्स का अनुभव न कहते हुए अयोग्य करार दिया गया। यह कंडीशन बाद में जोड़ी गई थी। यह डीएलएफ को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया। बाद में अखबारों के रिपोर्ट से भी पता चला कि बाकी दो कंपनियों की बिड डीएलएफ से ज्यादा थी। इससे साबित होता है कि डीएलएफ की बिड से सरकार को घाटा हुआ।
[२] उद्योगों के लिए अधिग्रहित जंगल की यह जमीन डीएलएफ को कैसे दे दी गई ?
[३]350 एकड़ में से 75.98 एकड़ जमीन हूडा की थी। 275 एकड़ जमीन की थी। हूडा ने इंडस्ट्रीज को बढावा देने के लिए अधिकृत जमीन का इस्तेमाल रेजिडेंशल यूज के लिए किया। आखिर डीएलएफ को यह जमीन इस तरह कैसे ट्रांसफर की गई ?

रॉबर्ट वढेरा को क्या बचाया जा रहा है ?

अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस से सवाल पूछा कि वढेरा को क्यों बचाया जा रहा है। अरविंद ने कहा कि जिस तरह से हर मंत्री वढेरा के बचाव में उतर आया है | वह शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि पहले वित्त मंत्री पी चिदम्बरम कहते हैं कि यह दो प्राइवेट पार्टिओं में हुए प्राईवेट ट्रांजेक्शन का है इसीलिए इसकी जाँच नहीं होगी|आज अरविन्द केजरीवाल की प्रेस कांफ्रेंस से पहले इंडस्ट्रीज मंत्री वीरप्पा मोइली कहते हैं की राबर्ट वढेरा की कंपनियों की जांच कर ली गई है और सब कुछ ठीक है यानि क्लीन चिट दे दी गई है| प्रवक्ता राशिद अल्वी केजरीवा के कागजात को सबूत नहीं नहीं मानते| केजरीवाल कि प्रेस कांफ्रेंस के साथ ही स्वयम भी अलग पत्रकारों को सम्भोधित संबोधित करते हुए कहते हैं कि केजरीवाल को कोर्ट में जाना चाहिए|यानि ये भी जांच को तैयार नहीं हैं| एक प्रश्न के उत्तर में आश्चर्यजनक रूप से पहले कहते हैं कि वीरप्पा मोइली और पी चिदम्बरम ने क्या कहा उन्हें इसकी जानकारी नहीं है फिर दुसरे प्रश्न के उत्तर में दोनों को डिफेंड करने लगते हैं|

नया खुलासा

अरविंद केजरीवाल ने लोगों से अपील की कि अब देश की राजनीति को बदलने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि वह आगे भी करप्शन के मामले सामने लाते रहेंगे , ताकि जनता को सचाई का पता चल सके। अरविंद ने कहा कि वह 16 अक्टूबर को एक और खुलासा करेंगे।
सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा को कांग्रेस के मंत्रियों की क्लीन चिट पर भी केजरीवाल ने उंगली उठाई है. खासकर वित्त मंत्री पी चिदंबरम रहे केजरीवाल के निशाने पर थे. वाड्रा को चिदंबरम के क्लीन चिट देने के मामले पर केजरीवाल ने पूछा है कि क्या पी चिदंबरम वढेरा के इनकम टैक्स अफसर हैं ?

अब राबर्ट वढेरा के साथ हरियाणा सरकार भी घेरे में हैं|श्वेत पत्र की राजनीती किसी काम आयेगी? महाराष्ट्र में घोषणा करने के बावजूद भी श्वेत लाने में मुख्यमंत्री असहज महसूस कर रहे है अब हरियाणा में भी श्वेत पत्र की मांग उठाने से कांग्रेस की स|रकार और पार्टी की नियत और नीति दोनों पर सवाल उठने लगे हैं| डी एल ऍफ़ की कम्पनी में राबर्ट की ५०% की भागेदारी के आज के खुलासों से मामला सीधे सीधे राबर्ट वढेरा और हरियाणा सरकार के बीच का बनता जा रहा है| जिस तरह से कांग्रेस इस मामले को हेंडल कर रही है उससे कांग्रेस के पालिटिकल इमेज पर भी सवालिया निशाँ लग रहे हैं|जिनका तात्कालिक असर गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनावो में पड़ सकता है| अब जब एक व्यक्ति की निज़ी ट्रांजेक्शन को बचाने के लिए कांग्रेस के बड़े बड़े नेता और केंद्र में मंत्री के साथ हरियाणा के मुख्य मंत्री मीडिया के चक्कर लगा रहे हैं और तत्काल आरोपों का ख़ारिज किया जा रहा है उससे यह सन्देश जा रहा है की सरकार कहीं ना कहीं अरविन्द केजरीवाल के आरोपों से खुद को घिरा हुआ महसूस कर रही है और आरोपों को महत्त्व दिया जा रहा है|ऐसे में उसी एक महत्वपूर्ण व्यक्ति को पाक साफ़ साबित करने के लिए एक जांच कमिटी भी बैठाई जा सकती है|यह कांग्रेस के अहम् को बेशक नागवार गुजरे मगर वर्तमान में गुजरात और हिमाचल प्रदेश में होने वाले चुनावों में उतरने के लिए महत्वपूर्ण औजार साबित हो सकता है

पन्द्रह नए एयर पोर्ट बनेंगें और पचास गैर मेट्रो शहरों में एयर पोर्ट्स का आधुनिकीकरण होगा

पन्द्रह नए एयर पोर्ट बनेंगें और पचास गैर मेट्रो शहरों में एयर पोर्ट्स का आधुनिकीकरण होगा

हवाई यातायात में भले ही अभी गिरावट आ रही हो+ एयर पोर्ट की व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लग रहे हों+कर्मिओं के असंतोष की घटनाएँ बढ रही हों+कार्बन टेक्स की तलवार लटक रहीहो+हवाई सफ़र लगातार महंगा किया जा रहा हो +पुराने तैयार एयर पोर्ट यातायात के लिए खोले नहीं गए हों मगर इस सबके बावजूद दस से पन्द्रह नए एयर पोर्ट बनाने और पचास गैर मेट्रो शहरों में एयर पोर्ट्स का आधुनिकीकरण करने की यौजना पर काम शुरू कर दिया गया है|जाहिर है इसके लिए ऍफ़ डी आई के लिए द्वार खोल दिए गए हैं|
आज जिस तरह से मध्यम वर्ग की संख्या बढ रही है और सड़क से यात्रा करना खतरे से खाली नहीं है ऐसे में अब हवाई यात्रा एक लग्जरी यात्रा नहीं रह गई है|वरन आज के दौर की जरुरत बंटी जा रही है|लेकिन दुर्भाग्य से इसे दुधारू गाय समझ कर इसका लगातार दोहन किया जा रहा है| संवैधानिक संस्था कैग की आपत्तियों के उत्तर आने शेष हैं|अनाप शनाप टेक्स थोपे जा रहे हैं|सुविधा के नाम पर आये दिन हड़ताल और अब तो आत्म हत्याएं भी होने लग गई है|प्लेन में आराम की या सुविधा की किसी को परवाह नहीं है|सीटें छोटी और कतारें संकरी होती जा रही हैं|कहने का तात्पर्य है कि हवाई सफ़र रोजाना महंगा हो रहा है मगर सुविधायों का अभाव होता जाता है|किंग फिशर के अलावा एयर इंडिया का स्टाफ भी अपने वेतन और तैनाती के लिए तरस रहा है|यहाँ तक कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करने के लिए भी वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है| बेशक इसे सिविल एविएशन मंत्री चौधरी अजित सिंह अस्थाई झटके बता कर पल्ला झाडना चाहते हैं लेकिन सवाल तो अपने जगह कायम हैं|चौधरी अजित सिंह का कहना है कि [१] कोलकाता और चेन्नई में बनाए गए गए नए एयरपोर्ट जल्द ही शुरू हो जाएंगे[२]।यूरोपीय संघ द्वारा थोपे गए विवादास्पद कार्बन टैक्स (जिसका भारत सहित कई देशों ने विरोध किया है) के मसले पर यूरोपीय संघ या दूसरे किसी भी समूह द्वारा थोपे गए एकतरफा पर्यावरण उपायों का प्रतिनिधिमंडल से विरोध करने का अनुरोध करेंगे[३]पायलटों के वेतन में कुछ महीने की देरी हो सकती है,।
इसके साथ यह भी दावा किया गया है कि सरकार अब देश के कई शहरों में हवाई उड़ान की बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने पर विशेष ध्यान दे रही है।
अजित सिंह एशिया-प्रशांत क्षेत्र के नागरिक उड्डयन महानिदेशकों के 49वें सम्मेलन के मौके पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने बताया, ‘देश का सिविल एविएशन सेक्टर 9 फीसदी की सालाना बढोत्तरी दर्शा रहा है। अगले कुछ वर्षों में इस ग्रोथ रेट के दहाई[१०] अंकों पर पहुंच जाने की उम्मीद है।’विमानन क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने के लिए सरकार ने 15 नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने की योजना बनाई है। इसके अलावा छोटे शहरों के 50 हवाई अड्डों को भी आधुनिक बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि विमानन क्षेत्र ९ % सालाना की दर से बढ़ रहा है।
उन्होंने सकारात्मक द्रष्टिकोण से कहा कि बड़ा मध्यम वर्ग तेजी से बढ़ रहा है। और भारत कम से कम ६% की आर्थिक वृद्धि दर हासिल कर लेगा|उन्होंने बताया कि सरकार ने अब ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट्स में 100 फीसदी तक एफडीआई को अनुमति दे दी है।
इससे पहले सम्मेलन को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि सरकार ने मौजूदा हवाई अड्डों के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि सरकार इस काम को मिश्रित रणनीति,सार्वजनिक, निजी क्षेत्र, संयुक्त उद्यम और सार्वजनिक निजी भागीदारी के जरिये अंजाम दे रही है। यहाँ चौधरी अजित सिंह के गृह जिले का उदहारण देना जरुरी है मेरठ में हवाई पट्टी के विकास के लिए सारे कागजी कम हो गए बताये जा रहे है मगर प्रदेश सी एम् का कहना है कि जब तक केंद्र किसानों की भूमि का उचित दाम नहीं देता तब तक जमीन का अधिकरण नहीं होगा| पटना के एयर पोर्ट की बदहाली की दास्तान तो संसद में भी सुनाई जा चुकी है| ऐसे में यह कहा जा सकता है|वन इन हैण्ड इज बेटर देन टू इन बुश |यानी जो हाथ में है पहले उसे सुधार लो