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गुरु मिले तो मुहब्बत के राज खुलते हैं , निजात मिलती है सारे गुनाह धुलते हैं: संत दर्शन सिंह जी महाराज

संत और महापुरुष पौराणिक काल से अपनी अमर वाणी में गुरु की महिमा का वर्णन करके समाज का मार्ग दर्शन करते आ रहे हैं |प्रस्तुत है ऐसे ही दो महापुरुषों की वाणी के कुछ शब्द
[१]गुरु बिन कभी न उतरे पार ।
नाम बिन कभी न होय उधार ।
शब्द : स्वामी शिवदयालसिंह जी महाराज
संत दर्शन सिंह जी महाराज ने भी अपने एक रूहानी शेर में फ़रमाया है :-
[२]गुरु मिले तो मुहब्बत के राज खुलते हैं ।
निजात मिलती है सारे गुनाह धुलते हैं ।।
भाव : स्वामीजी महाराज हमें समझाते हैं हमें काल के दायरे से बाहर निकलना है किसी गुरु के बिना हम ऐसा नहीं कर सकते । हमें या ऐसे गुरु की तलाश करनी चाहिए जो स्वयं रूहानियत के रास्ते पर चलता हो, एक ऐसा महापुरुष जो प्रभु के हुक्म से यहाँ भेजा गया हो ।ऐसा गुरु जब हमें परमात्मा के शब्द से जोड़ता है तो हमारा उद्धार संभव है
: स्वामी शिवदयालसिंह जी महाराज ,
रूहानी शायरी के शिरोमणि संत दर्शन सिंह जी महाराज,
प्रस्तुति राकेश खुराना