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Tag: 12th Five Years Plan

भारत में नवीनीकरण+नवाचार[innovation] को बढ़ावा देने के लिए बजट में १०० करोड़ रुपये

नवीनीकरण+नवाचार[innovation] को बढ़ावा देने के लिए १०० करोड़ रुपये |देश के विकास के लिए नवीनीकरण+नवाचार आवश्यक है और इसे बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने १०० करोड़ रुपये का प्रावधान किया है| इस राशि से मार्च २०१७ तक ६० इनोवेशन हब[ innovation hubs ] स्थापित किये जायेंगे |फ़िलहाल कलकत्ता +बैंगलोर + नई दिल्ली +गुवाहाटी+मुंबई में ये हब काम कर रहे हैं |

कपड़ा प्रसंस्‍करण इकाइयों के पर्यावरणीय मुद्दों को सुलझाने के लिए ५०० करोड़ रुपयों की प्रसंस्‍करण विकास योजना

कपड़ा प्रसंस्‍करण इकाइयों के पर्यावरणीय मुद्दों को सुलझाने के लिए ५०० करोड़ रुपयों की नई समेकित प्रसंस्‍करण विकास योजना शुरू की जायेगी |
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने 12वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान 500 करोड़ रुपये की कुल लागत से एक नई समेकित प्रसंस्‍करण विकास योजना को शुरू करने की मंजूरी दी है। कपड़ा प्रसंस्‍करण इकाइयों के सामने जो पर्यावरणीय मुद्दे हैं, उन्‍हें इस योजना के तहत हल किया जाएगा।
योजना के तहत छह ब्राउन फील्‍ड परियोजनाएं और तीन से पांच ग्रीन फील्‍ड परियोजनाएं शुरू की जाएंगी।
इन परियोजनाओं के दायरे में निम्‍नलिखित घटक हैं –
[1] सामान्‍य उत्‍प्रवाही उपचार संयंत्र (सीईटीपी),
[2] नवीकरणीय/हरित प्रौद्योगिकी के तहत आबद्ध बिजली उत्‍पादन,
[3] तेज प्रवाही जल प्रबंधन, पानी एवं इस्‍तेमाल शुदा पानी के लिए पाइप लाइनों तथा आवश्‍यक सड़कों का निर्माण, और
[4]. अनुसंधान एवं विकास केन्‍द्रों और जांच की सुविधाएं।
पर्यावरण अनुकूल प्रसंस्‍करण मानकों, प्रौद्योगिकी और नए प्रसंस्‍करण पार्कों के निर्माण के इस्‍तेमाल द्वारा इस योजना के तहत कपड़ा उद्योग को दुनिया में प्रतिस्‍पर्धा करने की शक्ति मिलेगी। पानी एवं इस्‍तेमाल शुदा पानी के प्रबंधन के क्षेत्र में तथा अनुसंधान एवं विकास के प्रोत्‍साहन के जरिए मौजूदा प्रसंस्‍करण केन्‍द्रों के उन्‍नयन के लिए इस योजना से मदद मिलेगी।

आजादी के ६५ साल बाद ही सही सरकारेआली ने माना कि २०० जिलों में ही सही मातृत्‍व+बाल कुपोषण की समस्या बेहद गंभीर हो चुकी है

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक कांग्रेसी चीयर लीडर

ओये झल्लेया देखा हसाडी सोणी सरकार ने मातृत्‍व और बाल कुपोषण से निपटने के लिए 12वीं पंचवर्षीय योजना (2012-17) में 1,213.19 करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा कर दी है| केंद्र 944.39 करोड़ रुपये देगा जबकि राज्‍यों को केवल 268.80 करोड़ रुपये ही देने होंगे |केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने राज्‍य+ जिला+ ब्‍लॉक और ग्रामीण स्‍तर के इस कार्यक्रम के कार्यान्‍वयन के प्रस्‍ताव को स्‍वीकृति दे दी है ओये अब तो (1). बाल कुपोषण में कमी लाने के साथ इसकी रोकथाम की जा सकेगी और (2). बच्‍चों+ किशोरियों +महिलाओं की रक्‍ताल्‍पता के स्‍तर को कम किया जा सकेगा

झल्ला

मेरे चतुर सुजाण जी सुनने में तो आप जी की गल बहुत चंगी लग रही है मगर मेरी झल्लयत शायद आप जी को सूट नहीं करेगी|आपने यह कार्यक्रम गंभीर समस्या वाले २०० जिलों में चलाने का फैसला किया है झल्ले की झल्लयत के अनुसार आजादी के ६५ साल बाद ही सही आप ने यह तो मान ही लिया कि कम से कम २०० जिलों में ही सही मातृत्‍व और बाल कुपोषण की समस्या बेहद गंभीर हो चुकी है|