Ad

Category: Religion

झूठी काया झूठी माया झूठो सब संसार फिर क्यूं करें जंजाल

झूठी काया झूठी माया झूठो सब संसार फिर क्यूं करें जंजाल
कोन करे जंजाल , जग में जीवन थोरो,
झूठी रे काया, झूठी रे माया, झूठो सब संसार.

भावार्थ: संत मीराबाई कहती हैं कि इस छोटे से जीवन में हमें जग के जंजालों में नहीं उलझना चाहिए . यह संसार नश्वर है, हमारा शरीर यह माया सब झूठी हैं. सद्गुरु की भक्ति, नाम का जप सत्य हैं. गुरु परमात्मा का रूप है.
गुरु बिना भक्ति अधूरी है. गुरु ही मोक्ष का द्वार हैं.Permalink: http://jamosnews.com

पी एम् ने गुरुद्वारे में हत्याकांड पर चिंता व्यक्त की

प्रधान मंत्री डाक्टर मन मोहन सिंह ने अमेरिकी गुरुद्वारे श्रधालुओं की नृशंस ह्त्या पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे सेन्स लेस किलिंग बताया उन्होंने इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावर्ती की रोक थाम की मांग भी की |
पंजाब औए जे&के में इस खूनी वारदात के प्रति रोष व्यक्त किया गया \पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल और धार्मिक नेता अवतार सिंह मक्कड़ ने कहा के अमेरिका के विकास में सिखों का उल्लेखनीय योगदान रहा है इसीलिए सिखों को एक विशेष दर्जा दिया जाना चाहिए लेकिन दुर्भाग्य से दूसरे लोगों [कम्युनिटी ]के साथ कुछ हद तक वेशभूषा की समानता होने से निशाना बना दिया जाता है रोक थाम के लिए विशेष कार्यक्रम चलाया जाना चाहिए |
उधर क्रीक में पोलिस चीफ ने बताया की मामला जाँच के लिए ऍफ़ बी आई को दे दिया गया है|उन्होंने बताया की इस जघन्य हत्याकांड में ५ पुरुष और १ महिला की मौत हुई है|पोलिस चीफ के अनुसार हमलावर डब्लू.माईकल पेज एक रिटायर्ड फौजी था और उसने अपनी लाईसेंसी गन से आठ फायर किये थे उसने सरेंडर नहीं किया इसीलिए उसे मार गिराया गया |

जब दिल में ख्याले सनम हो बसा , तो गैर की पूजा कौन करे.

हमारे संत सूफियों ने परमात्मा को अपने अन्दर ही तलाश कर उसकी पूजा को ही असली धर्म बताया है
अपने ही घर में खुदाई है,तो काबे में सजदा कौन करे,
जब दिल में ख्याले सनम हो बसा , तो गैर की पूजा कौन करे.

भावार्थ: सूफी संत बुल्लेशाह कहते हैं कि
मंदिर, मस्जिद और गुरूद्वारे में भगवान कहाँ मिलता है, परमात्मा तो तेरे अन्दर समाया हुआ है पहले उसे तो जान ले पहचान ले, जब सच्चे संत की शरण में जाओगे तभी वास्तविक तथ्य का पता चल पाएगा और सद्गुरु की मूर्ति को घट मंदिर में विराजमान करके उसकी आराधना करो फिर कहीं और जाने की जरूरत नहीं है.

इसी सन्दर्भ में संत कबीर दास जी फरमाते हैं,
मन मक्का दिल दवारिका, काया काशी जान,
दश द्वारे का देहरा, तामें ज्योति पिछान.

अमेरिकी गुरूद्वारे में काले रविवार में फायरिंग से सात मरे बीस घायल

अमेरिका के विस्कोंसिन ओक क्रीक में रविवार को अज्ञात श्वेत हमलावरों ने [११बजे स्थानीय टाईम]एक गुरुद्वारे में घुसकर गोलीबारी की। इससे सात निर्दोष श्रधालुओं की मौत हो गई। बाद में पुलिस की कार्रवाई में एक हमलावर भी मारा गया। 20 से अधिक लोग घायल भी हुए हैं। पोलिस इसे आंतरिक आतंक वाद के रूप में देख रही है| विदेश मंत्री कृष्णा ने राजदूत निरुपमा से संपर्क साधा है|अमेरिकी राष्‍ट्रपति बराक ओबामा ने सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की है।
बताया गया है कि मारे गए लोगों में चार की मौत गुरुद्वारे के अंदर हुई, वहीं तीन लोग बाहर मारे गए। मारे गए लोगों की पहचान नहीं हो पाई है। अमेरिका के गुरुद्वारों में रविवार को विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं सामूहिक लंगर[लंच] भी छकाया जाता है ऐसे में रविवार को श्रधालुओं की संख्या अन्य दिनों के मुकाबिले अधिक होती है| इस काले रविवार की सुबह भी एक विशेष कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए गुरुद्वारे में जमा हुए लोगों की संख्या अधिक थी|। इस काले रविवार में साथ लोग मारे गए और २० जख्मी हुए जबकि अनेकों बच्चे गुरुद्वारे में ही बंधक हैं| पुलिस ने सूचना मिलते ही गुरुद्वारे को घेर लिया। पुलिस ने देर रात तक इस बात की पुष्टि नहीं की थी कि हमले में एक ही हमलावर शामिल था या उनकी संख्या ज्यादा थी। देश के सभी गुरुद्वारों की सुरक्षा बड़ा दी गई है|
विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने घटना के बारे में अमेरिका में भारतीय राजदूत निरुपमा राव से बात की। राव ने कृष्णा को बताया कि वह व्हाइट हाउस से संपर्क में बनी हुई हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने इस घटना की निंदा की है।
गौर तलब है कि निकट भविष्य में वहां चुनाव होने हैं \ डेमोक्रेट्स और रिपलिकंस दोनों ही भारतीयों को लुभाने में लगे हैं यहाँ तक कि भारतियों द्वारा इनके लिए चुनावी फंड भी इकट्टा कराया जा रहा है \लेकिन एक धड़े ने बराक ओबामा पर भारतीयों के साथ आउट सोर्सिंग पर आपत्ति दर्ज करने के लिए बराक कि आलोचना भी कि थी और भारतीय वोटों को ओबामा के खिलाफ होने का अंदेशा हो रहा है ऐसे में गुरुद्वारे में फायरिंग से राजनितिक सवालों का भी जवाब ढूंडा जाना जरुरी है\

सद्गुरु का वास जैसे आटे में नमक समाया हुआ है

अपने तन की खबर नहीं, सजन की खबर ले आवे कौन
ना मैं माटी ना मैं अग्नि ना पानी ना पवन
बुल्लिया साईं घट-घट वसदा
ज्यों आटे में लौंन.
भावार्थ: सूफी संत बुल्लेशाह समझाते हुए कहते हैं जब तुम खुद को ही नहीं समझ
पाए तो सद्गुरु को क्या जान पाओगे? सद्गुरु के पास जाने से पहले
अपने आप को जान लेने की आवश्यकता है कि हम आत्मा हैं हम
शरीर नहीं हैं. मिटटी , आग, पानी अथवा वायु से तो यह भौतिक
शरीर बना है जो नश्वर है. मेरे तो घट-घट मैं सद्गुरु के नाम का
वास उसी प्रकार हैं जैसे आटे में नमक समाया हुआ है.
सूफी संत बुल्लेशाह की वाणी

तीन दिन की महामंडलेश्वर राधे माँ निलंबित

गुपचुप तरीके से बनाई गई महामंडलेश्वर राधे माँ को महज़ तीन दिनों के बाद ही इस प्रतिष्ठित पद से निलंबित कर दिया गयाहै |जूना अखाड़े ने आज राधे मां को महामंडलेश्वर पद से निलंबित कर दिया। अखाड़े ने इस बात की जांच के आदेश दिए हैं कि वे इस पद के योग्य हैं या नहीं। जांच पूरी होने तक वह पद से निलंबित रहेंगी। गौरतलब है कि मंगलवार रात को राधे मां को गुपचुप तरीके से जूना अखाड़े का महामंडलेश्वर बना दिया गया था। उनके अचानक महामंडलेश्वर बनने से कई सवाल उठ खड़े हुए थे। आरोप यहां तक लगे कि जूना अखाड़ा ने मोटी रकम लेकर राधे मां को य‌ह पद दिया है।
राधे मां मंगलवार की रात बेहद गुपचुप तरीके से हरिद्वार आई थीं। जूना अखाड़े में आचार्य महामंडलेश्वर और संत अवधेशानंद गिरि की उपस्थि‌ति में उन्हें महामंडलेश्वर पद पर आसीन किया गया था। राधे मां की नियुक्ति के कार्यक्रम को भी जूना अखाड़े ने गुप्त रखा था। माना जा रहा था कि राधे मां प्रयाग महाकुंभ में जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर के रूप में भाग भी ले सकती हैं।
पद की महिमा
अखाड़ा परंपरा में महामंडलेश्वर का पद काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। उससे ऊपर सिर्फ आचार्य महामंडलेश्वर होते हैं। कुंभ और दूसरे धार्मिक आयोजनों में महामंडलेश्वर को काफी महत्व दिया जाता है। वे हाथी अथवा रथ पर सवार होकर अपने शिष्यों के साथ स्नान के लिए निकलते हैं। उन्हें संतों के साथ स्नान करने का अवसर भी मिलता है। हरिद्वार में लगभग 20 महिला महामंडलेश्वर हैं। पिछले कुंभ में कुछ विदेशियों को भी अखाड़ों द्वारा महामंडलेश्वर का सम्मान दिया गया था
राधे मां’ की सच्चाई
राधे मां को महामंडलेश्वर बनाए जाने के बाद जूना अखाड़ा सवालों के घेरे में आ गया था। मीडिया से बातचीत में अखाड़े के राष्ट्रीय मंत्री श्रीमहंत हरि गिरि महाराज ने कहा था कि राधे मां को अखाड़ों की परंपरा के अनुसार महामंडलेश्वर बनाया गया है।रात में नियुक्ति की बाबत उन्होंने कहा था कि अखाड़े पहले भी रात में महामंडलेश्वर बनाते रहे हैं। इसके लिए केवल शुभ मुहूर्त देखा जाता है। केवल कुंभ में ही महामंडलेश्वर बनाने की परंपरा नहीं है। उन्होंने बताया था कि किसी भी संत को महामंडलेश्वर की उपाधि देने से पहले उससे हलफनामा लिया जाता है, जिसमें वह अपने जीवन की सभी बातें बताता है। राधे मां के मामले की जांच के लिए अखाड़े ने 11 संतों की जांच कमेटी बनाई है।

राम नाम की पूँजी मुक्ति का आधार

पूँजी राम नाम की पाइए. पाथेय साथ नाम ले जाइये
नशे जन्म मरण का खटका, रहे राम भक्त नहीं अटका.

भाव : संतजन हमें समझाते हुए कहते हैं कि मनुष्य को इस जीवन में राम नाम का धन एकत्र करना चाहिए
क्योंकि केवल यही धन ऐसा है जो परलोक में भी मनुष्य के साथ जाता है इसके सिवाय कोई और सांसारिक
वस्तु साथ नहीं जाती . जिस मनुष्य के पास राम नाम की पूँजी है उसे जीवन मृत्यु के आवागमन का संशय नहीं रहता .
तथा मुक्ति मार्ग में आने वाली विघ्न- बाधाएँ परमात्मा की कृपा से समाप्त हो जाती हैं .

स्वामी सत्यानन्द जी महाराज द्वारा रचित अमृतवाणी का एक अंश
प्रेषक: श्री राम शरणम् आश्रम, गुरुकुल डोरली, मेरठ

लैंड स्लाईड से गंगोत्री +बदरीनाथ और हेमकुंड साहब के हज़ारों यात्री फंसे

पवित्र तीर्थ श्री बदरीनाथ और हेम कुंड साहब के हज़ारो यात्री चमोली जिले में फंसे हुए हैं यह स्लाईड आने से मार्ग के अवरुद्ध होजाने से हुआ है|
पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी वर्षा के कारण पहाड़ों से भीमताल +गंगा बिरही+पातळ गंगा+ थिरान+हल्कु आदि में बड़े बड़े पत्थर नीचे गिर रहे हैं और रास्ता बंद हो जाता है| ऋषिकेश से गंगोत्री और बदरीनाथ के मार्ग बंद हैं| गोविन्दघाट और बदरीनाथ में भी हज़ारों यात्री फंसे हैं|
सीमा सुरक्षा बल द्वारा राहत कार्य जारी है मगर उनका एक वाहन भी पत्थर की चपेट में आकर नदी में गिर गया है |
चमोली ऊंचे ऊंचे सूखे पहाड़ है और बारिश से अक्सर लैंड स्लाईड गिरते रहते हैं जिनसे जान और माल का भी नुकसान होता है पिछले साल चार धाम की यात्रा को एक हफ्ते के लिए रोक भी दिया गया था

.

L

मेरठ में लगा छड़ियों का मेला

मेरठ छावनी स्थित भैन्साली ग्राउंड में आज छड़ियों का मेला सजाया गया |इस अवसर पर अनेको छेत्रो से आकर्षक छड़ियों को लाकर बाबा झारपीर की पूजा की गईइस अवसर पर बच्चों के झूले खाने पीने के स्टाल लगाये गए |बताते हैं की काफी समय पहले बाबा झारपीर राजस्थान से छड़ी लेकर पैदल ही मेरठ में आये थे उनकी स्मृति में ही यह मेला सजाया जाता है

चीन ने रमजान में रोजा रखने की मनाही

चीन और पाकिस्तान में बेशक जितने भी गहरे रिश्ते हों मगर चीन अपनी सरजमीं पर ऐसी किसी भी इस्लामिक गतिविधियों को बढावा नहीं देना चाहता जिससे वहां सम्प्रदाईक वैमनस्य फैले |
अब चीन ने शिनजियांग प्रांत में मुस्लिम अधिकारियों और छात्रों के रोजा रखने पर पाबंदी लगा दी है।यह बयान शिनजियांग की सरकारी वेबसाइट पर लगा है। इस आदेश में रमजान के महीने में मुस्लिम अधिकारियों और छात्रों को रोजा रखने और मस्जिद जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। गौरतलब है कि शिनजियांग प्रांत में लगभग 90 लाख तुर्की भाषी मुस्लिम रहते हैं। यहाँ कई बार हान और उइगुर लोगों में उपद्रव हो चुके हैं | अल्पसंख्यक के रूप में मौजूद इस समुदाय के कई लोग चीन के नेताओं पर धार्मिक और राजनीतिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाते रहे हैं।
इस प्रान्त में अक्सर धार्मिक हिंसा की लपटें उठती रहती हैं, चीन की सरकार दसियों हजार उइगुर अधिकारियों की मदद से इस प्रांत का प्रशासन संभालती है।
इस आदेश का पालन कराने के लिए पार्टी नेताओं से गांव के स्थानीय नेताओं के लिए खाने का “तोहफा” लाने को कहा गया है जिससे कि यह तय किया जा सके कि वो लोग रमजान के दौरान रोजा न रखते हुए खाना खा रहे हैं। रमजान में धार्मिक गतिविधियों को रोकने के आदेश स्थानीय प्रशासन की वेबसाइटों पर भी लगाए गए हैं। इसके साथ ही वेन्सू के सभी शिक्षण संस्थानों के दफ्तर में भी लगाए गए हैं। स्कूल और कॉलेज प्रशासन से साफ कहा गया है कि वो यह सुनिश्चित करें कि कोई भी छात्र रमजान के दौरान मस्जिद न जाए।
उइगुर लोगों के हक की बात करने वाले गुट वर्ल्ड उइगुर कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यह नीति, ‘उइगुर लोगों पर और विरोध करने के लिए’ दबाव बनाएगी। गुट के प्रवक्ता ने कहा है,की रमजान के दौरान रोजा रखने पर रोक लगा कर चीन प्रशासनिक तरीके का इस्तेमाल कर उइगुर लोगों को खाने पर विवश कर रहा है जिसके कि रोजा तोड़ा जा सके।” शिनजियांग ने हाल के वर्षों में सबसे भयानक हिंसा 2009 के जुलाई में देखी जब उइगुर समुदाय के लोगों ने देश के प्रभावशाली हान जाति के लोगों पर उरुमकी में हमला किया। सरकार के मुताबिक इस हिंसा में दोनों पक्षों के 200 लोग मारे गए।