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Category: Religion

परमात्मा का प्रेम पाने के लिए निरभिमानी होना आवश्यक है

श्री रामशरणम् आश्रम, गुरुकुल डोरली, मेरठ के परमाध्यक्ष पूज्यश्री भगत नीरज मणि ऋषि जी ने इश्वर प्राप्ति के लिए अभिमान त्याग कर विनम्रता से प्रभु के प्रति प्रेम भाव से भक्ति किये जाने का उपदेश दिया |प्रस्तुत है उनके प्रवचन के कुछ अंश
.संतजन प्रेम और भक्ति के बारे में समझाते हुए कहते हैं –
आध्यात्म के मार्ग पर परमात्मा का भजन करते-करते यदि आपके मन में प्रेम उत्पन्न नहीं हुआ
तो इसका मतलब आपके मन में नीरसता, ईर्ष्या और शुष्कपन है. तुम अभी भक्ति से बहुत
दूर हो. बिना प्रेम के किसी ने परमात्मा को नहीं पाया. बेल चाहे कितनी भी हरी हो, अगर उसकी
जड़ में कोई अग्नि जला दे तो वह बेल सूख जाती हैं, झुलस जाती है इसी प्रकार जिसके
मन में ईर्ष्या, द्वेष एवं संताप भरा है उसके मन में भगवान् के प्रेम और भक्ति के बेल परवान
नहीं चढ़ती.
परमात्मा से प्रेम तभी पैदा होगा जब हम अपने मान एवं अहम् भाव को मिटा देंगे.
किया अभिमान तो मान नहीं पायेगा.
जब तक आप अभिमान करते रहोगे तब तक प्रभु के घर मान नहीं पा सकोगे. मान तथा
प्रेम परमात्मा के घर से मांगे नहीं जाते. जब आप निमानी और निरभिमानी होंगे तो परमात्मा
का प्रेम अपने आप ही मिल जाता है.

ईद मुबारक+ हैप्पी ईद+ईद दी वधाईयां

ईद मुबारक

ईद भाई चारे और साम्प्रदाईक सौहार्द का त्यौहार है |बरकतों से झोलियाँ भरने और खुशियाँ लुटाने का त्यौहार है|
हिन्दू और मुस्लिम दोनों सगे भाईयों की तरह एक दूसरे के त्यौहारों में साथ निभाते हैं|
ईद मुस्लिमों का मुख्य त्यौहार है ईद गाह पर जब ईमान वाले नमाजियों के लिए दरियां|चादरें बिछा रहे होते हैं तब
हिन्दू व्यापारी नमाजियों की ईद की ख़ुशी को बढाने के लिए ईद गाह के बाहर ठेले +दुकाने+झूले आदि लगा कर मेले का
स्वरुप प्रदान कर देते हैं|
ऐसे ही द्रश्य हमें दशहरा+और कावण के समय में भी दिखाई देता है|
दशहरा में फूंकने के लिए रावण और गंगा जल लाने के लिए कावण बनाने का काम मुस्लिम ही करता है|
शायद यही हमारे लोकतंत्र की ख़ूबसूरती भी है|
इसीलिए फिर से ईद मुबारक+बधाईयाँ+कंग्रेचुलेश्नास

मिशेल ओबामा ओक क्रीक गुरुद्वारा गोलीकांड के पीड़ित परिवारों से मिलेंगी

अमेरिका में होने वाले चुनावों के मद्देनज़र लगता है कि बराक ओबामा की पार्टी कोई मौका खोना नहीं चाहती इसलिए अब प्रथम महिला मिशेल भी अगले सप्ताह विस्कॉन्सिन गुरुद्वारा गोलीकांड के पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगी।
सिख परिषद ने मिशेल के इससहानुभूतिपूर्वक कदम स्वागत किया है| यह सुनना सुखद है कि प्रथम महिला मिशेल गुरुद्वारे में हुई हिंसा से उजड़े परिवारों से मुलाकात करेंगी।
सिख परिषद् के अध्यक्ष राजवंत सिंह के अनुसार यह वाकई महत्वपूर्ण है कि शीर्ष नेतृत्व पीड़ित परिवारों व पूरे सिख समुदाय के ताजा जख्मों को सम्मानजनक तरीके से भरता है।
उन्होंने कहा है कि प्रथम महिला का दौरा सिखों को फिर से भरोसा दिलाने व उनका दिल छूने वाला कदम होगा और यह इस गम्भीर मोड़ पर राष्ट्रपति ओबामा द्वारा सिख समुदाय को गले लगाने का सशक्त प्रतीक होगा। यह न केवल सिख त्रासदी है, बल्कि अमेरिका की त्रासदी है।
गौरतलब है कि कि पांच अगस्त के रविवार को विस्कॉन्सिन के ओक क्रीक स्थित गुरुद्वारे में कथित श्वेत नस्ल कट्टरपंथी, वेड माइकल पेज द्वारा की गई गोलीबारी में छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी और चार अन्य घायल हो गए थे। घायलों में एक पुलिसकर्मी भी शामिल था|इस घटना में मारे गए लोगों के सम्मान में राष्ट्रीय ध्वज आधे झुका दिए थे|

चाँद रात आज है कल होगी ईद

ईद मुबारक

आज चाँद रात है ईद कल होगी

ईद मुसलामानों का एक मुख्य त्यौहार है|यह रमजान उल मुबारक के पाक महीने के बाद धूम धाम से मनाई जाती है|इस महीने २९ से ३० रोज़े[व्रत]रखे जाते हैं|
अल्लाहताला ने इसी महीने कुराने पाक को नाजिल किया | इस महीने ईमान वाले बुरे कामो को छोड़ कर अच्छाई और नेकी के रास्ते पर चलते हैं|
हदीसे पाक में हुजूर ने फरमाया है कि रमजान का रोजा[व्रत]जो सबाब [पुन्य]कि उम्मीद से रखेगा अल्लाह उसके सभी पिछले गुनाह भी माफ़ कर देंगे|इस बार बीती रात चाँद के दीदार नहीं होने से ३० रोज़े रखे गए हैं|आज १९ अगस्त को चाँद रात है सो हरतरफ चाँद के दीदार को बेकरारी है|क्योंकि कल २० अगस्त को ईद है|
ईद कल है मगर ईमान वालों के घरों में 15 दिन पहले ही ईद की तैय्यारी शुरू हो जाती है\घरों कि साफ़ सफाई +पुताई और सजावट शुरू हो जाती है|परिवार ख़ासकर बच्चों के लिए हेसियत के अनुसार खरीददारी होती है|बाजारों में व्यापारी भी ग्राहकों को रिझाने का कोई मौका नहीं छोडते |
ईद की नमाज़ कारी द्वारा मुकरर्र समय लगभग साडे आठ से नौ बजे ईद गाहों में अदा की जाती है|
नमाज़ी सुबह से ही नए कपड़ों में खासकर सफ़ेद कमीज +पायजामा सर पर गोल टोपी पहने ईद गाहों कि तरफ जाते दिखाई देने लगते हैं|
नमाज़ के बाद अमन चैन की दुआ की जाती है|सभी अपने गिले शिकवे भुला कर एक दूसरे से गले मिल कर ईद की मुबारक बाद देते हैं|
ईद गाहों के बाहर मेले लगा करते हैं|जहां बच्चों की मौज रहती है|
नमाज़ के बाद ईमान वाले कब्रिस्तानों में अपने बुजुर्गों के लिए फातिया पड़ने जाते हैं|
ईद क्योंकि भाई चारे का त्यौहार है इसीलिए एक दूसरे के घर जा कर ईद की खुशियाँ दोगुनी की जाती है|
कल चूँकि मीठी ईद है इसीलिए विशेष खीर का सेवन ईद के आनंद को कई गुना बड़ा देता है|
इस मौके पर जकात[दान] का भी विशेष महत्त्व है अपनी मिलकियत का १% दान सभी पर फर्ज़ है|

श्रद्धा और विश्वास से भक्ति पथ आसान होता है

श्रद्धा निश्चय हीन मैं, भक्ति न अंकुर लाये ,
केसर कमल कपूर कब, ऊसर में उपजाय.

संतजन मनुष्यों को समझाते हुए कहते हैं कि प्रभु के नाम में जब तक सच्ची श्रधा तथा अटूट निश्चय आपके ह्रदय मैं नहीं होगा तब तक आप भक्ति के पथ पर अग्रसर नहीं हो सकते हैं.
जैसे अगर भूमि उपजाऊ नहीं है तो उस ऊसर भूमि पर केसर, कमल एवं कपूर पैदा नहीं हो सकता है.

स्वामी सत्यानन्द जी द्वारा रचित भक्ति प्रकाश ग्रन्थ का एक अंश

श्री रामशरणम् आश्रम, गुरुकुल डोरली, मेरठ

ईस्टर्न यूं पी में हिंसा के बाद प्रदेश में हाई अलर्ट

आखरी जुमे की अलविदा नमाज़ के बाद शुक्रवार को लखनऊ, इलाहाबाद और कानपुर में उपद्रव और तोड़फोड़ हुई| इसके पश्चात उत्तर प्रदेश सरकारने प्रभावित इलाकों में शांति बनाए रखने के लिए कडे़ कदम उठाए हैं। [१]सरकार ने बल्क मैसेज पर रोक लगाने के अलावा अफवाह फैलाने वालों से कड़ाई से निपटने के आदेश दिए हैं।[२] संवेदनशील और धार्मिक स्‍थलों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
[३] पूरे सूबे में हाई अलर्ट जारी किया गया है। पुलिस महानिदेशक ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है| वैसे यूपी से पूर्वोत्तर के नागरिकों के पलायन की अभी तक कोई खबर नहीं है
राज्य के प्रमुख सचिव (गृह) आरएम श्रीवास्तव ने भी पूर्वोत्तर के लोगों से बहकावे में न आने की अपील की है। श्रीवास्तव ने कहा कि किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में उसकी सूचना दें। सभी धार्मिक स्थलों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर त्वरित कार्रवाई बल (आरएएफ), रेलवे पुलिस बल (आरपीएफ) और प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) के जवानों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं।बरेली में शांति को देखते हुए प्रशासन ने सुबह पांच से 12 बजे तक कर्फ्यू में ढील दी थी। कड़ी सुरक्षा केचलते शांति बनी हुई है।
इस बीच इलाहाबाद में हालात शांतिपूर्ण होने के बाद शनिवार को [कुछ स्थानों को छोड़ कर] कर्फ्यू हटा लिया गया।
उल्लेखनीय है कि असम और म्यांमार हिंसा के खिलाफ शुक्रवार को राजधानी लखनऊ के अलावा धर्म नगरी इलाहाबाद और इंडस्ट्रियल कानपूर भी में हिंसक प्रदर्शन हुए थे, जिसके बाद पुलिस को लाठिया भांजनी पड़ी थी। इस दौरान कई लोग घायल भी हुए थे।

पाकिस्तान के राष्ट्रपति के नजराने से अजमेर में बनेगा अस्पताल

पकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी द्वारा भेजे गए १० लाख डालर के नजराने के एक हिस्से से ख्वाजा गरीब नवाज़ अस्पताल बनेगा |
राष्ट्रपति श्री जरदारी इस साल आठ अप्रैल को अजमेर शरीफ की जियारत पर आए थे तब उन्होंने दरगाह को 10 लाख डॉलर के नजराने का ऐलान किया था.
इस ऐलान के चार महीने बाद जुमा अलविदा को[शुक्रवार ]को पाकिस्तान की ओर से पूर्व विदेश सचिव सलमान बशीर पैसे लेकर अजमेर आए \
इस नज़राने पर ख्वाजा के खादिमों ने अपना हक जताया.
मजबूरन नजराने की रकम तीन हिस्से में बांटी गई, जिसमें दो खादिमों की अंजुमन कमेटियों को करीब दो-दो करोड़ रुपये मिले और दरगाह कमेटी को करीब एक करोड़ पैंतालीस लाख ही मिले|
अजमेर के ख्वाजा गरीब नवाज के खादिमों ने नजराने के 5.5 करोड़ रुपये में से अपनी हिस्सेदारी ले ही ली
नजराने का इस्तेमाल दरगाह के विकास में किया जाना था, लेकिन पैसे का बंटवारा हो जाने के बाद अब दरगाह कमेटी अपने हिस्से के एक करोड़ पैंतालीस लाखसे अस्पताल बनवाना चाहती है.

आखरी जुमे की सामूहिक नमाज़ वेस्टर्न यूपी में शान्ति से पड़ी गई ईस्टर्न शहरों में बवाल

मुक़द्दस रमजान महीने के आख़री जुमे[शुक्रवार]को सुरक्षा के कड़े इम्तेजामो में बड़ी संख्या में सामूहिक [अलविदा] नमाज पड़ी गई औरअमन चैन की दुआ माँगी गई | असाम+मुम्बई+पुणे+रांची में असंतोष के मध्य नज़र ट्रेफिक कंट्रोल करने के लिए मस्जिदों को जाने वाले मार्गों पर विशेष नाके बंदी की गई |
मेरठ में भी मस्जिदों के बाहर कड़ी सुरक्षा में बड़े सुकून से नमाज़ पड़ी गई| बेगम पुल का भी ट्रेफिक डायवर्ट करके नमाजियों को राहत दी गई \

ईस्टर्न यूं पी के तीन शहरों में अपवाद के रूप में अलविदा की नमाज के बाद भीड़ हिंसक हो उठी। राजधानी लखनऊ,के अलावा कानपुर और धर्म नगरी इलाहाबाद में भी बेकाबू भीड़ ने भारी नुक्सान पहुंचाया है|इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह भी लगाया है|

सिखों पर हमलों के कारण अमेरिका में भी सदभावना दिवस मनाना जरुरी हो गया है

अमेरिका में एक और सिख की गोली मार कर ह्त्या कर दी गई है|इससे सिख समुदाय के जख्म फिर से हरे हो गए हैं|
५६ वर्षीय दलबीर सिंह किराने के व्यापार से जुड़े थे|
नार्थ अमेरिका के विस्कोंसिन ओक क्रीक गुरुद्वारे में ५ अगस्त को हुई गोलीबारी की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई की अब उसी राज्य के मिल्वाउकी में भारत की आज़ादी दिवस १५ अगस्त को एक और ओक क्रीक गुरूद्वारे के सदस्य सिख की ह्त्या से समुदाय में रोष और भय का माहौल है|एन डी टी वी ने भी इसे प्रमुखता दी है|
सिखों के धर्मप्रतीक चिन्हों [केश+कंघा+कृपान+कडा+कच्छा] के प्रति अज्ञानता के कारण उन्हें भी आतंकवादी समझ लिया जाता है और नफरत अपराध का निशाना बना दिया जाता है ९/११ के बाद यह कुछ ज्यादा बढ गया है|
अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा सिखों के जख्मों पर हर संभव मलहम लगाने के प्रयास किये जा रहे है मगर बुधवार की इस एक और घटना से ऐसे सभी प्रयासों पर पलीता लग सकता है|
इसीलिए अमेरिका में समारोह पूर्वक सदभावना दिवस मनाया जाना चाहिए इससे सिखों के प्रति उनके धर्म प्रतीक चिन्हों के प्रति जागृति आ सकेगी और वहां नस्लवादी हिंसा में कमी आ सकेगी |

परमात्मा को छल कपट से नहीं सच्चे प्रेम से पाया जा सकता है

जिस मन में छल कपट हो, उस में न भक्ति मेल,
जिस तरु जड़ में आग हो, उस पर चढ़े न बेल.

संतजन मनुष्यों को समझाते हुए कहते हैं कि प्रभु की आराधना निष्काम,निष्कपट एवं सच्चे मन से करो क्योंकि अगर हमारे मन में छल कपट हो तो भक्ति भवानी जाग्रत नहीं हो सकती.
परमात्मा को छल कपट से नहीं वरन प्रेम से पाया जा सकता है. जैसे किसी वृक्ष की जड़ में अगर आग लगी हुई हो तो कोई भी बेल उस पेड़ पर नहीं चढ़ती.
स्वामी सत्यानन्द जी द्वारा रचित भक्ति प्रकाश ग्रन्थ का एक अंश
श्री रामशरणम् आश्रम, गुरुकुल डोरली, मेरठ