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भाजपाई कौन से निप्पलों से दूध पीते हैं,लेलेंगे नंगों से पंगा

भाजपाई कौन से निप्पलों से दूध पीते हैं,लेलेंगे नंगों से पंगा

भाजपाई कौन से निप्पलों से दूध पीते हैं,लेलेंगे नंगों से पंगा


झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

भाजपाई चिंतक

औए झल्लेया ये कांग्रेस तो एकदम नंगई पर उतर आई | देख तो हसाड़े डाइनामिक अध्यक्ष अमित शाह और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधने के लिए सी जे आई दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग लेकर आ रहे हैं| पार्लियामेंट में इनके पास पर्याप्त समर्थन नहीं होने के बावजूद ये लोग पुरानी कहावत को चरितार्थ करने पर तुले हुए हैं
“सूत ना कपास,जुलाहों में लट्ठम लट्ठ”

झल्ला

ओ मेरे चतुर सेठ जी ! आप लोग कौन सा निप्पलों से दूध पी रहे हो |लेलो नंगों से पन्गा

कांग्रेस सीजेआई पर कीचड उछाल कर भागने के फ़िराक में तो नहीं

[नई दिल्ली]कांग्रेस सीजेआई पर कीचड उछाल कर भागने के फ़िराक में तो नहीं
कांग्रेस आज कल आप पार्टी के सिद्धांत पर चलते हुए कीचड उछाल कर भाग रही है
अच्छा होता कांग्रेस आप के डाउन फाल के कारणों को समझ लेती और श्रीमती इंदिरा गाँधी
की सत्ता में वापिसी के इतिहास को भी पढ़ लेती |पुरानी कहावत हे के काठ की हांडी एक बार ही अंगीठी पर चढ़ती है
लेकिन सियासतदां आज कल एक ही टूटी फूटी हांडी कोबार बार प्रयोग कर रहे हैं|इससे कुछ समय के लिए शोर तो मच जाता है मगर
थाली खाली ही रह जाती है | कांग्रेस कीचड उछालने के दुष्परिणामों को आत्मसात करने के बजाय जस्टिस लोया केस में मुंह की खाये खिसियानी बिल्ली की तरह सी जे आई को ही नौंचने के लिए महाभियोग लेकर आ गई है | संसद में बहुमत नहीं है +आरोपों में दम नहीं है +जनता सहयोग नहीं है फिर भी यह महाभियोग का कीचड उछाला जा रहा है | मालूम हो के कांग्रेस की इस मायने में गुरु “आप” पार्टीने महाभियोग प्रस्ताव से किनारा कर लिया है |
देश के प्रधान न्यायाधीश को पद से हटाने के लिये उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का यह भले ही पहला मामला हो, लेकिन इसके पहले उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के खिलाफ इस तरह की कार्यवाही चलायी जा चुकी है। सभी मामलों में महाभियोग को अंतिम चरण तक पहुँचाने में असफलता ही हाथ लगी है |
प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ दुर्व्यवहार और पद के दुरुपयोग के आरोप में कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों की ओर से आज राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू को महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस सौंपा है।
आजाद भारत में पहली बार किसी न्यायाधीश को पद से हटाने की कार्यवाही
मई 1993 में प्रधानमंत्री पी वी नरसिंह राव के कार्यकाल में हुयी थी। उस समय उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश वी रामास्वामी के खिलाफ लोकसभा में महाभियोग प्रस्ताव पेश किया गया था। उनके खिलाफ 1990 में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के पद पर रहते हुये भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के आधार पर पद से हटाने के लिये महाभियोग प्रस्ताव पेश किया गया था। हालांकि यह प्रस्ताव लोकसभा में ही पारित नहीं हो सका था।
साल 2011 में कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सौमित्र सेन के खिलाफ ऐसा ही प्रस्ताव राज्यसभा सदस्यों ने पेश किया था। इस मामले में उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी सुधाकर रेड्डी की अध्यक्षता वाली जांच समिति ने उन्हें अमानत में खयानत का दोषी पाया था। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही उन्हें कदाचार के आरोप में पद से हटाने के लिये पेश प्रस्ताव को राज्यसभा ने 18 अगस्त, 2011 को पारित कर किया। इस प्रस्ताव पर लोकसभा में बहस शुरू होने से पहले ही न्यायमूर्ति सेन ने एक सितंबर, 2011 को अपने पद इस्तीफा दे दिया। हालांकि उन्होंने राष्ट्रपति को भेजे त्यागपत्र में कहा था, ‘‘मैं किसी भी तरह के भ्रष्टाचार का दोषी नहीं हूं।’’
कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यााधीश पी डी दिनाकरण पर भी पद का दुरूपयोग करके जमीन हथियाने और बेशुमार संपत्ति अर्जित करने जैसे कदाचार के आरोप लगे थे। इस मामले में भी राज्यसभा के ही सदस्यों ने उन्हें पद से हटाने के लिये कार्यवाही हेतु याचिका दी थी। इस मामले में काफी दांव पेंच अपनाये गये।
न्यायमूर्ति दिनाकरण ने जनवरी, 2010 में गठित जांच समिति के एक आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती भी दी। बाद में अगस्त 2010 में सिक्किम उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किये गये न्यायमूर्ति दिनाकरण ने इसमें सफलता नहीं मिलने पर 29 जुलाई, 2011 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस तरह उन्हें महाभियोग की प्रक्रिया के जरिये पद से हटाने का मामला वहीं खत्म हो गया।
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सी वी नागार्जुन रेड्डी और गुजरात उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जे बी पार्दीवाला के खिलाफ भी महाभियोग की कार्यवाही के लिये राज्यसभा में प्रतिवेदन दिये गये। न्यायमूर्ति पार्दीवाला के खिलाफ तो उनके 18 दिसंबर, 2015 के एक फैसले में आरक्षण के संदर्भ में की गयी टिप्पणियों को लेकर यह प्रस्ताव दिया गया था। लेकिन मामले के तूल पकड़ते ही न्यायमूर्ति पार्दीवाला ने 19 दिसंबर को इन टिप्पणियों को फैसले से निकाल दिया था।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एस के गंगले के खिलाफ वर्ष 2015 में एक महिला न्यायाधीश के यौन उत्पीडन के आरोप में राज्यसभा के सदस्यों ने महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस सभापति को दिया था। इस प्रतिवेदन के आधार पर न्यायाधीश जांच कानून के प्रावधान के अनुरूप समिति गठित होने के बावजूद न्यायमूर्ति गंगले ने इस्तीफा देने की बजाय जांच का सामना करना उचित समझा। दो साल तक चली जांच में यौन उत्पीडन का एक भी आरोप साबित नहीं हो सकने के कारण महाभियोग प्रस्ताव सदन में पेश नहीं हो सका

एमएलसी प्रत्याशी डॉ सरोजिनी अग्रवाल पर कलेक्ट्रेट में लगे भ्र्ष्टाचार के आरोप

Demonstration Against Dr Sarojini Agrawal

Demonstration Against Dr Sarojini Agrawal

[मेरठ,यूपी]भाजपा की एम एल सी प्रत्याशी डॉ सरोजिनी अग्रवाल के खिलाफ कलेक्ट्रेट में नारे लगे| डॉ सरोजिनी अग्रवाल के परिवार पर सैंकड़ों लोगों से ठगी के आरोप लगा कर कार्यवाही की मांग की गई है
जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्य मंत्री को प्रेषित ज्ञापन में आरोप लगाया गया है के मेरठ के ३५० लोगों के साथ सपा राज में ठगी की गई है |ठगी करने वालों में [१] डॉ ॐ प्रकाश अग्रवाल[२]डॉ नीमा अग्रवाल[३]अनुराग गर्ग[४]आलोक रस्तोगी[५]रवि रस्तोगी[६]मनमोहन सप्रा[७]अखिलेश चौहान शामिल बताये गए हैं | गौरतलब हे के
भाजपा में शामिल हुईं डा सरोजनी अग्रवाल को भाजपा ने भी रिटर्न तोहफा दिया है। भाजपा द्वारा यूपी से जारी की गई एमएलसी प्रत्याशियों की लिस्ट में डा सरोजनी अग्रवाल को भी प्रत्याशी घोषित किया गया है।अभी तक कोई विरोधी नामांकन नहीं आया है इसीलिएइनका चयन निर्विरोध होना तय माना जा रहा है |डॉ सरोजनी का नाम घोषित कर पार्टी ने बेशक मेरठ में चले आ रहे परंपरागत वैश्य वोट बैंक को साधने का प्रयास किया है इसीलिए है। उनके समर्थकों में हर्ष का माहौल बना है लेकिन आज इस विरोध प्रदर्शन से भाजपा के चयन प्रक्रिया पर सवाल उठने लाजमी हैं |

एमएलसी चयन में भी भाजपाई कार्यकर्ताओं की उपेक्षा

[मेरठ,यूपी]एम एल सी की सीटों के लिए उम्मीदवारों के चयन में कार्यकर्ताओं की उपेक्षा
विधान परिषद् की १३ सीटों के लिए जोड़ तोड़ शुरू हो गई है|मेरठ से [१]डॉ सरोजिनी अग्रवाल अशोक कटारिया[३]विजय बहादुर पाठक को भाजपा द्वारा प्रत्याशी बनाया गया है| सुप्रसिद्ध गईकनोलॉजिस्ट डॉ सरोजिनी अग्रवाल बरसों पूर्व भाजपा के लिए सपा से मिली एम एल सी की सीट त्याग चुकी हैं |कटारिया बिजनौर मूल के हैं|पाठक ने नगर निगम के चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है बेशक मेयर का चुनाव पार्टी हार गई लेकिन पाठक ने जातीय समीकरण जुटाने में रात दिन एक कर दिया था| इस सब के बीच मेरठ के भाजपा कार्यकर्ताओं में रोष हैं उनके अनुसार कार्यकर्ताओं की उनकी पार्टी के प्रति निष्ठां की उपेक्षा हुई है|ऐसे ही रोष पूर्ण पोस्टों से सोशल मीडिया भरा पढ़ा है|

उपराष्ट्रपति ने जैटली को राज्यसभा की सदस्यता की शपथ ग्रहण कराई

arun jaitely[नई दिल्ली] राजनीती में वर्तमान ध्रुव जैटली और आज़ाद एक साथ दिखाई दिए और एक दूसरे के सुख दुःख बांटे | राज्य सभा में सादे शपथ ग्रहण कार्यक्रम में वित्त मंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता अरुण जैटली ने शपथ ग्रहण की |उपराष्ट्रपति और सभापति वेंकैय्या नायडू ने शपथ ग्रहण कराई |इस अवसर पर जगदम्बिकापाल और अनंत कुमार आदि के अलावा विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद भी उपस्थित थे |सत्ता पक्ष के अरुण जैटली और विपक्ष के आज़ाद दोनों एक साथ बैठे और गुलाम नबी आजाद को अरुण जैटली का हालचाल पूछते भी देखा गया |गौरतलब हे के कांग्रेस के अड़ियल रुख के चलते राज्य सभा की कार्यवाही पूरे सेशन ठप्प रही है
जेटली (65) को इस बार उत्तर प्रदेश से राज्य सभा के लिए चुना गया है लेकिन वह अपनी बीमारी के कारण अब तक शपथ नहीं ले सके थे । उनकी गुर्दे की बीमारी का इलाज चल रहा है और उनके स्वास्थ्य की स्थितियों को देखते हुए उनके शपथग्रहण के लिए विशेष इंतजाम किया गया था |
जेटली को आज 11 बजे राज्यसभा के सभापति एम . वैंकेया नायडू के कक्ष में शपथ दिलायी गई |
जेटली को दोबारा चुने जाने के बाद तीन अप्रैल को पुन : राज्य सभा का नेता बनाया गया था। वह दो अप्रैल से अपने कार्यालय नहीं गए हैं और घर से ही काम कर रहे हैं।
उन्हें नौ अप्रैल को यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ( एम्स ) में भर्ती कराया गया था जहां उनका डायलसिस किया गया।

भाजपा [३८]को विपक्ष ने जन्मदिन की गिफ्ट नहीं दी,अब देश में अनशन

[नई दिल्ली] ३८ वर्षीय भाजपा को विपक्ष ने जन्म दिन की भी सौगात नहीं दी|संसद के सदनों को बिना कार्यवाही के ही स्थगित करवा दिया |अब होगा देश भर में अनशन |भाजपा ने अपनी स्थापना के ३८ वर्ष पूरे कर लिए हैं और इस जन्म दिन पर संसद के बजट सेशन २ का अंतिम दिन भी था ,लेकिन इस दिन भी कार्यवाही नहीं चलने दी गई ||पूरे सेशन में सदनों की कार्यवाही विपक्षी अड़ियल रव्वैय्ये के चलते ठप्प रही है |इसके चलते देश के सालाना २४ लाख करोड़ रु के बजट के अलावा एंटी करप्शन +तीन तलाक+दलित उत्पीड़न +चुनाव विसंगतियां आदि अनेकों महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं हो सकी|
इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विपक्ष पर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाया है और संसद में गतिरोध के लिये कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया।
P M Modi Before Parliament budget sessionमोदी ने घोषणा की कि भाजपा सांसद इसके विरोध में 12 अप्रैल को देशभर में अनशन करेंगे।
भाजपा संसदीय दल की बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने संवाददाताओं को बताया कि बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा समावेशी राजनीति कर रही है जबकि विपक्ष विभाजनकारी एवं नकारात्मक राजनीति कर रहा है क्योंकि वह हमारी पार्टी के उत्थान से हताश हो गया है ।
दलितों के विरोध प्रदर्शन के मुद्दे पर विपक्षी दलों द्वारा सरकार को घेरने के प्रयासों के बीच मोदी ने कहा कि भाजपा सांसद एवं अन्य नेता 14 अप्रैल से 5 मई के बीच 20,844 ऐसे गांवों में रात गुजारेंगे जहां अनुसूचित जाति और जनजाति समुदाय की आबादी 50 प्रतिशत से अधिक है और उन्हें केंद्र की विभिन्न जनकल्याण योजनाओं के बारे में जानकारी देंगे ।
कुमार ने कहा कि भाजपा ‘‘सबका साथ, सबका विकास यात्रा’’ का भी आयोजन करेगी।’’ भाजपा का 38वां स्थापना दिवस होने के बीच मोदी ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम एवं लोगों के आशीर्वाद से भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी है। उन्होंने सभी दिवंगत नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को भी नमन किया ।
उन्होंने कहा कि पार्टी का स्थापना दिवस कार्यकर्ताओं को समर्पित है जिन्होंने भाजपा को मजबूत बनाने के लिये बलिदान दिया

BJP Comfortable at 69 Against Congress’s 50 in Rajya Sabha

[Lucknow,Delhi] BJP Comfotable at 69 Against Congress’s 50 in Rajya Sabha
The BJP has made a significant gain of 11 additional seats while the Congress made an overall loss of four in the biennial elections to 58 Rajya Sabha seats,leaving its main rival far behind
Its 28 candidates emerged victorious in the polls held yesterday against 17 retiring members, while the Congress won only 10 seats while 14 of its members will retire next week.
A calculation of tallies show that the BJP’s strength in the 245-member House will go from the existing 58 to 69 and that of the Congress will fall from 54 to 50 when the new MPs take oath next week.
However, a majority in the Council of States will continue to elude the BJP-led NDA.
It recently suffered a setback when the Telugu Desam Party, its ally of four years, decided to break ties. The TDP has six members in the House.
The Modi government’s bills have often been stalled in the House, where it has lacked a majority, by a united opposition after it managed to pass them in the Lok Sabha, where it enjoys a strong majority.
File Photo

Akali+BJP Got House Adjourned Over Farm Loan Waiver@Rs90K Crore

[Chd,Pb] Akali+BJP Got House Adjourned For 30 Minutes Over Farm Loan Waiver
Members of Shiromani Akali Dal (SAD)-BJP today forced an adjournment of Punjab Assembly for 30 minutes over the issue of farm loan waiver.
As the Zero hour commenced, SAD and BJP members wearing black robes as a mark of protest raised the issue of loan waiver.
Led by former chief minister Parkash Singh Badal and former deputy chief minister Sukhbir Singh Badal, the SAD-BJP members trooped into the Well of the House and shouted slogans against the state government.
As the protests continued, Speaker Rana K P Singh adjourned the House for 30 minutes.
Sukhbir Singh Badal said the protest was against the Congress government’s “failure in implementing the Rs 90,000 crore farm loan waiver promise”.
Yesterday, the SAD-BJP had tried to gherao the Assembly demanding implementation of the Rs 90,000 crore loan waiver for all farmers, including loans from nationalised and cooperative banks as well as private money lenders.
As the House re-assembled after 30-minute adjournment, Leader of Opposition Sukhpal Singh Khaira sought a debate on suicides by farmers in the state.

नरेश अग्रवाल ने सपा छोड़ कर भाजपा ज्वाइन की

नई दिल्ली] राज्यसभा एमपी नरेश अग्रवाल ने सपा छोड़ कर भाजपा ज्वाइन की | उनके स्थान पर ज्या बच्चन को टिकट दिए जाने से वे नाराज थे|उन्होंने एक टिप्पणी के माध्यम से सपा की नीतियों पर भी कटाक्ष किया |हरदोई के लोकप्रिय नेता ने कहा के सपा में फिल्मों में डांस करने वालों को महत्व दिया गया है इसीलिए उन्होंने पार्टी छोड़ी है| पहले भी अपने विवादस्पद बयानों से चर्चा में रहे हैं |सांसद का कार्यकाल २ अप्रैल को समाप्त होने जा रहा है|अग्रवाल के पुत्र एम एल ऐ हैं ऐसे में पुत्र की वोट भी भाजपा को ही जाएगी|

त्रिपुरा के पश्चात् मूर्ति विखंडन की घटनाओं की निंदा करते हुए केंद्र से तत्काल कार्यवाही के आदेश

[नई दिल्ली]|त्रिपुरा के पश्चात् मूर्ति विखंडन की घटनाओं की निंदा करते हुए केंद्र से तत्काल कार्यवाही के आदेश
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पर नाराजगी जताते हुए इनकी रोकथाम के लिए गृह मंत्री राजनाथ सिंह से परामर्श किया |
गृह मंत्रालय ने भी तत्काल कार्यवाही करते हुए राज्‍यों से कहा है कि वे ऐसी घटनाएं रोकने के लिए सभी आवश्‍यक कदम उठाएं। ऐसी घटनाओं में लिप्‍त लोगों के खिलाफ संबंधित नियमों के अंतर्गत मामले दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
देश के कुछ इलाकों से मूर्तियों की तोड़-फोड़ की घटनाओं की शिकायत मिली है।
मालूम हो के त्रिपुरा में वाम दलों का गढ़ ध्वस्त होने के पश्चात् वहां लेनिन की मूर्ति को ढा दिया गया ,जिसे लेकर वामपथियों के साथ ही समूचा विपक्ष भाजपा सरकार के विरुद्ध एकजुट हो गया है| लेनिन रूस के वामपथि विचारधारा के कट्टर नेता थे| भाजपा नेताओं का कहना है के अभी भी त्रिपुरा में वामपंथी केयरटेकर सरकार है इसके बावजूद घटना पर तत्काल नोटिस लेते हुए कार्यवाही के आदेश दे दिए गए हैं |गौरतलब हे के जिस क्रेन से लेलिन की मूर्ति को गिराया गया उसका ड्राईवर गिरफ्तार कर लिया गया है चूँकि यह जमानती अपराध था सो उसे जमानत मिल चुकी है |