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Tag: Today Satire

५१ भैंसो का इनाम लेना भी तो किसी दंड से कम नही होगा

झल्ले दी झल्लियां गल्लाँ

चिंतित खाप चौधरी

ओये झल्लेया ये क्या हो रहा है? ओये ये फिल्म वाले हमें कही जीने भी देंगे या नहीं |अब देखो हमारी ऐतिहासिक खापों की सदियों से चली आ रही जन कल्याण की व्यवस्था पर भी हंसी ठिठोली करने लग गए |एक बेचारा बराक ओबामा है जो अपने अमेरिका के भैंसी [बुफ़्फ़लो [Buffalo]]में तरक्की के प्रयास में जुटा हुआ है और यहां हसाडे फिल्मकार भारत के “भैंसी”गावं का नाश ही मारने में तुल गए |ओये अब हमने भी इन्हें सबक सिखाने की ठान ली है |मुजफ्फरनगर के भैंसी [Buffalo] में अहलावत खाप ने तो एलान भी कर दिया है कि जो कोई मिस टनक पुर हाजिर हो के बणाण बालों को हाजिर करेगा उसे ५१ भैंसे इनाम में दी जाएंगी

झल्ला

ओ मेरे भोले चौधरी क्योंकि ये तुम्हारी मूंछ का सवाल है सो तुम्हारी पीड़ा तो जायज हैलेकिन ये बताओ कि ५१ भैंसो का इनाम तुम दोगे मगर लेने वाले तो इनकी सेवा करते करते निबट लेंगे इसीलिए झल्लेविचारनुसार ये किसी दंड से कम नही होगा

राहुल गांधी बाकायदा होम वर्क करके नेपाली दूतावास गए थे

झल्ले दी झल्लियां गल्लाँ

कांग्रेसी चीयर लीडर

ओये झल्लेया ये क्या हो रहा है?ओये हसाडे सोणे उपध्यक्ष राहुल गांधी जी ने नेपाल भूकम्प पीड़ितों के प्रति संवेदनाएं प्रगट करने के लिए नेपाली दूतावास के विज़िटर्स डायरी में अपने मोबाइल से पढ़ कर शोक सन्देश क्या लिख दिया ये सारे के सारे राहुल साहब के पीछे ही पढ़ गए |सोशल मीडिया में तो मानो सुनामी ही आई हुई है |ओये झल्लेया यहाँ करो तो मुसीबत और न करो तो मुसीबत

झल्ला

ओ मेरे चतुर सुजान वाकई आपजी की पीड़ा को समझ सकता हूँ हमेशा होम वर्क नहीं करने पर खिंचाई की जाती रही है लेकिन आप जी के उपाध्यक्ष तो बाकायदा होम वर्क करके नेपाली दूतावास गए थे

नरेंद्रमोदी का लखटकिया सूट तो उतरवा दिया अब लुटियन जोन में कांग्रेसी”लुटिया”का क्या होगा?

झल्ले दी झल्लियां गल्लाँ

कांग्रेसी चीयर लीडर

ओये झल्लेया ये नरेंद्र मोदी तो हसाडे पीछे ही पड़ गया|पहले इसने हसाडे सहयोगी चौधरी अजित सिंह को उसके पुश्तैनी घर से निकाल दिया अब हसाडे आफिसों को भी खाली करवाने पर तुल गया है|चलो मान लिया कि अजित सिंह की चौधराहट खत्म हो गई उसके हैंड पम्प का पानी वेस्टर्न यूं पी में ही सूख गया लेकिन कांग्रेस तो राज्य सभा में अभी जिन्दा है और बजट सेशन सामने हैं |फिर भी हमें २४ अकबर रोड के दफ्तर से और सेवा दल आदि को भी निकाला जा रहा है

झल्ला

ओ मेरे चतुर सुजाण क्यूँ हो रहे हो हैराण? कांग्रेस ने मोदी का सूट तो उतरवा दिया अब जब अपने कब्जे के आफिसों को खाली करना पढ़ा तो रोने लगे अरे आपलोगों ने अपने मौत के सौदागर और चायवाले बयानों का दुखांत हश्र देख कर भी सबक नहीं लिया और चल दिए नरेंद्र मोदी का लखटकिया सूट उतरवाने|अब जब आप लोग मोदी का सूट उतरवा चुके +दिल्ली लुटवा चुके हो तो क्या सोचा है कि गुज्जु मोदी बहुत खुश होगा ?शाबाशी देगा क्यूँ? ?अरे आपलोगों की लुटियन जोन में लुटिया डूबनी तो लाजमी है जी

अरविन्द केजरीवाल आज किसके साथ संत वैलेंटाइन बाबा वाला प्रोमिस डे मनाएंगें

झल्ले दी झल्लियां गल्लाँ

आम आदमी पार्टी चीयर लीडर

ओये झल्लेया मुबारकां ओये हसाडे सोणे अरविन्द केजरीवाल साहब की लगातार ठुक ठुक ने सारे स्थापित महारथियों को ढहा दिया|
ओये कल तक हमें अराजक कहने वाले+भगौड़ा साबित करने पे तुले हुए आज काश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक लाइन लगा कर बधाई दे रहे हैं|ओये अब हमने बना देनी है “सोने की दिल्ली”

झल्ला

ओ मेरे भापा जी ठीक है सोने की दिल्ली तो बना लोगे मगर म्याऊँ कौन करेगा ?ओ जी मतलब है कि संत वैलेंटाइन बाबा के आशीर्वाद से आज प्रोमिस डे है|कहा जाता है कि आज के दिन साथ साथ जीने और मरने की कस्मे खाई जाती हैं इसीलिए अब “आप”किसके साथ प्रोमिस डे मनाओगे?बिहार में फंसोगे या फिर यूंपी गोते लगाओगे ?पंजाब की धार परखोगे या कश्मीर की खूबसूरती में खो जाओगे या फिर दिल्ली में ही कुछ कर दिखाओगे?

अविश्वासी”आप”के लिए गणत्रंत समारोह में”किरण”शेरनी आ ही गई मगर कोई कान ही नहीं धर रहा

झल्ले दी झल्लिया गल्लाँ

आम आदमी पार्टी का उत्तेजित चीयर लीडर

ओये झल्लेया ये तो हसाडे नाल बढ़ा जुल्म हो रहा है |ओये देख तो हसाडे सोणे पूर्व मुख्य मंत्री अरविन्द केजरीवाल साहब को ६६ वें गणतंत्र समारोह में बुलाया तक नहीं और हसाड़ी विरोधी किरण बेदी को आगे की सीटों पर बैठा दिया और मीडिया में उनकी वाहवाही करवा दी |
ओये अब इस राष्ट्रीय महोत्सव का भी राजनीतिकरण होने लग गया |

झल्ला

ओ मेरे बाबू साहब आप लोगों ने रोजाना ख़वाहमख़ाह “शेर आया शेर आया” चिल्ला कर अपना विश्वास खो दिया इसीलिए अब जब वास्तव में किरण बेदी “शेरनी”आ गई है तो इस पर कोई कान तक नहीं धर रहा|

“आप”ने चीनी मांझे[अरे भाई बिजली मीटर]लगा रहे हैं जिससे पेंच लड़ाने को सॅब्सिडी की डोर बेकार होगी

झल्ले दी झल्लियां गल्लाँ

कांग्रेसी चीयर लीडर

ओये झल्लेया ये अरविन्द केजरीवाल किस मिटटी का बना हुआ है ?ओये इसने तो बेशर्मी की सारी हदें पार कर दी |देख तो इलेक्शन कमीशन वाले केजरीवाल को नोटिस पे नोटिस भेज रहे हैं और ये बेशर्मी से उनपर झाड़ू चलाये जा रहे हैं और हसाड़ी पार्टी पर वोटरों को रिश्वत देने का आरोप लगाये जा रहे हैं और कहे जा रहे हैं कि कांग्रेस और भाजपा का माल खाओ और वोट “आप” पार्टी को दो|ओये इन बेशर्मों कि कोई काट भी है या नहीं ?

झल्ला

ओ मेरे चतुर सुजाण बसंत का मौसम हैं सभी अपनी गुड्डी=पतंग आसमान में उठाये रखना चाह रहे हैं |भापा जी ये तो आप भी मानोगे कि अपनी पतंग को ताने रखने के लिए दूसरे की पतंग को काटना जरूरी होता है और वोह कटा वोह काटा के राग गुनगुनाने के लिए “आप” वाले चीन के मांझे [अरे भाई बिजली मीटर] का इस्तेमाल कर रहे हैं जिससे पेंच लड़ाने के लिए अापजीके पारम्परिक सब्सिडी वाले मांझें बेकार साबित हो सकते हैं

गरीबों की मुहब्बत के मजाक”ताजमहल”के नाम पर फिर से कंडे+कांच+कोयले+पर आश्रितों के ही पेट पर लात :वाह समाजवाद

झल्ले दी झल्लियां गल्लाँ

सपाई चीयर लीडर

ओये झल्लेया हसाडे सोणे मुख्य मंत्री अखिलेश यादव जी ने मुहब्बत की निशानी’ ताजमहल के नूर को हवा में घुलते धुएं से बेनूर होने से बचाने के लिए ताज के आस पास गोबर के कंडों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है ओये अगर इससे भी बात नहीं बनी तो चूड़ियां+पेठा बनाने के लिये कोयले के भी प्रयोग पर पाबंदी लगा दी जाएगीलेकिन ताज को कोई आंच नहीं आने दी जाएगी

झल्ला

ओ मेरे भोले पहलवान जी आप को याद होगा कि बादशाह शाहजहाँ ने ताज महल बना कर गरीबों की मुहब्बत का
मजाक उड़ाया था |अब उसु ताज के नाम पर आप कि समाजवादी पार्टी फिर से कंडे+कांच+कोयले+पर आश्रित गरीबों के ही पेट पर लात मारने जा रहे होअरे अगर दम है तो ताज केअस पास के सभी तेल रिफायनरी को बंद कराओ और कंडे +कोयले पर निर्भरों को गैस दिलवाओ

डॉ हरि सिंह ढिल्लों ने भी”रालोदाई”चौधरियों के सूखे”नलके”को खींचते रहने से खींचे हाथ

झल्ले दी झल्लियां गल्लाँ

सपाई चीयर लीडर

ओये झल्लेया देखा हसाडे सर में दर्द करने वाले एक एक कर के कमजोर होते जा रहे हैं ओये पूर्व विधान परिषद सदस्य डॉ हरि सिंह ढिल्लों ने भी अपने खासुलखास राष्ट्रीय लोक दल को ढील दे दी है |ओये अमरोहा से पूर्व सासंद देवेन्द्र नागपाल के बाद डॉ. ढिल्लो ने भी राष्ट्रीय लोकदल से इस्तीफा दे दिया।ओये अब तो मानता है न कि ये कथित राष्ट्रीय रालोद ओनली बाप +बेटे की पार्टी बन कर रह गई है

झल्ला

ओ मेरे भोले पहलवान जी रालोदाई “नलके” से पानी निकलना कब का बंद हो चुका है |
अच्छे खासे रसूख वाले अमरोहिया डॉ ढिल्लो को बरेली-मुरादाबाद में शिक्षक निर्वाचन छेत्र के विधान परिषद के चुनाव में भाजपा के जयपाल सिंह के मुकाबिले प्यासा रहना पड़ गया|
ऐसे में बाकी के एमएलसी सीट के लिए चौधरियों के सूखे नलके को खींचते रहना तो २५ साल की डाक्टरी का भी अपमान होगा

संवैधानिक संस्थाओं को दबंगई से नहीं चलने देने वालों को जनविरोधों का सामना करना ही पड़ता है

झल्ले दी झल्लियां गल्लाँ

चिंतित नागरिक

ओये झल्लेया ये क्या हो रहा है?ओये बिहार में जाती गत राजनीती में लिप्त मुख्य मंत्री जीतन राम मांझी के “घरेलू” दरबार में बिहार के ही एक आम युवा ने जूता फैंक मारा |आम आदमी से “चंदावसेलू” खास बने अरविन्द केजरीवाल पर भी कुछ ऐसा ही हो गया |बंगाल के देवाशीष ने “शारदा” सरंक्षक मुख्य मंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को थप्पड़ मार दिया|
दिल्ली में तो हद ही हो गई यारा ये पिटे पिटाये कांग्रेसी पोलिस से ही भिंड गए | सत्ता रुड भाजपाई और “आप” वालों में तो आपस में ही लट्ठ चल गए|
ओये अब ऐसे ही चलेगा हसाडे लोकतंत्र

झल्ला

ओ मेरे भोले बादशाहो संवैधानिक संस्थाओं को असंवैधानिक तरीके से नहीं चलने देने वालों को जनविरोधों का सामना करना ही पड़ता है |
अपनी बात कहने के लिए संविधान ने लोक सभा+राज्य सभा +विधान सभाएं दी हैं लेकिन जो लोग असंवैधानिक तरीके से इन सभाओं को चलने नहीं देते उन्हें इस प्रकार के जन विरोधों का सामना करना ही पड़ता है |

राज्यसभाईयों को वरिष्ठ+अपर+बुजुर्ग का संवैधानिक दर्जा है और बढे+बच्चे एक समान ही होते हैं

झल्ले दी झल्लियां गल्लाँ

भाजपाई चीयर लीडर

ओये झल्लेया इन कांग्रेसियों की तो मति ही मारी गई है|देख तो राज्य सभाके शीतकालीन सत्र के पूरे सप्ताह को धर्मांतरण के प्रदूषण से बर्बाद करके हसाडे विकास के अजेंडे को ठप्प करके रख दिया |इन्होने प्र्रे सत्र में ओनली ५९% काम होने दिया इसीके फलस्वरूप हम सदस्यों द्वारा उठाये गए प्रश्नों में से आधे का जवाब भी नहीं दे पाये |ओये देश के विकास के मुद्दों को ठप्प करके अब ये सारे शर्मिंदा होने के बजाय कितना फूल के कुप्पा हो रहे हैं

झल्ला

ओ मेरे परेशान सेठ जी बुजुर्गों ने कहा है कि बूढ़े और बच्चे एक समान होते हैं| देश के संविधान ने भी राज्य सभाईयों को वरिष्ठ+बुजुर्ग+सीनियर+अपर का दर्जा दिया हुआ है इसीलिए ये बुजुर्ग बचपना तो दिखाएंगे ही |झल्लेविचारनुसार बुजुर्गों को अपने घर से कोई भारतीय निकाल तो नहीं देता न