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प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश के लिए 2000.49 करोड़ के 15 प्रस्‍तावों को हरी झंडी:एच बी ओ+ कोका कोला स्थगित

केंद्र सरकार ने प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश[FDI] के लिए 2000.49 करोड़ के 15 प्रस्‍तावों को हरी झंडी दी
27 अगस्‍त, 2013 को आयोजित एक सम्‍मेलन में विदेशी निवेश प्रोत्‍साहन बोर्ड (एफआईपीबी) की सिफारिशों के आधार पर लगभग रू.2000.49 करोड़ की लागत के 15 प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश के प्रस्‍तावों को मंजूरी दी गई है ।
इसके अतिरिक्‍त आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति के विचारार्थ 10668.00 करोड़ लागत के दो प्रस्‍तावों की अनुशंसा की गई है। ये दो प्रस्‍ताव हैं- भारत ढांचागत अनुदान 2, मुंबई के लिए प्रस्‍तावित ट्रस्‍टी के रूप में मैसर्स आईडीएफसी ट्रस्‍टी कंपनी लिमिटेड तथा मैसर्स मिलान इंकॉरोपोरेशन, अमेरिका
इसके अतिरिक्त २ प्रस्तावों को वापिस[ withdrawn ] लिया गया है
[1]=M/s Aluchem Inc., USA
[2]=M/s Metalsa India Pvt. Ltd., New Delhi।
एच बी ओ [ HBO ]के मनोरंजन के छेत्र और कोका कोला के शीतल पेयजल में निवेश सहित दस प्रस्तावों को स्थगित किया गया है
आन लाइन पोकर लाने वाली कंपनी सहित तीन कंपनियों के प्रस्तावों को निरस्त किया गया है जबकि दो प्रस्तावों की राशि १२०० करोड़ से अधिक होने के कारण इशे सी सी ई ऐ[ CCEA ] के पास भेजेने की संतुति की गई है|

सत्ता की रात घटने लगी है तभी ऍफ़ डी आई को भी मंजूरी मिलने लगी है

झल्ले दी झल्लियाँ गल्ला

एक कांग्रेसी चीयर लीडर

ओये झल्लेया मुबारकां ओये एवेंई लोगी कहते फिरते हैं कि हसाडी सोणी ते मन मोहणी सरकार ऍफ़ डी आई[ Foreign Direct Investment ] के लिए रुकावटें डाल रही हैं |ओये आज ही हसाडी सरकार ने लगभग ९९२.६१ करोड़ के ऍफ़ डी आई को लाने के लिए १७ कंपनियों को मंजूरी दे दी है |ओये इसके अलावा जेट एयरवेज में २४% शेयरों कि खरीद के लिए एतिहाद के 2057.66 करोड़ रुपयों के निवेश के प्रस्ताव को भी इकनोमिक अफेयर्स की कैबिनेट समिति के पास भेज दिया है| ओये अब तो देश में रूपया बरसे ही बरसे |

झल्ला

चतुर सुजान जी बड़ी पुराणी कहावत है कि जब रात घटने लगती है तब खैरात बंटने लगती है|अब चुनावी साल सर पर आ खड़ा हुआ है ऐसे में ऍफ़ डी आई को मंजूरी तो देनी ही थी और इसके अलावा आपके तीन सांसदों वाले एक घटक के चुनावों में छिटकने के समाचार भी छप रहे हैं उस घटक के सुप्रीमो तो जेटएयरवेज में इस निवेश के अपने प्रेम को कई बार प्रदर्शित भी कर चुके हैं|

At Last proposal Of Rs 2057.66 crores F D I In M/s Jet Airways India Has Been Recommended

At Last Government has recommended The proposal of Rs 2057.66 crores F D I In M/s Jet Airways India . This investment is above Rs. 1200.00 crore .So ,now ,this will go to CCEA for their consideration
Government Of India Approves Seventeen (17) Proposals of Foreign Direct Investment Amounting to about Rs. 992.61 Crores Based on the recommendations of Foreign Investment Promotion Board (FIPB) in its meeting held on July 29, 2013, the Government has approved 17 Proposals of Foreign Direct Investment (FDI) amounting to Rs. 992.61crore approximately.
In addition, one proposal viz., M/s Jet Airways India Ltd., amounting to Rs. 2057.66 crore, has also been recommended for consideration of Cabinet Committee on Economic Affairs (CCEA).

पी. चिदम्‍बरम ने वित्त मंत्री के रूप में पहले वर्ष का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया

पी. चिदम्‍बरम ने वित्त मंत्री के रूप में पहले वर्ष का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करते हुए जहाँ अपनी उपलब्धियां गिनाई वहीं ऍफ़ डी आई और निर्यात के छेत्रों में वृद्धि का आश्वासन भी दिया
वित्‍त मंत्री पी. चिदम्‍बरम ने आज एक संवाददाता सम्‍मेलन में दावा करते हुए कहा कि बेहतर उपाय अपनाने से आर्थिक क्षेत्र के समक्ष आने वाली चुनौतियों से निपटने में मदद मिली है। वित्‍त मंत्री के तौर पर अपना एक वर्ष का कार्यकाल पूरा करते हुए उन्‍होंने कहा कि इस दौरान कृषि उद्योग और सेवा क्षेत्र से जुड़े महत्‍वपूर्ण क्षेत्रों में व्‍यापक उपाय अपनाए गए हैं। उन्‍होंने कहा कि वर्ष 2012-13 में कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्रों में निम्‍नलिखित वृद्धि दरें दर्ज की गईं :-
[१]कृषि : 1.9 प्रतिशत
[२]उद्योग : 2.1 प्रतिशत
[३] जिसमें विनिर्माण : 1.0 प्रतिशत
[४]सेवा : 7.1 प्रतिशत
[५]कुल : 5.0 प्रतिशत
वित्‍त मंत्री ने कहा कि जहां तक कृषि का संबंध है, अब तक मॉनसून काफी अच्‍छा रहा है। यह सामान्‍य दीर्घकालिक औसत की तुलना में 16 प्रतिशत अधिक है। कुल 36 मौसम संबंधी उप क्षेत्रों में से 18 उपमण्‍डलों में अधिक वर्षा और 11 उपमण्‍डलों में सामान्‍य वर्षा दर्ज की गई है। आगामी खरीफ फसल के लिए प्रमुख फसलों का बुवाई क्षेत्र महत्‍वपूर्ण रूप से अधिक है। पिछले वर्ष की इसी अवधि के 635.05 लाख हेक्‍टेयर की तुलना में वर्तमान खरीफ सीजन में 747.78 लाख हेक्‍टेयर क्षेत्र में बुवाई की गई है। उन्‍होंने कहा कि इसको देखते हुए पिछले वर्ष की विकास दर की तुलना में कृषि क्षेत्र में अधिक विकास दर दर्ज करने की उम्‍मीद है। उन्‍होंने कहा कि इस वर्ष की शुरूआत में यह अनुमान लगाया गया कि बैंक इस वर्ष 7,00,000 करोड़ रुपये का कृषि ऋण प्रदान करेंगे, लेकिन अच्‍छे मॉनसून और बुवाई क्षेत्र में हुई वृद्धि को देखते हुए बैंकों से कहा गया है कि वे कृषि क्षेत्र में 7,00,000 करोड़ रुपये से ज्‍यादा का ऋण प्रदान करें।
वित्‍त मंत्री ने कहा कि उद्योग क्षेत्र में परिणाम मिश्रित रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि बैंकों ने उन्‍हें जानकारी दी है कि वाणिज्यिक रीयल एस्‍टेट, लघु और मध्‍यम उद्यम और रिटेल क्षेत्रों से ऋण की अच्‍छी मांग रही है। इस वर्ष मई में उपभोक्‍ता वस्‍तुओं में ऋण में 21 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई। आवास ऋणों में 17.1 प्रतिशत और वाणिज्यिक रियल एस्‍टेट में 15.4 प्रतिशत तक की वृद्धि इस वर्ष मई में दर्ज की गई।
वित्‍त मंत्री ने बताया कि निवेश पर मंत्रिमंडलीय समिति ने अब तक कुल 1,60,900 करोड़ के निवेश वाली कुल 157 परियोजनाओं को स्‍वीकृति दे दी है। परियोजना निगरानी स‍मूह बड़ी परियोजनाओं का चयन करते हुए उन्‍हें कार्यान्वित करने की दिशा में कार्य कर रहा है। 31 अगस्‍त 2013 तक 23,190 मेगावाट निर्माण क्षमता और 1,17,814 करोड़ रुपये के निवेश से ईंधन आपूर्ति समझौतों की 20 विद्युत परियोजनाओं को पूर्ण कर लिया जाएगा।
उन्‍होंने कहा कि पिछले वर्ष वित्‍तीय घाटे का अधिक रहना चिंता का विषय था। अर्थव्‍यवस्‍था को पुन: पटरी पर लाने के लिए वित्‍तीय घाटे को कम करना हमारी प्राथमिकता रही है और इसमें सफलता प्राप्‍त करते हुए पूर्व में 5.3 प्रतिशत के लक्ष्‍य की तुलना में वर्ष 2012-13 में वित्‍तीय घाटे को कम करके 4.9 प्रतिशत तक केन्द्रित कर लिया गया।

सोने के आयात पर भी मजबूत उपाय अपनाए गए हैं

। जून 2013 में सोने का आयात घटकर 31 एम.टी. तक आ गया। इससे पूर्व यह 25 जुलाई 2013 को 45 एम.टी. था। वित्‍त मंत्री ने उम्‍मीद जताई कि पिछले वर्ष के 845 एम.टी. आयात की तुलना में इस वर्ष सोने के आयात में काफी कमी लाई जा सकेगी।
निर्यात को बढ़ावा देने के लिए भी महत्‍वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जिनके कारण निर्यात क्षेत्र में अच्‍छे परिणाम देखने को मिल रहे हैं। प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश और विदेशी संस्‍थागत निवेशकों के प्रवाह पर भी महत्‍वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्‍होंने कहा कि अनुमान है कि देश के भीतर प्रवाह 80 बिलियन अमरीकी डॉलर से अधिक रहेगा।
photo caption
The Union Finance Minister, Shri P. Chidambaram addressing a Press Conference, in New Delhi on July 31, 2013.
The Minister of State for Finance, Shri Namo Narain Meena and the Principal Director General (M&C), Press Information Bureau, Smt. Neelam Kapur are also seen.

सरकार की महत्त्वकांक्षी ऍफ़ डी आई की योजना के लागू करने में इंटर मिनिस्ट्रियल रुकावटें : Air Asia

सरकार की महत्त्वकांक्षी ऍफ़ डी आई की योजना के लागू करने में इंटर मिनिस्ट्रियल रुकावटें : Air Asia

सरकार की महत्त्वकांक्षी ऍफ़ डी आई की योजना के लागू करने में इंटर मिनिस्ट्रियल रुकावटें : Air Asia

सरकार की महत्त्वकांक्षी ऍफ़ डी आई की योजना के लागू करने में इंटर मिनिस्ट्रियल रुकावटें आने लग गई है| टाटा और भाटिया की मलेशियाई कंपनी एयरएशिया के जॉइंट वेंचर एयरलाइन शुरू करने के मार्ग को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) द्वारा ६ मार्च को क्लियरेंस दिए जाने के बावजूद नागर विमानन मंत्रालय[Ministry Of Civil Aviation] ने अभी तक क्लियरेंस नहीं दी है| नागरिक विमानन मंत्रालय ने विमानन क्षेत्र में एफडीआई [F D I ] नीति में और स्पष्टता लाने को कहा है| गौरतलब है कि टाटा और भाटिया अन्तराष्ट्रीय एयर लाइन्स एयर एशिया के साथ मिल कर भारत में एयरलाइंस शुरू करना चाहते हैं, |इस जॉइंट वेंचर में अंतरराष्ट्रीय भागीदार की 49 % भागीदारी है, शेष ५१% के लिए भारतीय भागी दरों का हिस्से दारी है| यह पूर्णतय विदेशी निवेश की सीमा के अन्दर है|यौजना आयोग के मोंटेक सिंह अहलुवालिया ने इस गतिरोध को शीघ्र दूर कर लिए जाने का आश्वासन दिया है

सिविल एविएशन के आकाश में टाटा की एक मुट्ठी की चाह पूरी होगी :एयर एशिया के साथ जॉइंट वेंचर को मंजूरी

एविएशन के आकाश में टाटा की एक मुट्ठी की चाह पूरी होगी :एयर एशिया के साथ जॉइंट वेंचर को मंजूरी

एविएशन के आकाश में टाटा की एक मुट्ठी की चाह पूरी होगी :एयर एशिया के साथ जॉइंट वेंचर को मंजूरी

भारत में सिविल एविएशन की नीवं डालने वाले टाटा के वंशज रतन टाटा की मेहनत रंग लाने लगी है| सिविल एविएशन के आकाश में एक मुट्ठी आसमान की चाह पूरे होती दिखने लगी है| मलेशिया की सस्ती नागरिक विमानन सेवा कम्पनी एयर एशिया को आज ६ मार्च , बुधवार में भारत में ४९% निवेश की इजाजत दे दी गई है| विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड [F I P B ] से देश में टाटा समूह और अरुण भाटिया द्वारा प्रमोटेड कम्पनी टेलेस्ट्रा ट्रेडप्लेस की साझेदारी में नागरिक विमानन क्षेत्र में नई विमानन गतिविधि शुरू करने के लिए आवश्यक मंजूरी मिल गई।इस जॉइंट वेंचर में टाटा के ३१% और स्टील किंग लक्ष्मी मित्तल के रिश्ते दार अरुण भाटिया की २०% हिस्से दारी बताई जा रही है|शेष ४९% का इन्वेस्टमेंट एयर एशिया का होगा| इससे इस छेत्र में विदेशी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा
इस नई व्यवस्था से एयर एशिया तीन करोड़ डॉलर से छह करोड़ डॉलर तक निवेश कर सकती है।

आज बारह का विशेष महत्त्व है शायद इसीलिए मायावती ने राज्यसभा की कार्यवाही को लेकर सरकार के बारह बजाये

Indian Parliament

आज बारह का विशेष महत्त्व है शायद इसीलिए सरकार कि संकट मौचक मायावती ने ही आज राज्यसभा में प्रोमोशन में आरक्षण के लेकर सरकार के बारह बजा दिए|सभापति पर तीखी टिपण्णी के साथ सरकार के विरुद्ध नारे भी लगाए गए| बसपा सुप्रीमो मायावती ने आज बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान सभापति हामिद अंसारी से यह कहकर पूरे सदन को चौंका दिया कि सदन का संचालन करना उनकी जिम्मेदारी है और वह दोपहर में सदन में रहेंगे नहींऍफ़ डी आई पर सरकार की संकट मौचक साबित हुई मायावती ने कहा, ‘आए दिन 12 बजे के बाद सदन नहीं चल पाता है। सदन सुचारू रूप से चले, इसकी व्यवस्था कौन करेगा?’ उन्होंने अंसारी से कहा कि सदन में कामकाज सामान्य तरीके से चले, यह जिम्मेदारी आपकी है।
अंसारी ने उनसे शांत होने की अपील करते हुए कहा कि सदन सभी दलों के सहयोग से ही सुचारू रूप से चल सकता है और वह अभी प्रश्नकाल चलने दें। नाराज मायावती ने उनकी अपील अनसुनी कर दी और आसन के करीब आ गईं। मायावती के न मानने और बीएसपी सांसदों के हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही पहले कुछ समय के लिए और फिर दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।नियमानुसार, सदस्यों को पीठासीन अधिकारी पर अभद्र टिप्पणी करने की अनुमति नहीं है.मायावती की इस टिपण्णी पर कांग्रेस द्वारा आपत्ति जताई गई है| गौरतलब है कि अनुसूचित जातियों व जनजातियों को प्रोन्नति में आरक्षण मुहैया कराने वाले एक संविधान संशोधन विधेयक को लेकर सदन की कार्यवाही बाधित हो रही है.
सभापति प्रश्नकाल की अध्यक्षता करते हैं, जबकि शून्यकाल और उसके बाद की कार्यवाहियों की अध्यक्षता आमतौर पर उपसभापति द्वारा की जाती है. सभापति हालांकि महत्वपूर्ण अवसरों पर सदन में वापस आते हैं|.
उदाहरण के तौर पर जब प्रधानमंत्री का कोई वक्तव्य हो, या जब किसी सत्र की समाप्ति पर सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो रहा हो.उन्होंने कहा कि आप 12 बजे जाइए लेकिन सदन की कार्यवाही सुनिश्चित कराना आपकी जिम्मेदारी है। 12 बजते ही आप सदन में नहीं दिखेंगे। मायावती की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए संसदीय कार्य मंत्री राजीव शुक्ला ने इस टिपण्णी को दुर्भाग्य पूर्ण बताया है|