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मायावती अपने भतीजे “आकाश” को बसपा से जोड़ेंगी

[नई दिल्ली]मायावती अपने भतीजे आकाश को बसपा से जोड़ेंगी |मायावती के जन्मदिन समारोहों में नीले कोट में आये आकाश का चर्चा का विषय बने हुए हैं|
अपने ऊपर लग रहे भाई-भतीजावाद के आरोपों पर पलटवार करते हुए बसपा अध्यक्ष मायावती ने अपने भतीजे आकाश के बसपा “आंदोलन” से जुड़ने का ऐलान किया है ।
प्रेस कान्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बसपा और सपा के गठबंधन के बाद पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता से कुछ पार्टियों और उनके नेताओं में बेचैनी हैं।
उन्होंने पत्रकारों से कहा कि “ राजनीतिक तौर पर सीधा मुक़ाबला नहीं कर पाने के कारण ये लोग संकीर्ण मानसिकता वाले मीडिया के माध्यम से सस्ते और घिनौने राजनीतिक षड्यंत्र पर उतर आए है।”
मायावती ने ख़ुद को बसपा के संस्थापक कांशीराम की शिष्या बताते हुए कहा “मुझे मान्यवर कांशीराम के अंदाज में ही इसका मुंहतोड़ जवाब देना आता है।” उन्होंने कहा “जैसे को तैसा जवाब देने के क्रम में अब मैं आकाश को बसपा आंदोलन से जोड़ कर उसे संघर्ष से जोड़ने और सीखने का अवसर ज़रूर प्रदान करूंगी। इससे जातिवादी दलित विरोधी मीडिया को अगर तकलीफ़ होती हो तो हो। इसकी हमारी पार्टी को कोई परवाह नहीं है।”
मायावती ने कहा कि उनके जन्मदिन पर कुछ कार्यक्रमों में उनके साथ आकाश की मौजूदगी को लेकर मीडिया, खासकर कुछ समाचार चैनलों में नकारात्मक ख़बरें दिखायी गई। इस पर नाराज़गी व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी में कोई परिवारवाद नहीं है।

सपा +बसपा गठबंधन के दरवाजे ,कांग्रेस+रालोद+शिवपाल के लिए नहीं खुले

[लखनऊ,यूपी] बसपा सुप्रीमो मायावती ने आज सपा अध्यक्ष अखिलेशयादव के साथ आयौजित अपनी संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में जिस गठबंधन की घोषणा की उसके दरवाजे कांग्रेस ,शिवपाल यादव और रालोद के लिए बन्द दिखाए
कांग्रेस को बसपा की वोटकटुआ और शिवपालयादव को भाजपा के पैसे का खेल बताया |
कांग्रेस की बात पर अखिलेश असहज दिखे मगर चाचा शिवपाल के नाम पर खिलखिला कर हंसते दिखाई दिए|
लोकसभा चुनाव के लिए सपा-बसपा के इस गठबंधन के दोनों सहयोगियों ने यूपी की ८० सीटों में से 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान किया|
बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 2019 में होने जा रहे लोकसभा चुनाव के लिए शनिवार को उत्तर प्रदेश में गठबंधन का ऐलान किया ।
इस गठबंधन से दोनों ही दलों ने कांग्रेस को अलग रखा लेकिन कहा कि वे अमेठी और रायबरेली सीट पर उम्मीदवार नहीं उतारेंगे। इन सीटों का प्रतिनिधित्व क्रमश: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और संप्रग प्रमुख सोनिया गांधी करती हैं।बेशक कांग्रेस के लिए दरवाजे नहीं खुले मगर खिड़की जरूर खुली रखी गई है|
गठबंधन ने दो अन्य सीटें छोटे दलों के लिए छोड़ी हैं।
संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में गठबंधन का ऐलान करते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि इस गठबंधन से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की नींद उड़ जाएगी।
गठबंधन में कांग्रेस को शामिल नहीं किये जाने के बारे में मायावती ने कहा कि उनके शासन के दौरान गरीबी, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार में वृद्धि हुई ।
इस मौके पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि यह सपा—बसपा का केवल चुनावी गठबंधन नहीं है बल्कि गठबंधन भाजपा के अत्याचार का अंत भी है । ‘भाजपा के अहंकार का विनाश करने के लिए बसपा और सपा का मिलना बहुत जरूरी था ।’

सपा और बसपा ने यूपी में ३८-३८ लोकसभा की सीटें बांटी

[लखनऊ,यूपी] उत्तरा प्रदेश की ८० लोक सभा सीटों को आपस में बांटने के लिए सपा और बसपा ने, कांग्रेस के बगैर ,गठबंधन घोषित किया | दोनों दल ३८ ३८ सीटों पर चुनाव लड़ेंगे |
एक अन्य महत्वपूर्ण छेत्रिय दल रालोद का प्रतिनिधित्व भी दृष्टिगोचर नहीं हुआ |मायावती ने अखिलेश यादव को सपोर्ट करते हुए खनन मामले में अखिलेश यादव के विरुद्ध सी बी आई की कार्यवाही की निंदा की||
होटल ताज में आज एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया गया जिसमे सबसे पहले बसपा सुप्रीमो सुश्री मायावती ने पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर हमला बोलते हुए उन्हें गुरु चेला बताया |कांग्रेस से स्वयं को अलग दिखाते हुए मायावती ने कांग्रेस के कुशासन + एमरजेंसी+किसानों की उपेक्षा +भ्र्ष्टाचार के आरोप लगाए | उन्होंने बताया के कांग्रेस से समझौते से बसपा का वोट प्रतिशत कम हो जाता है|जबकि सपा से समझौते से लाभ मिलता है |
उन्होंने कहा के कांग्रेस ने बोफोर्स की वजह से अपनी सत्ता गवाई थे अब राफेल के कारण भाजपा सत्ता से बाहर जाएगी|

योगी ने शुक्राने के रूप में माया का बँगला उसके धुर्र विरोधी शिवपाल को दिया

[लखनऊ ,यूपी]योगी ने शुक्राने के रूप में माया का बँगला उसके धुर्र विरोधी शिव पाल को दिया| कोर्ट के आदेशानुसार मायावती से खाली कराये गए आलिशान बंगले को अब सपा के असंतुष्ट नेता शिव पाल यादव को एलॉट किया गया है | शिव पाल यादव पूर्व मुख्य मंत्री अखिलेश यादव के चा चा है और मुलायम सिंह यादव के भाई हैं|इन्होने अपने भतीजे के महागठबंधन से अलग अपनी एक पार्टी बनाई है और यूपी में स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का एलान किया हैं |राजनीती के पंडितों के अनुसार इस एक कदम से प्रदेश में भाजपा को सहारा मिलने का रास्ता साफ़ हुआ है

मायावती ने राज्यसभा चुनाव में हार के लिए “रालोद” पर भी भड़ास निकाली

[नई दिल्ली]मायावती ने यूपी में राज्य सभा चुनाव में हार के लिए “रालोद” पर भड़ास निकाली |राज्यसभा के लिए हुए चुनावों में बसपा के एक मात्र उम्मीदवार भीमराव अम्बेडकर की हार पर प्रेस कांफ्रेंस में बोलते हुए कहा के रालोद ने जानबूझ कर अपना एक मात्र वोट निरस्त कराया |अब इस दल पर विश्वास नहीं किया जा सकता|उन्होंने बताया के रालोद के सदस्य ने बसपा के उम्मीदवार को वोट देने के बजाय भाजपा और बसपा दोनों के नाम के आगे निशान लगा आकर अपने खुद के वोट को निरस्त करा लिया जिसके फलस्वरूप बसपा के उम्मीदवार की जीत से दूरी बनाई गई|

भूआ+बबुआ ने योगी बाबा का “गोरखपुर” में दशकों से मजबूत”भगवा”गढ़ ढाया

[गोरखपुर,यूपी] भूआ और बबुआ की जोड़ी ने योगी बाबा का “गोरखपुर” में दशकों से मजबूत “भगवा” गढ़ ढाया |हाथी पर सवार साईकिल ने कमल को रौंदा
सपा ने बसपा के सहयोग से गोरखपुर +फूलपुर में हुए उपचुनावों में दोनों सीटों पर जीत दर्ज की |इन दोनों सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार हार गए हैं और भाजपा के ग्रह में सपा की ऐतिहासिक एंट्री हो गई है
|ये सीटें सी एम योगी आदित्यनाथ[गोरखपुर] और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य[फूलपुर] द्वारा रिक्त की गई थी |
निर्वाचन आयोग के सूत्रों के मुताबिक मतगणना का काम सुबह आठ बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुआ।शुरुआत से ही दोनों में कांटे की टक्कर दिखाई दे रही थी |इसीबीच समाजवादी पार्टी ने मतगणना में गड़बड़ का आरोप लगाते हुए गोरखपुर से लेकर लखनऊ तक हल्ला बोल दिया यहां तक के असेंबली के प्रश्नकाल को भी बाधित किया |इसके पश्चात् सपा उम्मीदवार की बढ़त लगातार बढ़ती गई २५वें चक्र तक फूलपुर में ३८ ,४९८ वोट्स की बढ़त दर्ज की जा चुकी थी
वहीं गोरखपुर में २१ वे चक्र की गणना के अनुसार सपा के निषाद २६४४६ वोट की बढ़त दर्ज कर चुके थे
उपचुनाव के लिये मतदान गत 11 मार्च को हुआ था। इस दौरान क्रमशः 47.75 प्रतिशत और 37.39 फीसद वोट पड़े थे। गोरखपुर सीट के लिये 10 तथा फूलपुर सीट पर 22 उम्मीदवार मैदान में हैं।
भारतीय जनता पार्टी ने फूलपुर से कौशलेंद्र सिंह पटेल और गोरखपुर से उपेंद्र दत्त शुक्ला को मैदान में उतारा है। वहीं समाजवादी पार्टी ने प्रवीण निषाद को गोरखपुर से और नागेंद्र सिंह पटेल को फूलपुर से अपना प्रत्याशी बनाया है। जबकि कांग्रेस ने सुरीथा करीम को गोरखपुर से और मनीष मिश्रा को फूलपुर से प्रत्याशी बनाया है।
गोरखपुर सीट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के और फूलपुर सीट उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य के विधान परिषद की सदस्यता ग्रहण करने के बाद दिये गये त्यागपत्र के कारण रिक्त हुई हैं।

बसपा सुप्रीमो अपनी और भाई की बेहिसाबी “माया” का हिसाब देने को तैयार

[लखनऊ,यूपी]बसपा सुप्रीमो माया अपनी और भाई की बेहिसाबी “माया” का हिसाब देने को तैयार
आज की प्रेस कांफ्रेंस में सुश्री मायावती ने भाजपा के आरोपण का जवाब देते हुए बताया के नोटबंदी के तत्काल पश्चात् बैंक में जमा करवाये गए १०४ करोड़ रुपये पार्टी सदस्यों ने दिए हैं पार्टी कार्यालय में इस पैसा का हिसाब बनाया जा रहा था इसीबीच नोटबंदी की घोषणा कर दी गई अब उनके पास बैंकों में पैसा जमा करवाने के अतिरिक्त कोई और विकल्प नहीं रह गया था|उन्होंने दावा किया के इस पैसा का उनके पास पाई पाई का हिसाब है |अपने भाई के खाते में आये सवा करोड़ रुपयों के विषय में उन्होंने बताया के उनका भाई प्रथक व्यवसाय करता है यह उसकी अपनी आय है
इससे पूर्व भारतीय जनता पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने आज कहा कि प्रदेश की गरीब जनता मायावती से बसपा के खातों में आई करोडों रूपये की धनराशि पर सवाल खड़ा कर रही है।
मौर्य के अनुसार , बसपा के खातों में नोटबन्दी के तुरन्त बाद 10 नवम्बर के बाद जमा हुई बडी धनराशि एक बडा सवाल है। मायावती बसपा के खातों में आये 104 करोड़ रूपये का हिसाब दें।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आज उत्तर प्रदेश की गरीब जनता मायावती से बसपा के खातों में आई अरबों से अधिक धनराशि पर सवाल खड़ा कर रही है। प्रदेश की गरीब जनता और अनुसूचित जाति वर्ग के लोग मायावती से पार्टी खाते में नोटबंदी के बाद आये एक अरब रूपये से भी अधिक की धनराशि पर प्रश्न कर रहे हैं।’’ मौर्य ने कहा कि जनता जर्नादन को बाबा साहब भीमराव अम्बडेकर के सपने दिखाकर उनके वोटों का व्यापार कर यह अरबों की राशि एकत्रित की गयी, जिसका हिसाब उ प्र की गरीब जनता पूछ रही है।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा अब लोगों को नोटबन्दी के बाद मायावती की अनर्गल बयानबाजी का सच पता चल रहा है। उनकी परेशानी का असली कारण वोटों के व्यापार से एकत्रित कालाधन है

मायावती ने नोटबंदी का समर्थन तो किया लेकिन इसे लागू करने पर किया एतराज

[नई दिल्ली]मायावती ने नोटबंदी का समर्थन तो किया लेकिन इसे लागू करने पर किया एतराज बसपा सुप्रीमो मायावती ने नोटबंदी का समर्थन तो किया लेकिन इसे लागू करने पर एतराज किया और पी एम् को इस मुद्दे पर चुनाव करवाने की भी चुनोती दे डाली|नोटबंदी से व्यथित सुश्री मायावती ने आज प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी को चुनाव करवाने की चुनोती दी है | राज्य सभा में चर्चा के दौरान बीच में बोलते हुए मायावती ने कहा के ९०% लोग आज भी बैंकों के बाहर लाइन लगा कर खड़े हैं |मायावती के संबोधन के दौरान प्रधान मंत्री ऊपर से नीचे अपना सर हिलाते देखे गए इससे पूर्व प्रधान मंत्री मोदी ने अपने अप्प पर सर्वे करवाया था जिसमें पांच लाख लोगों ने भाग लिया |जिसमे ९३% लोगों ने नोटबंदी का समर्थन किया है|
फाइल फोटो

माया ने मुलायम को पुत्र मोह त्याग कर राजनीती से सन्यास लेने का उपदेश दिया

MAYAVATI[लखनऊ,यूपी]माया ने मुलायम को पुत्र मोह त्याग कर राजनीती से सन्यास लेने का उपदेश दिया
बसपा सुप्रीमो सुश्री मायावती ने कहा के पुत्र मोह छोड़कर राजनीति से सन्यास ले लें मुलायम
बहुजन समाज पार्टी [बसपा]अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश में अपनी प्रतिद्विन्दी सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी [सपा] में जारी तनातनी को ‘ड्रामेबाजी’ बताते हुए आज कहा कि अगर इसमें सचाई है तो जनता के व्यापक हित में सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव को पुत्रमोह त्याग कर सक्रिय राजनीति से तुरन्त सन्यास ले लेना चाहिये।
मायावती ने बसपा राज्य मुख्यालय पर वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक में कहा ‘सपा के परिवार के दर्जनों लोग किसी-ना-किसी रूप में राजनीति में शामिल हैं और उन सबके अपने-अपने स्वार्थ हैं।
ऐसे में सपा परिवार की आपसी घमासान, कलह तथा गम्भीर विवादों की समय-समय पर आने वाली खबरें चुनाव के समय जनता का ध्यान बाँटने के लिये ड्रामेबाजी के रूप में होती हैं|
उन्होंने कहा ‘‘फिर भी अगर इसमें सचाई है तो प्रदेश की जनता के व्यापक हित में सपा परिवार के मुखिया मुलायम सिंह यादव को पुत्रमोह त्याग कर सक्रिय राजनीति से तुरन्त सन्यास ले लेना चाहिये।’’
मालूम हो कि विगत कुछ महीनों से गम्भीर मतभेदों से दो-चार मुलायम परिवार का झगड़ा गत 13 सितम्बर को उस समय बढ़ गया था, जब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश के मुख्य सचिव दीपक सिंघल को हटा दिया था। सिंघल अखिलेश के चाचा कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव के करीबी समझे जाते हैं।
जैसे को तैसा की तर्ज पर मुलायम ने बेटे अखिलेश से प्रदेश सपा अध्यक्ष का पद छीनकर शिवपाल को दे दिया, लेकिन कुछ ही घंटों में मुख्यमंत्री अखिलेश ने शिवपाल से लोक निर्माण, सिंचाई और सहकारिता जैसे महत्वपूर्ण विभाग ले लिये थे।
सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने आज स्वीकार किया कि अखिलेश को बताये बगैर प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाना पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व की गलती थी|अखिलेश को हटाने के बजाय त्याग पत्र लेना चाहिए था

मायावती के समर्थकों ने भाजपा के बड़बोले दयाशंकर सिंह के पुतले फूंके और गिरफ्तारी की मांग की

[मेरठ.लखनऊ,भोपाल ]मायावती के समर्थकों ने आज भाजपा नेता दयाशंकर सिंह के पुतले फूंके और गिरफ्तारी की मांग की |एम् पी और यूपी में हुआ हंगामा|मध्यप्रदेश की विधान सभा में बी एस पी विधायकों ने जम कर हंगामा किया और कार्यवाही बाधित की |
नकारात्मक राजनीति के चलते जिस दयाशंकर सिंह को उनकी अपनी पार्टी के कार्यकर्त्ता तक नही जानते थे आज उसी दयाशंकर की चर्चा पूरे देश में हो रही है| इस बड़बोले नेता के पुतले फूंके जा रहे हैं+मुर्दाबाद के नारे लगाए जा रहे हैं और गिरफ्तारी की मांग की जा रही है |
बताते चले के भाजपा ने यूपी में अपने इस उपाध्यक्ष को सभी पदों से मुक्त कर दिया है और उसके व्यवहार पर संसद में खेद भी प्रगट किया है|
लखनऊ और मेरठ में बीएसपी प्रमुख मायावती के समर्थक सडकों पर उतर आये और पुतले फूंके|गिरफ्तारी नहीं होने पर राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने के चेतावनी भी दी गई है |