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Tag: Satire.Political Satire

राष्ट्र नायक राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय से कई सियासी लकीरें छोटी हुई

झल्लीगल्लां

जाटभजपाई

ओए झल्लेया !

इबलो तो घणा मज़्ज़ा आ गया।उरे म्हारे धाकड़ पीएम माननीय नरेंद्र भाई दामोदर दास मोदी जी ने म्हारे भुलाए जा चुके राष्ट्र नायक राजा महेंद्र प्रताप सिंह जी को सम्मान देते हुए राजा जी के नाम पर अलीगढ़ में राज्यविश्वविद्यालय का शिलान्यास कर दिया।म्हारा सीना और चौड़ा हो गया

झल्ला

चौधरी साहब!

आपके मोदी जी ने राष्ट्र नायक राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय से कई सियासी लकीरें छोटी कर दी

(1)AMU में  पाकिस्तान के संस्थापक और विभाजनविभिषिका के अपराधी मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर की पूजा करने वालों को आईना दिखा दिया

(2)प्रदेश में आपलोगों की 6% आबादी, जिसमे अनेकों विधायक जिताने की क्षमता है ,को अपनी तरफ मौड़ लिया

(3)रालोद के अध्यक्ष जयंत चौधरी को जाट वोटबैंक में भागदौड़ में पछाड़ दिया

(4)अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का नाम बदले बगैर दूसरा नया विश्वविद्यालय खोल कर मुस्लिमो के दिल से भजपा का डर भी कम कर लिया

कोरोना पीड़ित के हिस्से में भी मुआवजा नही,जुमले और सिर्फ जुमले

झल्लीगल्लां
उत्तेजितसमाजसेवी
ओए झल्लेया!ये क्या हो रहा है?ओए मुल्क में सरकारें कोरोना महामारी में भी पीड़ितों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों से भागने में ही लगी है। कोरोना संक्रमितों और उनकी मृत्यु के आंकड़े निरन्तर बढ़ते जा रहे है।अनेकों परिवारों में कमाने वाला कोई नही रहा।इलाज में व्यवसाय ठप्प हो गए।बच्चे अनाथ हो गए और केंद्र की सरकार कहती है कि पीड़ितों को मुआवजा नही देंगे। इस रवैये से दुखी होकर माननीय सुप्रीमकोर्ट ने कहा दिया है कि मुआवजा तो देना ही पड़ेगा।
झल्ला
झल्लाभापा जी!सरकारें तो स्मारकों पर अपने नाम के शिलापट लगाने को लालायित रहती आई है।इसीलिए बजट का बड़ा हिस्सा ऐसे ही कार्यों में जाता है और आम आदमी के हिस्से में आते हैं जुमले और सिर्फ जुमले ।अब देखो 1947 के रिफ्यूजी आज भी अपने हक का कंपनसेशन/रिहैबिलिटेशन क्लेम लेने को दर दर भटक रहे हैं

31 जुलाई तक राष्ट्र में एक राशनकार्ड जारी हो;सुप्रीमकोर्ट (व्यंग)

झल्लीगल्लां
सुप्रीमकोर्टकेउत्साहिवकील
ओएIMG-20210321-WA0014 झल्लेया!मुबारकां!!ओए माननीय,आदरणीय,सम्माननीय सुप्रीमकोर्ट के जस्टिस अशोकभूषण और जस्टिसएमआर शाह की सम्मानित पीठ ने जीवन के अधिकार में भोजन के अधिकार को जोड़ने को आवश्यक बताते हुए एक राष्ट्र एक राशनकार्ड का कार्य 31 जुलाई तक पूर्ण करने को कह दिया है।अब सभी गरीबों को भोजन मिलेगा। देश मे कोई भूख से नही मरेगा
झल्ला
MoHA Letterसाहिबजी! गरीबों को भोजन मुहैय्या करवाना सभी सरकारों की जिम्मेदारी है।लेकिन न्याय मंत्रालय+आवास मंत्रालय+श्रम एवं रोजगार मंत्रालय +पुनर्वास मंत्रालय आदि केवल थोड़े से भरे अपने ग्लास दिखा कर सीना ठोकने में लगे है।अभी तक गरीबी को परिभाशित ही नही किया जा सका।और तो और अभी तक दिए जा चुके न्याय,आवास,आदि के अधिकार आम जरूरत मन्दों तक नही पहुंच पाए हैं।।यहां तक झुग्गी झोपड़ियों में अग्निकांड आम हो चले है।1947 के रिफ्यूजी अपने हक के रिहैबिलिटेशन क्लेम को भटक रहे है।

पुलिसिये ने हड़काया तो एमपी में जंगलराज दिखा,काश!मंत्री जज को हड़काये …

झल्लीगल्लां
न्यायविद
ओएJudiciary झल्लेया!ये मध्यप्रदेश में क्या जंगलराज चल रहा है?हत्यारे नेता को दो वर्षों मे भी गिरफ्तार नही किया जा सका । भृष्ट+हत्यारोपियों को भी शासन के इस प्रकार के संरक्षण से तो वहां जंगल राज ही कहा जायेगा।
झल्ला
Jhallaaभापा जी! कांग्रेसी नेता को बसपाई ने मार डाला। पुलिसिये ने जज को हड़का डाला तो माननीय सुप्रीम कोर्ट को मध्यप्रदेश में जंगलराज दिखने लग गया।यहां 7 दशकों से पँजांब राज्य और केंद्र में अपने हक के कंपनसेशन/रिहैबिलिटेशन क्लेम के लिए भटक रहे हैं कहीं कोई सुनवाई नही हो रही।ऊपर वाले से दुआ है कि पँजांब या केंद्र का कोई मंत्री किसी जज को हड़का दे तो शायद सम्माननीय सुप्रीम कोर्ट को लोक तन्त्र की परिभाषा बदलने की जरूरत महसूस होने लगे

सुरेशखन्ना जी !फिर तो धर्म से राजनीति होनी चाहिए ,राजनीति से धर्म नही

झल्लीगल्लां
पंजाबीखत्री

UP Budget

UP Budget

ओए झल्लेया! मुबारकां!ओये हसाडे धाकड़ वित्तमंत्री श्री सुरेश खन्ना जी ने विधान सभा के बजट सत्र में यूपी के विकास वाला साढ़े पांच लाख करोड़ ₹ ,का भारी भरकम बजट मात्र दो मिनट्स में पास करा लिया। और तो और खन्ना साहब ने विपक्ष को राजनीति को धर्म से अलग ना करने का उपदेश भी पिलाते हुए कहा दिया कि ईश्वर की कृपा से हम पुरुषार्थ में विश्वास करते हैं।
झल्ला
UP Budget

UP Budget

भापा जी !फिर तो धर्म से राजनीति होनी चाहिए ,राजनीति से धर्म नही ।वैसे बजट में धर्म नही ओनली राजनीति ही झलक रही है

बसपा में सपा से ब फालतू है सो राज्यसभा में तो कमल उठाये हाथी ही पहुंचेगा

#चिन्तितनागरिक
ओए झल्लेया! ये क्या हो रहा है???
ओए #राज्यसभा के लिए होने जा रहे चुनाव से ऐन पहले बसपा के छह विधायक बहन जी से बगावत कर सपा में जा रहे हैं ।
#झल्ला
बसपा में सपा से ब फालतू है सो राज्यसभा में तो कमल उठाये हाथी ही पहुंचेगा
भापा जी ! #बसपा में सपा से #ब फालतू है सो भजपा के पहियों से बसपा के राम जी गौतम ही उच्च सदन में पहुंचेंगे।अब जहां तक आया राम और गया राम की बात है तो एक ही थैली है और उसमेचट्टे बट्टे भी पुराने ही हैं सो म्यूजिक तो पुराना ही सुनना पड़ेगा

पंजाबी तो 1947 से ही पार्लियामेंटेरियन्स की लूटखसोट भुगतता आ रहा है

#निराशमतदाता
ओए झल्लेया! ये क्या हो रहा है?? ओए जिस संसद को आधुनिक भारत का पवित्र मन्दिर कहा जाता है उसी के पवित्र राज्यसभा में वरिष्ठों और श्रेष्ठों ने सभी मर्यादाएं तार तार कर दी।उपसभापति और पत्रकार हरिवंश जी के माइक तोड़ डाले।रूल बुक फाड़ डाली। और तो और मार्शल से भी उलझ गए। ऐसे में सरकार बिल पास करवा कर अपनी पीठ थपथपा रही है ।
#झल्ला
भापा जी ! पंजाबी तो 1947 से ही पार्लियामेंटेरियन्स की लूटखसोट भुगतता आ रहा है
माननीयों की ये असलियत देश अब देख रहा है जबकि पंजाबी विस्थापित समाज तो 1947 से ही इनकी लूट खसोट +मारकाट देखता आ रहा है

यूपी में बिजली दर के झटके देने की तैयारी शुरू

#भजपाई चेयर लीडर
ओए झल्लेया! मुबारकां
ओए अब तो खुश हो जा। सबसे बड़े प्रदेश यूपी में बिजली के रेट्स मै असमानता दूर करने के लिए अब स्लैबों को कम करने की कवायद तेज हो गई है
#झल्ला
सेठ जी! यूपी में बिजली दर के झटके देने की तैयारी शुरू
सीधे सीधे कहो कि अब तक जो छुरी तेज कर रहे थे उसे 100 यूनिट्स से अधिक के उपभोक्ताओं की पीठ में उतारने की कवायद शुरू कर दी है

#मोदी को मत कोसिए,बिन भापे सब सुन्न

#मोदी को मत कोसिए,बिन भापे सब सुन्न
अखबार,टीवी,मोबाइल को लग जायेगा घुन्न

बुढ़ापे व्हिच इश्क न छड्डे कुछ वी पल्ले, इदां हो जांदी ये बल्ले बल्ले

झल्ले दी झल्लियां गल्लाँ

भाजपाई चेयर लीडर

ओये झल्लेया इन कांग्रेसियों की बुढ़ापे में पोल खुलने लगी है|देख तो दूसरों को नैतिकता का पाठ पढने वाले नारायणदत्त तिवारी के बाद अब दिग्विजय सिंह ने भी बुढ़ापे में आकर कितनी बेशर्मी से अपने प्रेम प्रसंगों को केवल स्वीकार ही नहीं किया वरन ब्याह भी रचा लिया |ओये झल्लेया अब तो इनके राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के विषय में भी शक पैदा होने लगा गया

झल्ला

ओ मेरे चतुर सेठ जी आपजी को मालूम होणा चाहिए कि बुढ़ापे व्हिच इश्क न छड्डे कुछ वी पल्ले बस हो जांदी ये बल्ले बल्ले