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Tag: Shiromani Akali Dal

कोटकपूरा की पोलिस फायरिंग में बादल को घेरने में असमर्थ रहे पूर्व आईजी ने आप जॉइन की

झल्लीगल्लां
आपपार्टीचेयरलीडर
cartoon cheeyar leader aap partyओए झल्लेया! वोह मारा पापड़ वाले को।ओए पंजाब पुलिस के टॉप कॉप रहे कुंवर विजय प्रताप ने हसाडी पार्टी जॉइन कर ली है।ओए कुंवर साहब को पार्टी जॉइन करवाने के लिए हसाडे अरविंद केजरीवाल साहब दिल्ली से स्पेशली अमृतसर आये थे।अब तो 2022 के चुनांवों में हमे सत्ता मिले ही मिले
झल्ला
झल्लाओए चतुर सुजाणा!
इन कुंवर साहिब ने 2015 के कोटकपूरा और बेहबल कलां की पोलिस फायरिंग में तत्कालीन व्योवर्द्ध मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को घेरने के लिए एसआई टी में एड़ीचोटी का जोर लगा लिया था।और जब उनके मनसूबे पूरे नही हुए तो रिटायरमेंट ले कर राजनीतिक चोला पहनने की जुगत लडानी शुरू कर दी।
अब बादलों को बैठे बिठाए आप और कांग्रेस पर गरजने और बरसने का मौका जरूर मिल गया।

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SAD Tie -Up With BSP For Coming Pb Assembly Elections

(Chd,Pb) SAD Tie -Up With BSP For Coming Pb Assembly Elections
The Shiromani Akali Dal (SAD) and the Bahujan Samaj Party (BSP) formed an alliance on Saturday for the 2022 Punjab Assembly election.
Announcing the tie-up at a press conference, SAD president Sukhbir Singh Badal described it as a new day in politics of Punjab .
He said the SAD and the BSP will jointly fight the 2022 polls and other elections together.
The Mayawati-led BSP will fight 20 of the 117 Assembly seats in Punjab, while the rest will be contested by the SAD,
Among the seats which the BSP will contest are Kartarpur Sahib in Jalandhar, Jalandhar-West, Jalandhar-North, Phagwara, Hoshiarpur Urban, Dasuya, Chamkaur Sahib in Rupnagar district, Bassi Pathana, Sujanpur in Pathankot, Mohali, Amritsar North and Amritsar Central.
The SAD earlier had a tie-up with the BJP and the Badal-led party walked out of the NDA over the farm laws issue last year.
The BJP used to contest 23 seats under its alliance with the SAD.

कैप्टन अमरिन्दर ने भी पँजांब में बंधुआ मजदूरी पर केंद्र के पत्र पर भड़ास निकाली

(चंडीगढ़,पँजांब)कैप्टन अमरिन्दर ने भी पँजांब में बंधुआ मजदूरी पर केंद्र के पत्र पर भड़ास निकाली
सीएम ने इसे किसानों और पंजाब सरकार को बदनाम करने के लिए भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की एक और साजिश बताया।17 मार्च के केंद्र के इस लेटर पर शिरोमणि अकाली दल बीते दिन आलोचना कर चुका है
आज पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने भी खेतों में बंधुआ मज़दूरों के काम करते होने के गंभीर और झूठे दोष लगाकर राज्य के किसानों बारे गलतफहमियां फैलाने के लिए केंद्र सरकार की कड़े शब्दों में आलोचना की है।
इस समूचे घटनाक्रम का ध्यानपूर्वक अध्ययन करने पर खुलासा होता है कि बी.एस.एफ. द्वारा भारत -पाकिस्तान सरहद के पास से पकड़े गए कुछ संदिग्ध व्यक्तियों की गिरफ़्तारी के सम्बन्ध में राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ सम्बन्धित बहुत ही संवेदनशील जानकारी को अनावश्यक रूप से तोड़-मरोड़ कर निराधार अनुमानों के साथ जोड़ दिया गया जिससे किसान भाईचारे के माथे पर बदनामी का कलंक लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि यह हकीकत इस तथ्य से और भी स्पष्ट हो जाती है जिसमें कहा गया है कि, ’’केंद्रीय गृह मंत्रालय के पत्र की सामग्री के चुनिंदा अंश कुछ अगुआ अखबारों और मीडिया संस्थानों को राज्य सरकार के उचित जवाब का इन्तज़ार किये बिना ही लीक किये गए हैं।’’
वह गृह मंत्री के उस पत्र पर प्रतिक्रिया दे रहे थे जिसमें दावा किया गया कि बी.एस.एफ. द्वारा साल 2019 और 2020 में पंजाब के सरहदी जिलों में से 58 भारतीय पकड़े गए थे और बंदी बनाए व्यक्तियों ने खुलासा किया था कि वह पंजाब के किसानों के पास बंधुआ मज़दूर के तौर पर काम कर रहे थे। पत्र में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आगे लिखा था, ’’आगे यह भी बताया गया था कि ग़ैर कानूनी मानव तस्करी सिंडिकेट इन भोले -भाले मज़दूरों का शोषण करते हैं और पंजाबी किसान इनसे अपने खेतों में घंटों काम करवाने के लिए इनको नशा देते हैं।’’
आंकड़े देते हुए उन्होंने बताया कि 58 बंदियों में से चार पंजाब के अलग-अलग इलाकों के साथ सम्बन्धित हैं और वह बी.एस.एफ. द्वारा भारत-पाकिस्तान सरहद के नज़दीक घूमते हुए देखे गए थे जबकि तीन मानसिक तौर पर अपाहिज पाए गए। एक परमजीत सिंह निवासी पटियाला जो पठानकोट के पास से पकड़ा गया, पिछले 20 सालों से मानसिक अपाहिज और पकड़े जाने से दो महीने पहले अपना घर छोड़कर गया था। रूड़ सिंह निवासी गुरदासपुर पकड़े जाने वाले दिन से ही इंस्टीट्यूट ऑफ मैंटल हैल्थ, अमृतसर में दाखि़ल करवाया गया था। एस.बी.एस. नगर का रहने वाला एक और व्यक्ति सुखविन्दर सिंह भी मानसिक रोग का सामना कर रहा है। इसके बाद ये तीनों व्यक्ति स्थानीय पुलिस द्वारा तस्दीक करने के उपरांत उसी दिन इनके परिवारों के हवाले कर दिए गए थे।
हिरासत में लिए 58 व्यक्तियों में से 16 दिमाग़ी तौर पर बीमार पाए गए जिनमें से चार बचपन से ही इस बीमारी से पीडित थे। इनमें से एक बाबू सिंह वासी बुलन्द शहर, (उत्तर प्रदेश) का तो आगरा से मानसिक इलाज चल रहा था और उसके डॉक्टरी रिकार्ड के आधार पर उसे पारिवारिक सदस्यों के हवाले कर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बी.एस.एफ. द्वारा पकड़े गए तीन व्यक्तियों की पहचान उनकी मानसिक स्थिति के कारण नहीं की जा सकी। उन्होंने कहा कि ऐसी मानसिक दशा वाले व्यक्तियों को कृषि के कामों के लिए बंधुआ मज़दूर के तौर पर नहीं रखा जा सकता।

Sukhbir Badal Tests Positive for CoronaVirus

(Chd,Pb)Sukhbir Badal Tests Positive for CoronaVirus
Shiromani Akali Dal chief Sukhbir Singh Badal on Tuesday Tweeted he has tested positive for coronavirus.
He made the announcement a day after addressing a rally in Tarn Taran. Badal said he is fine and has isolated himself.

Delhiite Sirsa Among 87 In SAD’s New Working Committee

(Chd,Pb)Delhiite Sirsa Among 87 In SAD’s New Working Committee
Shiromani Akali Dal chief Sukhbir Singh Badal on Monday formed an 87-member working committee of senior party leaders.
Prominent among those included
Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee chief Bibi Jagir Kaur,
former Union minister Harsimrat Kaur Badal and
Delhi Sikh Gurdwara Management Committee chief Manjinder Singh Sirsa.
According to a party statement, Badal also set up a three-member disciplinary committee led by former minister Tota Singh.
File Photo

10 Akali Law Makers Suspended on Friday Restored on Monday

(Chd,Pb)10 Akali Law Makers Suspended on Friday Restored on Monday Punjab Assembly Speaker Rana KP Singh on Monday revoked the suspension of 10 Shiromani Akali Dal legislators.
In the ongoing budget session, the speaker said the legislators can participate in the discussion on the budget, which was presented on Monday.
The 10 Akali legislators were suspended on Friday for disrupting Chief Minister Amarinder Singh’s speech on the governor’s address twice.

SAD Urged Centre and Pb State To Cut in Fuel Prices

(Chd,Pb) SAD Urged Centre and Pb State To Cut in Fuel Prices They Mar Raise This Issue during Budget Session in Assembly
The Shiromani Akali Dal on Saturday urged the Union government to reduce fuel prices immediately, saying the hike may have “devastating impact” on the country’s economy that is still recovering from the coronavirus crisis.
The SAD also asked the Congress-led Punjab government to give relief to people by slashing state VAT on petrol and diesel.
Former minister and SAD spokesperson DrDaljit Singh Cheema said the Centre has increased petrol and diesel prices multiple times this year.
Currently, petrol is being sold at Rs 91.47 per litre in Punjab
Cheema said his party will raise the issue in the upcoming Budget session of the state assembly.

कैप्टेन को किसान सेवा के लिए खज़ाना खोलने का विजय मेवा मिला

झल्लेदीगल्लां

Local Body Elections

Local Body Elections

काँग्रेसीचीयरलीडर
ओए झल्लेया !वोह मारा पापडवाले को।हसाडे धाकड़ कैप्टेनअमरिन्दरसिंह साहिब ने अपने जनसेवा कार्यों से 8 नगर निकायों लिए हुए चुनांवों में सात में जीत हासिल कर ली और
अकालियों /आपियों और भजपाइयों को धूल चटा कर 2022 का सेमीफाइनल जीत लिया।ओए 2022 में भी हसाडी ही सरकार बने ही बने ।
झल्लाझल्लाकैप्टेन को किसान सेवा के लिए खज़ाना खोलने का विजय मेवा मिला है
चतुर शाह जी!जन सेवा नही ये किसान सेवा का मेवा मिला है।रेल रोकने वालों की तरफ से निगाह मोड़ना+किसान आंदोलन के पक्ष में विधान सभा मे प्रस्ताव पारित करवा कर आंदोलन को दिल्ली की तरफ मोड़ना+मृतक किसानों के परिजनों को 5 -5लाख ₹ और एक-एक नोकरी+गिरफ्तार आंदोलनकारियों को छोड़ने की अपील के साथ ही सरकारी खजाना खोल कर 70 वकीलों की फौज खड़ी कर दी ।उधर अकाली,भजपा और आप वाले आपस मे ही उलझते रह गए।

कैप्टन अमरिन्दर सिंह अकालियों और आप पर बरसे

(चंडीगढ़,पँजांब)कैप्टन अमरिन्दर सिंह अकालियों और आप पर बरसे
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज तीन संशोधन बिलों के सम्बन्ध में शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि ये दोनों राजनैतिक पक्ष विधानसभा में इन बिलों का समर्थन करने के कुछ घंटों बाद ही इनकी निंदा करने लग पड़े।
सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों ने इन बिलों के खि़लाफ़ कुछ भी नहीं कहा जिनके हितों की सुरक्षा और राज्य के कृषि क्षेत्र को बचाने के लिए यह बिल बनाए गए हैं।
अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और आप की लीडरशिप के बयानों पर प्रतिक्रया देते हुए कैप्टन ने कहा कि यदि वह सोचते हैं कि मैं और मेरी सरकार लोगों को मूर्ख बना रहे हैं तो फिर उन्होंने सदन में यह बात क्यों नहीं कही? उन्होंने हमारे बिलों का समर्थन करते हुए वोट क्यों दिया? इन दोनों राजनैतिक पक्षों के नेताओं ने मुख्यमंत्री पर बिलों को राज्यपाल/राष्ट्रपति द्वारा दस्तख़त न करने की संभावना बारे की गई टिप्पणी का हवाला देते हुए लोगों को गुमराह करने का दोष लगाया है।
अकाली दल और आप नेताओं की तरफ से मीडिया /सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों के हवाले के साथ मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों विरोधी पक्षों ने राज्य सरकार के किसान पक्षीय प्रयासों की अहमीयत को घटाने की कोशिश करके अपना असली रंग दिखा दिया है जबकि इन दोनों पार्टियों ने पहले सदन में बिलों के समर्थन का दिखावा किया। उन्होंने कहा कि विरोधी पार्टियों के नेताओं ने केंद्र सरकार के खेती कानूनों को प्रभावहीन बनाने के लिए इन कानूनों को रद्द करने का प्रस्ताव पास करने में उनकी सरकार का साथ दिया और यहाँ तक कि राज्यपाल को कापियां सौंपने के लिए भी साथ गए और बाद में किसानी को बचाने के लिए राज्य सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों की निंदा करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि स्पष्ट तौर पर इनमें कोई शर्म बाकी नहीं रही।
एक सवाल के जवाब में कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि अन्य राजनैतिक पार्टियाँ ख़ास तौर पर आप, जिसकी दिल्ली में सरकार है, को पंजाब जैसे कानून लाने चाहिएं ताकि केंद्रीय खेती कानूनों के घातक प्रभावों को प्रभावहीन बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि अरविन्द केजरीवाल को भी पंजाब के रास्ते पर चलना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने दोहराते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार उनकी सरकार बखऱ्ास्त कर देती है तो उनको इसकी कोई परवाह नहीं परन्तु वह आखिरी दम तक किसानों के हकों की रक्षा के लिए लड़ते रहेंगे। एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि केंद्र सोचता है कि मैने कुछ गलत किया है तो वह मुझे बखऱ्ास्त कर सकते हैं। मैं डरने वाला नहीं हूँ। मैं पहले भी दो बार इस्तीफ़ा के चुका हूँ और दोबारा भी दे सकता हूँ।
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि कानूनी तौर पर बहुत से रास्ते मौजूद हैं परन्तु उनको उम्मीद है कि राज्यपाल लोगों की आवाज़ सुनते हुए अपनी जि़म्मेदारी निभाएंगे। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि पंजाब की आवाज़ राज्यपाल के पास पहुँच चुकी है और वह भारत के राष्ट्रपति को बिल भेजेंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति राज्य के लोगों की भावनाओं और अपील को दरकिनार नहीं कर सकते।
इस दौरान मीडिया के साथ बातचीत के दौरान एक सवाल के जवाब में कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि वह खुश हैं कि नवजोत सिंह सिद्धू बीते दिन सदन में आए और खेती बिलों पर अच्छी बहस की।

SAD to Jaam “Chakka” in Pb on Sep 25 Against Farm Bill

(Chd,Pb)SAD to Jaam “Chakka” in Pb on Sep 25 Against Farm Bill
The Shiromani Akali Dal (SAD), the BJP’s oldest ally, on Tuesday announced road blockades across Punjab on September 25 to protest against the contentious farm Bills passed by Parliament.
Rajya Sabha passed the Essential Commodities (Amendment) Bill, 2020 during the day. It had cleared the Farmers’ Produce Trade and Commerce (Promotion and Facilitation) Bill, 2020 and the Farmers (Empowerment and Protection) Agreement of Price Assurance and Farm Services Bill, 2020 on Sunday.
The Bills had been passed by Lok Sabha last week.
As per SAD leader Daljit Singh Cheema
SAD party’s senior leaders, workers, farmers and farm labourers would block roads in the state for three hours from 11 am in a peaceful manner.
Notably, around 30 farmers’ outfits have already given a call for a complete shutdown in Punjab on September 25 in protest against the Bills.
Party chief Sukhbir Singh Badal would launch a four-day state-wide mass contact programme on September 26 during which he would make party workers aware about the “adverse impact” of these Bills on the farming community,
Last week, SAD leader and Bathinda MP Harsimrat Kaur Badal had resigned from the Union Cabinet in protest against the Bills.