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Tag: Farmers Unrest

मुँडेर पर बैठे जाट वोटबैंक की भरपाई के लिए ख़ानदानी ब्राह्मण चेहरा जितिन

झल्लीगल्लां
भजपाईचेयरलीडर

जितिन प्रसाद

जितिन प्रसाद

ओए झल्लेया!वोह मारा पापडवाले को।ओए विश्व मे सबसे वड्डी हसाडी भारतीयजनतापार्टी में राहुल गांधी के खासुलखास जितिन प्रसाद भी आ गए।अब हमने यूपी में 2022 का विधानसभा चुनाव निर्विघ्नं जीत लेणा है।
झल्ला
अरे चतुर सेठ जी!
झल्लाकृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन से विशेषकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश का जाट वोट बैंक खिसक कर मुँडेर पर आ बैठा है।चुनांवों में करवट बदल सकता है।ऐसे में इसकी भरपाई के लिए प्रदेश के लगभग 13% ब्राह्मण वोटों को रिझाने के लिए जितिन प्रसाद सरीखे चुम्बक भी तो जरूरी है।

CM Kejriwal to Address ‘Kisan Mahapanchayat’ at Meerut

(New Delhi) CM Kejriwal to Address ‘Kisan Mahapanchayat’ at Meerut
AAP national convenor and Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal will address a ‘kisan mahapanchayat’ at Meerut on February 28 in support of farmers protesting the Centre’s new agri laws
AAP said in a tweet.
“AAP National Convenor @ArvindKejriwal to address a Kisan Mahapanchayat in Meerut, Uttar Pradesh on 28th February, 2021. Aam Aadmi Party has convened a Mahapanchayat to support the demands of the protesting farmers,”

अल्पकालिक नेताओं ने चौरीचौरा छोड़ तत्कालिक वोटलाभार्थ अपने शहीद बना लिए

#भाजपाइचिंतक
ओए

चौरी चौरा

चौरी चौरा

झल्लेया!पक्षपाती इतिहासकारों ने भोजपुरी चौरी चौरा भौपा के शहीदों को सम्मानित स्थान नही दिया।
इतिहास के पन्नों में चौरी चौरा के शहीदों को यथोचित प्रमुखता नहीं दी गई है।
देश आजादी के 75वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है लेकिन अफसोस है कि शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में लोग बहुत कम जानते हैं ।ओए हसाडे धाकड़ मोदी जी और योगी जी ने भोजपुर की पवित्र धरती के शहीदों के सम्मान में पूरे राष्ट्र को जागृत कर दिया
#झल्ला
अल्पकालिक नेताओं ने चौरीचौरा छोड़ तत्कालिक वोटलाभार्थ अपने शहीद बना लिए

Chori Choura

चतुर सेठ जी!राष्टीय एकता जगाने के लिए ऐसे प्रयास स्वागतयोग्य है लेकिन वर्तमान अल्पकालिक नेताओं ने तो तत्कालिक वोट लाभ के लिए अपने शहीद बना लिए है।नही समझे? अरे भाई! टीएमसी के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने चौरी चौरा के बजाय किसान आंदोलन में मर रहे प्रदर्शकारियों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखवा दिया।पँजांब के सीएम ने मृतकों के परिजनों के लिए 500000 ₹ और एक नॉकरी की घोषणा कर दी है।इन सबको पीछे छोड़ते हुए एक महानुभाव ने हरियाणा में उनकी सरकार के बनते ही मृतकों के परिजनों को 10000000 ₹ देने का एलान कर दिया है।
प्रियंका गांधी वाड्रा रामपुर के विलासपुर नवरीत सिंह को श्रद्धांजलि देने पहुंच गई तो लोक सभा छोड़ कर 15 सांसद गाजीपुर सीमा पर जा पहुंचे

लालकिले में किसानों के खिलाफ साजिश रची गई तो फिर दंगाईयों को छोड़ने की शर्त क्यूँ

#यूपीकाआशान्वितकिसान
ओए झल्लेया! ओए म्हारी बिरादरी को ख़्वाहमखा बदनाम करके हमे देश द्रोही बताया जा रहा है।भई म्हारे Ch Rakesh Tikaitराकेश टिकैत ने एक बार फिर एलानिया कह दिया है कि सबकी गरिमा का सम्मान करते हुए केंद्र से 12 वें दौर की वार्ता को तैयार हैं
#झल्ला
झल्लाचतुर चौधरी साहब !लालकिले में किसानों के खिलाफ साजिश रची गई तो फिर दंगाईयों को छोड़ने की शर्त क्यूँ
चौधरी साहिब लालकिले में दंगा फैलाने वालों को छोड़ने की शर्त भी तो अड़ा रहे हो। अब ये बताओ कि ये संयुक्त मोर्चा तुमसे अलग राग अलाप रहा है।और कहा जा रहा है कि लाल किले में दंगा करवा कर किसानों के खिलाफ साजिश की गई।अब आप लोग बड़ौत में महापंचायत करके भी पकड़े गए दंगाईयों (अभी साबित होना है)को छोड़ने की शर्त उछाल रहे हो।खुद सोचो कि क्या सन्देश दे रहे हो???

Journo Arrest: Journos Condemn Police Action

(New Delhi)Journo Arrest: Journos Condemn Police Action
Media bodies on Sunday condemned the police action against two journalists who were picked up during the farmers’ protests at Delhi’s Singhu border for allegedly misbehaving with police personnel.
They said such crackdowns impinge on the media’s right to report freely and interferes with its right to freedom of expression.
Freelance journalist Mandeep Punia and Dharmender Singh (with Online News India) were detained by Delhi Police last evening for allegedly misbehaving with personnel on duty.
While Singh was later released, the police arrested Punia on Sunday.
The Indian Women’s Press Corps, Press Club of India and the Press Association demanded Punia’s immediate release and said no journalist should be disturbed while carrying out their duties at any place.
Police had earlier said some people including the journalist were trying to remove the barricades, the police had alleged, adding the scribe also misbehaved with the police personnel there.

Agitators Unlawfully Entered In Historical Red Fort ;Tractor Rally

( Delhi,Chd,)CM of @PunjabGovtIndia @capt_amarinder’s Appeal For Peaceful #TractorMarchDelhi Failed .Farmers Leaders Failed to Control Agitators en route
Large Number of Farmers +Tractors ,Breaking Barricades +Damaging Public Property, Entered Historical Pride of India The #RedFort
So Constitutional Ethos Are once again Challenged .Police Reacted with Tear Gas Also.
Police lathicharged Agitators at Chintamani Chowk in Shadara as some tractors taking part in the rally tried to deviate from the scheduled route and enter Delhi, on Tuesday.
The rally was scheduled to head towards Apsara Border but some of the tractors pushed through a police barricade at Chintamani Chowk. This prompted lathicharge by the police who tried to push back the farmers.
In the chaos, windshields of some vehicles were shattered.
The police managed to disperse the farmers.
A group of farmers who refused to follow the pre-decided routes, reached the ITO area in central Delhi. Police put barricades, used tear gas and lathicharge to stop them near Delhi Police headquaters to prevent them from moving towards Tilak Bridge.
Now Capt Gets Opportunity to announce Relief of these So Called ,if any,#Martyr
No Surprise if He Give them a space in Pious #JallianwalaBagh

Punjabi Farmers Burn Copies of Farm Laws on Lohri

(Chd,Pb)Punjabi Farmers Burn Copies of Farm Laws on Lohri
Farmers in Punjab on Wednesday burnt copies of the Centre’s three new farm laws at several places on the festival of Lohri as a mark of protest against the legislations.
Bonfires are an important part of this harvest Festival
Farmers also shouted slogans against the BJP-led Centre and slammed the government for not acceding to their demands. They demanded that the new farms laws should be repealed.
Farmers including women under the banner of Kisan Mazdoor Sangharsh Committee held a protest at Pandherkalan village in Amritsar.
Farmers also burnt copies of the new farm laws at many places including Hoshiarpur, Sangrur and Kapurthala in the state.
Farmers, who have been camping at the Delhi borders, are demanding a repeal of the farm laws and a legal guarantee to the minimum support price for crops.
The Supreme Court on Tuesday had stayed the implementation of controversial new farm laws till further orders and decided to set up a 4-member committee to resolve the impasse over them between the Centre and farmers’ unions protesting at Delhi borders.

मनोहारी खट्टर तो हरियाणवी कांग्रेस की आंखों में शुरू से ही खटक रहा है

#हरियाणवीभजपाई
ओए झल्लेया!ये कांग्रेस और वामपंथियों की मति मारी गई है क्या?#किसानआंदोलन के नाम पर हसाडे कर्मठ और समर्पित सीएम श्री #मनोहरलालखट्टर जी का अपमान करने के लिए करनाल में सी एम की महापंचत मंच ही तोड़ डाला+कुर्सियां उछाल डाली और तो और हेलीपेड पर भी कब्जा कर लिया
ओए !सुप्रीम कोर्ट में किसानी कानूनों पर सुनवाई चल रही है+केंद्र सरकार नोवीं वार्ता के लिए तैयारी कर रही है और इधर गुरनाम सिंह चढूनी समर्थकों ने केमला महापंचायत ही नही होने दी जिसमे खट्टर साहिब 100 करोड़ ₹ की विकास यौजनाओं की घोषणा करने वाले थे।ओए ये लोग हिंसा से जमीन हथिया पाएंगे??
#झल्ला
चतुर सेठ जी!तवाडा खट्टर साहब तो इनकी आंखों में शुरू से ही खटक रहा है!याद करो कि जब मनोहरलालखट्टर ने हरियाणा के मुख्यमंत्री का कार्यभार संभाला था तब ऐसे ही लोगों ने कितनी तोड़ फोड़+लूटमार मचाई थी ।करनाल हाइवेज के ढाबों से गुजरने वाले आज भी सिहर जाते होंगे
सोर्स लिंक http://www.bhasha.ptinews.com/news/2110640_bhasha

खट्टर ने विकास के लिए किसान महापंचायत बुलाई लेकिन विरोधियों ने तोड़फोड़ की

(चंडीगढ़,हरियाणा)खट्टर ने विकास के लिए किसान महापंचायत बुलाई लेकिन विरोधियों ने तोड़फोड़ की
करनाल जिले के कैमला गांव में प्रदर्शनकारी किसानों ने ‘किसान महापंचायत’ के कार्यक्रम स्थल पर तोड़फोड़ की जहां मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर लोगों को केंद्र के तीन कृषि कानूनों के ‘‘फायदे’’ बताने वाले थे।सी एम मनोहरलाल खट्टर के अनुसार उन्होंने इस छेत्र के लिए 100 करोड़ ₹ की यौजनाओं की घोषणा भी करनी थी जो अब भविष्य में किसी अन्य कार्यक्रम में कई जाएंगी।
इससे पहले पुलिस ने कैमला गांव की ओर किसानों के मार्च को रोकने लिए उन पर पानी की बौछारें कीं और आंसू गैस के गोले छोड़े।
बहरहाल, प्रदर्शनकारी कार्यक्रम स्थल तक पहुंच गए और ‘किसान महापंचायत’ कार्यक्रम को बाधित किया।
उन्होंने मंच को क्षतिग्रस्त कर दिया, कुर्सियां, मेज और गमले तोड़ दिए।
किसानों ने अस्थायी हेलीपेड का नियंत्रण भी अपने हाथ में ले लिया जहां मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर उतरना था।
किसानों के इस हुड़दंगी व्यवहार के लिए बीकेयू नेता गुरनाम सिंह चरूनी पर आरोप लगाए जा रहे है
भारतीय किसान यूनियन (चरूनी) के तत्वावधान में किसानों ने पहले घोषणा की थी कि वे ‘किसान महापंचायत’ का विरोध करेंगे। वे तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।
कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने किसानों पर पानी की बौछारें छोड़ने और आंसू गैस के गोले दगवाने के लिए मुख्यमंत्री खट्टर की आलोचना की।

विश्व के सबसे शक्तिशाली लोकतंत्रों (अमेरिका+भारत)पर संकट गहराया

(वाशिंगटन डीसी,दिल्ली)विश्व के सबसे शक्तिशाली लोकतंत्रों (अमेरिका+भारत)पर संकट गहराया
अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हजारों समर्थक कैपिटल परिसर में घुस गए और पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल भी हुए हैं।इधर भारत मे किसानों ने दिल्ली में ट्रेक्टर मार्च निकाल कर केंद्र सरकार को अलोकतांत्रिक तरीके से अपनी शक्ति दिखाइ और धमकी दी है कि अगर केंद्र सरकार यूँकि मांगों के समक्ष नही झुकी तो 26 जनवरिकी रिपब्लिक डे परेड को बाधित किया जाएगा।अनेकों मंत्रियों का आरोप है कि यह विद्रोही गतिविधियों को विपक्ष द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है
कांग्रेस के सदस्य बुधवार को ‘इलेक्टोरल कॉलेज वोट’ की गिनती कर रहे थे, इसी दौरान बड़ी संख्या में ट्रंप के समर्थक सुरक्षा व्यवस्था को ध्वस्त करते हुए कैपिटल परिसर में घुस गए। पुलिस को इन प्रदर्शनकारियों को काबू करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
इन हालात में प्रतिनिधि सभा और सीनेट तथा पूरे कैपिटल को बंद कर दिया गया। उपराष्ट्रपति माइक पेंस और सांसदों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया।
बिगड़ते हालात के बीच राष्ट्रीय राजधानी में मेयर मुरियल बोसर ने कर्फ्यू लगा दिया लेकिन बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी कर्फ्यू का उल्लंघन करते हुए सड़कों पर उतर आए।
डोनाल्ड ट्रंप, जो पहले अपने समर्थकों को बढ़ावा दे रहे थे, हिंसा के बाद उन्होंने उनसे कानून का पालन करने और घर जाने की अपील की।
ट्रंप ने एक वीडियो संदेश में कहा था, ‘‘ यह चुनाव धोखाधड़ी भरे थे, लेकिन हम ऐसा कुछ नहीं कर सकते, जिससे खुद को नुकसान पहुंचे और दूसरों को फायदा। हमें शांति चाहिए ही चाहिए। इसलिए घर जाएं।’’
राष्ट्रपति चुनाव में धांधली संबंधी पोस्ट लगातार करने पर माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर ने एक अप्रत्याशित कदम उठाते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अकाउंट पर बुधवार को 12 घंटे के लिए रोक लगा दी।
नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस पूरी घटना पर कहा कि वह स्तब्ध और काफी दुखी हैं कि अमेरिका को ऐसा दिन देखना पड़ा।
बाइडन ने राष्ट्र के नाम एक संबोधन में कहा, ‘‘ इस समय, हमारे लोकतंत्र पर अप्रत्याक्षित हमला हो रहा है। हमने आधुनिक समय में ऐसा कभी नहीं देखा। स्वतंत्रता के गढ़, कैपिटल पर हमला। लोगों का प्रतिनिधित्व करने वालों और कैपिटल हिल पुलिस…और लोक सेवक जो हमारे गणतंत्र के मंदिर में काम करते हैं उन पर हमला…’’ उन्होंने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा, ‘‘ मैं राष्ट्रपति ट्रंप से अपनी शपथ का मान रखते हुए, राष्ट्रीय टेलीविजन पर जाकर इसके अंत की मांग करते हुए संविधान की रक्षा करने की अपील करता हूं।’’ अमेरिका के सभी चार जीवित पूर्व राष्ट्रपतियों बराक ओबामा, जॉर्ज डब्ल्यू बुश, बिल क्लिंटन और जिम्मी कार्टर ने भी हमले की निंदा की है।