Ad

Tag: uttar pradesh minister azam khan

कांग्रेसियों ने काली पट्टी मुह बंद करने के लिए नहीं बल्कि मुंह छुपाने के लिए बांधी होगी

झल्ले दी झल्लियां गल्लाँ

भाजपाई चीयर लीडर

ओये झल्लेया ये लोकतंत्र में क्या मजाक हो रहा है?ओये एक तरफ बंगाली शेरनी सुश्री ममता बनर्जी आये दिन हमें कुत्ता कह रही है+बिहारी नेता लालू प्रसाद यादव हमें भोंकने वाला बता रहे हैं +यूं पी वाले आजम खान तो हमें तीतर बटेर कहे जा रहे हैं इनसब मंझे हुए नेताओं से कोई क्षमा नहीं मंगवा रहा लेकिन हसाड़ी भोली भाली दलित साध्वी निरंजन ज्योतिि की एक गलती को पकड़े बैठे हैं भई साध्वी ने माफ़ी मांग ली प्रधान मंत्री ने संसद के दोनों सदनों में ब्यान दे दिया फिर भी संसद में ताला लगाने को मरे जा रहे हैं |पहले टी एम सी वालों को उकसा कर काले छाते और काली शाल का प्रदर्शन कराया और शुक्रवार को तो हद ही कर दी बेलगाम मुंह पर काली पट्टी बांध कर प्रदर्शन करने लग गए अरे लोकतंत्र ऐसे चलता है भला?

झल्ला

ओ मेरे सेठ जी काली पट्टी मुह बंद करने के लिए नहीं बल्कि मुद्दों के अभाव में मुंह छुपाने के लिए बांधी गई थी |आप लोगों ने देखा नहीं संसद के अंदर और बाहर कांग्रेसी+टीएमसी नेता जब बोलना होता था तो पट्टी हटा लेते थे और अपनी भड़ास निकाल कर फिर मुंह छुपा लेते थे

आज़म खान साहब मेरठ में कमेले की जमीन पर स्कूल के शिलान्यास समारोह में धर्म के साथ राजनीती निरपेक्षता भी दिखा देते तो हो जाती बल्ले बल्ले

झल्ले दी झल्लियां गल्लां

सपाई चीयर लीडर

Azam Khan In Meerut

Azam Khan In Meerut

ओये झल्लेया देखी हसाडे जनाब आज़म खान साहब की दरियादिली| ओये एक झटके में उन्होंने मेरठ में कट्टर मुस्लिमों के कब्जे में कमेले के नासूर को नेस्तनाबूत करके वहाँ कन्यायों के लिए कॉलेज का शिलान्यास कर ही दिया |ओये हसाडे पवित्र कुरआन का पहला अक्षर है “इकरा” जिसका मतलब होता है “पढ़ो ” कुरआन का पालन करने के लिए लड़कियों को शिक्षित करने में यह कालेज अहम् भूमिका निभाएगाअब मानता है ना हसाडे आजम खान को धर्मनिरपेक्ष?
झल्ला

Black Flags Shown To Azam Khan In Meerut

Black Flags Shown To Azam Khan In Meerut

भापा जी बात तो आप ठीक ही कह रहे हो लेकिन आँखों देखी है कि मेरठ में आज़म खान साहब को कुछ लोगों ने काले झंडे भी दिखाए लेकिन आप लोगों ने उनपर लाठियां बरसवाई |अब काले झंडो के प्रदर्शन से ज्यादा पोलिसीआई लाठी चार्ज को कवरेज मिला |रास्ते में ट्रैफिक रोक कर घंटों के जाम लगवा दिए | आम जनता को परेशानी हुई | भापा जी धर्म निरपेक्षता के साथ साथ राजनीती निरपेक्षता भी दिखा देते तो हो जाती बल्ले बल्ले

डॉ मन मोहन सिंह के मुजफ्फर नगर में दौरे को लेकर अब केंद्र और राज्य में नसीहत और व्यंग का खेल शुरू हो गया है

मुजफ्फरनगर के दंगों को आग बेशक अब कुछ कम होने लगी है लेकिन राजनीती पूरी तरह गर्माने लग गई है|ऐसे में केंद्र और राज्य आमने सामने आते दिखने लगे हैं |केंद्र और राज्य में नसीहत और व्यंग का खेल शुरू हो गया है| ऐसा मुख्य मंत्री और प्रधान मंत्री के दौरों से स्पष्ट होता है| जहाँ तक विरोध प्रदर्शन के तराजू पर तोलने की बात है तो मुख्य मंत्री को दौर में स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा तो केन्द्रीय न्रेतत्व के सामने ऐसे कोई अप्रिय घटना नही घटी|
प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने आज सोमवार को दंगा प्रभावित इलाकों के साथ राहत शिविर का भी दौरा किया और पीड़ितों की हरसंभव मदद और दंगे भड़काने के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सजा का आश्वासन दिया ।

The Prime Minister, Dr. Manmohan Singh meeting the violence affected people in Muzaffarnagar district on September 16, 2013.

The Prime Minister, Dr. Manmohan Singh meeting the violence affected people in Muzaffarnagar district on September 16, 2013.


अपनी पार्टी कि अध्यक्षा श्री मति सोनिया गाँधी और उपाध्यक्ष राहुल गाँधी के साथ आये प्रधान मंत्री ने एक तरफ जहां पीड़ितों का हालचाल जाना और उन्हें ढांढस बंधाया, वहीं बातों-बातों में उत्तर प्रदेश में अखिलेश सरकार को नसीहत भी दे डाली।उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “मैं पीड़ितों का दुख-दर्द बांटने यहां आया हूं। राज्य सरकार का फर्ज बनता है कि सभी के जानमाल की पूरी सुरक्षा हो। कानून व्यवस्‍था राज्य का मामला है।”उन्होंने कहा, “हमारी कोशिश है कि लोग जल्द से जल्द अपने घरों को लौट सके
केंद्र की ओर से उत्तर प्रदेश सरकार को पूरी मदद दी जाएगी।
The Prime Minister, Dr. Manmohan Singh meeting the violence affected people in Muzaffarnagar .

The Prime Minister, Dr. Manmohan Singh meeting the violence affected people in Muzaffarnagar .

जिम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दौरे के एक दिन बाद मुजफ्फरनगर पहुंचे मनमोहन सिंह के साथ यूपीए अध्यक्षा श्री मति सोनिया गांधी+ कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी+ राज्यपाल बी एल जोशी और गृह राज्य मंत्री आर पी एन सिंह भी थे
उधर उत्तर प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री आजम खां ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के दौरे को पूरी तरह राजनीतिक करार देने में कोई देरी नही की | खां ने मीडिया से कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह मुजफ्फरनगर गये हैं..अच्छी बात है…चुनाव करीब हैं, उन्हें ऐसा करना भी चाहिये।’’ उन्होंने व्यंग बाण चलाते हुए कहा, बेहतर होता अगर प्रधानमंत्री फैजाबाद भी जाते, मथुरा भी जाते, बरेली भी जाते। गौरतलब है कि फैजाबाद, मथुरा और बरेली में पिछले साल साम्प्रदायिक दंगे हुए थे।मथुरा में सत्ता रुड यूं पी ऐ के घटक रालोद के एक सांसद हैं|
इससे एक दिन पहले ही राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जिले का दौरा किया था और लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा था।
मुजफ्फनगर में हुई सांप्रदायिक हिंसा में अब तक 47 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोग बेघर हो गए हैं। हिंसा प्रभावित बहुत से लोगों को अस्थायी शिविरों में ठहराया गया है।
प्रधानमंत्री के दौरे से एक दिन पहले रविवार को अखिलेश यादव ने कवाल गांव का दौरा किया, जहां 27 अगस्त को एक छेड़खानी की वारदात के बाद तीन लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद पूरे ज़िले में तनाव पैदा हो गया था।अखिलेश यादव ने घटना को दुखद बताते हुए कहा कि दंगाइयों के खिलाफ़ सरकार कड़े कदम उठाएगी। ‘हम उनके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करेंगे और दोषियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून के तहत कार्रवाई होगी।
उन्होंने बताया कि सरकार ने न्यायिक आयोग गठित किया है जो 27 अगस्त के बाद की घटनाओं की पड़ताल कर रहा है
अखिलेश को गांववालों ने काले झंडे दिखाए और नारेबाज़ी की। गांव वालों ने सरकार पर तुरंत कार्रवाई न करने और हिंसा को रोक पाने में नाकाम रहने के आरोप लगाए।
प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र के पहले ही दिन विधानसभा की कार्यवाही मुजफ्फरनगर में हाल में हुई साम्प्रदायिक हिंसा और कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्षी सदस्यों के शोरगुल और हंगामे के कारण बाधित हुई और सदन में प्रश्नकाल नहीं हो सका।
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही बहुजन समाज पार्टी (बसपा)+ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) +राष्ट्रीय लोकदल (रालोद)और कांग्रेस के कई सदस्य नारेबाजी करते हुए हाथों में तख्ती लिये सदन के बीचोंबीच आ गये। कांग्रेस इस विरोध का न्रैतत्व करती दिखाई दी| भाजपा ने डॉ मन मोहन सिंह +श्री मति गाँधी+राहुल गाँधी के इस दौरे को कांग्रेस के सेक्युलर टूरिज्म कि संज्ञा दी है|
फोटो कैप्शन
[१]The Prime Minister, Dr. Manmohan Singh briefing the media after meeting the violence affected people in Muzaffarnagar district on September 16, 2013.

सांसद जयंत चौधरी ने, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में,उच्च न्यायालय की खण्डपीठ की स्थापना का प्रस्ताव भेजने के लिए सपा के सांसद ,विधायकों को पत्र लिखे

[नई दिल्ली,]। राष्ट्रीय लोकदल[रालोद] महासचिव एवं सांसद जयन्त चौधरी ने ,इलाहाबाद उच्च न्यायालय की खण्डपीठ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में स्थापना के लिए , समाजवादी पार्टी के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सांसदों एवं विधायकों को पत्र लिखा है इस पत्र में प्रदेश सरकार के माध्यम से एक सम्यक प्रस्ताव केन्द्र सरकार को शीघ्र भेजने का आग्रह किया गया है|
गौरतलब है कि खंड पीठ के लिए दशकों से चली आ रही मांग का मजाक उड़ाते हुए प्रदेश के काबिना मंत्री आजम खान ने बीते दिन मेरठ में कहा था कि आप लोग एक जगह निश्चित कर लें उसी के मुताबिक़ प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया जाएगा| इसी बाल को तत्काल पुनः आजम खान के पाले में धकेलते हुए रालोद ने यह पत्र लिखा है|
उल्लेखनीय है कि जयन्त चौधरी ने 9 अप्रैल 2013 को तत्कालीन केन्द्रीय कानून मंत्री अश्वनी कुमार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की खण्डपीठ स्थापित किये जाने हेतु पत्र लिखा था।उसके पश्चात कपिल सिब्बल ने राज्य सरकार की ओर से एक प्रस्ताव,भेजे जाने की मांग की थी|।
केन्द्र सरकार ने हाल ही में मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश तथा इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को पत्र लिखकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खण्डपीठ के मामले में राय भी मांगी है।
युवा सांसद जयंत चौधरी ने उत्तर प्रदेश सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के नेताओं के बीच में इस विषय को लेकर कुछ मतभेद हैं इसीलिए समाजवादी पार्टी के सांसदों एवं विधायकों को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वे उत्तर प्रदेश की जनता के हित के लिए उच्च न्यायालय की खण्डपीठ की स्थापना के लिए एक सम्यक प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजें।
उन्होंने बताया कि मैंने ‘‘पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सांसदों एवं विधायकों से अपील की है कि वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता के हित में इस मुहिम में शामिल हों तथा पार्टी हितों से ऊपर उठकर इसका समर्थन करें।
इस खण्डपीठ से वकीलों को ही नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता को भी फायदा होगा।’’
उन्होंने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों के निवासियों को उच्च न्यायालय में न्याय सम्बंधी कार्यों के लिए लगभग 750 कि0मी0 की दूरी तय करके इलाहाबाद जाना पड़ता है, जो सस्ते-सुलभ न्याय की अवधारणा के अनुरूप नहीं है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय में लम्बित कुल मामलों में से 60 % मामले पश्चिमी उत्तर प्रदेश से सम्बंधित हैं।
श्री जयंत ने कहा कि मध्य प्रदेश में आबादी के लिहाज से उच्च न्यायालय की चार खण्डपीठें स्थापित हैं। आबादी के अनुपात के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उच्च न्यायालय की खण्डपीठ की स्थापना अति आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोकदल पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की खण्डपीठ की स्थापना के लिए संघर्षरत है। इस सम्बंध में रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री चौधरी अजित सिंह तथा सांसद जयन्त चौधरी ने पिछले माह केन्द्रीय कानून मंत्री श्री कपिल सिब्बल से मुलाकात की थी। श्री जयन्त चौधरी ने इस मांग को संसद में भी प्रमुखता से उठाया है। आज कल मेरठ में बेंच की मांग को लेकर वकीलों द्वारा आन्दोलन किया जा रहा है और कोर्ट के काम काज प्रभावित हो रहे हैं|

मुस्लिम वोट बैंक के प्रति कांग्रेस सरकार की नीतियों में लखनऊ से दिल्ली तक खोट निकाले जाने लगे हैं

मुस्लिम वोट बैंक के प्रति कांग्रेस सरकार की नीतियों में लखनऊ से दिल्ली तक खोट निकाले जाने लगे हैं
२०१४ में लोक सभा के चुनाव होने हैं इसीलिए अभी से कांग्रेस के पारंपरिक मुस्लिम वोट बैंक के प्रति कांग्रेस सरकार की नीतियों में लखनऊ से दिल्ली तक खोट निकाले जाने लगे हैं| शुरुआत हज यात्रा से की जा रहे है|
उत्तर प्रदेश के काबिना मंत्री आजम खान ने हज कोटे में कटौती को लेकर केंद्र और हज कमेटी आफ इंडिया को चेतावनी दे डाली है| बीते दिन भाजपा के उभरते मुस्लिम चेहरा मुख्तार अब्बास नकवी ने भी दिल्ली में अल्पसंख्यकों के एक जलसे में हज+वक्फ+शिक्षा+ को लेकर कांग्रेस की आलोचना की और भाजपा द्वारा एक विजन डॉक्यूमेंट लाने का आश्वासन दिया है |
: उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री एवं राज्य हज समिति के अध्यक्ष मोहम्मद आजम खां ने कहा है कि अगर हज कोटे में २०% कटौती के बाद मुस्लिमो के गुस्से में उबाल आया और कोई अप्रिय स्थिति हुई तो उसके लिए केन्द्र और हज कमेटी आफ इंडिया ही जिम्मेदार होगी।
रविवार को जारी बयान में जनाब आजम खां ने कहा कि हज कमेटी आफ इंडिया को ही अब ये सुनिश्चित करना होगा कि सऊदी अरब हुकूमत द्वारा हज यात्रियों के कोटे में बीस प्रतिशत की जो कटौती की गई है उसका असर उत्तर प्रदेश के कोटे में नही हो| उन्होंने कहा कि हज यात्रियों के कोटे को 20 % कम करने से हज यात्रियों की एक बड़ी संख्या अपनी किसी गलती के बिना हज करने से वंचित रह जायेगी, जबकि हज यात्रा के संबंध में ये लोग अपनी सभी औपचारिकताएं पूरी कर चुके हैं। सभी चयनित हज यात्री पहली किस्त में 76 हजार रुपये की अग्रिम धनराशि भी हज कमेटी आफ इंडिया के खाते में जमा कर चुके हैं।
राज्य के मंत्री ने आरोप लगाया है कि हज कमेटी आफ इंडिया यूपी फैमिली ग्रुप में हज यात्रा पर जाने वाले यात्रियों में से एक दो लोगों को कम कर रही है यह निहायत बदसुलूकी और आपत्तिजनक है।
अरब देशों से जारी दिशा निर्देशों के अनुसार इस पवित्र यात्रा को सुरक्षित बनाये रखने के लिए कुछ दिशा निर्देश जारी किये गए हैं इनमे से वहां के नियमों का पालन करना+ सीमितऔर सुरक्षित सामान लाने से से लेकर हज कोटे में २०% की कटौती भी की गई है|अब उत्तर प्रदेश से समाज वादी पार्टी के अल्प संख्यक कल्याण मंत्री आजम खान का अपने वोट बैंक के प्रति चिंतित होना स्वाभाविक ही है|
फाइल फोटो

पशु कत्लगाहों के पुराने नासूर पर प्रशासन ने ध्वस्तीकरण का नश्तर चला कर कानून व्यवस्था को स्थापित किया

[मेरठ]] कमेले[SlaughterHouses ] के पुराने नासूर पर प्रशासन ने ध्वस्तीकरण का नश्तर चला कर कानून व्यवस्था को स्थापित किया|प्रदेश में नगर विकास मंत्री आज़म खान की सख्ती + अदालत की तत्परता +स्थानीय प्रशासन की यौजना और अधिकारियों की समर्पित भावना के फलस्वरूप शहर के एक अहम् हिस्से में कानून व्यवस्था को पुनः स्थापित करने के लिए सैकड़ों अवैध भट्टियों के साम्राज्य को ध्वस्त कर दिया गया |
हापुड़ रोड स्थित पुराने कमेले को यदपि घोसीपुर शिफ्ट किया जा चूका है लेकिन इसके मालिकों की हटधर्मी + सत्ता से नजदीकियों से पुराना कमेला बदस्तूर पशुओं की कत्ल गाह बना रहा यही नहीं मीत व्यापारियों द्वारा एक वर्ग विशेष में बगावत की चिंगारी भी सुलगाने के प्रयास शुरू हो गए| जिसके विरुद्ध आये दिन आवाज उठती रही है और मामले को कौर्ट में भी लेजाया गया|
अब चूंकि अदालत का फैसला इनके विरुद्ध आ चूका है इसीलिए विश्व प्रसिद्ध मेला नौचंदी के समाप्त होते ही पूरी सुरक्षा फ़ोर्स से और सबके सहयोग से पुराने कमेले पर कब्ज़ा अभियान चलाया गया जिसमे सफलता भी मिली|इस इलाके को एक तरह से पोलिस की छावनी में तब्दील कर दिया गया |आने जाने वाले रास्तों पर बैरिकेटिंग लगा दी गई| एक तरफ तो प्रशासन के [३] बुलडोजर[JCB]अवैध निर्माण ढहाने में लगा था तो दूसरी तरफ सैकड़ों सफाई कर्मी भी तत्परता से मलबा हटाने में जुटे रहे|
गौरतलब है के नगर निगम की भूमि पर मीत कारोबारियों की दबंगई से १२० मीट गौदाम के अलावा प्राईवेट जमीन पर लगभग पांच गुना गौदाम थे| जिन्हें अवैध घोषित किया जा चूका है|
बताते चलें के शहर में पशुओ की सडकों पर हत्या+चोरी और लूट की घटनाये बढने लगी हैं बताया जा रहा है के इस प्रकार के पशुओं को इन्ही कत्लगाहों पर लेजाकर बेचा जाता रहा है|अब इससे राहाह्त मिलने की आशा जताई जा रही है|[इसकी पुष्टि के लिए मीट व्यापारी से संपर्क नही हो पाया]

आज़म खान से अमेरिका में पूछ ताछ को समाज वादी पार्टी ने कंडैम किया

उत्तर प्रदेश के काबिना मंत्री आज़म खान के साथ अमेरिका के बोस्टन [लोगान]एयर पोर्ट पर हुई बदसुलूकी की समाजवादी पार्टी ने भर्त्सना की है|पार्टी प्रवक्ता गौरव भाटिया के अनुसार मुख्य मंत्री अखिलेश यादव और आज़म खान ने अमेरिका में दिए जाने वाले व्याख्यान को कैंसिल कर दिया है |भारत में इनकी वापिसी पर ही पार्टी लाईन जारी होगी| समाज वादी नेता आज़म खान के साथ अमेरिका के लोगान[बोस्टन]एयर पोर्ट पर पूछताछ से नाराज़ होकर अखिलेश यादव और आज़म खान द्वारा कुम्भ मेले के प्रबंधन पर दिए जाने वाले व्याख्यान और अमेरिका में ज्यादा रहने की यौजना रद्द कर दीगई है|
गौरतलब है कि आज़म खान अमेरिका के हार्वर्ड विश्वविद्यालय में महा कुम्भ स्नान संबंधित एक प्रेजेंटेशन देने गए थे लेकिन बुधवार को बोस्टन एयरपोर्ट पर अधिकारियों ने बदसलूकी की और उन्हें रोक लिया। पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। उनके साथ यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी थे।
पार्टी ने इसे कंडैम करते हुए कहा है कि आज़म खान के पास डिप्लोमेटिक पासपोर्ट होने के बावजूद भी केवल मुस्लिम होने के फलस्वरूप उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया है। गौरतलब है कि अमेरिका के इसी बोस्टन में हाल ही में धमाके हुए हैं और जिसमे तीन लोग मारे गए और लगभग २०० घायल हुए हैं| इसीकारण वहां सुरक्षा बढ़ा दी गई है।उत्तर प्रदेश में इसके विरोध में अमेरिकाके पुतले फूंके जाने लगे हैं जबकि श्री भाटिया के अनुसार इस विषय में अभी तक कोई पार्टी लाईन जारी नही की गई है|जिन लोगों को लगता है कि उनके नेता के साथ दुर्व्यवहार हुआ है वोह लोग अपने आक्रोश को इस तरह व्यक्त कर रहे हैं|मालूम हो कि मेरठ में अमेरिका का पुतला फूंका गया है|

आजम खान अमेरिका में पूछ ताछ से आग बबूला हुए

उत्तर प्रदेश के [मूडी] नगरीय प्रशासन मंत्री आजाम खान ने अमेरिका में पूछताछ से नाराज़ होकर अमेरिका में ज्यादा रहने की यौजना रद्द कर दी है| आज़म खान अमेरिका के हार्वर्ड विश्वविद्यालय में महा कुम्भ स्नान संबंधित एक प्रेजेंटेशन देने गए थे लेकिन बुधवार को बोस्टन एयरपोर्ट पर अधिकारियों ने बदसलूकी की और उन्हें रोक लिया। करीब एक घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। उनके साथ यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी थे। खान ने इस बदसलूकी के लिए माफी की मांग की है।
इस घटना के बाद खां ने अमेरिका में ज्यादा दिन रहने की योजना रद्द कर दी है और युनिवर्सिटी में लेक्चर देकर जल्द वापस आने का फैसला किया। खान इस घटना से काफी व्यथित बताये जा रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि उनके पास डिप्लोमेटिक पासपोर्ट होने के बावजूद भी केवल मुस्लिम होने के फलस्वरूप उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया है। गौरतलब है कि अमेरिका के इसी बोस्टन में हाल ही में धमाके हुए हैं और जिसमे तीन लोग मारे गए और लगभग २०० घायल हुए हैं| इसीकारण वहां सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
खां मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट से यहां आए थे। उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ कुंभ के आयोजन के संबंध में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में प्रजेंटेशन दिया है। यादव और खान के एयरपोर्ट पहुंचने पर वहां के अधिकारियों ने औपचारिकताएं पूरी करने में मदद की। भारतीय दूतावास के अधिकारी भी वहां सहायता के लिए थे।मालूम हो कि आज़म खान उत्तर प्रदेश में एकआदम कद मंत्री हैं और अपने मूड के लिए जाने जाते हैं|अभी प्रदेश में मनाये गए कुम्भ स्नान के दौरान भगदड़ मचने से सैकंडों लोग मारे गए थे तब भी सरकार कि काफी आलोचना हुई थी|अब फिर बोस्टन में कुम्भ पर प्रेसेंटेशन देने आये मंत्री के अहम् को ठेस लगी है|लगता है कि उत्तर प्रदेश की सरकार के लिए कुम्भ स्नान कुछ अच्छे अनुभव नहीं लाया है|