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महात्मा गाँधी को श्रद्धांजलि देने के लिए १९४७ के बंटवारे में हुई गलती को सुधारो

महात्मा गाँधी को श्रद्धांजलि देने के लिए १९४७ के बंटवारे में हुई गलती को सुधारो

महात्मा गाँधी को श्रद्धांजलि देने के लिए १९४७ के बंटवारे में हुई गलती को सुधारो

[नई दिल्ली ] महात्मा गाँधी को श्रद्धांजलि देने के लिए १९४७ के बंटवारे में हुई गलती को सुधारो
महात्मा गांधी बने मोहन दास की आज जयंती है सो सबको बधाई| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी+विपक्ष के श्रीमती सोनिया गाँधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी इनकी समाधि पर श्रद्धा सुमन अर्पण कर स्वयं को धन्य कर रहे हैं |
विलायत पास मोहन दास ने आधी धोती और एक कमजोर सी लाठी लेकर अपने मुल्क में शक्तिशाली अंग्रेजों के खिलाफ आजादी की मुहीम छेड़ी |
लेकिन इसके साथ ही 1947 में एक गलत निर्णय लेकर बिना किसी तैयारी के देश का बंटवारा स्वीकार कर लिया
यह विभाजन सबसे बढ़ी त्रासदी के रूप में सामने आया| बंटवारे से दोनों तरफ के लाखों भारत वासियों के जान माल को हानि पहंची | दोनों तरफ के दबंगों ने संपत्ति की लूट मचाई लेकिन इसके पश्चात् भारत में पुनर्वास के लिए तैनात अधिकारीयों ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी |दोनों तरफ के विस्थापितों द्वारा अपनी चल अचल सम्पत्ति को त्याग कर दूसरे अनजान देश में असहाय जाना पढ़ा
इनको अचल सम्प्पति को एक दुसरे की संपत्ति से एडजस्ट किया गया |मसलन पाकिस्तान में छोड़ कर आये हिन्दुओं की सम्पत्ति को भारत में छोड़ी गई मुस्लिमों की सम्पत्ति से एडजस्ट किया गया |यह सब सरकारी स्तर पर हुआ |लुटे पिटे आये हिन्दुओं ने अपनी रोजी रोटी के जुगाड़ में जुट गए ऐसे अधिकांश लोगों को केवल कागजों में ही संपत्ति दी गई और कुछ समय पश्चात् उसे भी कागजों में ही निरस्त कर दिया गया |पकिस्तान में छोड़ी गई सम्पत्ति की एवज में भारत में मुआवजा लेने के पश्चात् भी पीड़ितों को नहीं दिया जाना किसी भी सामाजिक आर्थिक और कानूनी अपराध से कम नहीं आंका जा सकता मगर दुर्भाग्य से इस अपराध पर पर्दा डालने के लिए २००५ में काला एक्ट ला कर इस व्यवस्था को ही समाप्त कर दिया गया| प्रधान मंत्री और हरियाणा +पंजाब के मुख्य मंत्रियों द्वार संचालित ग्रीवांस सेल्ल भी कोई न्याय नहीं दिला पा रहे हैं |इसी के नतीजतन शिकायतें केवल कम्प्यूटरों में रखे हैं और आज भी बढ़ी संख्या में पीड़ित अदालतों और ओल्ड लैंड रिकॉर्ड कार्यालय में चक्कर लगा रहे हैं |
गलती पर पर्दा डालने को आज भी हजारों पीड़ितों को उनके हक के रिहैबिलिटेशनक्लेम से वंचित रखा जा रहा है
इसी एक महा गलती को सच्चे मन से सुधार कर बापू को सच्ची श्रद्धांजलि देनी होगी |
फाइल फोटो

सोनिया अभी जिन्दा है,कांग्रेस के आधार स्तम्भ की २०१९ के लिए हुंकार

[मुंबई ] सोनिया अभी जिन्दा है इसे साबित करते हुए कांग्रेस के वर्तमान आधार स्तम्भ सोनिया ने २०१९ के लिए हुंकार भरी|
कांग्रेसपार्टी की पूर्व अध्यक्ष और पार्टी संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी ने आज एक गहरे आत्मविश्लेषी वक्तव्य में अपने बच्चों, अपनी कमियों और भारत में लोकतंत्र की भूमिका सेमत कई विषयों पर बात की।
पार्टी अध्यक्ष का पद छोड़ने के बाद यह पहला मौका है जब उन्होंने इस तरह से खुलकर बात की।
इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में तीखे सवालों के जवाब में उन्होंने साफ तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए श्रीमती सोनिया गाँधी ने कहा कि लोकतंत्र में चर्चा और मतभेद दोनों स्वीकार्य हैंपर एकालाप नहीं।
उन्होंने इस बात पर भी खेद जताया कि राष्ट्र निर्माताओं को बदनाम किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस और उसके प्रधानमंत्रियों द्वारा आजादी के बाद हासिल की गई उपलब्धियों की सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा लगातार आलोचना किए जाने का संदर्भ देते हुए कहा कि पूर्व की उपलब्धियों को द्वेष के कारण कमतर बताया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को भी संगठन के स्तर पर लोगों से जुड़ने का एक नया तरीका विकसित करने की जरूरत है।
वर्ष 2004 में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद अपने नेतृत्व की भूमिका पर उन्होंने कहा कि वह जानती थीं कि मनमोहन सिंह उनसे अच्छे प्रधानमंत्री साबित होंगे और साथ ही वह अपनी सीमाओं के बारे में जानती थीं।
सोनिया ने कहा, “ मुझे स्वाभाविक तौर पर भाषण देना नहीं आता इसलिए मुझे नेता (लीडर)के बजाए भाषण पढ़ने वाला(रीडर) कहा जाता था।”
71 वर्षीय सोनिया गांधी19 वर्षों तक कांग्रेस की अध्यक्ष रहीं। पिछले साल पार्टी के आंतरिक चुनाव के बाद उनके बेटे राहुल गांधी ने उनकी जगह ली।
कॉन्क्लेव के प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान पार्टी के मामलों पर राहुल को सलाह देने के संबंध में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, “ मैंखुद ऐसा नहीं करने की कोशिश करती हूं। राहुल पार्टी को पुनर्जीवित करने के लिए वरिष्ठ और युवानेताओं के बीच संतुलन बनाना चाहते हैं, और यह कोई आसान काम नहीं है।”
पूर्वोत्तर राज्यों में मतों की गिनती के दौरान राहुल के देश में मौजूद नहीं रहने की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार करने के बाद वह तीन दिन के लिए इटली में अपनी नानी को देखने गए थे।
अपनी बेटी प्रियंका गांधी के राजनीति में आने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “ प्रिंयका फिलहाल अपने बच्चों की देख- रेख में व्यस्त हैं। यह उनका फैसला है और भविष्य के बारे में कोई नहीं जानता।
फाइलसिम्बॉलिक फोटो

कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया ने अपने चुनावी छेत्र राय बरेली से पीएम मोदी को ललकारा

रायबरेली,यूपी]कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया ने अपने चुनावी छेत्र राय बरेली से पीएम मोदी को ललकारा
कांग्रेस अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी ने अपने चुनावी छेत्र से केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर जम कर प्रहार किये उन्होंने भाजपा की सरकार के दो साल पूरे होने के मौके पर मनाये जाने वाले जश्न पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि मोदी प्रधानमंत्री हैं, कोई शहंशाह नहीं, मगर उनके मंत्री उसी तरह जश्न मना रहे हैं, जैसे किसी शहंशाह के लिये मनाया जाता है।
अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र रायबरेली के दो दिवसीय दौरे के पहले दिन सोनिया ने संवाददाताओं से बातचीत में मोदी सरकार के दो साल पूरे होने और उनके मंत्रियों के जश्न मनाने के सवाल पर कहा ‘‘मैंने ऐसा कभी नहीं देखा। मोदी प्रधानमंत्री हैं, शहंशाह नहीं।
उनके मंत्री ऐसे जश्न मना रहे हैं, जैसा किसी शहंशाह के लिये मनाया जाता है। मैंने ऐसा प्रधानमंत्री नहीं देखा।’’ उन्होंने कहा कि देश में गरीबी, सूखा और भ्रष्टाचार है। किसान परेशान हैं, ऐसे में मुझे नहीं लगता कि इस तरह के जश्न मनाना सही बात है।
अपने परिवार पर लगातार लगाये जा रहे भ्रष्टाचार के आरोपों को साजिश करार देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ का अभियान भी एक षड्यंत्र है।
अपने दामाद राबर्ट वाड्रा के लन्दन स्थित ‘बेनामी’ आवास के मुद्दे के बारे में पूछे जाने पर सोनिया ने कहा ‘‘हां, यह भी हमारे परिवार के खिलाफ षड्यंत्र है। ये लोग रोज कुछ ना कुछ यह बहाना बनाते हैं। अगर यह आरोप सच है तो बिना भेदभाव के जांच करा ली जाए। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।’’
मालूम हो कि सरकार ने वाड्रा के लंदन में बेनामी आवास के मामले की नये सिरे से जांच शुरू की है।
इसके पूर्व सोनिया ने नगर पंचायत बोर्ड की बैठक के बाद नवनिर्मित नगर पंचायत भवन का लोकार्पण किया।
इस दौरान डलमउ कस्बे में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस केन्द्र के निर्माण में एक मेला प्रांगण की कुछ जमीन शामिल होने का विरोध कर रहे लोगों ने सोनिया को नारे लिखी तख्तियां दिखायीं और नारेबाजी भी की।

Sonia Slams Mamata’s WB Government

[Sujapur,WB] Sonia Slams Mamata’s WB Government
, Congress president Smt Sonia Gandhi today said she[Mamata] forgot all her promises after assuming power in West Bengal where there was “no law and order and atrocities against women are maximum in the country”.
She said
Five years ago we believed her but she forgot all her promises after assuming power in the state and did not give the people their due
Congress Top Brass Leader Said in Political Rally
“Despite the chief minister being a woman, atrocities against women in the state are highest in the country and there is no law and order in the state. But Mamata government is not concerned about it”,
Describing TMC and BJP as “two sides of the same coin”, the Congress president said, “Both (Narendra) Modi and Mamata bluffed the people”.
Claiming that there was understanding between Prime Minister Narendra Modi and Mamata Banerjee, she said whenever Modi government faced problems in Parliament, TMC came to its support.
On the chit fund scam, she said such companies had looted the people and alleged that both Modi and Mamata did not take action against them.
Referring to TMC’s slogan of ‘Ma-Mati-Manush’, Gandhi said mati (earth) had dried up and manush (people) were rendered jobless in the state.
file photo

काँग्रेस ने नेशनल हेराल्ड अदालती केस को लेकर संसद की ठप्प और सरकार को भी ललकारा

[नयी दिल्ली]काँग्रेस ने नेशनल हेराल्ड अदालती केस को लेकर सरकार को संसद और मीडिया में ललकारा काँग्रेस ने नेशनल हेराल्ड केस को अदालत के बाहर संसद और मीडिया में भी उतारा जिसे लेकर कांग्रेसी सदस्यों ने बिना नोटिस दिए बिना मुद्दा बताये संसद के दोनों सदनों को ठप्प किया और सोनिया गांधी ने सरकार को मीडिया में ललकारा |
नेशनल हेराल्ड मामले की पृष्ठभूमि में आक्रामक मुद्रा अपनाए कांग्रेस सदस्यों ने आज संसद में सरकार पर कथित रूपसे ‘बदले की राजनीति’ करने का आरोप लगाते हुए भारी हंगामा किया। इसके कारण दोनों सदनों में कामकाज ठप हो गया और दो बार के स्थगन के बाद कार्यवाही को दो बजे तक के लिए स्थगित कर देना पड़ा।
सुबह लोकसभा और राज्यसभा में कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेसी सदस्य आक्रामक तेवरों के साथ आसन के समक्ष आकर नारेबाजी करने लगे। ये सदस्य नरेन्द्र मोदी सरकार के खिलाफ ‘‘तानाशाही नहीं चलेगी, बदले की राजनीति बंद करो, हिटलरशाही नहीं चलेगी, हम ना डरे हैं , ना डरेंगे , सच की लड़ाई लडेंगे ’’ जैसे नारे लगा रहे थे।
लोकसभा में अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि आसन को इस बारे में न तो कोई नोटिस दिया गया है और न ही कांग्रेस के नेता स्वयं यह बताने को तैयार हैं कि मामला क्या है ? महाजन ने कहा, ‘‘ न तो आपके नेता कुछ बता रहे हैं , न आपने कोई नोटिस दिया है , ऐसे ही हंगामा कर रहे हैं। ऐसा तो पहली बार हो रहा है सदन में।’’
संसदीय कार्य राज्य मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने भी कांग्रेसी सदस्यों पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘ सदन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था लेकिन अचानक से ऐसी कौन सी बात हो गयी जिसने विपक्षी सदस्यों को इतना विचलित कर दिया। ये सदस्य बिना नोटिस के भी अपनी बात रख सकते हैं। देश की जनता जानना चाहती है कि उनका मुद्दा क्या है, विषय क्या है ? ’’ कांग्रेस के किसी सदस्य ने मुद्दे के बारे में नहीं बताया और वे केवल नारेबाजी करते रहे। हंगामे तथा नारेबाजी के समय सोनिया गांधी भी सदन में मौजूद थीं।
इससे एक दिन पहले ही दिल्ली उच्च न्यायालय ने नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी को कोई राहत देने से इंकार कर दिया था और उनसे निचली अदालत के समक्ष पेश होने को कहा था।
अध्यक्ष ने कहा, ‘‘ मैं नोटिस के बिना भी आपको बोलने की अनुमति देने को तैयार हूं लेकिन मुझे पता ही नहीं है कि आपका मुद्दा क्या है ? ’’ राज्यसभा में भी यही स्थिति रही जहां कांग्रेसी सदस्यों के हंगामे के कारण कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।
इसके इतर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज मीडिया में कहा, ‘‘ मैं इंदिरा गांधी की बहू हूं। मैं किसी से डरती नहीं हूं।’’ संसद में कांग्रेस पार्टी की रणनीति समिति की बैठक के बाद सोनिया गांधी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ मैं इंदिरा गांधी की बहू हूं। मैं किसी से डरती नहीं हूं। मैं परेशान नहीं हूं।’’ उनसे संवाददाताओं ने नेशनल हेराल्ड मामले में उनके खिलाफ दिल्ली की एक अदालत द्वारा जारी समन को रद्द करने की अपील को दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा नामंजूर किए जाने को लेकर सवाल किया था।
कांग्रेस अध्यक्ष की यह टिप्पणी ऐसे समय में आयी है जब मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत ने सोनिया गांधी तथा राहुल गांधी और अन्य की इस मामले में आज भर के लिए पेशी से छूट संबंधी याचिका को स्वीकार कर लिया था।
अदालत ने हालांकि उन्हें 19 दिसंबर को निजी रूप से पेश होने को कहा है।
फाइल फोटो

मुस्लिम वोट बैंक को कांग्रेस की तरफ लौटाने की नीति में मणिशंकर ने नए विवाद को जन्म दिया

Aiyar’s remarks on Pak channel stoke controversy
[New Delhi]मुस्लिम वोट बैंक को कांग्रेस की तरफ लौटाने की नीति का पालन करते हुए मणिशंकर अय्यर ने नए विवाद को जन्म दे दिया |पाकिस्तानी “दुनिया” न्यूज़ चैनल पर एक बहस में अय्यर ने पाकिस्तान के साथ कश्मीर पर बातचीत के लिए नरेंद्र मोदी को हटा कर कांग्रेस को सत्ता में लए जाने की दरख्वास्त कर डाली|यदपि कांग्रेस ने तत्काल इसका खंडन कर दिया है लेकिन भगवा धारियों ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी से स्पष्टीकरण माँगा है |कांग्रेस वरिष्ठ नेता अय्यर ने कहा के हमें [कांग्रेस]को सत्ता में लाओ और उन्हें[मोदी]को हटाओ अन्यथा पाकिस्तान और भारत में बातचीत सम्भव नही होगी
बिहार में कांग्रेस के नए बने मित्र आरजेडी प्रवक्ता मनोज झा ने यह कह कर अय्यर की आलोचना की है के किंडरगार्टन का स्टूडेंट भी ऐसी बेवकूफाना स्टेटमेंट नही दे सकता |बीते सप्ताह भी अय्यर ने पेरिस हत्याकांड पर एक अनावश्यक विवाद को जन्म देते हुए कहा था के वेस्टर्न कन्ट्रीज में इस्लाम विरोधी फोबिया बंद कर देना चाहिए

भाजपा और कांग्रेस में जुमला जंग हुई तेज, हवाबाज़+हवालाबाज़+दग़ाबाज़ बरसे धड़ाधड़

[भोपाल,दिल्ली ]भाजपा और कांग्रेस में जुमला जंग हुई तेज, हवाबाज़+हवालाबाज़+दग़ाबाज़ बरसे धड़ाधड़
एक दूसरे की तरफ से हवाबाज़+हवालाबाज़+दग़ाबाज़ जैसे जुमले धड़ाधड़ बरस रहे हैं |
सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्ष कांग्रेस के बीच तीखी जुबानी जंग जारी है । कोई किसी को ‘‘हवाबाज़’’ कह रहा है तो कोई किसी को ‘‘दग़ाबाज़’’ कह रहा है । एक-दूसरे पर निशाना साधने के लिए दोनों चिर प्रतिद्वंद्वी हर रोज तीखे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं ।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बीते दिन कहा था कि प्रधानमंत्री ‘‘अशोभनीय तरीके से पलटी मारने वाले बनकर रह गए हैं’’ और उनके चुनावी वादे ‘‘हवाबाज़ी’’ से ज्यादा कुछ नहीं थे ।
वहीं, मोदी ने आज भोपाल से कांग्रेस पर पलटवार करने के लिए ‘‘हवालाबाज़’’ शब्द का इस्तेमाल किया ।
भोपाल में मोदी ने भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि काले धन पर उनकी सरकार के सख्त रख के कारण ‘‘हवालाबाज़ घबरा गए हैं’’ और सुधार के एजेंडे में ‘‘अड़ंगे’’ लगा रहे हैं ।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार योजनाओं की खामियों को दूर कर देश के खजाने को भर रही है, लेकिन इसके बावजूद ‘‘हवालाबाज़’’ उनसे जवाब मांग रहे हैं ।
मोदी ने कहा कि कांग्रेस ‘‘बाधा पैदा करने की नीति’’ अपना रही है क्योंकि वह 2014 के लोकसभा चुनाव में मिली हार से अब तक उबर नहीं पाई है ।
बीते अप्रैल महीने में उपाध्यक्ष राहुल गांधी के करीब दो महीने की छुट्टी से लौटने के बाद से आक्रामक दिख रही कांग्रेस ने फिर पलटवार करते हुए मोदी को ‘‘असली दग़ाबाज़’’ करार देकर राजनीतिक शब्दकोष में एक और शब्द जोड़ा ।
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने नई दिल्ली में पत्रकारों से कहा, ‘‘देश तय करेगा कि हवाबाज़ और दग़ाबाज़ कौन है ।

कांग्रेस को नया अध्यक्ष नहीं मिल रहा इसीलिए एक साल तक पुराने से ही काम चलाएंगे

झल्ले दी झल्लियां गल्लां

कांग्रेसी चीयर लीडर

ओये झल्लेया मुबारकां !ओये हसाड़ी रेस्पेक्टेड मैडम सोनिया गांधी जी ने और एक साल के लिए अध्यक्ष बना रहना स्वीकार कर लिया है|ओये अब बिहार के चुनावों में हसाड़ी हो जानी है पौ बारह|

झल्ला

ओ मेरे चतुर सुजान जी! यूं क्यूँ नहीं कहते के आजकल आप लोगों को नया अध्यक्ष तक नहीं मिल रहा इसीलिए पुराने अध्यक्ष से ही काम चला रहे हो

Combative Sonia Gandhi Rejects Govt offer on Lalitgate+Vyapam Insists on Resignations

[New Delhi]Combative Sonia Gandhi rejects Govt offer on Lalitgate, Vyapam insists on resignations
Smt Sonia Gandhi today rejected government’s offer of Prime Minister’s intervention on Lalitgate and Vyapam issues in Parliament to break the impasse, insisting that those responsible for “gross wrong-doings” should first resign.
Attacking Prime Minister Narendra Modi, the Congress President said he is conspicuous by his “deafening silence on the blatant transgressions” by his External Affairs Minister and two Chief Ministers.
“The champion of ‘mann ki baat’ appears to have retreated into a “maun vrat”, she said while lashing out at the Prime Minister and the BJP at the Congress Parliamentary Party (CPP) meeting here.
The Congress chief said that the party is very clear that there can be “no productive discussion and no meaningful proceedings as long as those responsible for gross wrong-doings remain in office”.
“Our stand is straightforward and clear from day one.
There is a mountain of incontrovertible evidence in public domain for the Prime Minister to require the resignations of the External Affairs Minister and the two chief ministers,” she said ahead of an all-party meeting convened by the government to resolve the two-week long deadlock.
Making a strong pitch for “resign first, debate later” line, she wondered whether the BJP has forgotten that it is the “author of the principle which it has used on at least five different occasions since 1993”.
She preceded the remark by saying that since memories are short, the party needed to remind its political adversaries who “conveniently are suffering from selective amnesia”.
“Today, we have to listen to sermons on parliamentary behaviour from those who not only defended but also advocated disruption as a legitimate tactic when they were in the opposition.
“Yesterday’s agitators in both the Houses have suddenly become today’s champions of debate and discussion,” she said
Sonia, who is also Chairperson of the CPP, declared that the Congress will “persist” making its points “forcefully and emphatically” both in Parliament and outside.
Just two more weeks are left for the monsoon session to conclude. Seeking to end the impasse, Parliamentary Affairs Minister M Venlaiah Naidu had said the Prime Minister will be prepared to make an intervention during a debate on the Lalit Modi and Vyapam issues.
Sonia today alleged that the impasse was due to the “gross insensitivity of the Modi government to public opinion, for its absolute silence on acts of monumental corruption, its wilful violations of the law and gross misdemeanours on the part of its leading lights”.

उत्तराखंड के सीएम ने योग को प्रोमोट करने के लिए अब”धनासन”लगा कर अतिरिक्त ग्रांट मांगी

[देहरादून ]उत्तराखंड के सीएम ने अब धनासन लगा कर योग को प्रोमोट करने के लिए अतिरिक्त ग्रांट मांगी
कांग्रेस शासित उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अब ९०:१० के रेश्यो में ग्रांट की मांग केंद्र से की पीएम नरेंद्र मोदी को लिखे एक पत्र में श्री रावत ने योगा प्रमोशन के लिए राज्य की वर्तमान वित्तीय स्थिति को अपर्याप्त बताया | श्री रावत के अनुसार राज्य में २०००० योग ट्रैंड लोग हैं इन्हें आयुर्वेदिक अस्पतालों+पार्कों में योग प्रशिक्षण के लिए योगा ट्रेनर के तौरपर नौकरी दी जा सकती हैंजिनके लिए ११००० रुपये प्रति का वेतन दिया जाना है |चूंकि राज्य के वित्तीय संसाधन सिमित हैं इसीलिएखर्चे का ९० केंद्र सरकार को वहन करना चाहिए |श्री रावत ने ऋषिकेश में गंगा तट पर योगा घाटों के निर्माण की योजना का भी उल्लेख करते हुए खा की केंद्र की आर्थिक सहायता से योग कुम्भ जैसे महान आयोजन किये जा सकते हैं |गौरतलब है के पूर्व में हरीश रावत ने २१ जून को अंतराष्ट्रीय योग दिवस का उपहास उड़ाते हुए इसे मनाने से इंकार कर दिया था |कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उपाध्यक्ष २१ जून के आयोजन से अलग रहे