Ad

Tag: RehabilitationOfRefugeesOf1947

पंजाब में जमीनों पर अवैध कब्जों का खेल अभी भी जारी है

पंजाब में जमीनों पर अवैध कब्जों का खेल अभी भी जारी है
जीहां जंगालत मंत्री साधू सिंह धर्मसोत की नवीनतम स्वीकारोक्ति तो यही दर्शाती है|
जंगलात मंत्री के अनुसार पंजाब में जंगलात विभाग की 31000 एकड़ भूमि पर अकालियों ने अवैध कब्जे कराये हैं लेकिन इस जंगलराज से मुक्ति के लिए पंजाब की मौजूदा 1 साल की सरकार से कोई प्रतिबद्धता दर्शाने के लिए कोई कार्यवाही नहीं की गई है |
रब्ब झूट ना बुलवाये !
पंजाब में १९४७ से ही कब्जे का खेल शुरू है |
शरणार्थियों को विभागीय कागजों में तो रिहैबिलिटेशन क्लेम आल्लोट कर दिए गए मगर उन्हीं प्लॉट्स पर अपनों से अवैध कब्जे भी करवा दिए गए |२००५ में बेशक तत्कालीन मरकजी सरकार ने सूचना का अधिकार राष्ट्र को दिया लेकिन उसी वर्ष काला क़ानून लाकर शरणार्थियों की तमाम वेदनाओं+समस्यायों को दफन कर दिया गया |रिहैबिलिटेशन के उनके सभी अधिकारों पर कुठाराघात किया गया|वर्तमान में आर टी आई के अंतर्गत सूचना मांगने पर पंजाब से दिल्ली तक एक विभाग से दूसरे विभाग में केवल टरकाया जा रहा है |जिसके फलस्वरूप बेचारे पीड़ितों के बचे खुचे वंशज अभी तक इस लोकतंत्र को रो रहे हैं |
70 वर्ष पहले अपना हिन्दुतत्व बचाने को पूर्वज पुश्तैनी घर छोड सिर कटे हिन्दूओ को देखते अनजान आश्रय की खोज में हिन्दुस्तान के लिये निकले थे जिसका दर्द शायद धर्मनिरपेक्षता का छद्म चश्मा लगाए लोग ना समझ पाये
सरकारें आई और गई लेकिन विश्व की सबसे बड़ी इस त्रासदी के पीड़ितों को भारत में कोई भी सरकार न्याय नही दे पाई
यह शायद लोकतन्त्र का अपमान है

आदरणीय कुलदीप नैय्यर जी!”पार्टीशन म्यूजियम प्रोजेक्ट” में पुनर्वास योजना से वंचितों के दर्द सहेजे जायेंगे?

झल्ले दी झल्लियां गल्लाँ

पंजाबी पुरुषार्थी

ओये झल्लेया ये तो कमाल हो गया ओये हसाडे दिग्गज कुलदीप नैय्यर के छह दशक पुराने ड्रीम को साकार करने के लिए दिल्ली में “पार्टीशन म्यूजियम “का उद्घाटन हो ही गया|ओये विश्व के इस सबसे बढे पलायन से संबंधित दस्तावेज+फ़ोटोस+वक्तव्य +अनुभव इस पार्टीशन म्यूजियम प्रोजेक्ट में सहेजे जायेंगे,ओये १९४७ में हम पर हुए जुल्मों का आने वाली पीढ़ियों को भी अहसास होगा

झल्ला

ओ भापा जी ये तो ठीक है लेकिन इस पलायन के लाखों पीड़ितों को राष्ट्रीय पुनर्वास योजना से वंचित रखा गया |रिहैबिलिटेशन क्लैम देने के नाम पर मजाक किया गया जिसके फलस्वरूप आज भी हजारों पीड़ितों के वंशज अपने हक के लिए दर दर भटक रहे हैं |हरियाणा में दस्तावेज नहीं हैं और पंजाब में जमीन ही नही है|अधिकाँश पर कब्जे हुए हैं |इनके कल्याण के लिए बनाये गए राष्ट्रीय फण्ड को भी अब पी एम एन आर ऍफ़ बना कर इनसे दूर कर दिया गया है |आदरणीय कुलदीप जी इनके हक के लिए भी कुछ होगा या नहीं?

,

पाकिस्तान से आये लाखों पीड़ितों के वंशजों को अभी भी अपने हक़+न्याय के लिए भटकना पड़ रहा है

[नई दिल्ली]पाकिस्तान से आये लाखों पीड़ितों के वंशजों को अभी भी अपने हक़+न्याय के लिए भटकना पड़ रहा हैभारत और पाकिस्तान ने ६९वीं बार उजाला करके अपने अपने स्वतंत्रता दिवस धूम धाम से मना लिए लेकिन इस दिन की कालिमा आज भी हजारों विस्थापितों के वंशजों को साळ रही है| बुजुर्गों की अंत्येष्टि नही हुई+वंशजों को कम्पेन्सेशन मिला नहीं+यहां तक कि इनकी स्मृति में कोई सरकारी स्मारक भी नही बनाया जा सका है |अपनी इसी पीड़ा की अभिव्यक्ति के लिए पंजाबी परिवारों ने १४ अगस्त की संध्या में समूचे उत्तर प्रदेश में मोमबत्ती जला कर अपने पूर्वजो को श्रद्धांजलि दी और व्यवस्था पर रोष प्रगट किया |वर्तमान प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी लीक से हट कर नया करने के लिए प्रसिद्ध हैं सो पुरानी लीक से हट कर कुछ करने के लिए पीड़ितों की उनकी तरफ टकटकी लगी है
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पाकिस्तान में समकक्ष ने स्वतंत्रता दिवस पर एक दूसरे को शुभकामनाएं दी है | दुर्भाग्यवश इसी दिन मारे गए लाखों निर्दोषों को श्रद्धांजलि देना दोनों नेता भूल गए ।
प्रधान मंत्री बनने के पश्चात ,श्री मोदी लगातार गुजरात+भारत+विदेशों में ख़ुशी हो या गम सभी में अपनी भागे दारी दर्ज करा रहे हैं ।इसी कड़ी में पाकिस्तान को उसके जन्म दिन पर शुभकामनाएं ट्वीट की है ।इतिहास के जिन पन्नो से पीएम ने यह इंडिपेंडेंस डे निकाला है उन्ही पन्नो में दोनों पक्षों में लाखों निर्दोषों के कत्लेआम +लूटपाट की निर्मम घटनाएँ भी दर्ज हैं ।
पाकिस्तान में गए लोगों को मुहाजिर कह कर अपमानित किया जा रहा जबकि पाकिस्तान से भारत आये लाखों लुटे पिटे शरणार्थियों के वंशजों को अभी भी अपने हक़ के लिए +न्याय के लिए भटकना पड़ रहा है| मृतकों कि आत्मा की शांति के लिए गैर सरकारी संगठन पंचनद द्वारा कुरुक्षेत्र में आयोजन किया जा चूका है |एक स्मारक भी बनाने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं |मुल्क के बंटवारे के दौरान मुल्कों में छूटी अचल संपत्ति का मुआवजा या शरणार्थियों की पुनः प्रतिष्ठा के लिए केंद्रीय स्तर पर विशेष रिहैबिलिटेशन विभाग बनाये गए अनेकों को मुआवजा दिया भी गया इस सबके बावजूद अभी भी बढ़ी संख्या में पीड़ित परिवार न्याय के लिए भटक रहे हैं |पंजाब राज्य में तो न्यायलय के द्वार भी खटखटाये जा रहे हैं|
आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ घटनाओं में भूमि एलॉट की गई मगर जहां एलॉट की गई वहां खसरा नंबर के वजूद को ही नकार दिया गया जिसके पश्चात एलॉटमेंट को कैंसिल करने के लिए दो लाइन का आदेश लिख कर इतिश्री कर ली गई|अनेकों प्रदेशों की छावनियों में कुछ कालोनियां बना कर कुछ को बसाया गया मगर अब उन्हें वहां से भी उजाड़ा जा रहा है |प्रधान मंत्री के अपने पीएमओ में शरणार्थियों के कल्याण के लिए एक फण्ड बनाया गया था दुर्भाग्यवश उसे भी पीएमएनआरऍफ़ का नाम देकर उसे भी जरुरत मंद पंजाबियों से दूर कर दिया गया है |
फोटो मेरठ से नितिन

पाकिस्तान के जन्म के साथ हुए बंटवारे में शहीद हुए लाखों पंजाबियों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई

Punjabi Sangthan Pays Tributes To 1947 Martyers

Punjabi Sangthan Pays Tributes To 1947 Martyers

[मेरठ]पाकिस्तान के जन्म के साथ हुए बंटवारे में शहीद हुए लाखों पंजाबियों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई|पंजाबी संगठन युवा मोर्चा मेरठ महानगर के सदस्यों ने आज नेता जी सुभाष चन्द्र बोस की प्रतिमा के समक्ष मोमबत्तियां जला कर दस मिनट का मौन रखा और दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की|पंजाबी नेता व पत्रकार पंकज जॉली ने बताया कि आज के दिन पूरे यूंपी में यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किये गए हैं |उन्होंने शहीदों की स्मृति में एक स्मारक की मांग भी मुख्य मंत्री अखिलेश यादव से की |पंकज जॉली के अनुसार पंचनद ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष महामंडलेश्वर महंत श्री धर्म देव पटौदी वालों के न्रेतत्व में स्मारक निर्माण की मुहीम पूरे भारत वर्ष में चलाई जा रही है|कमिश्नरी पार्क में स्थित नेता जी कि मूर्ति के समक्ष आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में कपिल सहगल+हिमांशु ढींगरा+आशु+लवली+विजय+भूपेंद्र अश्विनी+अमित आदि अनेको युवा उपस्थित थे

Record Not Computerized+Cases Pending In Courts But Pb Govt To Weed out Old Records

[Chandigarh]Record Not Computerized+Cases Pending In Courts But Pb Govt To Weed out Old Records Punjab Govt Desires To Weed out Old Records
In Punjab Most Of The Govt Record Relates To Land+Agriculture Land ,Of Which, a Large Number Of Cases, Are Pending In Various Legal Courts Such Record Is Not Computerized+Digitalised.It May Be Added That Many Old Cases Relates To The Rehabilitation Of Refugees Of 1947
Punjab government today issued instructions to expedite the campaign to weed out obsolete record gathering dust in cupboards in the Civil Secretariat.
It also asked departments to carry out Swachh Bharat Mission in the Secretariat and take the message for the same to government offices in the state.